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AI के केंद्र में इंसान की सुरक्षा और गरिमा सबसे ऊपर: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के चौथे दिन साफ कहा कि AI के फायदे जितने बड़े हैं, उसके खतरे भी उतने ही गंभीर हो सकते हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 days ago
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के चौथे दिन साफ कहा कि AI के फायदे जितने बड़े हैं, उसके खतरे भी उतने ही गंभीर हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि दुनिया के देश मिलकर इसके जोखिम कम करने का रास्ता निकालें। उन्होंने कहा कि जब तक AI के केंद्र में इंसान की सुरक्षा और गरिमा रहेगी, तब तक हम भरोसे के साथ आगे बढ़ सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि AI एक बुनियादी तकनीक बन चुकी है, जो हमारे काम करने, पढ़ने और फैसले लेने के तरीके को बदल रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साफ विजन है कि तकनीक का असली फायदा आम लोगों तक पहुंचे। तकनीक कुछ लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि सबके लिए आसान और सुलभ हो।
वैष्णव ने समझाया कि भारत AI के पूरे ढांचे यानी “AI स्टैक” की पांचों परतों पर काम कर रहा है। सबसे पहली परत है एप्लिकेशन यानी ऐसे ऐप और समाधान जो सीधे लोगों के काम आएं। उन्होंने कहा कि असली फायदा यहीं से मिलेगा। सरकार हेल्थकेयर, खेती, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, डिजाइन और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे कई क्षेत्रों में AI आधारित समाधान तैयार कर रही है, ताकि आम जनता को सीधा लाभ मिले।
दूसरी परत है मॉडल लेयर, जिसे उन्होंने देश की संप्रभुता से जोड़ा। उनका कहना था कि भारत की जरूरतें बड़े और महंगे मॉडल से नहीं, बल्कि छोटे और खास काम के लिए बने मॉडल से पूरी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत से ज्यादा काम छोटे और फोकस्ड मॉडल से हो सकते हैं, जो कम खर्च में बेहतर परिणाम देंगे। समिट में ऐसे कई “सॉवरेन मॉडल” लॉन्च किए गए, जो मल्टीमॉडल और मल्टीलिंगुअल हैं, यानी भारत की अलग-अलग भाषाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हैं।
तीसरी परत है कंप्यूट यानी जीपीयू और कंप्यूटिंग पावर। मंत्री ने कहा कि भारत इसे पब्लिक गुड की तरह देख रहा है। सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए एक कॉमन कंप्यूट प्लेटफॉर्म बनाया है, जहां 38 हजार जीपीयू किफायती दर पर स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स, छात्रों और शिक्षण संस्थानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जल्द ही इसमें 20 हजार और जीपीयू जोड़े जाएंगे।
चौथी परत AI इंफ्रास्ट्रक्चर की है। उन्होंने कहा कि भारत में डेटा सेंटर के क्षेत्र में बड़े निवेश आने वाले हैं। सरकार चाहती है कि दुनिया का ज्यादा से ज्यादा डेटा भारत में स्टोर और प्रोसेस हो, ताकि यहां से दुनिया को हाई-वैल्यू सेवाएं दी जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की AI इंडेक्स रिपोर्ट में भारत को AI अपनाने, टैलेंट और विस्तार के मामले में अग्रणी देशों में रखा गया है।
हालांकि मंत्री ने माना कि AI के कारण नौकरी और कौशल के क्षेत्र में बदलाव आएंगे। इसलिए सरकार इंडस्ट्री और शिक्षा संस्थानों के साथ मिलकर लोगों को अपस्किल और रिस्किल करने पर काम कर रही है, ताकि नई तकनीक के दौर में कोई पीछे न रह जाए।
अपने संबोधन के अंत में वैष्णव ने कहा कि AI का अगला दौर इंसान को केंद्र में रखकर ही आगे बढ़ना चाहिए। अगर देश मिलकर काम करें, तो AI दुनिया को बेहतर बनाने का मजबूत जरिया बन सकता है।
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