बहुप्रतीक्षित न्यूज चैनल ‘गुजरात फर्स्ट’ (Gujarat First) लॉन्च हो गया है। गुजरात का यह दसवां न्यूज चैनल है, जिसकी शुरुआत बड़े पैमाने पर हुई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
बहुप्रतीक्षित न्यूज चैनल ‘गुजरात फर्स्ट’ (Gujarat First) लॉन्च हो गया है। गुजरात का यह दसवां न्यूज चैनल है, जिसकी शुरुआत बड़े पैमाने पर हुई है।
बता दें कि ‘गुजरात फर्स्ट’ की शुरुआत हाई-टेक आधुनिक कार्यालय (hi-tech modern office) से हुई। वहीं, पहले दिन ही लोगों के दिलों-दिमाग को छूने वाले बेहद सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ ‘अभिगम थी अव्वल’ स्लोगन के जरिए न्यूज चैनल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
‘गुजरात फर्स्ट’ न्यूज चैनल गुजरात के अनुभवी पत्रकार दीपक रजनी के नेतृत्व में लॉन्च किया गया था। न्यूज चैनल से काफी अनुभवी एम्प्लॉयीज जुड़े हैं। खास बात ये है कि इनपुट, आउटपुट और एंकर सहित तमाम विभागों में गुजरात के लोगों का ही चयन किया है। लिहाजा यही वजह है कि ‘गुजरात फर्स्ट’ लॉन्चिंग के पहले ही दिन ही काफी लोकप्रिय हो गया।
चैनल की बड़ी विशेषता यह है कि मुख्य कार्यालय (हेड ऑफिस) में ही 150 से अधिक एम्प्लॉयीज को नियुक्त किया गया है और प्रत्येक जिले में इसके प्रतिनिधि भी हैं। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में न्यूज ब्यूरो भी बनाया गया है।
‘गुजराती फर्स्ट’ का दावा है कि वह हर गुजराती की आवाज बनेगा। इस रणनीति के चलते चैनल हमेशा गुजरातियों से जुड़ी खबरों को पहले प्राथमिकता देगा।
एआर तकनीक के इस्तेमाल के चलते गुजरात में पहले दिन ही चैनल की स्क्रीन बेहद ही शानदार और आकर्षक लग रही थी। बता दें कि चैनल के दो अलग-अलग स्टूडियो हैं। प्रत्येक बुलेटिन में अलग-अलग स्क्रीन देखी जा सकती है।
गुजरात फर्स्ट का ओपन न्यूजरूम भी इतना शानदार है कि न्यूज टेलीकास्ट के दौरान दर्शकों को एक अलग तरह का एहसास हो रहा है। इसमें कोई शक नहीं कि गुजरात जल्द ही न्यूज चैनल के कंटेंट के तौर पर राज्य के लोगों की पहली पसंद बन जाएगा।
‘गुजरात फर्स्ट’ की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि चैनल ने अपने लॉन्च के पहले दिन से ही 100% डिस्ट्रीब्यूशन के साथ राज्य के मार्केट में एंट्री ली है और इस वजह से यह हर जगह दिखाई दे रहा है। यानी ‘गुजरात फर्स्ट’ पहले दिन से सभी डीटीएच नेटवर्क और हर केबल नेटवर्क पर उपलब्ध है। इस प्रकार, ‘गुजरात फर्स्ट’ गुजरात के हर घर और पूरे भारत में पहुंच गया है।
वहीं, लोगों का मानना हैं कि सिद्धि मीडिया प्राइवेट द्वारा लॉन्च किया गया ‘गुजरात फर्स्ट’ न्यूज चैनल गुजरात के लोगों के लिए चुनावी वर्ष में अन्य न्यूर चैनल्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करेगा।
'गुजरात फर्स्ट' का न्यूज पोर्टल www.gujaratfirst.com को भी काफी पसंद किया जा रहा है, क्योंकि दर्शकों तक इसकी अच्छी पहुंच है। इसका कमर्शियल बहुत ही जल्द लॉन्च किया जाएगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का मानना है कि जब न्यूज ब्रॉडकास्टर्स को रेटिंग डेटा ही उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, तो उनसे उस सेवा के लिए शुल्क लेना उचित नहीं होगा।
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Samachar4media Bureau
न्यूज चैनलों की TRP पर जारी रोक के बीच केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को निर्देश दिया है कि जब तक न्यूज चैनलों की टेलीविजन रेटिंग (TRP) जारी नहीं की जा रही है, तब तक उनसे ऑडियंस मेजरमेंट सर्विस के लिए कोई सब्सक्रिप्शन शुल्क न लिया जाए।
