होम / विचार मंच / 'साहित्य आजतक': किस्सागोई करते टीवी पत्रकार पीयूष पांडे को याद आया वो रेड लाइट एरिया...

'साहित्य आजतक': किस्सागोई करते टीवी पत्रकार पीयूष पांडे को याद आया वो रेड लाइट एरिया...

पीयूष पांडे ।। दो दिन तक चले ‘साहित्य आजतक’ में कई नामचीन लोगों ने शिरकत की। इनमें एक नाम, जो चीन होने की फिराक में है, वो इस खाकसार का भी है। कमबख्त इत्ते नामचीन पहले से हैं कि मंच पर अपन को जगह नहीं मिली। घर की मुर्गी होना भी बड़ी वजह है। खैर, लल्लनटॉप के टीले प

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

पीयूष पांडे ।।

दो दिन तक चले ‘साहित्य आजतक’ में कई नामचीन लोगों ने शिरकत की। इनमें एक नाम, जो चीन होने की फिराक में है, वो इस खाकसार का भी है। कमबख्त इत्ते नामचीन पहले से हैं कि मंच पर अपन को जगह नहीं मिली। घर की मुर्गी होना भी बड़ी वजह है। खैर, लल्लनटॉप के टीले पर अपन ने भी किस्सा सुनाया।

किस्सा कुछ यूं है-

किस्सा हमारे एक दूर के दोस्त का है (कृपया निकट दोस्त कतई न माने, वरना हमारे चरित्र को लेकर संकट खड़ा हो सकता है)

दोस्त का नाम है-मिंटू। आगरा में एक जगह है- सेब का बाज़ार। इस बाज़ार से गुजर चुके लोग जानते हैं कि ये पुराना बाज़ार वास्तव में रेड लाइट एरिया है। ऊपर कोठे-नीचे बाज़ार।

हमारे मित्र मिंटू को एक बार रेड लाइट एरिया में जाकर तफरी करने की इच्छा हुई। मन अकुलाया तो जनाब ने मन की बात अपने एक सखा से कही। सखा-खाया पीया आदमी था। स्कूल-कॉलेज में टीचरों ने भले कभी न पहचाना हो। रेड लाइट एरिया की सुंदरियां भाई को नाम से जानती थीं। इन जनाब ने मिंटू की व्यथा सुनी तो फौरन दर्द दूर करने का बीड़ा उठा लिया।

दो दिन बाद जनाब मिंटू को लेकर सेब का बाज़ार जा पहुंचे। पता-ठिकाना पहले से तय था-लिहाजा भाई मिंटू के साथ सीधे तय सुंदरी के कोठे पर जा पहुंचे। खेले-खाए भाई साहब तो बिना वक्त गंवाए सीढियां चढ़कर कोठे तक जा पहुंचे, लेकिन नीचे खड़े मिंटू को पहली बार फूंक सरकने वाले मुहावरे का मतलब समझ आया। फूंक जहां-जहां से सरक सकती थी, वो बिन बताए सरक गई। मिंटू ने अपने बाप से बिना पूछे बाग का फूल तक तो तोड़ा नहीं था, कोठे का फूल कैसे सूंघता? मिंटू डर के मारे सहम गया। पसीना आ गया। पसीने के बाद और भी कुछ-कुछ आने लगा। लेकिन, भाई साहब ने ऊपर से फिर चिल्लाया-मिंटू ऊपर आ। मिंटू पसीने में तर्र हो गया तो फिर आवाज़ आई-मिंटू ऊपर आ। इसके बाद- भाई फिर चिल्लाया-मिंटू ऊपर आता है या मैं नीचे आकर पकड़ ले जाऊं। भाई के नीचे आने की बात सुनकर मिंटू को ऐसा करंट लगा कि उसने बिना वक्त गंवाए अपना स्कूटर उठाया और रफूचक्कर हो गया।

लेकिन, किस्सा यहां खत्म नहीं होता। किस्सा यहां से शुरू होता है। किस्मत को अजीब खेल मिंटू के साथ ही खेलना था। इस हादसे को मिंटू भूला भी नहीं था कि अचानक दो दिन बाद मिंटू को अपने बाप के साथ सेब के बाज़ार से गुजरना पड़ा। स्कूटर के पीछे बैठे मिंटू का दिल धक धक करने लगा। लेकिन, यह क्या? मिंटू के पिता ने स्कूटर रोक दिया। लेकिन, किस्मत का खेल देखिए-स्कूटर उस पान की दुकान पर रोका-जो उसी कोठे के सामने था-जहां दो दिन पहले मिंटू के साथ एक हादसा होते होते बचा था।

मिंटू आंख छुपाए वहां खड़ा ही था कि एक आवाज़ ने मिंटू के पैरों से ज़मीन सरका दी थी। आवाज़ आई-मिंटू ऊपर आ.....। फिर आवाज़ गूंजी-मिंटू ऊपर आ। ऊपर देखा तो एक छैल-छबीली सुंदरी ने मिंटू को आंख मारते हुए कहा-मिंटू ऊपर आता है या मैं नीचे आऊं।

