ड्रीम स्पोर्ट्स से दीपक जैकब का इस्तीफा : निजी कानूनी प्रैक्टिस में लौटे

दीपक जैकब ने इस्तीफा देकर निजी कानूनी प्रैक्टिस में वापसी की है। उन्होंने कंपनी में कानूनी, नियामकीय और सार्वजनिक नीति से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व किया था।

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Saturday, 11 July, 2026
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ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) के प्रेसिडेंट और ग्रुप जनरल काउंसिल दीपक जैकब (Deepak Jacob) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और लगभग पांच वर्ष बाद निजी कानूनी प्रैक्टिस में लौट गए हैं। इस दौरान उन्होंने कंपनी के कानूनी, नियामकीय (रेगुलेटरी) और सार्वजनिक नीति (पब्लिक पॉलिसी) से जुड़े मामलों का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में ड्रीम स्पोर्ट्स ने तेजी से विस्तार किया, वहीं ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में बदलते नियमों, कर व्यवस्था और अनुपालन संबंधी चुनौतियों का भी सामना किया।

दीपक जैकब देश के अनुभवी कानूनी और सार्वजनिक नीति विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। करीब तीन दशक के अपने करियर में उन्होंने स्वतंत्र वकालत, लॉ फर्म और कई प्रमुख टेक्नोलॉजी, मीडिया तथा डिजिटल कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं। अब निजी प्रैक्टिस में लौटने के बाद वह कंपनियों, प्रमोटर्स और बोर्ड्स को कॉरपोरेट गवर्नेंस, नियामकीय मामलों, मुकदमों और सार्वजनिक नीति से जुड़े जटिल विषयों पर सलाह देंगे।

ड्रीम स्पोर्ट्स में उन्होंने कानूनी मामलों के अलावा रेगुलेटरी अफेयर्स, गवर्नमेंट रिलेशंस, ट्रस्ट एंड सेफ्टी, लॉ एन्फोर्समेंट समन्वय और कंटेंट गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में कंपनी ने तेजी से बदलते कानूनी माहौल के बीच अपने संचालन और गवर्नेंस ढांचे को मजबूत किया। ड्रीम11 (Dream11), फैनकोड (FanCode), ड्रीमसेटगो (DreamSetGo) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए कंपनी 22 करोड़ से अधिक यूजर्स तक पहुंचती है।

ड्रीम स्पोर्ट्स से पहले दीपक जैकब ने 13 वर्षों से अधिक समय तक द वॉल्ट डिज्नी कंपनी (The Walt Disney Company) में कार्य किया, जहां वह भारत, मध्य-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए प्रेसिडेंट एवं चीफ रीजनल काउंसिल (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर एंड इंटरनेशनल) रहे। डिज्नी स्टार (Disney Star) में उन्होंने केबल टीवी डिजिटाइजेशन कार्यक्रम और प्रसारण क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण नीतियों को लागू कराने में अहम भूमिका निभाई। वह ब्रॉडकास्टिंग कंटेंट कंप्लेंट्स काउंसिल (BCCC) की स्थापना से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञों में भी शामिल रहे।

इससे पहले वह रिलायंस इन्फोकॉम (Reliance Infocomm), ईबे (eBay), स्टार इंडिया (Star India) और 21st सेंचुरी फॉक्स (21st Century Fox) जैसी कंपनियों में भी वरिष्ठ कानूनी पदों पर कार्य कर चुके हैं। उद्योग जगत उन्हें ऐसे विशेषज्ञ के रूप में देखता है, जिन्होंने जटिल कानूनी और नियामकीय चुनौतियों को व्यावसायिक रणनीति में बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

दीपक जैकब का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेमिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा संरक्षण और प्रतिस्पर्धा कानून से जुड़े नियम लगातार बदल रहे हैं। वहीं ड्रीम स्पोर्ट्स भी फैंटेसी स्पोर्ट्स से आगे बढ़कर स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, कंटेंट और कॉमर्स कारोबार का विस्तार कर रही है, जिससे कंपनी के लिए मजबूत कानूनी और नीतिगत नेतृत्व पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

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’जनतंत्र टीवी’ के एडिटर-इन-चीफ जितेंद्र शर्मा ने दिया इस्तीफा

उन्होंने पिछले साल नवंबर में इस संस्थान में जॉइन किया था। इससे पहले वह ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

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Saturday, 11 July, 2026
Jitender Sharma TV Journalist

हिंदी न्यूज चैनल ‘जनतंत्र टीवी’ (Jantantra TV) के एडिटर-इन-चीफ जितेंद्र शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पिछले साल नवंबर में इस चैनल में जॉइन किया था। समाचार4मीडिया से बातचीत में जितेंद्र शर्मा ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। जितेंद्र शर्मा ने इस्तीफा क्यों दिया और उनका अगला कदम क्या होगा, फिलहाल उन्होंने इस बारे में कुछ भी अपडेट नहीं दिया है।

जितेंद्र शर्मा इससे पहले ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। मूल रूप से हिसार (हरियाणा) के रहने वाले जितेंद्र शर्मा को मीडिया में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘जी मीडिया’ (Zee Media) से की थी।

इस मीडिया संस्थान के साथ अपने करीब दो दशक के सफर में उन्होंने विभिन्न अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2024 में उन्होंने यहां से अपनी पारी को विराम देकर ‘आईटीवी नेटवर्क’ जॉइन कर लिया था। उस समय जितेंद्र शर्मा ‘जी न्यूज’ में एडिटर दिल्ली ब्यूरो और क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो डिफेंस स्टडीज में ग्रेजुएट जितेंद्र शर्मा ने हिसार स्थित ‘गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी’ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