मामले से जुड़े इंडस्ट्री जगत के अधिकारियों के अनुसार, मंत्रालय का मानना है कि जब न्यूज ब्रॉडकास्टर्स को रेटिंग डेटा ही उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, तो उनसे उस सेवा के लिए शुल्क लेना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर BARC को निर्देश दिया गया है कि TRP सस्पेंशन या तथाकथित ‘डार्क पीरियड’ के दौरान न्यूज चैनलों से फीस न वसूली जाए।
हालांकि, इस फैसले के बाद BARC की स्वायत्तता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इंडस्ट्री से जुड़े कई विशेषज्ञों का कहना है कि BARC एक इंडस्ट्री-नेतृत्व वाली संस्था है और सदस्यता शुल्क जैसे मामलों में निर्णय आमतौर पर संस्था के भीतर ही लिए जाते रहे हैं। ऐसे में मंत्रालय का सीधे हस्तक्षेप करना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। खबर लिखे जाने तक BARC की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
TRP बंदी से पहले ही जूझ रही है इंडस्ट्री
टीवी न्यूज इंडस्ट्री लंबे समय से साप्ताहिक TRP डेटा के बिना काम कर रही है। TRP को विज्ञापन सौदों, मीडिया प्लानिंग और कार्यक्रमों की स्ट्रैटेजी तय करने का प्रमुख आधार माना जाता है। ऐसे में रेटिंग्स के अभाव ने न्यूज चैनलों और विज्ञापनदाताओं दोनों के सामने चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
BARC अपनी आय का एक हिस्सा ब्रॉडकास्टर्स और अन्य हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) से मिलने वाले सब्सक्रिप्शन शुल्क से प्राप्त करता है। TRP डेटा बंद होने के बाद इंडस्ट्री में यह बहस चल रही थी कि जब सेवा उपलब्ध नहीं है तो क्या चैनलों को इसके लिए भुगतान करना चाहिए। मंत्रालय के ताजा निर्देश के बाद फिलहाल यह विवाद समाप्त होता नजर आ रहा है।
चार सप्ताह और बढ़ाई गई TRP सस्पेंशन अवधि
यह निर्देश ऐसे समय आया है जब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने न्यूज चैनलों की टीवी रेटिंग्स पर लगी रोक को चार सप्ताह और बढ़ा दिया है। BARC ने हाल ही में अपने सब्सक्राइबर्स को सूचित किया था कि मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार न्यूज चैनलों की ऑडियंस रेटिंग्स को फिलहाल और जारी नहीं किया जाएगा।
इस साल मार्च में मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़ी टीवी न्यूज कवरेज में कथित सनसनीखेज और अटकलों पर आधारित रिपोर्टिंग की चिंताओं का हवाला देते हुए न्यूज रेटिंग्स पर रोक लगाई थी। सरकार का तर्क था कि TRP आधारित प्रतिस्पर्धा गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग को बढ़ावा दे सकती है। इसके बाद इस रोक को कई बार बढ़ाया जा चुका है।
नई TRP नीति पर भी जारी है विवाद
TRP सस्पेंशन के समानांतर सरकार ने हाल ही में टेलीविजन रेटिंग पॉलिसी 2026 लागू की है, जिसने 2014 के पुराने दिशानिर्देशों की जगह ली है। नई नीति में कई संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य दर्शक मापन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना बताया गया है।
नई नीति का सबसे चर्चित प्रावधान ‘लैंडिंग पेज’ व्यूअरशिप को अंतिम रेटिंग गणना से बाहर करना है। लैंडिंग पेज वह चैनल होता है जो टीवी ऑन करते ही डिफॉल्ट रूप से दिखाई देता है। कई न्यूज चैनल लंबे समय से इस व्यवस्था को रेटिंग्स को कृत्रिम रूप से बढ़ाने वाला मानते रहे हैं।
हालांकि, इस प्रावधान का केबल डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म और मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) ने विरोध किया। मामला बाद में केरल हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने मई में इस प्रावधान पर अंतरिम रोक लगा दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि मंत्रालय ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे जाकर यह फैसला लिया है।
