होम / विचार मंच / वरिष्ठ पत्रकार अजय शुक्ल बोले, आज तमाम अखबारों में दिखी पत्रकारिता की ये 'दरिद्रता'

वरिष्ठ पत्रकार अजय शुक्ल बोले, आज तमाम अखबारों में दिखी पत्रकारिता की ये 'दरिद्रता'

आज के दौर में पत्रकारिता के कुछ बुनियादी प्रश्नों का जवाब खोजा जाना बहुत जरूरी है। क्या चेहरा देखकर सम्मान की गरिमा बढ़ती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago

अजय शुक्ल, प्रधान संपादक, आईटीवी नेटवर्क।।

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को रैमन मैगसायसाय जैसा प्रतिष्ठित अवार्ड मिला है। पांच लोगों में रवीश अकेले भारतीय हैं, जिन्हें यह अवार्ड मिला है। अब तक भारत के पांच पत्रकारों को यह सम्मान हासिल हुआ है और किसी हिंदी पत्रकार को यह पहला सम्मान है। पर हिंदी पट्टी की पत्रकारिता में दरिद्रता कितनी है, यह आज के तमाम हिंदी पट्टी के बड़े अखबारों को देखकर समझा जा सकता है। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले तमाम हिंदी अखबारों के पहले पेज पर यह खबर नहीं है। सिर्फ ‘आज समाज’ ने इस खबर को प्रथम पेज पर स्थान दिया है। रोज सुबह तमाम अखबारों पर अपना सुबह का एक घंटा देता हूं, पर आज का एक घंटा कुछ अटपटा सा लगा कि क्या सही में हमारी पत्रकारिता में इतनी दरिद्रता आ गई है कि एक पत्रकार को मिले इतने बड़े सम्मान की खबर सिरे से गायब हो। क्या चेहरा देखकर सम्मान की गरिमा बढ़ती है।

पत्रकार रवीश से तमाम लोगों की वैचारिक विभिन्नता हो सकती है। मैं भी उनमें से एक हूं। उनकी पत्रकारिता से भी बहुत लोग इत्तेफाक नहीं रखते हैं। पर रैमन मैगसायसाय जैसे सम्मानित पुरस्कार से कैसी मत विभिन्नता? किसी भारतीय को मिला यह सम्मान क्या हमारे लिए गर्व की बात नहीं? क्यों इससे पहले मिले रैमन मैगसायसाय पुरस्कार पेज वन की महत्वपूर्ण खबरों में शुमार हुए और क्यों आज यह खबर तमाम अखबारों के पहले पेज से गायब मिली, इस पर मंथन जरूरी है।

1. क्या पत्रकार रवीश की जगह किसी भारतीय समाजसेवी को यह पुरस्कार मिला होता, तब भी यह खबर प्रथम पेज पर नहीं होती?

2. क्या इस पुरस्कार का महत्व सिर्फ इस बात से कम हो गया क्योंकि यह हमारे प्रोफेशन से जुड़े किसी साथी को मिला है?

3. हिंदी पट्टी के पत्रकार और संपादक खुद को इस सम्मान के लायक ही नहीं समझते?

4. हिंदी अखबारों के संपादक इस कॉम्प्लेक्स में चले गए कि लंबे चौड़े ज्ञान तो वो देते हैं, फिर किसी अन्य पत्रकार को यह पुरस्कार कैसे मिल गया?

5. अगर पत्रकार को मिले पुरस्कार से दिक्कत थी, तब भी एनडीटीवी और पत्रकार शब्द हटाकर सिर्फ रवीश कुमार के नाम से यह खबर प्रकाशित की जा सकती थी या नहीं?

6. क्या सिर्फ किसी समाजसेवी को मिला रैमन मैगसायसाय पुरस्कार ही पेज वन की स्टोरी हो सकती है, क्यों नहीं पत्रकार खुद को समाजसेवी के रूप में देख सकने की हिम्मत पैदा करते हैं?