 

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TRAI ने 1600 और 140 नंबर सीरीज को लेकर जारी की सफाई, गलतफहमी से बचने की अपील

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 1600 और 140 नंबर सीरीज के इस्तेमाल को लेकर मीडिया में आई कुछ खबरों पर स्पष्टीकरण जारी किया है।

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Saturday, 11 July, 2026
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भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 1600 और 140 नंबर सीरीज के इस्तेमाल को लेकर मीडिया में आई कुछ खबरों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। प्राधिकरण ने कहा कि इन खबरों से लोगों के बीच गलतफहमी फैल सकती है, इसलिए दोनों नंबर सीरीज के इस्तेमाल से जुड़े नियमों को स्पष्ट करना जरूरी है।

TRAI ने बताया कि 1600xx नंबर सीरीज का इस्तेमाल केवल बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) क्षेत्र की विनियमित संस्थाएं, जैसे RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA के तहत आने वाली कंपनियां, अपने मौजूदा ग्राहकों से सेवा और लेन-देन (Service & Transaction) से जुड़े कॉल करने के लिए कर सकती हैं। इसके अलावा, सरकारी विभाग भी नागरिकों से आधिकारिक संवाद के लिए इसी सीरीज का उपयोग कर सकते हैं।

TRAI के अनुसार, 1600 सीरीज शुरू करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्राहकों और नागरिकों को भरोसेमंद कॉल की पहचान आसानी से हो सके। टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशंस कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन (TCCCPR) के तहत 1600 सीरीज से आने वाली कॉल को किसी भी तरह टैग, ब्लॉक या फिल्टर करने की अनुमति नहीं है।

वहीं, 140xx नंबर सीरीज का इस्तेमाल केवल प्रमोशनल कॉल करने के लिए किया जाएगा। किसी भी क्षेत्र की कंपनी अगर 140 सीरीज से प्रचार संबंधी कॉल करना चाहती है, तो उसे TCCCPR के तहत अपने टेलीकॉम सेवा प्रदाता के साथ पंजीकरण कराना होगा और नियमों का पालन करना होगा।

TRAI ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह अधिकार है कि वे डू नॉट डिस्टर्ब (DND) रजिस्ट्री के जरिए तय करें कि वे 140 सीरीज से आने वाली प्रमोशनल कॉल प्राप्त करना चाहते हैं या नहीं। ग्राहक चाहें तो सभी सेक्टर या किसी विशेष सेक्टर की प्रमोशनल कॉल बंद कर सकते हैं। यदि किसी सेक्टर को DND पर ब्लॉक किया गया है, तो उस सेक्टर से 140 सीरीज के जरिए कोई प्रमोशनल कॉल नहीं आएगी।

ग्राहक अपनी DND प्राथमिकता TRAI DND ऐप सहित कई माध्यमों से दर्ज या बदल सकते हैं।

TRAI ने यह भी स्पष्ट किया कि 140 सीरीज के नंबरों को टैग या फिल्टर करने की अनुमति नहीं है, क्योंकि इससे उन ग्राहकों में भ्रम पैदा हो सकता है जिन्होंने DND में किसी सेक्टर से प्रमोशनल कॉल प्राप्त करने की अनुमति दी हुई है। ऐसे मामलों में केवल DND रजिस्ट्री के आधार पर कॉल को ब्लॉक किया जा सकता है।

TRAI ने कहा कि इन दोनों नंबर सीरीज को लेकर बनाए गए नियमों का उद्देश्य ग्राहकों को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद संचार उपलब्ध कराना है तथा किसी भी तरह की गलत जानकारी से बचाना है।

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जी मीडिया: फाइनेंस व अकाउंट्स  के डिप्टी वाइस प्रेजिडेंट मयंक अग्रवाल ने दिया इस्तीफा

जी मीडिया (Zee Media) के वरिष्ठ प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के फाइनेंस व अकाउंट्स  के डिप्टी वाइस प्रेजिडेंट और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल मयंक अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

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Saturday, 11 July, 2026
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जी मीडिया (Zee Media) के वरिष्ठ प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के फाइनेंस व अकाउंट्स  के डिप्टी वाइस प्रेजिडेंट और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल मयंक अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

कंपनी ने मयंक अग्रवाल का इस्तीफा मंजूर कर लिया है, जोकि 10 जुलाई की शाम से प्रभावी हो गया है। मयंक अग्रवाल मई 2010 से इस कंपनी के साथ जुड़े हुए थे।

कंपनी के अनुसार, मयंक अग्रवाल ने संगठन से बाहर अपने करियर में नए अवसरों की तलाश के लिए इस्तीफा दिया है। इस्तीफे के साथ भेजे गए अपने पत्र में मयंक अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के साथ उनका कार्यकाल बेहद सीखने वाला और संतोषजनक रहा। हालांकि, काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने अपने प्रोफेशनल ग्रोथ (Professional Growth) के लिए नए अवसरों की तलाश करने का फैसला लिया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे के पीछे नए करियर अवसरों की तलाश के अलावा कोई अन्य कारण नहीं है।

अपने पत्र में उन्होंने कंपनी का आभार जताते हुए कहा कि कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग, प्रोत्साहन और अवसरों के लिए वह जी मीडिया के प्रति आभारी हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का हिस्सा बनना और उसके विकास में योगदान देना उनके लिए सम्मान की बात रही है। 