विज्ञापन बाजार पर भी असर
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि TRP डेटा की अनुपलब्धता से विज्ञापनदाताओं के लिए विभिन्न न्यूज चैनलों के बीच निवेश का आकलन करना कठिन हो गया है। TRP विज्ञापन दरें तय करने, प्रायोजन समझौतों और कंटेंट रणनीति बनाने का प्रमुख आधार होती है।
फिलहाल कई चैनल पुराने प्रदर्शन, ब्रांड वैल्यू और विज्ञापनदाताओं के साथ सीधे संबंधों के आधार पर कारोबार चला रहे हैं। हालांकि, लंबे समय तक TRP डेटा उपलब्ध न रहने से टीवी विज्ञापन बाजार में पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
मंत्रालय के ताजा निर्देश से न्यूज चैनलों को आर्थिक राहत जरूर मिली है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि नियमित TRP सेवाएं कब से दोबारा शुरू होंगी। ऐसे में भारतीय टीवी न्यूज इंडस्ट्री अब भी अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।
प्रोमो जारी होने के बाद मीडिया इंडस्ट्री में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, शो के साथ रुबिका लियाकत की एंट्री की चर्चा है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
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Samachar4media Bureau
देश के प्रमुख न्यूज नेटवर्क्स में शुमार ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के हिंदी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) के एक नए प्रोमो ने हिंदी न्यूज इंडस्ट्री में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। चैनल की ओर से जारी किए गए इस टीजर में कहा गया है, ‘खबरें तो सब बताएंगे, लेकिन उन्हें समझाएगा कौन? इसीलिए... मैडम आ रही हैं! क्लास मिस मत कीजिएगा, यहां आपकी अटेंडेंस जरूरी है! ‘न्यूज की पाठशाला’ सिर्फ TIMES NOW नवभारत पर।’
प्रोमो में ‘मैडम’ और ‘न्यूज की पाठशाला’ का जिक्र सामने आते ही मीडिया गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ‘न्यूज की पाठशाला’ वही शो है, जिसे लंबे समय तक वरिष्ठ पत्रकार और लोकप्रिय न्यूज एंकर सुशांत सिन्हा होस्ट करते रहे थे। हाल ही में सुशांत सिन्हा ने टाइम्स नाउ नवभारत से विदाई लेकर ‘न्यूज18 इंडिया’ के साथ नई पारी शुरू की है।
ऐसे में अब चर्चा इस बात को लेकर तेज हो गई है कि आखिर चैनल इस लोकप्रिय शो की कमान किसे सौंपने जा रहा है। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो इस प्रोमो को रुबिका लियाकत की संभावित एंट्री से जोड़कर देखा जा रहा है। मीडिया इंडस्ट्री में पहले से ही उनके टाइम्स नाउ नवभारत के साथ जुड़ने की चर्चाएं चल रही हैं और अब इस नए प्रोमो ने इन अटकलों को और बल दे दिया है।
हालांकि, चैनल की ओर से अभी तक इस बारे में किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। न तो ‘मैडम’ की पहचान का खुलासा किया गया है और न ही शो के नए होस्ट को लेकर कोई औपचारिक घोषणा सामने आई है। ऐसे में फिलहाल दर्शकों और मीडिया जगत की निगाहें टाइम्स नाउ नवभारत की अगली घोषणा पर टिकी हैं।
बता दें कि सुशांत सिन्हा के जाने के बाद से ही यह सवाल उठ रहा था कि ‘न्यूज़ की पाठशाला’ को आगे कौन संभालेगा। अब चैनल के इस नए प्रोमो ने उस चर्चा को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल सभी की निगाहें चैनल की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो ‘मैडम’ की पहचान और ‘न्यूज की पाठशाला’ के नए चेहरे से पर्दा उठा सकती है।
खबरें तो सब बताएंगे, लेकिन उन्हें समझाएगा कौन?