ये सुनकर मिंटू कुछ सोचता या करता-इससे पहले ही मिंटू के बाप ने अपनी चप्पल उतारी और मिंटू की धुनाई शुरू कर दी। लोगों ने बचाने की कोशिश करी तो मिंटू के बाप ने कहा, इस नालायक को साली ये लौंडिया तक पहचानती हैं। फिर क्या था- मिंटू पर इतनी चप्पलें बरसीं कि आज भी कोई अगर "मिंटू आ" कहता है तो वो सिहर उठता है। पुरवइया हवा उसके बदन में आज भी दर्द भरती हैं।

अब-यह किस्सा वास्तव में मिंटू के दुर्भाग्य की कहानी है- लेकिन शायद एक सीख भी कि अगर हिम्मत न हो तो गलत काम करने की बात तो दूर-उसकी राह में एक कदम बढ़ाना भी आफ़त मोल लेना है।

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

बिहार में नीतीश युग का अंत हुआ: रजत शर्मा

ऐसी असमानता राजनीति में कम देखने को मिलती है। इसीलिए नीतीश कुमार का पटना से दिल्ली जाना बिहार में एक बड़ी शून्यता पैदा करेगा। उनकी जगह लेना किसी के लिए भी बड़ी चुनौती होगी।

23 hours ago

क्या पाकिस्तान अफगानिस्तान को हरा पाएगा: रजत शर्मा

तालिबान ने कहा कि उसके हमले में 55 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, इनमें से 23 सैनिकों की लाशें भी अफगान लड़ाके अपने साथ अफगानिस्तान ले गए।

4 days ago

2028 तक AI से बाज़ार में बर्बादी? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

अमेरिका में 100 में से 10 लोग जो white collar jobs करते हैं वो कुल खपत का 50% खर्च करते हैं। उदाहरण दिया गया है कि डेटा सेंटर में काम कर रहे एजेंट काम तो करेंगे लेकिन वो खर्च नहीं करेंगे।

5 days ago

वंदे मातरम् के खंडित स्वरूप पर सवाल : अनंत विजय

किसी कविता या गीत को खंडित करने का अधिकार रचनाकार के अलावा किसी अन्य को है? रचनात्मक संवेदना का सर्जनात्मक स्वतंत्रता की बात करनेवालों ने एक कृति को खंडित कर दिया।

5 days ago

शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता की जिम्मेदारी किसकी: आलोक मेहता

मुख्य प्रश्न यही है, क्या इन गड़बड़ियों के लिए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, या फिर मंत्रालय और उसके नेतृत्व को अपनी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए?

5 days ago


बड़ी खबरें

सन टीवी नेटवर्क का बड़ा फैसला, शेयरधारकों के लिए इंटरिम डिविडेंड का किया ऐलान

मीडिया कंपनी सन टीवी नेटवर्क ने अपने शेयरधारकों के लिए इंटरिम डिविडेंड (लाभांश) देने का ऐलान किया है।

20 hours ago

पीएम 9 मार्च को पोस्ट बजट वेबिनार को करेंगे संबोधित, AVGC-क्रिएटर इकोनॉमी पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मार्च को बजट के बाद आयोजित एक खास वेबिनार को संबोधित करेंगे।

19 hours ago

जर्मन मीडिया कंपनी Axel Springer खरीदेगी 'टेलीग्राफ मीडिया ग्रुप', £575 मिलियन में हुई डील

जर्मनी की बड़ी मीडिया कंपनी एक्सल स्प्रिंगर (Axel Springer) ने ब्रिटेन के मशहूर अखबार समूह Telegraph Media Group (TMG) को खरीदने का समझौता कर लिया है।

20 hours ago

जन्मदिन विशेष: मीडिया इंडस्ट्री के बदलावों के बीच मजबूत पहचान बना चुके हैं विकास खनचंदानी

मीडिया इंडस्ट्री जिस तेजी से बदल रही है, उसमें बहुत कम ऐसे लीडर हैं जिन्होंने इन बदलावों को उतनी साफ रणनीति और लचीलापन के साथ संभाला है जितना विकास खनचंदानी ने किया है।

11 hours ago

जन्मदिन विशेष: रणनीतिक सोच व दमदार ब्रैंडिंग है शुभ्रांशु सिंह की खास पहचान

आज जन्मदिन के मौके पर शुभ्रांशु सिंह को एक अनुभवी मार्केटिंग लीडर के रूप में याद किया जा रहा है। उन्हें ब्रैंड व मार्केटिंग इकोसिस्टम की तेज रणनीतिक सोच रखने वाली प्रमुख आवाजों में गिना जाता है।

19 hours ago