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कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर रोक, नोटिस जारी
अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को भी इस याचिका पर नोटिस जारी किया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोमवार को अपने अदालती कार्यवाही के लाइव प्रसारण वीडियो को सोशल मीडिया पर अवैध रूप से साझा करने, संपादित करने और किसी भी तरह से बदलने पर रोक लगा दी है।
इस मामले में दमोह के व्यवसायी डॉ. विजय बजाज ने याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अदालती कार्यवाही के वीडियो को सोशल मीडिया पर अवैध तरीके से पोस्ट किए जाने का विरोध किया। उनके वकील उत्कर्ष अग्रवाल के मुताबिक, ऐसा करना उच्च न्यायालय के लाइव स्ट्रीमिंग नियमों का उल्लंघन है।
अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को भी इस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसे वीडियो हटाने की बात कही गई है।
अग्रवाल ने बताया कि याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि जो लोग इन वीडियो से व्यूअरशिप के जरिए पैसे कमा रहे हैं, उनसे इस कमाई को वसूला जाए। अदालत में कुछ विशेष वीडियो भी पेश किए गए, जो अवैध रूप से अपलोड किए गए थे।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एस.के. कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ द्वारा की गई। पीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए केंद्र व राज्य सरकार, सूचना प्रसारण मंत्रालय, मेटा प्लेटफॉर्म, यू.ट्यूब, एक्स और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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