होम / विचार मंच / ट्रंप से कहूंगा कि वे हमारे नरेंद्र मोदी को गुरु धारण करें: डॉ. वैदिक

ट्रंप से कहूंगा कि वे हमारे नरेंद्र मोदी को गुरु धारण करें: डॉ. वैदिक

डॉ. वेदप्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार ।। मोदी को गुरु धारण करें ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बने महिना भर भी नहीं हुआ और सारी दुनिया में उनकी थू-थू हो रही

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

डॉ. वेदप्रताप वैदिक

वरिष्ठ पत्रकार ।।

मोदी को गुरु धारण करें ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बने महिना भर भी नहीं हुआ और सारी दुनिया में उनकी थू-थू हो रही है। अमेरिका और यूरोप में उनके विरुद्ध प्रदर्शन हो रहे हैं। उनके कानून मंत्रालय के बड़े अधिकारी इस्तीफे दे रहे हैं। उनकी मुस्लिमबंदी की घोषणा को प्रांतीय जजों ने अवैधानिक घोषित कर दिया है। संघीय अदालत ने इस फैसले पर रोक लगाने से मना कर दिया है। नतीजा यह है कि 60 हजार से भी ज्यादा जो वीज़ाधारी पिछले दो हफ्तों से अपने देशों में अटके पड़े थे, वे जल्दी से जल्दी उड़कर अमेरिका-प्रवेश करनेवाले हैं।

अमेरिका के कई विद्वानों और पत्रकारों का अनुमान है कि या तो ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलेगा या अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय उन्हें लगभग निष्क्रिय कर देगा या फिर ट्रंप के जीवन को भी खतरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में ट्रंप से मैं कहूंगा कि वे हमारे नरेंद्र मोदी को गुरु धारण करें। ट्रंप और मोदी में अदभुत समानताएं हैं लेकिन ढाई साल गुजर जाने के बावजूद मोदी से देश के लोगों का मोहभंग नहीं हुआ है।

यह ठीक है कि मोदी की सभाएं अब छोटी होने लगी हैं और श्रोताओं में पहले-जैसा जोश नहीं दिखाई देता लेकिन मोदी के विरुद्ध चलाए गए सभी अभियान पटकनी खा गए हैं। आखिर क्यों, यह रहस्य यदि ट्रंप समझ लें तो वे अपने चार साल आसानी से काट सकेंगे और अमेरिकी जनता ठगी की ठगी रह जाएगी।

ट्रंप ने अपने शपथ-भाषण में अमेरिका के सभी राष्ट्रपतियों और दलों की निंदा की, जैसे कि मोदी ने उससे आगे बढ़कर कांग्रेसमुक्त भारत का नारा दिया। लेकिन मोदी ने यह नारा चलताऊ सभाओं में दिया। अपने किसी औपचारिक भाषण में नहीं दिया। ट्रंप ने अपनी बात से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों को नाराज कर दिया। ऐसी ध्वनि निकाली कि अब जो राष्ट्रपति आया है, वह वाशिंगटन, जेफरसन, लिंकन और रुज़बेल्ट से भी बड़ा है।

मोदी ने पहले दिन अपने आप को जनता का ‘प्रधान सेवक’ बताया। इसके अलावा ट्रंप ने पड़ौसी देश मेक्सिको और कनाडा को पहले दिन ही हड़काया। मोदी ने अपनी शपथ-विधि में पड़ौसी देशों के प्रधानमंत्रियों को बुलाकर इतिहास रचाया लेकिन ट्रंप की तरह भावावेश में बहकर नेपाल और पाकिस्तान से अपने संबंध खराब कर लिये। ट्रंप और मोदी की विदेश नीति की समझ लगभग एक-जैसी है। दोनों नौसिखिए हैं लेकिन मोदी की खूबी यह है कि पाकिस्तान के खिलाफ फर्जीकल स्ट्राइक (सर्जिकल) करके और नेपाली प्रधानमंत्रियों से दिल्ली के चक्कर लगवाकर देश की भोली जनता में अपने नंबर बढ़ा लिये।