कंपनी ने फिलहाल उनके स्थान पर किसी नई नियुक्ति की घोषणा नहीं की है।

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जन्मदिन विशेष : भरोसेमंद पत्रकारिता का पर्याय हैं वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र चौबे

भूपेंद्र चौबे आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। दो दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने विश्वसनीय, संतुलित और गहन राजनीतिक पत्रकारिता के जरिए भारतीय मीडिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।

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Friday, 10 July, 2026
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वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। यह अवसर केवल उनके जन्मदिन का ही नहीं, बल्कि भारतीय पत्रकारिता में दो दशकों से अधिक समय तक विश्वसनीय, संतुलित और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की उनकी उल्लेखनीय यात्रा का भी प्रतीक है।

ऐसे दौर में जब समाचार जगत अक्सर तेज़ बहसों, वायरल क्लिप्स और सनसनीखेज प्रस्तुति से आंका जाता है, भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) ने अपनी पहचान विश्वसनीयता, गहन विश्लेषण और संतुलित पत्रकारिता के आधार पर बनाई है। उन्होंने समय-समय पर यह साबित किया है कि पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी आज भी भरोसा ही है।

अपने करियर की शुरुआत एनडीटीवी (NDTV) से करने वाले भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) बाद में सीएनएन-आईबीएन (CNN-IBN) की संस्थापक टीम का हिस्सा बने। यहां उन्होंने देश के प्रमुख राजनीतिक संपादकों में अपनी पहचान स्थापित की और राष्ट्रीय राजनीति, चुनावों तथा सार्वजनिक नीतियों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग की।

इसके बाद उन्होंने इंडिया अहेड (India Ahead) में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई और भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के बदलते दौर को करीब से देखा तथा उसमें सक्रिय योगदान दिया।

उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने पारंपरिक टेलीविजन पत्रकारिता से आगे बढ़ते हुए अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म द स्क्विरल्स (The Squirrels) शुरू किया। ऐसे समय में जब अधिकांश डिजिटल प्लेटफॉर्म तेज़ और सनसनीखेज खबरों पर जोर दे रहे थे, भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) ने गहन विश्लेषण, संदर्भ आधारित रिपोर्टिंग और विचारपूर्ण राजनीतिक पत्रकारिता को प्राथमिकता दी। यही दृष्टिकोण आज द स्क्विरल्स (The Squirrels) की पहचान बन चुका है।

भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) की इंटरव्यू शैली भी उन्हें अन्य पत्रकारों से अलग बनाती है। वह कठिन सवाल पूछते हैं, लेकिन बातचीत को टकराव का रूप नहीं देते। शांत, संयमित और तथ्यों पर आधारित संवाद के जरिए वह अक्सर अपने मेहमानों से ऐसे जवाब हासिल कर लेते हैं, जो शोर-शराबे वाली बहसों में संभव नहीं हो पाते।

पत्रकारिता के अलावा वह एक प्रभावशाली मॉडरेटर, सार्वजनिक वक्ता और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में भी जाने जाते हैं। राजनीति, शासन, मीडिया और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों पर उनके विचार गंभीर विमर्श को नई दिशा देते हैं। मंच हो या स्क्रीन, भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) लगातार यह संदेश देते रहे हैं कि सार्थक चर्चा के लिए ऊंची आवाज़ नहीं, बल्कि गहरी समझ और तथ्यों की आवश्यकता होती है।

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Mobavenue AI Tech ने अमेरिका में रखा कदम, AI आधारित विज्ञापन कारोबार का किया विस्तार

Mobavenue AI Tech Limited ने अमेरिका में अपने कारोबार की शुरुआत करने का ऐलान किया है।

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Friday, 10 July, 2026
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Mobavenue AI Tech Limited ने अमेरिका में अपने कारोबार की शुरुआत करने का ऐलान किया है। कंपनी ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Mobavenue LLC, जो Mobavenue Global Holdings Ltd. के तहत काम करती है, के जरिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश किया है। कंपनी का कहना है कि यह उसके वैश्विक विस्तार की दिशा में एक अहम कदम है।

अमेरिका में कारोबार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कंपनी ने एरिक लिंड (Eric Lind) को कंट्री हेड (Country Head) नियुक्त किया है। एरिक के पास विज्ञापन तकनीक (AdTech) सेक्टर में 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। इससे पहले वह Adikteev, REMERGE और Top Inc. जैसी कंपनियों में नेतृत्व की भूमिका निभा चुके हैं।

कंपनी ने बताया कि अमेरिका में उसका बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट और प्लेटफॉर्म-आधारित होगा। इसके तहत डिजिटल विज्ञापन, प्रोग्रामेटिक मीडिया, ऑडियंस इंटेलिजेंस, ओमनीचैनल एंगेजमेंट और उपभोक्ता विकास (Consumer Growth) के लिए AI आधारित समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे।

कंपनी ने उद्योग से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका का डिजिटल विज्ञापन बाजार 2026 में करीब 413 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इसकी बड़ी वजह AI आधारित विज्ञापनों, डेटा-आधारित मीडिया खरीद (Media Buying) और ओमनीचैनल उपभोक्ता जुड़ाव में तेजी से बढ़ता निवेश है।

