होम / विचार मंच / वरिष्ठ पत्रकार निर्मलेंदु का बड़ा सवाल- क्या एक महीने तक बैंकें लगातार खुली नहीं रह सकतीं?

वरिष्ठ पत्रकार निर्मलेंदु का बड़ा सवाल- क्या एक महीने तक बैंकें लगातार खुली नहीं रह सकतीं?

निर्मलेंदु कार्यकारी संपादक, राष्ट्रीय उजाला ।। पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा कि वे जनता के सेवक हैं। सवाल यह उठता है कि यदि वे सचमुच सेवक हैं, तो

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

निर्मलेंदु

कार्यकारी संपादक,

राष्ट्रीय उजाला ।।

पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा कि वे जनता के सेवक हैं। सवाल यह उठता है कि यदि वे सचमुच सेवक हैं, तो जनता को हो रही परेशानी देखकर वह इंतजामात सही क्यों नहीं करते? बीच-बीच में दो दिनों तक बैंक क्यों बंद रहता है। क्या एक महीने तक बैंकें लगातार खुली नहीं रह सकतीं। प्राइवेट उद्योग को कैश देने की अनुमति न देकर बैंकों को और ज्यादा सक्रिय क्यों नहीं किया जा रहा है। विरोधियों ने बंद का आह्वान किया है। कुछ साथ दे रहे हैं, तो कुछ पार्टियों ने साथ न देना ही समझदारी समझी, लेकिन मुझे यह समझ नहीं आता कि क्या बंद किसी भी समस्या का समाधान है? केंद्र सरकार भी लोगों को परेशान कर रही है और अब दूसरी पार्टियां भी जनता को ही परेशान कर रही हैं। तो सवाल यह उठता है कि केंद्र और दूसरी पार्टियों में अंतर क्या है?

नोटबंदी से रोजी-रोटी का संकट शुरू हो गया है। कहीं भूख, कहीं लाचारी, तो कहीं घर में चूल्हे नहीं जल रहे हैं। कैश नहीं। बाजार ठप। ट्रांस्पोर्ट सिस्टम ठप। किसान रो रहे हैं, तो गरीब परेशान हो रहे हैं।

नोटबदी में सूरत के कपड़ा कारोबार में हर दिन 75 से 100 करोड़ का नुकसान हुआ है, तो वहीं दूसरी ओर दिवाली से मिले शादियों के ऑर्डर रद्द हो गए। रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जल्द दूर हो जाएंगी दिक्कतें, तो वहीं पीएम नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि हम भ्रष्टाचार, कालाधन बंद कर रहे हैं, तो विरोधी भारत बंद। एक सच यह भी है कि बैंकिंग व्यवस्था में झोल बढ़ा रहा है नकदी का संकट। बैंक की शाखाओं में समय से पहले समाप्त हो रही है नकदी। एक सच यह भी है कि सीमित शाखाओं को ही मिल रहे हैं 500 के नए नोट।

कहीं नोटबंदी से टूट गया दहेज का सपना, तो कहीं नए नोटों में नकल का डर सताने लगा है। कहीं नोटबंदी से बाजारों में पसरा सन्नाटा, तो कहीं कैश बरामदगी में गड़बड़ी का आरोप। बिग बाजार बना मिनी एटीम सेंटर। किसी ने कहा तुगलकी फरमान, तो किसी ने कहा कि काले धन को सफेद करने की कोशिशें जारी हैं। जनता पिस रही है, मजदूरों की मजदूरी बंद हो गई है। देश लाइन में लगा है। पैसे न मिलने के कारण कहीं बैंक के बाहर हंगामा, तो कहीं मारपीट। संजय राउत कहते हैं कि एटीएम बंद और बैंक में पैसे नहीं हैं।

कहीं मारपीट, तो कहीं लाठीचार्ज। ज्यादातर बैंकों के पास पैसे नहीं हैं। हालात सामान्य नहीं। कुछ बैंकों को छोड़कर पांच सौ के नोट ज्यादातर बैंकों में नहीं पहुंचे। नोटबंदी के साइड इफेक्ट। रोटी कपड़ा, मकान की जुगाड़ में लगी जनता परेशान। एक शख्स ने बताया, अपरिपक्व, अव्यवस्था, असफल और गलत डिजिशन। इस लाइन से कब छुटकारा मिलेगा? एक राजा का यह कर्तव्य है कि वह प्रजा की रक्षा करे, लेकिन नोटबंदी प्रकरण में बिना कारण प्रजा को दंड दिया जा रहा है।