विदेशों में जन-सभाएं करके जबर्दस्त छवि निर्माण भी कर लिया। अगर ट्रंप ने नोटबंदी-जैसा गच्चा खाया होता तो अमेरिकी कांग्रेस उन्हें निकाल बाहर करती लेकिन मोदी हैं कि वे अपने फटे बांस की बांसुरी बजाए जा रहे हैं और लोग उसे सुन भी रहे हैं। संवैधानिक दृष्टि से मोदी को हटाना आसान है और ट्रंप को हटाना कठिन लेकिन मोदी अपनी कुर्सी में मजबूत हैं जबकि ट्रंप अभी से हिलने लगे हैं। मोदी जैसे प्रधानमंत्री कम, प्रचारमंत्री ज्यादा है वैसे ही ट्रंप को भी राष्ट्रपति कम, प्रचारपति ज्यादा बनना होगा।

(साभार: नया इंडिया)

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या पाकिस्तान अफगानिस्तान को हरा पाएगा: रजत शर्मा

तालिबान ने कहा कि उसके हमले में 55 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, इनमें से 23 सैनिकों की लाशें भी अफगान लड़ाके अपने साथ अफगानिस्तान ले गए।

2 days ago

2028 तक AI से बाज़ार में बर्बादी? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

अमेरिका में 100 में से 10 लोग जो white collar jobs करते हैं वो कुल खपत का 50% खर्च करते हैं। उदाहरण दिया गया है कि डेटा सेंटर में काम कर रहे एजेंट काम तो करेंगे लेकिन वो खर्च नहीं करेंगे।

3 days ago

वंदे मातरम् के खंडित स्वरूप पर सवाल : अनंत विजय

किसी कविता या गीत को खंडित करने का अधिकार रचनाकार के अलावा किसी अन्य को है? रचनात्मक संवेदना का सर्जनात्मक स्वतंत्रता की बात करनेवालों ने एक कृति को खंडित कर दिया।

3 days ago

शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता की जिम्मेदारी किसकी: आलोक मेहता

मुख्य प्रश्न यही है, क्या इन गड़बड़ियों के लिए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, या फिर मंत्रालय और उसके नेतृत्व को अपनी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए?

3 days ago

PM मोदी की इजराइल यात्रा से किसे मिर्ची लगी: रजत शर्मा

दोनों देशों ने 27 समझौतों पर दस्तखत किए। दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स और क्वांटम कंप्यूटिंग में नई टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे, आपसी सहयोग बढ़ाएंगे।

5 days ago


बड़ी खबरें

BSE व NSE ने इस मामले में 'बालाजी टेलीफिल्म्स' पर लगाया जुर्माना

टीवी और फिल्म प्रोडक्शन कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स (Balaji Telefilms Limited) पर स्टॉक एक्सचेंज ने जुर्माना लगाया है।

2 days ago

शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई YAAP Digital Limited

डिजिटल मार्केटिंग कंपनी YAAP Digital Limited ने शेयर बाजार में अपना डेब्यू कर लिया है। कंपनी NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई है और इस प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने वाली यह 717वीं कंपनी बन गई है।

15 hours ago

न्यूज एंकर जया कौशिक ने NDTV छोड़ शुरू किया अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म

जानी-मानी पत्रकार जया कौशिक ने पत्रकारिता के 21 साल पूरे होने पर एक बड़ा फैसला लिया है।

3 days ago

दैनिक भास्कर समूह में नौकरी का मौका, इस पद के लिए निकली वैकेंसी

यदि आप पत्रकार हैं और मीडिया के फील्ड में नई नौकरी की तलाश में हैं तो यह मौका आपके लिए है।

15 hours ago

भारत एक्सप्रेस की तीसरी वर्षगांठ पर दिल्ली में मेगा कॉन्क्लेव 9 मार्च को

‘विकसित भारत 2047: नए भारत की बात’ थीम के साथ होने वाला यह कार्यक्रम देश के भविष्य और विकास की दिशा पर केंद्रित रहेगा।

15 hours ago