7. और अंतिम बात... क्या अगर रवीश या किसी अन्य पत्रकार को कभी नोबल पुरस्कार मिल जाए तो क्या वह खबर भी अखबारों के प्रथम पेज के लायक होगी या नहीं?

पत्रकार रवीश को मिला सम्मान देश का सम्मान है, इसका सेलिब्रेशन ठीक वैसे ही बनता है जैसे किसी नेता या अभिनेता को मिला सम्मान।

(यह लेखक के निजी विचार हैं)


टैग्स अजय शुक्ल रवीश कुमार रैमन मैगसायसाय अवॉर्ड
सम्बंधित खबरें

भविष्य को आकार देने की कोशिश कर रहा है भारत : राहुल कंवल

यदि कुछ समय के लिए राजनीति को अलग रख दें, तो एक बात स्पष्ट है। भारत की एआई रणनीति (AI strategy) की सफलता में हमारे सामूहिक भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निहित है।

3 hours ago

मधुसूदन आनंद हमेशा यादों में बने रहेंगे : अनिल जैन

आनंद जी ने जर्मनी में 'डायचे वेले' (द वाॅयस ऑफ जर्मनी) में कुछ सालों तक काम किया और वे 'वाॅयस ऑफ अमेरिका' के नई दिल्ली स्थित संवाददाता भी रहे।

22 hours ago

प्रवक्ता, अहंकार और संवाद की संवेदनहीनता का सबक: नीरज बधवार

चूंकि समाज के अवचेतन में अंग्रेज़ी को लेकर एक हीन भावना मौजूद है, इसलिए जो व्यक्ति अंग्रेज़ी में प्रभावशाली ढंग से बोल लेता है, वह अक्सर खुद को विद्वान भी मान बैठता है।

1 day ago

समस्य़ाओं को हल करने के लिए हो एआई का इस्तेमाल: रजत शर्मा

मेरा यह मानना है कि सबसे ज़रूरी है, AI का इस्तेमाल रोज़मर्रा की जिंदगी में आने वाली समस्य़ाओं को हल करने के लिए हो। भारी भरकम शब्दों से इसे परिभाषित करके उससे डराया न जाए।

2 days ago

मैट शूमर के लेख का मतलब क्या है? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

मैट ने सबको सलाह दी है कि हर रोज AI का इस्तेमाल गंभीरता से शुरू करें। ChatGPT , Gemini जैसे टूल को गूगल सर्च की तरह इस्तेमाल नहीं करें। उससे अपने रोजमर्रा के काम करवाए।

4 days ago


बड़ी खबरें

PM मोदी ने लॉन्च किया ‘MANAV विजन’, इंसान-केंद्रित AI में भारत की नई पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में “MANAV- इंडिया’स ह्यूमन विजन फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” पेश किया।

22 hours ago

JioStar ने बदली अपनी रेवेन्यू स्ट्रैटजी, टीवी व डिजिटल सेल्स अब अलग-अलग

'जियोस्टार' (JioStar) ने एक बार फिर अपनी कमाई यानी रेवेन्यू की स्ट्रैटजी में बड़ा बदलाव किया है।

1 day ago

सिर्फ सत्ता नहीं, बदलाव की कहानी है ‘Revolutionary Raj’: आलोक मेहता

वरिष्ठ संपादक (पद्मश्री) और जाने-माने लेखक आलोक मेहता ने अपनी कॉफी टेबल बुक “Revolutionary Raj: Narendra Modi’s 25 Years” से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर समाचार4मीडिया से खास बातचीत की है।

16 hours ago

ABP Network का दो दिवसीय ‘Ideas of India Summit’ 27 फरवरी से मुंबई में

यह इस कार्यक्रम का पांचवा एडिशन है। इस वर्ष समिट की थीम ‘The New World Order’ रखी गई है।

13 hours ago

Tips Films के ऑफिस में GST विभाग की जांच, कंपनी ने कहा– कामकाज सामान्य

मुंबई की फिल्म प्रोडक्शन कंपनी Tips Films Limited के दफ्तरों पर जीएसटी विभाग ने जांच शुरू की है।

1 day ago