इस मौके पर Mobavenue AI Tech Limited के संस्थापक, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) इशांक जोशी ने कहा कि अमेरिका में प्रवेश कंपनी की वैश्विक विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते विज्ञापन बाजारों में से एक है, इसलिए यह Mobavenue के अंतरराष्ट्रीय विस्तार का स्वाभाविक अगला कदम है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य AI आधारित इनोवेशन के जरिए ग्राहकों को बेहतर नतीजे और लंबे समय तक मूल्य प्रदान करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका में कंपनी की सफलता के लिए मजबूत स्थानीय नेतृत्व बेहद अहम होगा। एरिक लिंड के अनुभव और बाजार की गहरी समझ को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।

कंपनी का मानना है कि अमेरिका में विस्तार से उसकी वैश्विक आय के स्रोत और मजबूत होंगे तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी मौजूदगी बढ़ेगी। यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का अहम हिस्सा है।

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FIFA World Cup 2026 : 95% से अधिक बिकी 'Zee' की प्रीमियम एड इन्वेंट्री

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज ने बताया कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के नॉकआउट चरण के लिए उसकी 95 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम विज्ञापन इन्वेंट्री बिक चुकी है।

Last Modified:
Friday, 10 July, 2026
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ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Limited-ZEEL) ने गुरुवार को बताया कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के नॉकआउट चरण के लिए उसके लीनियर स्पोर्ट्स चैनलों और ज़ी5 (ZEE5) पर उपलब्ध 95 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम विज्ञापन इन्वेंट्री की बिक्री हो चुकी है। क्वार्टर फाइनल चरण में प्रवेश कर चुके टूर्नामेंट के दौरान विज्ञापनदाताओं की मजबूत मांग देखने को मिली है।

कंपनी के अनुसार, ऑटोमोबाइल (Automobile), टेक्नोलॉजी (Technology), बेवरेज (Beverages), एफएमसीजी (FMCG), हेल्थकेयर (Healthcare), स्पोर्ट्सवियर (Sportswear), फैशन (Fashion), ई-कॉमर्स (E-commerce), वित्तीय सेवाएं (Financial Services), ट्रैवल (Travel), रियल एस्टेट (Real Estate), पेंट्स (Paints), ऑयल एंड एनर्जी (Oil & Energy) और एजुकेशन (Education) सहित विभिन्न क्षेत्रों के 22 से अधिक ब्रांड्स टूर्नामेंट के दौरान ज़ी (Zee) के साथ जुड़े हैं।

विज्ञापनदाताओं की मजबूत मांग के चलते नॉकआउट चरण में 10 सेकंड के प्रीमियम विज्ञापन स्लॉट की कीमत 20 लाख रुपये से 25 लाख रुपये के बीच पहुंच गई है। यह दर्शाता है कि लाइव फुटबॉल प्रसारण के लिए ब्रांड्स प्रीमियम भुगतान करने को तैयार हैं।

ज़ी (Zee) के लिए यह प्रतिक्रिया प्रीमियम स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में उसकी रणनीति को भी मजबूती देती है। कंपनी हाल के वर्षों में बुंडेसलीगा (Bundesliga), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और अन्य वैश्विक खेल संपत्तियों के जरिए अपने स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) कंपनी के लिए टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वैश्विक खेल अधिकारों के सफल व्यावसायीकरण की महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है।

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर – एडवरटाइजमेंट रेवेन्यू (Chief Operating Officer – Advertisement Revenue) संदीप मेहरोत्रा (Sandeep Mehrotra) ने कहा, "विज्ञापनदाताओं से मिला प्रतिसाद हमारी अपेक्षाओं से बेहतर रहा है। 95 प्रतिशत से अधिक इन्वेंट्री पहले ही बिक चुकी है और 22 से अधिक प्रमुख ब्रांड्स हमारे साथ जुड़े हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) ब्रांड्स के लिए बड़े पैमाने पर दर्शकों तक पहुंचने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है।"

उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट ने कंपनी को लाइव स्पोर्ट्स, डिजिटल एंगेजमेंट और इंटीग्रेटेड मार्केटिंग सॉल्यूशंस (Integrated Marketing Solutions) के जरिए विज्ञापनदाताओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद की है, जो ज़ी (Zee) की दीर्घकालिक स्पोर्ट्स रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कंपनी ने बताया कि ज़ी5 (ZEE5) पर भी विज्ञापनदाताओं ने एडवांस्ड टार्गेटिंग (Advanced Targeting), कनेक्टेड टीवी (Connected TV-CTV) इन्वेंट्री और क्रॉस-प्लेटफॉर्म विज्ञापन समाधानों का व्यापक उपयोग किया है। लाइव स्पोर्ट्स, डिजिटल, सोशल मीडिया और ऑन-ग्राउंड एक्टिवेशंस (On-ground Activations) के जरिए ब्रांड्स ने उपभोक्ताओं के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने की कोशिश की है।

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ग्राहकों को कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने से रोका, Virgin Media O2 पर रिकॉर्ड फाइन

ब्रिटेन की संचार नियामक संस्था ऑफकॉम (Ofcom) ने टेलीकॉम और टीवी सेवा देने वाली कंपनी Virgin Media O2 पर 2.8 करोड़ पाउंड (28 मिलियन पाउंड) यानी करीब 3.7 करोड़ डॉलर का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया है।

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Friday, 10 July, 2026
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ब्रिटेन की संचार नियामक संस्था ऑफकॉम (Ofcom) ने टेलीकॉम और टीवी सेवा देने वाली कंपनी Virgin Media O2 पर 2.8 करोड़ पाउंड (28 मिलियन पाउंड) यानी करीब 3.7 करोड़ डॉलर का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने ग्राहकों के लिए अपनी सेवाएं बंद करना (कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल करना) जानबूझकर मुश्किल बना दिया।

