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भारत विकसित देश कब बनेगा? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'
UN और वर्ल्ड बैंक उन देशों को अभी विकसित देश मानता है जिनकी आमदनी 13 हजार डॉलर प्रति व्यक्ति है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
मिलिंद खांडेकर, मैनेजिंग एडिटर, तक चैनल्स, टीवी टुडे नेटवर्क।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 15 अगस्त को कहा कि 2047 में भारत विकसित देश बन जाएगा। भारत अभी विकासशील देश है। अभी हमारी प्रति व्यक्ति आय 2500 डॉलर है यानी करीब दो लाख रुपये। SBI रिसर्च ने अनुमान लगाया है कि 2047 में हमारी प्रति व्यक्ति आय करीब 13 हजार डॉलर हो जाएगी यानी करीब 15 लाख रुपये। UN और वर्ल्ड बैंक उन देशों को अभी विकसित देश मानता है जिनकी आमदनी 13 हजार डॉलर प्रति व्यक्ति है। दुनिया में ऐसे 80 देश है।
फ्रांस के जनसंख्या विशेषज्ञ अल्फ्रेड सॉवी ने 1952 में दुनिया को तीन हिस्सों में बांटा था। पहली दुनिया में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी यूरोप के देश आते हैं जहां लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं मिली हुई हैं, अच्छी आमदनी के कारण समृद्धि रही है। दूसरी दुनिया में तब के सोवियत संघ और पूर्वी यूरोप में उसके सहयोगी देशों को रखा गया था। अमेरिका के साथ कोल्ड वॉर में जो देश सोवियत संघ से जुड़े हुए थे वो यहां रखे गए थे। ये हालांकि अब प्रासंगिक नहीं रह गया है।
तीसरी दुनिया में भारत जैसे देश थे जो कभी ब्रिटेन या अन्य यूरोपीय देशों के गुलाम रहें। हमारे यहां बुनियादी सुविधाओं की कमी अब भी है। हमारी प्रति व्यक्ति आय भी कम है। हम अगले पांच साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तो बन जाएंगे। अभी हम पांचवें नंबर पर हैं, लेकिन प्रति व्यक्ति आय में हमारी रैंक 141वें नंबर पर है। 2013-14 में रैंक 147 थीं। हम बांग्लादेश और श्रीलंका से भी नीचे है। इसका मतलब है कि इन देशों के लोगों की औसत आमदनी हमारे लोगों से ज्यादा है। हालांकि बांग्लादेश की मुश्किलें देखते हुए भारत उससे प्रति व्यक्ति आय में जल्द आगे निकल सकता है।
वर्ल्ड बैंक ने प्रति व्यक्ति आय के आधार पर देशों को चार हिस्सों में बांटा है।
हाइ इनकम देश (13 हजार डॉलर से ज्यादा) अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देश विकसित की श्रेणी में रखे गए हैं।
अपर मिडिल इनकम देश (4000-13 हजार डॉलर) चीन, ब्राजील जैसे देश इस श्रेणी में है।
लोअर मिडिल इनकम देश (1000-4000 डॉलर) भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देश इस श्रेणी में है।
लो इनकम (1000 डॉलर से नीचे) अफगानिस्तान जैसे देश इस श्रेणी में है।
वर्ल्ड बैंक और UN के मुताबिक 80 देशों की प्रति व्यक्ति आय 13 हजार डॉलर से ज्यादा है, इनमें से 35 देश ही विकसित माने गए हैं। बाकी देशों को Economy in Transition माना गया है। इसमें रुस, यूक्रेन जैसे देश शामिल हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि चीन अब भी भारत की तरह विकासशील देश माना जाता है जबकि उसकी अर्थव्यवस्था दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी है। आमदनी में असमानता, Human Development Index ( HDI) में रैंकिंग जैसे फैक्टर भी जोड़े जाते हैं।
भारत में पिछले दस साल में स्थिति बदली है। प्रति व्यक्ति आय दो गुना हो गई है। 2014 में 87 हज़ार रुपये थी और अब करीब 2 लाख रुपये। SBI रिपोर्ट ने इनकम टैक्स रिटर्न के आधार पर अनुमान लगाया है कि मिडिल क्लास की औसत आय चार गुना हो गई है। 2014 में उनकी आय 4.4 लाख रुपये थी अब 13 लाख रुपये हो गई है।
ये आंकड़ा इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले लोगों की कुल आय के आधार पर निकाला गया है। 2014 में इनकम टैक्स रिटर्न 2 करोड़ लोगों ने फ़ाइल किया था और अब 8 करोड़ लोगों ने। रिटर्न फाइल करने का मतलब ये नहीं है कि लोग टैक्स दे रहे हैं। जीरो रिटर्न भरने वालों का आंकड़ा हालांकि घट रहा है। 2014 में 100 में से 84 लोग रिटर्न तो भरते थे लेकिन टैक्स नहीं देते थे। 2023 में अब ये संख्या घटकर 63 हो गई है यानी ज्यादा लोग टैक्स भर रहे हैं।
टैक्स रिटर्न की संख्या और औसत आमदनी दोनों में 2019 के बाद उछाल देखने को मिला है। इसके दो कारण है। नोट बंदी और GST से सख़्ती बढ़ीं। लोग रिटर्न भरने और अपनी असली आय बताने के लिए मजबूर हुए हैं। SBI की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत की प्रति व्यक्ति आय 2047 में 13 हजार डॉलर के आसपास हो जाएगी जो विकसित देशों का मापने का पैमाना है। ये पैमाना वर्ल्ड बैंक ने 2018 में तय किया है, आगे चलकर ये पैमाना बदल सकता है। इतना तय है कि भारत आगे बढ़ रहा है।
(वरिष्ठ पत्रकार मिलिंद खांडेकर 'टीवी टुडे नेटवर्क' के 'तक चैनल्स' के मैनेजिंग एडिटर हैं और हर रविवार सोशल मीडिया पर उनका साप्ताहिक न्यूजलेटर 'हिसाब किताब' प्रकाशित होता है।)
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