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IIMC: एक उत्साही महानिदेशक का यादगार कार्यकाल
देश में पत्रकारिता के सर्वोच्च संस्थान का महानिदेशक एक वरिष्ठ पत्रकार हो तो सभी की...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
विष्णुप्रिया पांडेय।।
विद्यार्थियों में ख़ासे लोकप्रिय केजी सुरेश को भाषायी पत्रकारिता जैसे कि मलयालम,मराठी और उर्दू पत्रकारिता में परास्नातक डिप्लोमा प्रारम्भ करने का श्रेय तो जाता ही है, साथ ही पुराने पाठ्यक्रम में आग्युमेंटेड रियलिटी, ड्रोन जर्नलिज्म, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स आदि के समावेश का श्रेय भी जाता है। तेजी से बदलती हुई दुनिया के साथ संस्थान अपना संतुलन बनाये रख सके, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने न्यू मीडिया विभाग की शुरुआत की। पूरे देश में मीडिया शिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय संचार संकाय विकास केंद्र की स्थापना की और इन्हीं के प्रयासों से प्रेरित होकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मुंबई में देश के प्रथम नेशनल सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स गेमिंग एन्ड कॉमिक्स के निर्माण की मंजूरी दी I इन्हीं के प्रयासों से न सिर्फ केरल के कोट्टायम और मिज़ोरम के आइज़ोल में स्थायी परिसर का निर्माण संभव हुआ, बल्कि जम्मू के स्थाई परिसर की नींव भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में डाली गई!
केजी सुरेश ने यूनिसेफ, थॉमस रॉयटर्स फाउंडेशन और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर पब्लिक हेल्थ में क्रिटिकल एप्रेज़ल स्किल्स कार्यक्रम की शुरुआत की और साथ ही इस क्षेत्र में काम कर रहे पत्रकारों को ध्यान में रखते हुए इसी विषय पर एक ऑनलाइन कोर्स की शुरुआत भी की। इसके अलावा उन्होंने सामुदायिक रेडियो सशक्तिकरण और संसाधन केंद्र की स्थापना द्वारा देश भर के सामुदायिक रेडियो को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कियाI इनके कार्यकाल में आईआईएमसी ने न सिर्फ भाषायी पत्रकारिता और प्रशिक्षण में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया, बल्कि सत्रहवें साइंस कम्युनिकेशन कांग्रेस का आयोजन भी किया। इसके अलावा 15वीं एशिया मीडिया समिट के आयोजन में भी संस्थान सहयोगी रहा।
‘कम्युनिकटर’ और ‘संचार माध्यम’ नामक दो क्रमशः अंग्रेजी और हिंदी के जर्नल्स की पुनः शुरुआत भी केजी सुरेश ने की I ऍफ़टीआईआई के सहयोग से डिजिटल सिनमेटोग्राफी, स्क्रीन प्ले राइटिंग और एक्टिंग में शॉर्ट कोर्स की शुरुआत इनके कार्यकाल की एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही। केजी सुरेश एक लोकप्रिय महानिदेशक के रूप में याद किये जाएंगे, जिन्होंने संस्थान को नई ऊंचाइयां दीं और परिसर में लोकतान्त्रिक माहौल को बढ़ावा दिया। कर्मचारियों, विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने जैसी अश्रुपूरित विदाई उन्हें दी, इससे यह बात तो तय हो जाती है कि वह वाकई ‘पीपल्स डीजी’ थेI
टैग्स केजी सुरेश इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन भारतीय जनसंचार संस्थान विष्णुप्रिया पांडेय