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दैनिक जागरण विशेष: मोदी जी तो मुझसे बात ही नहीं करते, मायावती की रिसपैक्ट करता हूं: राहुल
कांग्रेस के उपाध्यक्ष और 2019 में प्रधानमंत्री की दौड़ में शामिल राहुल गांधी की गिनती देश के टॉप 3 नेताओं में होती है। स्वभाव से संकोची राहुल गांधी मीडिया को यदा-कदा ही इंटरव्यू देते हैं। पर आजा हिंदी मीडिया समूह दैनिक जागरण ने राहुल गांधी का एक इंटरव्यू प्रकाशित किया है, खालिस हिंदी में राहुल गांधी
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
कांग्रेस के उपाध्यक्ष और 2019 में प्रधानमंत्री की दौड़ में शामिल राहुल गांधी की गिनती देश के टॉप 3 नेताओं में होती है। स्वभाव से संकोची राहुल गांधी मीडिया को यदा-कदा ही इंटरव्यू देते हैं। पर आजा हिंदी मीडिया समूह दैनिक जागरण ने राहुल गांधी का एक इंटरव्यू प्रकाशित किया है, खालिस हिंदी में राहुल गांधी पहली बार देश की मीडिया के सामने बहुत दिनों बाद बेबाक तरीके से बोले हैं। दैनिक जागरण की ओर से उनके कानपुर संस्करण के वरिष्ठ समाचार संपादक आनंद शर्मा ने ये इंटरव्यू किया है। पेश है दैनिक जागरण में प्रकाशित वो एक्सक्लूसिव इंटरव्यू...
दो साल पहले एक दशक तक केंद्र की सत्ता कांग्रेस के हाथ थी, लेकिन देवरिया से किसान यात्रा पर निकले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भरोसा है कि उन्हें राय में सत्ता मिल जाए तो पांच साल में 27 साल की बदहाली को काफी हद तक दूर कर देंगे। उत्तर प्रदेश के चुनावी माहौल में भले ही राहुल की यात्रा निकली हो, दशा सुधारने का दावा भी किया जा रहा हो लेकिन निशाना केंद्र पर ही है। यही कारण है कि वह चुनाव के वक्त भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ‘अच्छा लड़का’ कहते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख की आलोचना करते हैं। उनका कहना है कि राजनीति में उनके हर किसी से अच्छे रिश्ते हैं बस मोदी जी को छोड़कर। दैनिक जागरण कानपुर के वरिष्ठ समाचार संपादक आनंद शर्मा ने पुखरायां से माती तक विशेष साक्षात्कार में मंगलवार को राहुल गांधी ने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश-
आप देवरिया से दिल्ली तक की किसान यात्रा पर निकले हैं। इस यात्रा का मूल मकसद क्या है?
मैंने अभी तक उत्तर प्रदेश में जितनी यात्रा की है, उसमें महसूस किया कि किसानों का दर्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक नहीं पहुंच रहा। मोदी जी के मेक इन इंडिया या स्वच्छ भारत अभियान में भी कमजोर लोगों की बात नहीं की जा रही है। मैं किसान और कमजोर वर्ग की बात उन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह यात्रा कर रहा हूं।
खाट सभा का आइडिया क्यों और कैसे आया?
मेरा सोचना था कि किसानों से उन्हीं के माहौल में बात की जाए। मैं ‘वनवे डिस्कशन’ में भरोसा नहीं रखता, इसीलिए गली, मोहल्लों और गांवों में जा रहा हूं। यह अभी तक किसी सरकार ने नहीं किया।
कुछ लोग कह रहे हैं कि राहुल गांधी की सभा से किसान खाट लूटे जा रहे हैं। आप क्या कहते हैं?
सभा के बाद कुछ खाट वहां छोड़ी जा रही हैं, तो किसान ले जा रहे हैं। उन्हें चोर या लुटेरा बताना अच्छी बात नहीं है। भाजपा के लोग किसानों पर ऐसे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं।
अखिलेश यादव युवाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में बुजुर्ग शीला दीक्षित को चेहरा बनाना कांग्रेस के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है?
शीला जी ने दिल्ली का विकास किया है। हम पॉवर के डिसेंट्रलाइजेशन की बात कर रहे हैं। बीते 27 साल में उप्र का विकास नहीं हुआ, इसलिए हम ‘एक्सपेरीमेंटल बेस’ पर काम नहीं करना चाहते। विकास के लिए अनुभव चाहिए, जो शीला दीक्षित के पास है। राज बब्बर, संजय सिंह, गुलाम नबी आजाद जैसी टीम उनके साथ लगी है।
उत्तर प्रदेश के लिए कांग्रेस ने क्या सोच रखा है?
उत्तर प्रदेश संभावनाओं का प्रदेश है, लेकिन अफसोस ये है पिछले 27 वर्षों में जिसने भी यहां सरकार बनाई, उसने यहां से सिर्फ लिया ही है। बुंदेलखंड से खनिज लिया, सड़कों का पैसा खाया, बिजली के नाम पर बंटवारा किया लेकिन दिया कुछ नहीं। कांग्रेस यहां सरकार बनाकर बहुत कुछ देने आई है। हमें काम करने के लिए सिर्फ पांच साल चाहिए।
सपा में जिस तरह से पारिवारिक संघर्ष छिड़ा है, उसे किस नजर से देखते हैं?
ये उनका अंदरूनी मामला है। इतना जरूर कहना चाहूंगा कि अखिलेश ने भ्रष्ट मंत्रियों को निकाला, लेकिन किसी ने फिर से बना दिया। इससे मुख्यमंत्री की हैसियत क्या रह गई।
कभी अखिलेश यादव को आप अच्छा कहते हैं और कभी वह आपको अच्छा कहते हैं, जनता इसको किस रूप में देखे?
मेरे व्यक्तिगत संबंध सभी दल के नेताओं से अच्छे हैं। इसका मतलब ये कतई नहीं कि हमारे मन में गठबंधन का कोई ख्याल है।
मोदी जी से भी क्या ऐसे ही संबंध हैं?
नहीं, मोदी जी तो मुझसे बात ही नहीं करते। दरअसल उनके और मेरे विजन में फर्क है। वे लड़ाने की राजनीति करते हैं। मैं देश को बनाने की राजनीति में विश्वास रखता हूं। मैं सौहार्द और भाईचारे की राजनीति में विश्वास रखता हूं। मैं सपनों में नहीं, हकीकत में विश्वास रखता हूं।
सभी के साथ अच्छे संबंध हैं, मोदी जी को छोड़कर तो मायावती से भी अच्छे संबंध होंगे?
मैं मायावती की रिसपैक्ट करता हूं।
उनके मुख्यमंत्री के काल में किए गए कार्यों का भी?
उन्होंने अपनी युवावस्था में जो संघर्ष किया, मैं उसकी रिसपेक्ट करता हूं।
(साभार: दैनिक जागरण)
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