ऑफकॉम की जांच में सामने आया कि 2022 से 2024 के बीच Virgin Media O2 ने लाखों ग्राहकों की कॉल्स को सही तरीके से नहीं संभाला। इसका मकसद ग्राहकों को अपना कनेक्शन बंद करने या किसी दूसरी कंपनी की सेवा लेने से रोकना था।

जांच के दौरान कई ऐसे तरीके सामने आए, जिनका इस्तेमाल ग्राहकों को परेशान करने के लिए किया गया। इनमें कॉल को बार-बार अलग-अलग विभागों में ट्रांसफर करना, लंबे समय तक होल्ड पर रखना और जानबूझकर कॉल काट देना शामिल था।

ऑफकॉम की इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी डायरेक्टर नेटली ब्लैक ने कहा कि Virgin Media ने ग्राहकों के लिए अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म करना मुश्किल बना दिया। इतना ही नहीं, कंपनी ने जांच के दौरान भी नियामक संस्था का पूरा सहयोग नहीं किया।

उन्होंने कहा कि ग्राहकों को हुए सीधे नुकसान को देखते हुए उपभोक्ता संरक्षण नियमों के तहत यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगाया गया है।

ऑफकॉम ने यह जांच तब शुरू की थी, जब उसे 1,881 ग्राहकों की शिकायतें मिली थीं। इन ग्राहकों ने बताया था कि उन्हें ब्रॉडबैंड, लैंडलाइन या पेड-टीवी सेवाएं बंद कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

वहीं, Virgin Media O2 ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में उसने अपनी ग्राहक सेवा प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं और ऑफकॉम की ओर से बताई गई पुरानी कमियों को दूर करने के लिए कई सुधार किए गए हैं।

कंपनी के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जांच से जुड़े समय के दौरान दर्ज सभी आधिकारिक ग्राहक शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने उन ग्राहकों से माफी भी मांगी, जिन्हें सेवा बंद कराने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा।

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BCCI के पूर्व CEO राहुल जौहरी Flash Sports & Media Holdings, Inc. के बोर्ड में शामिल

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) राहुल जौहरी को फ्लैश स्पोर्ट्स एंड मीडिया होल्डिंग्स के निदेशक मंडल (Board of Directors) में शामिल किया गया है।

Last Modified:
Friday, 10 July, 2026
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) राहुल जौहरी को फ्लैश स्पोर्ट्स एंड मीडिया होल्डिंग्स (Flash Sports & Media Holdings, Inc) के निदेशक मंडल (Board of Directors) में शामिल किया गया है। कंपनी ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि राहुल जौहरी की नियुक्ति उनके उस विजन का अहम हिस्सा है, जिसके तहत वह क्रिकेट पर केंद्रित एक वैश्विक स्पोर्ट्स और मीडिया प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहती है।

राहुल जौहरी को स्पोर्ट्स और मीडिया इंडस्ट्री का करीब 35 वर्षों का अनुभव है। बीसीसीआई के पहले CEO के रूप में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट संचालन, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) सहित क्रिकेट के कई अहम क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाली थी।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 3 अरब डॉलर (USD 3 Billion) से अधिक मूल्य के बीसीसीआई मीडिया अधिकारों (Media Rights) की सेल्स का नेतृत्व किया था। इसे भारतीय स्पोर्ट्स इतिहास की सबसे बड़ी मीडिया राइट्स डील्स में से एक माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने क्रिकेट में ई-ऑक्शन (e-auction) की शुरुआत कर मीडिया और कमर्शियल राइट्स की बिक्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया।

कंपनी का मानना है कि मीडिया राइट्स के व्यवसाय, क्रिकेट जगत में मजबूत नेटवर्क और मीडिया कंपनियों को विकसित करने के राहुल जौहरी के अनुभव से उसके विस्तार की योजनाओं को गति मिलेगी। इसमें मीडिया राइट्स हासिल करना, स्पॉन्सरशिप बढ़ाना, फ्रेंचाइजी डेवलपमेंट और विभिन्न क्रिकेट बाजारों में अपनी लीग्स का विस्तार करना शामिल है।

फ्लैश स्पोर्ट्स एंड मीडिया होल्डिंग्स के चेयरमैन और CEO ब्रैडली नैट्रास ने कहा कि राहुल जौहरी क्रिकेट कारोबार के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक हैं। उन्हें मीडिया राइट्स, ब्रॉडकास्टर्स और क्रिकेट प्रॉपर्टीज की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे अधिकारी हैं, जिनके पास व्यावसायिक दृष्टि, राइट्स होल्डर्स और ब्रॉडकास्टर्स के साथ मजबूत भरोसा और आधुनिक क्रिकेट की बड़ी प्रॉपर्टीज को विकसित करने का अनुभव हो। उनके बोर्ड में शामिल होने से कंपनी के बड़े वैश्विक लक्ष्य साफ दिखाई देते हैं।

वहीं राहुल जौहरी ने कहा कि क्रिकेट इस समय अपने सबसे रोमांचक व्यावसायिक दौर में प्रवेश कर रहा है। नई लीग्स, नए बाजार और नए दर्शक वैश्विक क्रिकेट की तस्वीर बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि फ्लैश स्पोर्ट्स एंड मीडिया ने बिल्कुल सही समय पर एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया है और वह इसके बोर्ड का हिस्सा बनकर बेहद खुश हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह कंपनी के साथ मिलकर विश्वस्तरीय क्रिकेट प्रॉपर्टीज विकसित करने और उनकी व्यावसायिक संभावनाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देंगे।