— Times Now Navbharat (@TNNavbharat) June 7, 2026
इसीलिए...
मैडम आ रही हैं!
क्लास मिस मत कीजिएगा, यहां आपकी अटेंडेंस जरूरी है!
'न्यूज़ की पाठशाला' सिर्फ TIMES NOW नवभारत पर।@TNNavbharat #NewsKiPathshala pic.twitter.com/Xc5WhDXBJ3
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रस्ताव कंपनी अधिनियम, 2013, सेबी (इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2018 और अन्य लागू कानूनों के तहत आवश्यक मंजूरियों के अधीन होगा।
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Vikas Saxena
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) फंड जुटाने की योजना पर विचार कर रही है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया है कि उसके निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) की बैठक 10 जून 2026, बुधवार को आयोजित की जाएगी, जिसमें फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजी सूचना में कहा है कि बोर्ड बैठक में इक्विटी शेयरों या इक्विटी शेयरों में परिवर्तित होने वाली अन्य प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) के जरिए पूंजी जुटाने के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की जाएगी।
ZEEL के अनुसार, कंपनी एक या एक से अधिक चरणों (ट्रांच) में फंड जुटा सकती है। इसके लिए प्राइवेट प्लेसमेंट, प्रेफरेंशियल इश्यू या कानून के तहत उपलब्ध किसी अन्य वैध माध्यम अथवा उनके संयोजन का इस्तेमाल किया जा सकता है। फंड जुटाने की शर्तें और तरीका बोर्ड अपने विवेक के अनुसार तय करेगा।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रस्ताव कंपनी अधिनियम, 2013, सेबी (इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2018 और अन्य लागू कानूनों के तहत आवश्यक मंजूरियों के अधीन होगा। इसके लिए कंपनी के शेयरधारकों और संबंधित नियामकीय एवं वैधानिक प्राधिकरणों की मंजूरी भी आवश्यक होगी।
इस बीच, सेबी के इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध नियम, 2015 और कंपनी की आचार संहिता के तहत ZEEL के शेयरों में कारोबार के लिए ट्रेडिंग विंडो तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है। यह प्रतिबंध बोर्ड बैठक समाप्त होने के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगा।
‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ (Sony Pictures Networks India) ने भारत A, श्रीलंका A और अफगानिस्तान A के बीच होने वाली त्रिकोणीय सीरीज के टीवी और डिजिटल प्रसारण अधिकार हासिल कर लिए हैं।
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Samachar4media Bureau
‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ (Sony Pictures Networks India) ने भारत A, श्रीलंका A और अफगानिस्तान A के बीच होने वाली त्रिकोणीय क्रिकेट सीरीज के टेलीविज़न और डिजिटल प्रसारण अधिकार हासिल कर लिए हैं।
