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भारत की 'Economy Dead' है क्या? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'
प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत का स्थान 140वां है। यह भी तर्क दिया जाता है कि भारत की ग्रोथ अमेरिका से तीन गुना ज्यादा है पर अमेरिका की अर्थव्यवस्था भारत से सात गुना बड़ी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
मिलिंद खांडेकर, वरिष्ठ पत्रकार।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत को उकसाते हुए यह कह दिया कि हमारी ‘Dead Economy’ है और अगर हम रूस के साथ रहेंगे तो गर्त में चले जाएंगे। दरअसल, ट्रंप इस बात से नाराज़ हैं कि भारत रूस से हथियार और तेल ख़रीद रहा है। उनका मक़सद सफल रहा, बहस का मुद्दा यही बन गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले दस साल में अर्थव्यवस्था को मार दिया है, जबकि कॉमर्स मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि हम जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं और आज दुनिया भारत का लोहा मानती है।
लेकिन इस पक्ष-विपक्ष की लड़ाई के बीच सच ब्लैक एंड व्हाइट नहीं है। यह सच है कि भारत की अर्थव्यवस्था आज दुनिया में चौथे स्थान पर है। हमसे आगे जापान, चीन और अमेरिका हैं। यह भी सच है कि दस साल पहले हम ग्यारहवें स्थान पर थे और आज हम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यस्थाओं में से एक हैं। लेकिन गुड न्यूज़ यहीं तक है। भारत की अर्थव्यवस्था चौथे नंबर पर भले हो, लेकिन हमारे लोग दुनिया के चौथे सबसे अमीर नहीं हैं। प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत का स्थान 140वां है।
यह भी तर्क दिया जाता है कि भारत की ग्रोथ अमेरिका से तीन गुना ज्यादा है। पर हम यह भूल जाते हैं कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था भारत से सात गुना बड़ी है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था: $28 ट्रिलियन → हर साल 2% की ग्रोथ → हर साल $560 बिलियन जुड़ते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था: $4 ट्रिलियन → हर साल 7% की ग्रोथ → हर साल $280 बिलियन जुड़ते हैं। यानि भारत और अमेरिका की तुलना नहीं की जा सकती, लेकिन इसका ये मतलब भी नहीं है कि हमारी अर्थव्यवस्था 'Dead' है।
भारत की असली समस्या है, असमानता (Inequality)। पहले भी बताया गया है कि भारत के भीतर तीन भारत हैं। Blume की Indus Valley Report कहती है कि भारत में 100 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके पास खर्च करने के लिए कुछ नहीं बचता। यहाँ यह याद रखना ज़रूरी है कि 84 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने का दावा खुद सरकार करती है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत के अंदर तीन भारत मौजूद हैं।
इंडिया 1: जनसंख्या 14 करोड़ लोग, प्रति व्यक्ति आय $15,000 (लगभग ₹13 लाख), तुलना,मेक्सिको जैसी आय और जनसंख्या, देश की कुल खपत का दो-तिहाई (₹100 में से ₹66) खर्च यही करते हैं। देश की आबादी के 10% लोग, लेकिन खपत का 66%।
इंडिया 2: जनसंख्या ,30 करोड़ लोग, प्रति व्यक्ति आय $3,000, तुलना इंडोनेशिया जैसी, देश की कुल खपत का एक तिहाई खर्च। इंडिया 3: जनसंख्या 100 करोड़ लोग, प्रति व्यक्ति आय $1,000, तुलना अफ्रीका के गरीब देशों जैसी आय, खर्च करने के लिए कुछ अतिरिक्त नहीं बचता। डॉनल्ड ट्रंप चाहे कुछ भी कहें, भारत को अगर वास्तव में विकसित देश बनना है, तो हमें इंडिया 2 और इंडिया 3 में नई ऊर्जा और अवसर देने होंगे। सिर्फ इंडिया 1 को देखकर यह कहना कि हमारी अर्थव्यवस्था अच्छा कर रही है। गलतफ़हमी है।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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