जिसने अन्यायपूर्वक धन इक्ट्ठा किया है और अकड़ कर सदा सिर को उठाए रखा है, ऐसे लोगों से सदा दूर रहना ही बेहतर है। लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि यहां काला धन रखनेवालों के साथ ही साथ गरीब जनता को भी परेशान किया जा रहा है। एक कहावत है कि अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करे, तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा, ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है, और इससे जितना जल्दी छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है। मोदी जी ने इस बुराई के ढेर से निजात दिलाने के लिए नोटबंदी के रूप में जो ब्रह्मास्त्र छोड़ा है, उसका असर हमें बाद में देखने को मिलेगा।

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

बिहार में नीतीश युग का अंत हुआ: रजत शर्मा

ऐसी असमानता राजनीति में कम देखने को मिलती है। इसीलिए नीतीश कुमार का पटना से दिल्ली जाना बिहार में एक बड़ी शून्यता पैदा करेगा। उनकी जगह लेना किसी के लिए भी बड़ी चुनौती होगी।

16 hours ago

क्या पाकिस्तान अफगानिस्तान को हरा पाएगा: रजत शर्मा

तालिबान ने कहा कि उसके हमले में 55 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, इनमें से 23 सैनिकों की लाशें भी अफगान लड़ाके अपने साथ अफगानिस्तान ले गए।

4 days ago

2028 तक AI से बाज़ार में बर्बादी? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

अमेरिका में 100 में से 10 लोग जो white collar jobs करते हैं वो कुल खपत का 50% खर्च करते हैं। उदाहरण दिया गया है कि डेटा सेंटर में काम कर रहे एजेंट काम तो करेंगे लेकिन वो खर्च नहीं करेंगे।

5 days ago

वंदे मातरम् के खंडित स्वरूप पर सवाल : अनंत विजय

किसी कविता या गीत को खंडित करने का अधिकार रचनाकार के अलावा किसी अन्य को है? रचनात्मक संवेदना का सर्जनात्मक स्वतंत्रता की बात करनेवालों ने एक कृति को खंडित कर दिया।

5 days ago

शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता की जिम्मेदारी किसकी: आलोक मेहता

मुख्य प्रश्न यही है, क्या इन गड़बड़ियों के लिए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, या फिर मंत्रालय और उसके नेतृत्व को अपनी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए?

5 days ago


बड़ी खबरें

सन टीवी नेटवर्क का बड़ा फैसला, शेयरधारकों के लिए इंटरिम डिविडेंड का किया ऐलान

मीडिया कंपनी सन टीवी नेटवर्क ने अपने शेयरधारकों के लिए इंटरिम डिविडेंड (लाभांश) देने का ऐलान किया है।

14 hours ago

पीएम 9 मार्च को पोस्ट बजट वेबिनार को करेंगे संबोधित, AVGC-क्रिएटर इकोनॉमी पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मार्च को बजट के बाद आयोजित एक खास वेबिनार को संबोधित करेंगे।

13 hours ago

जर्मन मीडिया कंपनी Axel Springer खरीदेगी 'टेलीग्राफ मीडिया ग्रुप', £575 मिलियन में हुई डील

जर्मनी की बड़ी मीडिया कंपनी एक्सल स्प्रिंगर (Axel Springer) ने ब्रिटेन के मशहूर अखबार समूह Telegraph Media Group (TMG) को खरीदने का समझौता कर लिया है।

13 hours ago

जन्मदिन विशेष: मीडिया इंडस्ट्री के बदलावों के बीच मजबूत पहचान बना चुके हैं विकास खनचंदानी

मीडिया इंडस्ट्री जिस तेजी से बदल रही है, उसमें बहुत कम ऐसे लीडर हैं जिन्होंने इन बदलावों को उतनी साफ रणनीति और लचीलापन के साथ संभाला है जितना विकास खनचंदानी ने किया है।

5 hours ago

जन्मदिन विशेष: रणनीतिक सोच व दमदार ब्रैंडिंग है शुभ्रांशु सिंह की खास पहचान

आज जन्मदिन के मौके पर शुभ्रांशु सिंह को एक अनुभवी मार्केटिंग लीडर के रूप में याद किया जा रहा है। उन्हें ब्रैंड व मार्केटिंग इकोसिस्टम की तेज रणनीतिक सोच रखने वाली प्रमुख आवाजों में गिना जाता है।

13 hours ago