यह टूर्नामेंट 9 जून से 21 जून तक श्रीलंका में खेला जाएगा। भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, मालदीव और श्रीलंका में दर्शक मुकाबलों का सीधा प्रसारण ‘सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क’ (Sony Sports Network) और ‘सोनी LIV’ (Sony LIV) पर देख सकेंगे। सभी मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे से अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ कमेंट्री के साथ प्रसारित किए जाएंगे।
इस प्रतियोगिता में कई उभरते क्रिकेटरों पर नजर रहेगी। इनमें वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) सबसे चर्चित नाम हैं, जिन्हें पहली बार भारत A की एकदिवसीय टीम में जगह मिली है। इसके अलावा प्रियांश आर्य (Priyansh Arya), आयुष बडोनी (Ayush Badoni) और सूर्यांश शेडगे (Suryansh Shedge) भी टीम का हिस्सा हैं।
भारत A टीम की कप्तानी तिलक वर्मा (Tilak Varma) करेंगे, जबकि रुतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। टीम में निशांत सिंधु, प्रभसिमरन सिंह, कुमार कुशाग्र, विप्रज निगम, यश ठाकुर, युधवीर सिंह, अंशुल कंबोज, अरशद खान और अनुकूल रॉय जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं।
‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ (Sony Pictures Networks India) के स्पोर्ट्स बिजनेस प्रमुख और वितरण व अंतरराष्ट्रीय कारोबार के मुख्य राजस्व अधिकारी राजेश कौल (Rajesh Kaul) ने कहा कि यह सीरीज क्षेत्र के उभरते क्रिकेटरों के विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का नया आकर्षण बताया।
‘टाइम्स नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में कंसल्टिंग एडिटर व न्यूज एंकर की भूमिका निभा रहे सुशांत सिन्हा अब 'न्यूज18 इंडिया' पर नजर आएंगे।
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Samachar4media Bureau
देश के प्रमुख न्यूज नेटवर्क्स में शामिल ‘टाइम्स नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में कंसल्टिंग एडिटर और लोकप्रिय न्यूज एंकर की भूमिका निभा रहे सुशांत सिन्हा अब 'न्यूज18 इंडिया' पर नजर आएंगे। उन्होंने 'नेटवर्क18' समूह जॉइन कर लिया है।
दरअसल, 'समाचार4मीडिया' ने ही विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से सबसे पहले खबर दी थी कि ‘टाइम्स नेटवर्क’ से विदाई तय मानी जा रही है, क्योंकि सुशांत सिन्हा का इस चैनल के साथ कॉन्ट्रैक्ट 31 मई 2026 को समाप्त हो रहा है और नेटवर्क रिन्यू करने के मूड में नहीं हैं। सूत्रों ने तो यहां तक कह दिया था कि वह जल्द ही ‘नेटवर्क18’ के साथ नई पारी शुरू करने जा रहे हैं और अब इस पर आधिकारिक मुहर लग गई है। सुशांत सिन्हा ने एक प्रोमो जारी किया है।
"आ रहा हूं BOSS.... तैयार रहिएगा"
— News18 India (@News18India) June 5, 2026
सुशांत सिन्हा News18 India पर#News18India | @SushantBSinha pic.twitter.com/pAPlhjO9M2
इस खबर से 'समाचार4मीडिया' ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाठकों का भरोसा उस पर क्यों है। दरअसल, यहां ये बताना जरूरी हो जाता है कि 'समाचार4मीडिया' की ही खबरों को कई वेबसाइट अपने प्लेटफॉर्म पर पब्लिश करती हैं।
यहां पढ़ें पुरानी खबर- टाइम्स नेटवर्क से सुशांत सिन्हा की विदाई तय, Network18 जाने की तैयारी!