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s4m 40अंडर40: प्रमुख वक्ता होंगी अनुराधा प्रसाद, युवा पत्रकारों को करेंगी संबोधित

'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' कार्यक्रम में इस बार BAG नेटवर्क की चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) और 'न्यूज24' की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगी।

Last Modified:
Friday, 10 July, 2026
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मीडिया जगत के बहुचर्चित 'समाचार4मीडिया हिंदी पत्रकारिता 40 अंडर 40' कार्यक्रम में इस बार BAG नेटवर्क की चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) और 'न्यूज24' की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगी। एक्सचेंज4मीडिया समूह की हिंदी वेबसाइट समाचार4मीडिया की ओर से यह प्रतिष्ठित अवार्ड समारोह 28 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं।

's4m पत्रकारिता 40 अंडर 40' मीडिया जगत के उन युवा पत्रकारों को सम्मानित करने का एक बड़ा मंच है, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिभा और उत्कृष्ट काम के दम पर पत्रकारिता की दुनिया में अलग पहचान बनाई है। इस समारोह में देशभर से चुने गए 40 प्रतिभाशाली युवा पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।

इस बार कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण अनुराधा प्रसाद का विशेष संबोधन होगा। मीडिया इंडस्ट्री में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाली अनुराधा प्रसाद अपने अनुभव, नेतृत्व और पत्रकारिता के बदलते दौर पर युवाओं से अपने विचार साझा करेंगी। माना जा रहा है कि उनका संबोधन युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणादायक और मार्गदर्शक साबित होगा।

युवा पत्रकारों के लिए खास मंच

समाचार4मीडिया का 's4m पत्रकारिता 40 अंडर 40' ऐसा मंच है, जो 40 वर्ष से कम उम्र के उन पत्रकारों को पहचान और सम्मान देता है, जिन्होंने अपने काम से मीडिया जगत में नई मिसाल कायम की है। यह मंच युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें देश के वरिष्ठ मीडिया पेशेवरों से सीखने और संवाद का अवसर भी देता है।

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

अगर आप भी इस प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं या इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। इच्छुक प्रतिभागी इसी लिंक के माध्यम से अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं-

https://e4mevents.com/hindi-patrakarita-40-under-40-2024/delegate-registration

जानिए, कौन हैं अनुराधा प्रसाद 

अनुराधा प्रसाद भारतीय मीडिया जगत की उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता के दम पर एक अलग पहचान बनाई है। वह BAG Networks की चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर और News24 की एडिटर-इन-चीफ हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उनके पास 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

1993 में स्थापित BAG Networks आज देश की प्रमुख मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनियों में शामिल है। इसके तहत News24, E24, Darshan24 और Dhamaal24 जैसे लोकप्रिय चैनल संचालित होते हैं। इसके अलावा कंपनी टीवी और फिल्म प्रोडक्शन, मीडिया एजुकेशन, न्यूज़ और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में भी सक्रिय है।

पटना में जन्मी अनुराधा प्रसाद ने दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। अपने पूरे करियर में उन्होंने निष्पक्ष और प्रभावी पत्रकारिता को बढ़ावा दिया। उनके लोकप्रिय कार्यक्रमों में 'इतिहास गवाह है', 'भारत भाग्य विधाता', 'माहौल क्या है', 'इंडियाज टाइगर' और 'आमने-सामने' जैसे चर्चित शो शामिल हैं। इसके अलावा वह 'मंथन' जैसे वार्षिक कार्यक्रम की भी अगुवाई करती हैं, जिसमें नीति-निर्माता, उद्योग जगत की हस्तियां और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख लोग जनता से सीधे संवाद करते हैं।

भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता की अग्रणी हस्तियों में शामिल अनुराधा प्रसाद आज भी अपने नए विचारों, बेबाक पत्रकारिता और प्रभावशाली नेतृत्व के जरिए मीडिया जगत में नई मिसाल कायम कर रही हैं। 

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देश के टीवी न्यूज इंडस्ट्री के सफल सीईओ, जिन्होंने बदली कारोबार की तस्वीर

भारत के टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री की कहानी सिर्फ संपादकों के जरिए नहीं बताई जा सकती। हर सफल न्यूज नेटवर्क के पीछे एक ऐसी लीडरशिप टीम रही है, जिसने पर्दे के पीछे रहकर सैकड़ों अहम फैसले लिए।

Last Modified:
Thursday, 09 July, 2026
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रुहैल अमीन, सीनियर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट, एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ।।

भारत के टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री की कहानी सिर्फ संपादकों के जरिए नहीं बताई जा सकती। हर सफल न्यूज नेटवर्क के पीछे एक ऐसी लीडरशिप टीम रही है, जिसने पर्दे के पीछे रहकर सैकड़ों अहम फैसले लिए। जैसे- कहां निवेश करना है, कौन-सी नई तकनीक अपनानी है, नियमों में बदलाव का कैसे सामना करना है, बेहतर प्रतिभाओं को कैसे जोड़ना है, कमाई के नए रास्ते कैसे बनाने हैं और भविष्य में आने वाले बदलावों के लिए संगठन को कैसे तैयार करना है।

