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'मुख्यमंत्री जी, सरकार को छोटे-मझोले अखबार संचालकों का विरोधी दर्शाने में लगे हैं आपके कुछ अफसर'
रवि कुमार विश्नोई ।। हमारी प्रदेश की सरकारें सबको न्याय और बराबर का अधिकार देने की बात कर रही है, लेकिन आम आदमी की बा
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
रवि कुमार विश्नोई ।।
जहां तक मुझे समझ है उसके अनुसार सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव हमेशा इस श्रेणी के समाचार पत्रों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहे हैं तो यूपी अखिलेश जी मुख्यमंत्री बनने से अब तक आपके भी किसी बयान या घोषित नीति से यह नहीं लगता है कि आपके द्वारा इस वर्ग के समाचार पत्र व उनके संचालकों के साथ दोहरी नीति अपनाने का कोई संदेश किसी को दिया गया।
मुख्यमंत्री जी, इसके बावजूद आपके प्रदेश के सूचना विभाग के कुछ अफसर सरकार को निरंतर लघु एवं मध्यम समाचार पत्र संचालकों का विरोधी दर्शाने के प्रयासों में लगे हैं। अफसर राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस पर भी दोहरी नीति अपनाने में पीछे नहीं रहें। कल क्या होगा यह तो समय ही बताएगा लेकिन सूचना विभाग के अफसर आजादी के 70 साल बाद भी ‘फूट डालो राज करो’ की अंग्रेजों की नीति को शायद छोड़ नहीं पाए हैं, इसलिए उनके द्वारा कुछ समाचार पत्रों को स्वतंत्रता दिवस का विज्ञापन जारी कर दिया गया और कुछ को नजर अंदाज कर दिया गया।
मुख्यमंत्री जी, समाजवादी पार्टी के मुखिया और अन्य बड़े नेता हमेशा ही इस वर्ग के समाचार पत्रों को साथ लेकर चलते रहे हैं। आप इनके साथ अपने शासन काल में न्याय क्यों नहीं कर पा रहे हैं या आपकी मंशा के अनुकूल कुछ अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं। जो भी हो आजादी के 70 साल बाद शायद पहली बार ऐसा हुआ है कि प्रदेश सरकार ने कुछ अखबारों को विज्ञापन जारी किया और बाकी को दोहरी नीति अपनाते हुए छोड़ दिया। ऐसा क्यों हुआ? यह तो सीएम साहब आप ही देख सकते हैं और किसने किया इसका जवाब तलब भी आपके या प्रदेश के चीफ सेकेटरी के स्तर से हो सकता है? लेकिन यह कहने में मुझे केाई हर्ज महसूस नहीं होता कि यह इस अन्याय पूर्ण कार्यवाही से यूपी सरकार की छवि लघु समाचार पत्र संचालकों में सूचना विभाग के अधिकारियों द्वारा खराब करने की कोशिश की गई है, क्योंकि यह समाचार पत्र गली मोहल्लो व गांव देहातों के मतदाताओं में भले ही उनकी प्रसार संख्या कुछ कम हो मगर अपनी पकड़ तो रखते ही हैं और उन्हें अधिकारियों ने नजरअंदाज कर अनकहे रूप से शायद यह प्रयास किया है कि वो सपा के खिलाफ महौल तैयार करें।
मुख्यमंत्री जी लेकिन आपकी छवि और कार्यप्रणाली से सब अवगत है। इसलिए चाहते हुए भी आपका विरोध किया जाना संभव नहीं है क्योंकि आप जब भी मिलते हैं तो सबसे हाल चाल पूछने के बाद समस्या जानने की कोशिश करते हैं और फिर उसे दूर करने का प्रयास भी आपके द्वारा किया जाता है। मगर आपके सूचना विभाग के अधिकारियों का यह कदम सरकार हित का नहीं है यह बात विश्वास के साथ कही जा सकती है।
ऑल इंडिया न्यूज पेपर एसोसिएशन आईना राष्ट्रीय पर्व पर दोहरी नीति विज्ञापन वितरण में अपनाने वाले अधिकारियों के इस प्रयास की खुले शब्दों में निंदा करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और चीफ सेकेटरी दीपक सिंघल से इस मामले का संज्ञान लेकर शासन और सरकार के हित में तथा लघु एवं मध्यम समाचार पत्र संचालकों को इंसाफ दिलाने हेतु शीघ्र कदम उठाने की मांग करती है।
(लेखक ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और ये उनके निजी विचार हैं)
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