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देश की नदियां जगत के अस्तित्व के साथ जुड़ीं हैं: अवधेश कुमार
स्पष्ट है कि इस बार यमुना का पानी पिछले बार से काफी बदला हुआ था और यह बताता है कि भाजपा सरकार यमुना सफाई के अपने वायदे पूरा करने की पूरी तरह कोशिश कर रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
अवधेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार।
दिल्ली में यमुना घाटों पर छठ संपन्न हो गया। पिछले वर्षों की तरह इस बार यमुना नदी के पानी को लेकर उस तरह हाहाकार नहीं मचा जिसके दिल्लीवासी अभ्यस्त हो चुके थे। हां आम आदमी पार्टी ने वासुदेव घाट का एक वीडियो बनाकर जरूर जारी किया कि देखो, ये कहते थे कि यमुना को साफ कर दिया जबकि प्रधानमंत्री आने वाले हैं तो उनके लिए अलग से पानी लाकर घाट बनाया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कि हमारी सरकार यमुना को साफ करने की कोशिश कर रही है। हमने यह नहीं कहा है कि यमुना पूरी तरह शुद्ध हो गई है और हम इसका पानी पी सकते हैं या घर ले जा सकते हैं।ऐसा बनाएंगे अवश्य लेकिन इस पर अभी काम हो रहा है। सच यह है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की रेखा गुप्ता सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता से छठ को श्रेष्ठ तरीके से संपन्न कराने के लिए काम किया। कम से कम इस बार यमुना के पानी से दुर्गंध नहीं था।
घाटों की साफ- सफाई, पूजा करने, अर्ध्य देने और बैठने आदि की उचित व्यवस्था थी। कुल मिलाकर शिकायत के पहलू अत्यंत कम थे। इसलिए लोगों ने अन्य वर्षो के विपरीत राहत महसूस किया, सरकार की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। स्पष्ट है कि इस बार यमुना का पानी पिछले बार से काफी बदला हुआ था और यह बताता है कि भाजपा सरकार यमुना सफाई के अपने वायदे पूरा करने की पूरी तरह कोशिश कर रही है।
लोगों ने पहले की तरह शिकायत नहीं की तो इसका भी कोई अर्थ कुछ अर्थ है। देश की नदियां केवल हमारी धरोहर नहीं संपूर्ण जीव जगत के अस्तित्व के साथ जुड़ीं हैं। इन नदियों को स्वच्छ , संरक्षित सुरक्षित करना और इन्हें बनाए रखना सबका दायित्व है।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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