इन्हीं सीईओ ने उस दौर में कैरिज डील्स कीं, जब डिस्ट्रिब्यूशन ही दर्शकों तक पहुंच तय करता था। उन्होंने विज्ञापनदाताओं को भरोसा दिलाया कि न्यूज एक प्रीमियम विज्ञापन मंच है। नई तकनीकों में तब निवेश किया, जब वे आम नहीं थीं। उन्होंने टीवी ब्रैंड्स को टेलीविजन से आगे बढ़ाकर नए प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचाया और संगठनों को उस दौर के लिए तैयार किया, जब दर्शक सिर्फ टीवी स्क्रीन पर ही खबरें नहीं देखते थे।

जहां संपादकों ने न्यूजरूम की संपादकीय पहचान बनाई, वहीं इन बिजनेस लीडर्स ने ऐसे संस्थान खड़े किए, जिनकी बदौलत पत्रकारिता बड़े स्तर तक पहुंच सकी।

इस सीरीज के पहले भाग में हम उन अधिकारियों का सम्मान कर रहे हैं, जिन्होंने इस बदलाव का नेतृत्व किया। हर लीडर का काम करने का तरीका अलग था। हर किसी को अलग-अलग चुनौतियां मिलीं। लेकिन इन सभी ने मिलकर आधुनिक भारत में एक टेलीविजन न्यूज संगठन का नेतृत्व करने के मायने बदल दिए।

यहां नाम अंग्रेजी वर्णमाला (Alphabetical Order) के अनुसार दिए गए हैं।

अविनाश कौल: टेलीविजन स्क्रीन से आगे की सोच

भारत के टीवी न्यूज इकोसिस्टम के इतने अलग-अलग पहलुओं पर शायद ही किसी बिजनेस लीडर ने अविनाश कौल जितना असर डाला हो। 

अपने अलग-अलग नेतृत्वकारी पदों पर रहते हुए कौल ने हमेशा इस सोच को चुनौती दी कि टीवी चैनलों को खुद को सिर्फ ब्रॉडकास्टर मानना चाहिए। उनके नेतृत्व में डिस्ट्रिब्यूशन, डिजिटल इंटीग्रेशन, रणनीतिक साझेदारियां, दर्शकों का विस्तार और लंबे समय तक ब्रैंड बनाने पर उतना ही जोर दिया गया, जितना टीआरपी पर।

उनकी लीडरशिप उस बड़े बदलाव को दर्शाती है, जिसमें टीवी ब्रैंड धीरे-धीरे इंटीग्रेटेड मीडिया बिजनेस में बदलने लगे। बदलाव आने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय कौल अक्सर पहले ही उसकी आहट पहचान लेते थे और संगठनों को उन क्षमताओं में निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे, जो सिर्फ पारंपरिक टीवी तक सीमित न रहें।

कई मायनों में उनका करियर भी टीवी न्यूज इंडस्ट्री की यात्रा जैसा ही रहा है- एक तय समय पर टीवी देखने के दौर से लेकर आज के 24x7 मल्टी-प्लेटफॉर्म न्यूज माहौल तक।

हाल ही में अविनाश कौल की किताब 'The Next Mountain' प्रकाशित हुई है। इस किताब में उन्होंने अपने पेशेवर जीवन के उतार-चढ़ाव, अनिश्चितताओं और मुश्किल फैसलों के बारे में लिखा है। जल्द ही वह अपने नए वेंचर का भी ऐलान कर सकते हैं।

अविनाश पांडे: ऐसे संस्थान बनाने वाले लीडर, जो समय की कसौटी पर टिके रहें

हर इंडस्ट्री में कुछ लीडर ऐसे होते हैं, जो सिर्फ तिमाही नतीजों पर ध्यान देते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं जो ऐसे संस्थान बनाते हैं, जो मार्केट के उतार-चढ़ाव से भी लंबे समय तक टिके रहते हैं। अविनाश पांडे इसी दूसरी श्रेणी में आते हैं।

अपने पूरे करियर में उन्होंने ऐसा बिजनेस मॉडल तैयार करने की पहचान बनाई, जिसमें कमर्शियल ग्रोथ, ऑपरेशनल अनुशासन और संगठन की स्थिरता, तीनों पर बराबर ध्यान दिया गया। डिस्ट्रिब्यूशन, विज्ञापन, प्रोग्रामिंग रणनीति और बिजनेस ऑपरेशंस में उनकी गहरी पकड़ ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत के कई बड़े ब्रॉडकास्ट नेटवर्क्स को मजबूत बनाया।

उनके सहयोगी उन्हें एक धैर्यवान संस्थान निर्माता के रूप में देखते हैं। उनका मानना था कि नेतृत्व का मूल्यांकन सिर्फ फैसलों से नहीं, बल्कि उन टीमों, सिस्टम्स और कार्य संस्कृति से होता है, जिन्हें कोई लीडर अपने पीछे छोड़कर जाता है। यही सोच उन्हें भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित बिजनेस लीडर्स में शामिल करती है।

वर्तमान में वह इंडस्ट्री ब्रॉडकास्टिंग व डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के सेक्रेटरी जनरल हैं।

हर्ष भंडारी: कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले मार्केट में विकास की नई मिसाल

टीवी न्यूज जैसा कठिन बिजनेस बहुत कम सेक्टर्स में देखने को मिलता है। यहां मुनाफे पर लगातार दबाव रहता है, प्रतिस्पर्धा बेहद तेज होती है और दर्शकों की पसंद रातों-रात बदल सकती है। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में हर्ष भंडारी ने खुद को इंडस्ट्री के सबसे सफल बिजनेस लीडर्स में शामिल किया।