गौरतलब है कि सुशांत सिन्हा हिंदी न्यूज इंडस्ट्री का एक जाना-माना चेहरा हैं। टाइम्स नाउ नवभारत पर ‘पाठशाला’ और ‘राष्ट्रगर्व’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने खास पहचान बनाई। करीब दो दशक के करियर में वह इंडिया टीवी, एनडीटीवी इंडिया, न्यूज24 और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
गौरव मीडिया, ब्रैंडेड कंटेंट, सेल्स, ग्रोथ स्ट्रैटेजी और कस्टम मार्केटिंग के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव रखते हैं।
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'एनडीटीवी' (NDTV) ने गौरव मेहरा को एनडीटीवी हिंदी व रीजनल चैनल्स के ब्रैंड स्टूडियो का रेवेन्यू हेड नियुक्त किया है। गौरव मीडिया, ब्रैंडेड कंटेंट, सेल्स, ग्रोथ स्ट्रैटेजी और कस्टम मार्केटिंग के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव रखते हैं।
गौरव मेहरा NDTV में TV9 नेटवर्क से जुड़े हैं, जहां वे नेशनल हेड व वाइस प्रेजिडेंट के पद पर कार्यरत थे। इस भूमिका में उन्होंने ब्रॉडकास्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट आधारित ग्रोथ को नेतृत्व दिया। इससे पहले वे नेटवर्क18 ग्रुप, जी एंटरटेनमेंट, रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क, CNBC-TV18, Idea Cellular और Vodafone India जैसी प्रमुख कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं।
अमृतसर के DAV कॉलेज और Faculty of Management Studies (FMS) के पूर्व छात्र गौरव मेहरा ने अपने करियर के दौरान कई सफल ब्रैंडेड कंटेंट बिजनेस तैयार किए और उन्हें बड़े स्तर तक पहुंचाया। उन्होंने इंटीग्रेटेड कैंपेन, उद्देश्यपूर्ण स्टोरीटेलिंग, एडिटोरियल इंटीग्रेशन, डिजिटल, इन्फ्लुएंसर और ऑन-ग्राउंड एक्टिवेशंस के जरिए मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की है।
उनके प्रमुख कैंपेंस में Castrol Super Mechanic Contest, Mahindra Unlimit Bharat, Sensodyne Oral Health Awareness, Samsung Campaigns, Castrol Pragati Ki Paathshaala और Ultratech Baat Ghar Ki जैसे चर्चित प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इस नियुक्ति पर NDTV के CEO और Editor-in-Chief Rahul Kanwal ने कहा, “गौरव के पास ब्रैंड्स, बाजार और कंटेंट आधारित रेवेन्यू मॉडल की गहरी समझ है। NDTV अपने हिंदी और क्षेत्रीय नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और ऐसे समय में स्केलेबल ब्रैंड सॉल्यूशंस और मजबूत साझेदारियां बनाने का उनका अनुभव हमारी ग्रोथ जर्नी को नई ताकत देगा।”
NDTV के Chief Experiences Officer Rahul Shaw ने कहा, “गौरव की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि हम ऐसे रेवेन्यू लीडर्स को टीम में शामिल कर रहे हैं जो बाजार की समझ के साथ सहयोग, रचनात्मकता और बेहतरीन निष्पादन की क्षमता रखते हैं। हम उनका स्वागत करते हैं और Brand Studio बिजनेस में उनके योगदान को लेकर उत्साहित हैं।”
अपनी नई जिम्मेदारी पर Gaurav Mehrraa ने कहा, “NDTV भारत के सबसे सम्मानित और विश्वसनीय मीडिया ब्रैंड्स में से एक है, जिसकी मजबूत मौजूदगी कई भाषाओं और प्लेटफॉर्म्स पर है। मैं टीम से जुड़कर बेहद उत्साहित हूं और ऐसे ब्रैंड सॉल्यूशंस विकसित करना चाहता हूं जो भरोसे, प्रभावशाली स्टोरीटेलिंग और मापने योग्य परिणामों का बेहतरीन संयोजन पेश करें।”
राज टेलीविजन नेटवर्क (Raj Television Network Ltd) के शेयरों में हाल में आई तेज कीमतों की हलचल को लेकर स्टॉक एक्सचेंज ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा था।
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Vikas Saxena
राज टेलीविजन नेटवर्क (Raj Television Network Ltd) के शेयरों में हाल में आई तेज कीमतों की हलचल को लेकर स्टॉक एक्सचेंज ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा था। निवेशकों के हितों की सुरक्षा और बाजार को ताजा व प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक्सचेंज ने 3 जून 2026 को कंपनी को यह नोटिस भेजा था।
