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ऐसे कदम जेहादी ताकतों के हाथ मजबूत करते हैं : ब्रजेश कुमार सिंह
ऐसे तत्व मजबूत हुए, तो वो कल्तेआम करते समय ये नहीं देखेंगे कि आप किस पार्टी के हैं, किस जाति के हैं, किस राज्य के हैं, वो सिर्फ आपका धर्म देखकर मारेंगे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
ब्रजेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार, नेटवर्क 18 ग्रुप।
मुस्लिम वोट के लालच में कुछ राजनीतिक दल कितना नीचे गिर सकते हैं, इसका ताजा उदाहरण है पहलगाम की घटना। जिन बच्चों ने अपने पिता खोये, जिन महिलाओं ने अपने पति खोये, वो सब चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं कि धर्म जानकर हिंदुओं को मारा गया, वही ये नेता कह रहे हैं कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। हद है ! मुस्लिम वोट के सहारे अपनी सियासत चला रही पार्टियां तो पहलगाम की घटना में भी साजिश देख रही हैं।
कहां जेहादी सोच वाले आतंकियों की आलोचना करें, उसकी जगह दाल में कुछ काला है, ये नैरेटिव उभार रही हैं। और ये नया नहीं है, पहले भी उड़ी से लेकर पुलवामा तक इनका स्टैंड यही रहा है। शर्मनाक!! फिलिस्तीन- हमास के मुद्दे पर छाती पीटने और हाय- हाय करने वाली ये पार्टियां पहलगाम की चर्चा करने से भी बच रही हैं और कर भी रही हैं तो ध्यान ये कि गलती से भी वोट बैंक का नुकसान न हो जाए।
इस डर के मारे आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, ये गाना अब भी गा रही हैं, सच उल्टा होने के बावजूद! कहां जेहादी आतंकवाद और उसको शह देने वाले पाकिस्तान की आलोचना करें ये, उसकी जगह अपने बयानों से ये पार्टियां पाकिस्तान को ही मदद पहुंचा रही हैं। अपनी स्टेट पॉलिसी के तौर पर जेहाद और आतंकवाद को प्रोमोट करने वाला पाकिस्तान इनके बयानों को अपने हक में भरपूर इस्तेमाल कर रहा है।
धर्म के आधार पर बने पाकिस्तान ने अपने यहां से ज्यादातर हिंदुओं को भगा दिया। पाकिस्तान ही नहीं, बांग्लादेश में भी हिंदू आबादी लगातार कम हुई है, लेकिन उल्टे पाकिस्तान भारत पर मुस्लिम उत्पीड़न का आरोप लगाता है ऐसे नेताओं के बयान के सहारे, जबकि भारत में मुस्लिम आबादी लगातार बढ़ी है !
देशहित के उपर जब सिर्फ वोट के बारे में सोचा जाएगा तो ये परिस्थिति हालात को और बिगाडे़गी, जेहादी ताकतों के हाथ मजबूत करेगी। और ऐसे तत्व मजबूत हुए, तो वो कल्तेआम करते समय ये नहीं देखेंगे कि आप किस पार्टी के हैं, किस जाति के हैं, किस राज्य के हैं, वो सिर्फ आपका धर्म देखकर मारेंगे।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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