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पाकिस्तान को झटका, अमेरिका मध्यस्थता नहीं कर पायेगा: रजत शर्मा
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार को बताया कि भारत के लिए ये एक द्विपक्षीय मसला है। इसहाक़ डार ने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago
रजत शर्मा , इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।
पाकिस्तान ने मंगलवार को कबूल किया कि वो भारत के साथ बात करना चाहता है। पाकिस्तान ने माना कि वो एक बार फिर अमेरिका के सामने जाकर रोया लेकिन अमेरिका ने पाकिस्तान को बता दिया कि भारत किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार को बताया कि भारत के लिए ये एक द्विपक्षीय मसला है।
इसहाक़ डार ने अल जज़ीरा चैनल को दिए एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया।एक तरफ आतंकवादी भारत के खिलाफ ज़हर उगल रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ पाकिस्तान की सरकार भारत के साथ बातचीत के लिए बेकरार है, बार-बार भारत से बातचीत की टेबल पर आने की गुहार लगा रहा है। इसके लिए अमेरिका से मदद मांग रहा है।
भारत से बातचीत को लेकर इसहाक़ डार का ये बयान ऐसे वक़्त में आया है, जब पाकिस्तान में वज़ीर-ए-आज़म शहबाज़ शरीफ़ के अमेरिका दौरे की चर्चा है। शहबाज़ शरीफ़ संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के लिए न्यूयॉर्क जा रहे हैं। न्यूयॉर्क में शहबाज़ शरीफ़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मिलेंगे। दावा किया जा रहा है कि इस मीटिंग में पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर भी मौजूद रहेंगे। आसिम मुनीर पिछले तीन महीने में दो बार अमेरिका जा चुके हैं।
पता ये चला है कि पाकिस्तान अमेरिकी संसद में मानवाधिकार हनन के आरोप में पाकिस्तानी जनरलों और अधिकारियों पर sanctions लगाने के एक बिल को रुकवाना चाहता है। इसीलिए शहबाज़ और आसिम मुनीर पूरी शिद्दत से ट्रंप को ख़ुश करने में लगे हुए हैं।न्यूयॉर्क में ट्रंप और शहबाज़ शरीफ़ की मुलाक़ात के दौरान बलूचिस्तान की रेको डिक़ तांबा और सोने की खान पर डील भी हो सकती है।
रेको डिक़ को दुनिया की सबसे बड़ी तांबे की खान बताया जा रहा है। इसको डेवेलप करने में कनाडा, फिनलैंड, जापान और अमेरिका की कंपनियां लगी हैं। ट्रंप चाहते हैं कि पाकिस्तान इस खान में अमेरिका को भी हिस्सा दे।ये बात खुद ट्रंप बता चुके हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कश्मीर के मसले पर मध्यस्थता करने का प्रस्ताव दिया था। ट्रंप ने ये भी बताया था कि मोदी ने साफ इनकार कर दिया था।
ट्रंप ने कहा था कि 'Modi is a tough man'। मोदी ने कहा था कि, हम अपने मसलों को सुलझाने में सक्षम हैं। लेकिन पाकिस्तान बड़ी बेशर्मी से बार बार अमेरिका से गुहार लगाता है।अमेरिका पाकिस्तान को आजकल खुश रखना चाहता है। अलग-अलग लोग इसकी अलग-अलग वजह बताते हैं। कोई कहता है कि ट्रंप के परिवार ने पाकिस्तान के साथ बड़ी Crypto deal की है।
कोई कहता है कि अमेरिका की नजर पाकिस्तान की तांबे और सोने की खान पर है।कुछ दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि वो पाकिस्तान की जमीन से तेल निकालेंगे। हो सकता है ये सारी बातें ठीक हों, पर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कहीं न कहीं, कुछ न कुछ डील तो हुई है।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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