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Zee में बड़ी भूमिका निभाने को लेकर प्रदीप गुहा ने दिए थे ये टिप्स: आशीष सहगल
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज में ऐड रेवेन्यू टीम के चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सहगल ने भी गुहा के निधन पर शोक जताया और उन्हें याद करते हुए अपने विचार साझा किए
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
‘9एक्स मीडिया’(9X Media) के मैनेजिंग डायरेक्टर और ‘इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी’ (INS) के पूर्व प्रेजिडेंट प्रदीप गुहा के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज में ऐड रेवेन्यू टीम के चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सहगल ने भी गुहा के निधन पर शोक जताया और उन्हें याद करते हुए अपने विचार साझा किए-
प्रदीप गुहा के साथ मेरी हर मुलाकात हल्की-फुल्की रही है। मुझे याद है कि मैं उनसे जी (Zee) में अपने इंटरव्यू के दौरान पहली बार मिला था। वैसे वह एक मिलनसार लीडर थे। मेरे दोस्तों, तब उन्होंने मुझसे सिर्फ मेरे जीवन के अनुभव के बारे में पूछा था और वह भी सिर्फ उस खेल के बारे में जो मेरा प्रिय था। उन्होंने एक बार भी मेरे पिछले कार्यों के अनुभव या व्यावसायिक दृष्टिकोण के बारे में नहीं पूछा, बल्कि मुझे लगता है कि उन्होंने सिर्फ यह समझने का प्रयास किया कि आस-पास के लोगों के साथ मेरी बॉन्डिंग कैसी है और क्या मेरा व्यक्तित्व कंपनी के साथ तालमेल बिठा पाएगा। यानी यूं कहूं कि वह कहीं न कहीं यह जानना चाहते थे कि मैं किस तरह का टीम प्लेयर हूं।
हालांकि यह सबकुछ मेरे लिए हैरान करने वाला था, लेकिन बाद में मुझे उनका दृष्टिकोण समझ आया। यह प्रदीप गुहा ही थे, जिन्होंने जी (Zee) को सभी टीमों को एक किया और जी को एक आकार दिया, जो वह आज है। वास्तव में कंपनी उनके द्वारा बनाए नियमों पर आज भी काम कर रही है। और हां, उन्होंने हमारी बातचीत के 2 घंटे के भीतर ही मुझे नियुक्ति पत्र सौंप दिया था। वह चीजों को इतना ज्यादा नहीं सोचते थे, लिहाजा उन्होंने मेरे चयन का निर्णय भी बहुत ही जल्दी कर लिया था।
मैं यहां बहुत ही खुशी के साथ कहना चाहूंगा कि उनकी वजह से ही हम सभी जी (Zee) के साथ जुड़े। उन्होंने बहुत सारी प्रतिभाओं को पहचाना, जो शायद समय की जरूरत थी। उन्होंने अंततः जी में एक बेहतरीन टीम का निर्माण किया था।
कार्य संबंधों के अतिरिक्त भी उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा है, फिर चाहे वह जीवन की सीख ही क्यों न हो। उन्होंने हमें कभी भी संख्याओं या विज्ञापन बिक्री की बारीकियों के बारे में बहुत ज्यादा नहीं बताया, लेकिन उन्होंने बहुत कुछ निर्मित किया है। वह बहुत ही सम्माननीय थे। मुझे याद है कि उन्हें पहले साल के कारोबार के लिए रियो में सम्मानित किया गया था। यह वही प्रदीप गुहा थे, जो जी में रिवॉर्ड कल्चर लेकर आए। इन सभी चीजों ने हमें बहुत ही प्रेरित किया है।
सेल्स में लाए उनके स्टाइल को मैं यहां बताना कैसा भूल सकता हूं। उन्होंने हमारी सभी आशंकाओं को दूर किया, खासकर तब जब हम प्रजेंटेशन के लिए जाते थे। उन्होंने हमें हमेश ही मोटिवेट किया, फिर चाहे वह काम के लिहाज से हो, या फिर खुद को आगे बढ़ाना हो।
जब उन्होंने जी छोड़ दिया उसके बाद भी मैं विभिन्न माध्यमों के जरिए उनसे संपर्क में रहा। जब मैं यहां नेटवर्क में हेड बना, तो मेरे लिए उनका सिर्फ यही सुझाव था कि विनम्र बने रहना और सभी के लिए सरल स्वभाव रखना। ठीक वैसे ही जैसे वह खुद थे। उनकी कमी को शायद ही अब कोई पूरा कर पाए।
वह उतने ही जरूरी हैं, जितने की अन्य लोग। शाब्दिक अर्थ में कहूं तो वह एक महान कहानीकार थे, क्योंकि वह हमेशा ही ऐसे मजेदार किस्से सुनाते थे, ताकि सभी को एक साथ ला सकें। यही वजह है कि आज इतने सारे लोग उनका अनुसरण करते हैं या उनके वफादार हैं।
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