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मोहम्मद शमी को कोसने वाले नहीं जानते इस्लाम : रजत शर्मा
किसी ने शमी से सवाल किया कि धर्म बड़ा या देश। किसी ने कहा कि शमी को हिन्दू इसीलिए पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें मज़हब से दूर रहने वाले मुसलमान पसंद है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 11 months ago
रजत शर्मा, इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल से पहले क्रिकेटर मोहम्मद शमी को कुछ कट्टरपंथी मौलानाओं ने टारगेट किया। शमी पर इस्लाम के नियम कायदों की तौहीन का इल्जाम लगाकर उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया। सोशल मीडिया पर शमी की एक फोटो वायरल की गई।
ये तस्वीर भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल की है जिसमें शमी मैदान में एनर्जी ड्रिंक पीते हुए दिख रहे हैं। इसी तस्वीर के आधार पर सोशल मीडिया पर शमी को ट्रोल किया गया। कई मौलानाओं और कट्टरपंथियों ने कहना शुरू कर दिया कि रमजान के महीने में मोहम्मद शमी ने रोज़ा न रखकर बड़ा गुनाह किया है। किसी ने लिखा कि रमजान के वक्त खुलेआम एनर्जी ड्रिंक पीना रोज़े की तौहीन है।
किसी ने शमी से सवाल किया कि धर्म बड़ा या देश। किसी ने कहा कि शमी को हिन्दू इसीलिए पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें मज़हब से दूर रहने वाले मुसलमान पसंद है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने तो शमी को इस्लाम का गुनहगार ठहरा दिया। मौलाना बरेलवी ने कहा कि रोज़ा रखना हर मुसलमान के लिए जरूरी है, शमी ने दो गुनाह किए हैं, उन्होंने रोज़ा नहीं रखा और ग्राउंड पर पानी पीकर मुसलमानों को गलत पैगाम दिया, ये रोज़े की तौहीन है, उन्हें इसकी सज़ा भुगतनी पड़ेगी।
ऐसा लगता है कि आजकल क्रिकेट स्टार्स को निशाना बनाने का मौसम है। रोहित शर्मा के बाद अब मोहम्मद शमी का नंबर आ गया। शमी से ये पूछने वाले कि उन्होंने रमजान के दिनों में पानी क्यों पीया, रोजा क्यों नहीं रखा, ये भूल गए कि शमी टीम इंडिया के मेन स्ट्राइक बॉलर हैं, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया को हराने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। क्रिकेट मैदान में अगर वो एनर्जी ड्रिंक नहीं पिएंगे तो कैसे परफॉर्म करेंगे?
जो लोग मज़हब की आड़ में शमी को कोस रहे हैं, वो इस्लाम को नहीं जानते। जो मौलाना, शमी के खिलाफ फतवा जारी कर रहे हैं, शमी को सच्चा मुसलमान मानने से इनकार कर रहे हैं, असल में वो खुद सच्चे मुसलमान नहीं है।
बारह साल पहले साउथ अफ्रीका के प्लेयर हाशिम अमला से यही सवाल पूछा गया था कि उन्होंने मैच के दौरान रोज़ा क्यों नहीं रखा। तो अमला ने कहा था कि इस्लाम में जब हम ट्रैवल कर रहे होते हैं, तो फास्ट रखने की जरूरत नहीं होती, जब मैं घर जाऊंगा तो सारी कमी पूरी कर दूंगा।
मोहम्मद शमी को भी ऐसे मौलानाओं की बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। मुझे पूरा यकीन है कि रविवार को जब मैच होगा, जब मोहम्मद शमी मैदान में उतरेंगे तो न्यूजीलैंड को हराने में भारत को चैंपियन बनाने में उनकी बहुत बड़ी भूमिका होगी। पूरे देश को उनपर गर्व है और रहेगा।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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