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सादगी, सहजता की मिसाल के साथ असली जौहरी भी थे अरुण नौटियाल सर: अश्विनी शर्मा
न्यूज चैनलों की दुनिया में अरुण नौटियाल सर जैसे सरल, शांत और गंभीर प्रवृत्ति के व्यक्ति का दोबारा मिलना बेहद ही मुश्किल है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
अश्विनी शर्मा, एसोसिएट एडिटर, भारत एक्सप्रेस ।।
न्यूज चैनलों की दुनिया में अरुण नौटियाल सर जैसे सरल, शांत और गंभीर प्रवृत्ति के व्यक्ति का दोबारा मिलना बेहद ही मुश्किल है। मैं जिस भी राज्य में नौकरी के लिए जाता हूं अरुण सर के व्यक्तित्व का बखान न्यूज रूम के साथियों से अवश्य करता हूं। आज ज्यादातर न्यूज रूम में जिस तरह से काम हो, ना हो दिखावे और माहौल बनाने की प्रतिस्पर्धा रहती है। तमाम न्यूज रूम्स के हालात देखकर अरुण सर बरबस याद आ ही जाते हैं। अरुण सर से मेरी पहली मुलाकात साल 2006 में स्टार न्यूज मुंबई के दफ्तर में हुई थी। अरुण सर तब नाइट शिफ्ट इंचार्ज थे। सर से पहली बार मिलकर लगा जैसे अपनी कोई पुरानी जान पहचान है। उन्होंने भी बड़े अपनेपन से मेरा स्वागत किया था।
स्टार न्यूज में मेरे करियर ने भी यू-टर्न लिया था। हुआ यूं कि मैं मुंबई में हिंदुजा ग्रुप के ‘इन टाइम’ न्यूज चैनल में बतौर एंकर नौकरी कर था, लेकिन साल 2005 में यकायक हिंदुजा ग्रुप ने अपने पांच भाषा में चलने वाले चैनल को बंद करने ऐलान कर दिया। इस घटना से बहुत से एंकर, रिपोर्टर, एडिटोरियल टीम के लोगों के साथ टेक्नीशियन सड़क पर आ गए। मैंने भी बहुत कोशिश की लेकिन एडिटोरियल में मुझे काम नहीं मिला। सवाल मुंबई जैसे शहर में रोजी रोटी का था और मुझे एडिटिंग भी आती थी तो स्टार न्यूज के साथियों सिद्धार्थ भारती और विशाल चटकार की मदद से स्टार न्यूज में वीडियो एडिटिंग करने लगा। उस दौर में स्टार न्यूज में क्वांटल सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होता था। मैं कुछ ही दिनों में क्वांटल में पारंगत होकर नाइट शिफ्ट में काम करने लगा।
स्टार में मैं वीडियो एडिट तल्लीनता से कर रहा था लेकिन, मन में कशिश भी रहती थी कि काश मुझे अपनी असली प्रतिभा दिखाने का भी मौका मिल पाता। तब मुंब्रा से आने वाले एडिटर हसन ने अरुण सर को मेरी बाकी प्रतिभाओं के बारे में जानकारी दी । अरुण सर ने मुझसे कहा आपकी आवाज अच्छी है आप पैकेज के लिए वॉयस ओवर भी कर दिया करें। उस दौर में स्टार न्यूज में मैं शायद पहला ऐसा कर्मचारी रहा हूंगा, जो बड़ी स्टोरी एडिट करने के साथ-साथ राजनीतिक, खेल, धर्म आदि स्टोरी पर दमदारी से वॉयस ओवर भी कर रहा था। ये सब अरुण सर की आत्मीयता की वजह से हो पा रहा था। मुझे आज भी याद है कि किस तरह से नाइट शिफ्ट से जब डे शिफ्ट में मुझे मौका मिला तो स्टार के एक सीनियर प्रड्यूसर ने पैकेज एडिटिंग के साथ मुझसे वॉयस ओवर भी कराया, लेकिन जैसे ही स्टोरी ऑन एयर हुई, तो विनोद कापड़ी जी गुस्से से लाल पीले हो गए। उन्होंने सीनियर प्रड्यूसर महोदय को बहुत खरी खोटी सुनाई। कापड़ी साहब को दर्द था कि उनसे बिना पूछे मेरी वॉयस ऑन एयर कैसे कर दी गई। वह अपनी जगह ठीक ही रहे होंगे, लेकिन कापड़ी जी के तेवर ने मुझे तो रुला कर रख दिया था। मैंने स्टार न्यूज के लिए आवाज देना ही बंद कर दिया लेकिन वह अरुण नौटियाल सर ही थे, जिन्होंने मेरे आंसू पोछने के साथ मेरा हौसला जमकर बढ़ाया।
उन्होंने मुझसे कहा आपकी आवाज स्टार न्यूज के किसी एंकर से कम थोड़े है चलिए बिंदास वॉयस ओवर कीजिए। उसके बाद आज तक मेरी यात्रा अनवरत जारी है।
स्टार न्यूज में अरुण सर के अलावा ‘भारत एक्सप्रेस’ के सीएमडी उपेद्र राय सर ने भी मेरा खूब हौसला बढ़ाया। उपेन्द्र राय सर तब स्टार न्यूज के स्टार रिपोर्टर थे। उनकी कई बड़ी स्टोरी तब मेरी आवाज में ऑन एयर हुई थी। यूं कहें अरुण सर ने मुझ पर जो भरोसा जताया था उस पर उपेन्द्र सर ने चार चांद लगा दिया था।
अरुण सर अब नश्वर देह त्याग चुके हैं, लेकिन उनका अंदाज उनके चाहने वालों के दिलों में अमिट है। उन्होंने बड़ी से बड़ी खबर पर भी बिना आपा खोए काम करने का सलीका सिखाया है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। विनम्र श्रद्धांजलि सर।
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