इस संबंध में कंपनी ने 4 जून 2026 को BSE और NSE को अपना जवाब भेज दिया है।
कंपनी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि उसके शेयरों में जो भी कीमतों का उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, वह पूरी तरह से बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की गतिविधियों पर आधारित है। कंपनी प्रबंधन का इस मूल्य परिवर्तन पर कोई नियंत्रण नहीं है और न ही उसे शेयर कीमतों में आई इस महत्वपूर्ण तेजी या गिरावट के पीछे किसी विशेष कारण की जानकारी है।
Raj Television Network ने यह भी स्पष्ट किया कि वह SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 और स्टॉक एक्सचेंजों के साथ हुए समझौतों के तहत सभी जरूरी जानकारियों का समय-समय पर खुलासा करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
नई रोक 4 जून 2026 को जारी होने वाले डाटा रिलीज से लागू होगी। यह टेलीविज़न मेज़रमेंट कैलेंडर के Week 21 से जुड़ा डेटा था, जो 23 मई से 29 मई 2026 की अवधि को कवर करता है।
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‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने न्यूज चैनलों की टेलीविज़न ऑडियंस रेटिंग्स पर लगी रोक को चार हफ्तों के लिए और बढ़ा दिया है। इस फैसले से ब्रॉडकास्टर्स, एडवर्टाइजर्स और मीडिया प्लानर्स के बीच अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि पूरा सेक्टर वीकली व्यूअरशिप डेटा पर काफी हद तक निर्भर करता है।
‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया’ (BARC India) ने सोमवार को अपने सब्सक्राइबर्स को भेजे गए कम्युनिकेशन में इस फैसले की जानकारी दी।
BARC India के मुताबिक उसे मंत्रालय की ओर से नया निर्देश मिला है, जिसमें कहा गया है कि TV न्यूज चैनलों की रेटिंग्स रिपोर्टिंग को अगले चार हफ्तों तक या अगले आदेश तक रोके रखा जाए। नई रोक 4 जून 2026 को जारी होने वाले data release से लागू होगी। यह टेलीविज़न मेज़रमेंट कैलेंडर के Week 21 से जुड़ा डेटा था, जो 23 मई से 29 मई 2026 की अवधि को कवर करता है।
इससे पहले मई में भी मंत्रालय ने रेटिंग्स रिपोर्टिंग पर रोक लगाने का आदेश दिया था। अब नई अवधि बढ़ने के बाद न्यूज ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में ratings दोबारा शुरू होने को लेकर इंतजार और लंबा हो गया है।
TV न्यूज रेटिंग्स एडवर्टाइजर्स और मीडिया एजेंसीज़ के लिए बेहद अहम मानी जाती हैं, क्योंकि इन्हीं आंकड़ों के आधार पर एडवर्टाइजिंग स्पेंड्स और कैंपेन प्लानिंग तय की जाती है।
प्रसार भारती ने अपनी फ्री-टू-एयर डीटीएच सेवा 'डीडी फ्री डिश' (DD Free Dish) पर खाली पड़े MPEG-4 कैरिज स्लॉट्स के लिए आयोजित 99वीं ई-नीलामी (e-auction) के नतीजों की घोषणा कर दी है।
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Samachar4media Bureau
प्रसार भारती ने अपनी फ्री-टू-एयर डीटीएच सेवा 'डीडी फ्री डिश' (DD Free Dish) पर खाली पड़े MPEG-4 कैरिज स्लॉट्स के लिए आयोजित 99वीं ई-नीलामी (e-auction) के नतीजों की घोषणा कर दी है। इस नीलामी में 10 टीवी चैनलों को स्लॉट आवंटित किए गए हैं।
सफल बोली लगाने वाले चैनलों में Republic TV, Bharat Express, Vistaar News, Nation 27, News India 24X7, R. Bangla, Living India News, Prag News, Rengoni और NE News शामिल हैं।
प्रसार भारती के अनुसार, इन नए स्लॉट्स का संचालन 5 जून 2026 से शुरू होगा और ये 31 मार्च 2027 तक वैध रहेंगे।
यह मध्य-वर्षीय (Mid-Year) ई-नीलामी, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहले आयोजित 97वीं ई-नीलामी के बाद की गई है। उस नीलामी में पूरे साल के लिए 39 स्लॉट्स आवंटित किए गए थे। अप्रैल के बाद कुछ स्लॉट खाली हो जाने के कारण इन रिक्तियों को भरने के लिए 99वीं ई-नीलामी आयोजित की गई।
