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तहलका: क्या नई नियुक्ति के चलते पुरानी टीम ने चला इस्तीफे का दांव!
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। खोजी और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जानी जाने वाली मैगजीन तहलका सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, एक तरफ जहां हिंदी की पूरी टीम ने हाल ही में एक साथ इस्तीफे की घोषणा की थी, तो वहीं अब दूसरी तरफ ये खबर आई है कि यहां अमित प्रकाश सिंह को तहलका-हिंदी का
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
खोजी और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जानी जाने वाली मैगजीन तहलका सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, एक तरफ जहां हिंदी की पूरी टीम ने हाल ही में एक साथ इस्तीफे की घोषणा की थी, तो वहीं अब दूसरी तरफ ये खबर आई है कि यहां अमित प्रकाश सिंह को तहलका-हिंदी का नया डिप्टी एडिटर नियुक्त किया है।
बता दें कि अमित प्रकाश सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीस सालों का अनुभव हैं। यहां जुड़ने से पहले वे इंडिया टुडे ग्रुप में कंसल्टिंग एडिटर थे। उन्होंने जनसत्ता के दिल्ली एडिशन में एडिटर और कोलकाता एडिशन में न्यूज एडिटर के पद पर भी काम किया है।
दरअसल तहलका-हिंदी के नए डिप्टी एडिटर अमित प्रकाश सिंह की नियुक्त ऐसे समय पर हुई, जब यहां सैलरी न मिलने से कर्मचारियों के बीच बगावती सुर बुलंद हैं, ऐसे में ये माना जाए कि क्या तहलका-हिंदी में अब सबकुछ सामान्य है, या फिर हो रहा है। वैसे बताया ये जा रहा है कि यह पत्रिका अभी तक आर्थिक तंगी से जूझ रही थी और इसी के चलते यहां इस्तीफे का सिलसिला जारी था।
तहलका कर्मी की ओर से समाचार4मीडिया को एक खत मिला है, जिसमें इसी बात का जिक्र और सवाल किया गया है, कि जो सामूहिक इस्तीफे हुए क्या वो आर्थिक तंगी की वजह से हुआ या इसके पीछे की कहानी कुछ और है?
पढ़िए : ‘तहलका’ पर एक और संकट, पत्रकारों की पूरी टीम ने उठाया ये बड़ा कदम…
पढ़िए पूरा खत:
मैं जो यह मेल लिख रहा हूं और दो एक साथी और भी तहलका हिंदी से ही जुड़े हुए हैं। हम भी कोई आज नहीं जुड़े हैं। तब जुड़े थे जब तहलका हिंदी में संजय दुबे जी कार्यकारी संपादक हुआ करते थे। और जिस आर्थिक परेशानियों का जिक्र करके बृजेश सिंह ने सामूहिक इस्तीफा दिया है वो कोई आज-कल में शुरू नहीं हुआ है। वो तरुण और शोमा के जाने के साथ ही शुरू हो गया था। फिर ये कथित क्रांतिकारी कदम अभी ही क्यों? क्या इसके पीछे कोई और कारण था जो न तो आपको बताया गया और ना ही तहलका हिंदी के दूसरे साथियों को। संजय दुबे के जाने के बाद अतुल चौरसिया तहलका हिंदी के कार्यकारी सम्पादक बनाए गए थे। जब अतुल चौरसिया गए तो बृजेश सिंह तहलका हिंदी के कार्यकारी संपादक बनाए गए। संजय दुबे के वक्त बृजेश संवाददाता थे।
इसमें कोई शक नहीं कि बृजेश ने संजय दुबे और अतुल के बाद पत्रिका को बेहतर ढंग से सम्भाला। लेकिन जिस दिन उन्होंने अपने टीम के सामूहिक इस्तीफे का मेल मैनेजमेंट को भेजा था उसी दिन दोपहर एक बजे मैनेजमेंट से एक मेल तहलका में सबको आया था। इस मेल को तभी आ जाना चाहिए था जब संजय दुबे तहलका से गए थे। मैनेजमेन्ट ने अपने मेल में अनुभवी पत्रकार अमित प्रकाश सिंह को तहलका हिंदी पत्रिका का डिप्टी एडिटर बनाए जाने की घोषणा की थी। मैनेजमेंट से आए मेल को आप नीचे पढ़ सकते हैं। क्या अब भी आपको लगता है कि सामूहिक इस्तीफा केवल आर्थिक तंगी की वजह से था। मेरा भी मानना है कि आर्थिक तंगी तो है लेकिन हालात पिछले कई महीनों के मुकाबले ठीक हुए हैं।
तहलका कर्मी
Dear All,
It gives us great pleasure in welcoming Mr. Amit Prakash Singh, who has joined us as Deputy Editor- Hindi. He comes to us with rich experience spanning over three decades. Before joining Tehelka, Mr. Amit Prakash Singh has worked as Consulting Editor -India Today. He has also worked with Jansatta as Editor- Delhi & News Editor- Kolkata. We welcome Mr. Amit Prakash Singh and wish him all the best for this important assignment. With Regards, Tehelka HR
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