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जब वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के बीच हुई नोक-झोंक
अभिषेक मेहरोत्रा ।। दो दिन से दिल्ली की मीडिया जगत की चर्चा का विषय बना रहा ‘एजेंडा आजतक’ का समापन बुधवार शाम हो गया। बुधवार शाम को आयोजित एक सेशन में देश के केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और आजतक के वरिष्ठ एंकर पुण्य प्रसून बाजपेयी के बीच थोड़ी नोक-झोंक भी हुई।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
अभिषेक मेहरोत्रा ।।
दो दिन से दिल्ली की मीडिया जगत की चर्चा का विषय बना रहा ‘एजेंडा आजतक’ का समापन बुधवार शाम हो गया। बुधवार शाम को आयोजित एक सेशन में देश के केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और आजतक के वरिष्ठ एंकर पुण्य प्रसून बाजपेयी के बीच थोड़ी नोक-झोंक भी हुई।
मामला ये था कि पुण्य प्रसून ने रविशंकर पर सवाल दागा कि बाला साहब ठाकरे ने तो इंदिरा की इमरजेंसी का समर्थन किया था और उनकी पार्टी तो अब आप के साथ है, इस पर आप का क्या कहना है? पर बाला साहब देवरस को... समझने की गलती करते हुए रविशंकर प्रसाद काफी उग्र हो गए। उन्होंने तेज स्वर में कहा कि प्रसून जी आप सरासर झूठ बोल रहे हैं। करीब दो-तीन बार ऊंचे स्वर में वे अपनी बात कहते रहे और बीच-बीच में प्रसून जी उन्हें समझाते रहे कि वे बाला साहब ठाकरे की बात कर रहे हैं। बाजपेयी के कई बार समझाने पर जब रविशंकर को समझ आया तो उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि मुझे गलतफहमी हो गई थी, मुझे लगा कि आप बाला साहब देवरस की बात कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने पुण्य प्रसून को लेकर ये भी कहा कि मुझे पता है कि आप संघ से चिढ़ते हैं, लेकिन जब पुण्य प्रसून ने कहा कि मेरे रिश्ते बाला साहब देवरस से काफी बेहतर रहे हैं, तो रविशंकर ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि मुझे तो ये नई खबर सुनने में मिली है कि आज आपके बारे में कि आप संघ के इतने बड़े समर्थक रहे हैं। हालांकि इसके बाद वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी से उनसे तमाम मसलों पर बात की, जिन्हें आप नीचे पढ़ सकते हैं।
मोदी बेहतर या अटल जी, इस सवाल पर प्रसाद ने कहा कि अटल जी हमारे पिता तुल्य हैं। उन्होंने पार्टी को खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी ने कोझिकोड की सभा से पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला। उसके अगले दिन ही दीनदयाल उपाध्याय जी का जिक्र करते हुए कहा कि मुसलमानों को न तो पुरस्कृत करो न तिरस्कृत करो, उन्हें अपनाओ।'
जियो के ब्रांड एंबेसडर मोदी क्यों, बीएसएनएल के क्यों नहीं? इस सवाल के जवाब में प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार के आह्वान पर सवा करोड़ लोगों ने एलपीजी छोड़ दी। देश बदल रहा है। बीएसएनएल भी आगे बढ़ेगा, बाकी भी आगे बढ़ेंगे।
नोटबंदी से जनता को रही परेशानी पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने सबसे पहले एसआईटी बनाई। टैक्स को लेकर कानून बनाए। ब्लैक मनी के खिलाफ सरकार के कदमों का एक सिलसिला है। देश की जनता को थोड़ी परेशानी है, लेकिन अपने बेहतर भविष्य के लिए वो थोड़ी परेशानी सहने के लिए तैयार हैं।
प्रसाद ने कहा कि पीएम मोदी पहले दिन से नोटबंदी पर बहस के लिए तैयार हैं। विपक्ष हमारा जवाब सुनने को तैयार नहीं है। अगर संसद में बहस नहीं चली तो हम जनता के बीच जाएंगे। हम देश को बदलेंगे। डरने की कोई बात नहीं, हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। या तो विपक्ष का तर्क मजबूत नहीं है या फिर वो हमारा जवाब सुनने के लिए तैयार नहीं हैं।
सरकार और न्यायपालिका के बीच टकराव पर प्रसाद ने कहा, 'हमारी सरकार में ऐसे लोग हैं जिन्होंने न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया है। देश की आजादी 70 साल संविधान सर्वोपरि है। जनता सुप्रीम है। मौलिक अधिकार हैं। लेकिन सरकार वही चलाए जिन्हें जनता सरकार चलाने के लिए चुनती है। कानून वही बनाए जिन्हें जनता ने कानून बनाने के लिए चुना है।'
केंद्रीय मंत्री ने विरोधियों पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने 70 से 67 सीटें जीतने के बाद इतने बड़े जनादेश को बर्बाद कर दिया है। वो हर किसी से जंग करते हैं। हल्की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, वैसे कोई नहीं करता। हिन्दुस्तान हल्की राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं करता। आगे के चुनाव में जनता तय करेगी। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है।
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