विज्ञापन मार्केट, क्लाइंट रिलेशनशिप और रेवेन्यू रणनीति की गहरी समझ रखने वाले भंडारी ने बिजनेस ऑपरेशंस को मजबूत किया और यह भी सुनिश्चित किया कि व्यावसायिक प्राथमिकताएं संपादकीय महत्वाकांक्षाओं के साथ मिलकर चलें, उनसे टकराएं नहीं।

उनका कार्यकाल यह साबित करता है कि टीवी न्यूज में लगातार विकास संयोग से नहीं होता। इसके लिए लगातार नए प्रयोग, अनुशासित कामकाज और विज्ञापनदाताओं व दर्शकों की बदलती जरूरतों को पहले से समझने की क्षमता जरूरी होती है।

वर्तमान में वह निवेश और मीडिया फर्म BluerockIndia के सीईओ हैं।

एम.के. आनंद: संस्थान खड़े करने वाले लीडर

भारत के ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों में एम.के. आनंद की एक अलग पहचान है। कई दशकों के लंबे करियर में आनंद संस्थान निर्माण का पर्याय बन गए। डिस्ट्रिब्यूशन, प्रोग्रामिंग की अर्थव्यवस्था, विज्ञापन मार्केट और संगठनात्मक नेतृत्व की उनकी समझ ने भारत के कई प्रभावशाली ब्रॉडकास्ट बिजनेस को आकार दिया।

हालांकि उनकी सबसे बड़ी विरासत उन लीडर्स को तैयार करना मानी जाती है, जिन्हें उन्होंने मार्गदर्शन दिया। आज भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के कई वरिष्ठ अधिकारी या तो सीधे उनके साथ काम कर चुके हैं या उनकी मैनेजमेंट सोच से प्रभावित रहे हैं।

बहुत कम सीईओ ऐसे होते हैं, जो सिर्फ सफल कंपनियां ही नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के नेतृत्व को तैयार करने का श्रेय भी हासिल कर सकें। फिलहाल एम.के. आनंद सलाहकार की भूमिका में सक्रिय हैं। वहीं, इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि वह भी जल्द अपने नए वेंचर की घोषणा कर सकते हैं।

वरुण कोहली: आधुनिक न्यूज बिजनेस को नई दिशा देने वाले

जब मीडिया का उपभोग अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर बंटने लगा, तब टीवी नेटवर्क्स के सामने सबसे बड़ा सवाल था—क्या वे सिर्फ टीवी कंपनियां बने रहें या खुद को मीडिया ब्रैंड में बदलें? वरुण कोहली उन अधिकारियों में शामिल रहे, जिन्होंने इस बदलाव को बहुत पहले समझ लिया था। 

अपने पूरे करियर में उन्होंने ऐसी रणनीति का समर्थन किया, जिसमें ब्रॉडकास्ट, डिजिटल, उपभोक्ता जुड़ाव और कमर्शियल इनोवेशन को एक साथ जोड़कर बिजनेस चलाया जाए। उन्होंने डिजिटल को टीवी का विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य की न्यूज खपत का सबसे अहम हिस्सा माना।

उनकी सोच आज की हकीकत को दर्शाती है, जहां दर्शक टीवी और डिजिटल में फर्क नहीं करते। वे सिर्फ भरोसेमंद न्यूज ब्रैंड का अनुसरण करते हैं, चाहे वह किसी भी प्लेटफॉर्म पर हो। उम्मीद है कि वह भी जल्द अपने अगले  कदम का ऐलान करेंगे।

विकास खंचंदानी: कमर्शियल लीडरशिप को नई पहचान देने वाले

पिछले एक दशक में विज्ञापनदाताओं और न्यूज संगठनों के बीच का रिश्ता काफी बदल गया है। विकास खंचंदानी उन अधिकारियों में शामिल रहे, जिन्होंने इस बदलाव को सफलतापूर्वक संभाला।

सेल्स रणनीति, विज्ञापनदाताओं के साथ साझेदारी और मीडिया मोनेटाइजेशन में उनकी गहरी विशेषज्ञता ने न्यूज बिजनेस को सिर्फ एयरटाइम बेचने वाले मॉडल से निकालकर इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस देने वाले मॉडल तक पहुंचाया। उनका करियर भी कमर्शियल लीडरशिप के बदलते स्वरूप को दर्शाता है, जहां सिर्फ रेवेन्यू मैनेजमेंट नहीं, बल्कि रणनीतिक बिजनेस डेवलपमेंट भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

वर्तमान में वह eSENDIT के को-फाउंडर और डायरेक्टर हैं। इसके साथ ही MiQ में स्ट्रैटेजिक एडवाइजर की भूमिका भी निभा रहे हैं।

भारत का टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री आज भी ऐसे कई शानदार बिजनेस लीडर्स के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है, जिनका प्रभाव सिर्फ उनके अपने संगठनों तक सीमित नहीं है।

इंडिया टुडे ग्रुप के ग्रुप सीईओ दिनेश भाटिया, Zee Media Corporation Ltd के सीईओ रक्तिम दास, ABP Network के सीईओ सुमंत दत्ता, TV9 Network के एमडी एवं सीईओ बरुण दास, NDTV के एडिटर-इन-चीफ एवं सीईओ राहुल कंवल और Times Network के सीईओ आशीष सहगल भी उन प्रमुख लीडर्स में शामिल हैं, जो भारत के टेलीविजन न्यूज बिजनेस को लगातार नई दिशा दे रहे हैं।

इस सीरीज के अगले भागों में हम इन लीडर्स की प्रोफाइल पेश करेंगे और बताएंगे कि न्यूज ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री को आकार देने में हर एक की क्या भूमिका रही है।

 

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