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क्या 'टाइम्स नाउ' 100% जर्नलिज्म के लिए नहीं था? जानिए, इस सवाल पर क्या बोले अरनब
राजस्थान में दैनिक भास्कर के 20 साल पूरे होने पर मनाए जा रहे ‘भास्कर उत्सव’ में टाइम्स नाउ के पूर्व एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी से रैपिड फायर राउंड में दैनिक भास्कर समूह के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर भरत अग्रवाल ने सवाल-जवाब किए, जिसमें अरनब ने बड़ी ही बेबाकी से उत्तर दिए। पढ़ें अरनब स
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
राजस्थान में दैनिक भास्कर के 20 साल पूरे होने पर मनाए जा रहे ‘भास्कर उत्सव’ में टाइम्स नाउ के पूर्व एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी से रैपिड फायर राउंड में दैनिक भास्कर समूह के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर भरत अग्रवाल ने सवाल-जवाब किए, जिसमें अरनब ने बड़ी ही बेबाकी से उत्तर दिए।
पढ़ें अरनब से ये खास बातचीत:
सवाल-आपका फेवरेट शब्द क्या है?
अरनब-रिपब्लिक।
सवाल-आपका फेवरेट हीरो?
अरनब-कोई नहीं
सवाल-आपने बैंक में कितने पैसे जमा कराए?
अरनब-मेरे पास सिर्फ 12 हजार रुपए थे। मैं एटीएम की लाइन में खड़ा था। बेहद खुश था। देश बदल रहा है।
सवाल-आपने कॉलेज में कितने दिलों को तोड़ा?
अरनब-ऐसा नहीं हुआ। मेरे पर कोई ध्यान नहीं देता था। मेरे साथ अर्जुन रामपाल पढ़ते थे जो मेरे से एक साल सीनियर थे। मेरे कई बैचमेट बॉलिवुड में गए हैं, जैसे इम्तियाज अली। जब ये हों तो कौन मुझे अटेंशन देगा।
सवाल-लोग कहते हैं कि आप राहुल गांधी पर बहुत हार्ड हैं और नरेंद्र मोदी पर सॉफ्ट?
अरनब-मैं केवल सवाल पूछ सकता हूं। किसी और पर जवाब नहीं दे सकता। मुझे लगता है कि मैंने राहुल से नर्म तरीके से बिहेव किया है। मैंने वो शाम बहुत एंज्वॉय की, जब मैंने इंटरव्यू किया।
सवाल-अगर जादू की झप्पी देने का मौका मिला तो मोदी और राहुल में से किसे देंगे?
अरनब-मैं किसी भी राजनेता को नहीं दूंगा।
सवाल-आपके घर पर डिबेट होती है तो कौन जीतता है आप या वाइफ?
अरनब-आप खुद समझ सकते हैं। बोलने की जरूरत नहीं।
सवाल-अरनब आपकी उम्र कितनी है?
अरनब-मैंने राहुल के साथ शो किया तो उन्होंने मेरी उम्र पूछी थी। तब मैंने कहा 40 साल। तो वो बोले छोटे हो आप। मैं जवाब दिया मुझे 19 साल का काम का एक्सपीरियंस है।
लोगों के सवालों के भी दिए जवाब
सवाल- डिजिटल कैसे इंडियन जर्नलिज्म में चेंज लाएगा?
अरनब-हो रहा है। और डिजिटल से जर्नलिज्म में बदलाव आ रहा है।
सवाल-आपने बोला जब तक सुना नहीं जाए, तब तक चिल्लाना चाहिए, लेकिन गांधीजी ऐसा नहीं करते थे।
अरनब- चिल्लाने से मेरा मतलब जोर से आवाज करना नहीं है। इसका मतलब है अपनी आवाज को ऊपर तक पहुंचाना। मैं किसी और के लिए अांसरेबल नहीं हूं, मैं अपने एडिटर के लिए आंसरेबल हूं।
सवाल-इंडियन जर्नलिज्म दो भागों में बांटा है। एक नेशनलिस्ट का और दूसरा है एंटी नेशनलिस्ट का।
अरनब- ऐसा नहीं है।
सवाल-जिस समय कोई बाेल रहा हो क्या उस समय बाकी लोगों का माइक ऑफ रहना चाहिए? क्योंकि सच बोलने वाले की आवाज दब जाती है?
अरनब- मैं रिपब्लिक में ऐसा कर सकता हूं। लेकिन प्रॉब्लम ये है कि आप चार पार्टी के स्पीकर को बुला लो, तो वो ऐसा नहीं होने देंगे। फिर भी मैं कोशिश करूंगा।
सवाल- अपने बताया कि आपका रिपब्लिक 100% जर्नलिज्म के लिए होगा। तो क्या टाइम्स नाउ में ऐसा नहीं था?
अरनब-कोई भी मेरे करियर पर फैसला नहीं कर सकता। यदि मैंने कुछ करने का सोचा है तो मैंने सोचा है।
सवाल-कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर क्या होगा?
अरनब-मैंने कश्मीरी पंडितों के लिए काफी शो किए हैं। और मैं आगे भी आवाज उठाऊंगा।
सवाल-आप हमारे घर कब आ रहे हैं?
अरनब-हम आपके घर में आपके ड्राॅइंगरूम में आ रहे हैं, अपने रिपब्लिक के साथ।
सवाल-आपका बेस्ट सिंगर कौन है?
अरनब-भूपेन हजारिका।
सवाल-आपका फेवरेट सॉन्ग गाइए?
अरनब-नहीं।
(साभार: दैनिक भास्कर)
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