प्रसार भारती ने इस नीलामी के लिए 19 मई से 26 मई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए थे।
ई-नीलामी में उपलब्ध स्लॉट्स को विभिन्न कंटेंट श्रेणियों और क्षेत्रीय भाषा वर्गों में बांटा गया था, ताकि 'डीडी फ्री डिश' पर अलग-अलग भाषाओं और कंटेंट का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
इसके तहत G1 बकेट को न्यूज व करंट अफेयर्स (News & Current Affairs) वाले चैनलों के लिए रखा गया था, जिसकी आरक्षित कीमत 61.65 लाख रुपये तय की गई थी। वहीं G2 बकेट नॉन-न्यूज (Non-News) चैनलों के लिए था, जिसकी आरक्षित कीमत 60 लाख रुपये रखी गई थी।
क्षेत्रीय भाषा चैनलों के लिए भी अलग-अलग कैटेगरीज बनाई गई थीं। R1, R2 और R3 नाम के इन बकेट्स में दक्षिण भारतीय, पश्चिमी, पूर्वी और संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के चैनलों को शामिल किया गया था।
इन क्षेत्रीय स्लॉट्स की आरक्षित कीमत 4.94 लाख रुपये से लेकर 34.83 लाख रुपये तक तय की गई थी।
प्रसार भारती का कहना है कि अलग-अलग स्तर की यह मूल्य निर्धारण व्यवस्था दर्शकों की मांग और विभिन्न क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय चैनलों की कमाई की संभावनाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। 'डीडी फ्री डिश' देश का सबसे बड़ा फ्री-टू-एयर टेलीविजन वितरण प्लेटफॉर्म माना जाता है और यहां स्लॉट हासिल करना प्रसारकों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से बड़ी राहत मिली है।
by
Vikas Saxena
न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से बड़ी राहत मिली है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि SEBI ने 2009 में किए गए कुछ समझौतों और उनके खुलासों (Disclosure) से जुड़े मामले में चल रही जांच प्रक्रिया को बंद कर दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी ने SEBI के नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया और उस पर कोई आर्थिक जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
NDTV ने 2 जून 2026 को बीएसई और एनएसई को भेजे गए अपने पत्र में बताया कि वह 27 जनवरी 2020 को किए गए अपने पुराने खुलासे का संदर्भ दे रही है। उस समय कंपनी ने जानकारी दी थी कि SEBI ने उसे एक शो-कॉज नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के Regulation 30 का पालन नहीं किया और 2009 में किए गए कुछ समझौतों से जुड़ी जानकारियों का उचित खुलासा नहीं किया।
कंपनी ने अब बताया है कि SEBI के एजुडिकेटिंग ऑफिसर (Adjudicating Officer) ने 29 मई 2026 को जारी अपने आदेश में इस मामले का निपटारा कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि कंपनी ने शो-कॉज नोटिस में लगाए गए आरोपों के अनुसार SEBI के लिस्टिंग नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया है। इसलिए कंपनी के खिलाफ चल रही कार्रवाई को समाप्त कर दिया गया है और कोई आर्थिक दंड नहीं लगाया गया।
NDTV के अनुसार, यह आदेश Adjudication Order No. Order/JS/DP/2026-27/32428 के तहत 29 मई 2026 को पारित किया गया। कंपनी को यह आदेश 1 जून 2026 को प्राप्त हुआ।
क्या था मामला?
SEBI ने NDTV के खिलाफ यह कार्रवाई 2009 में हुए कुछ समझौतों के खुलासे को लेकर शुरू की थी। यह मामला VCPL (विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड), RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड और कंपनी के तत्कालीन प्रमोटरों के बीच हुए कुछ समझौतों से जुड़ा था।
SEBI का आरोप था कि इन समझौतों से संबंधित जानकारी के खुलासे में Regulation 30 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर कंपनी को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था और जांच प्रक्रिया शुरू की गई थी।
हालांकि, अब SEBI के एडजुडिकेटिंग ऑफिसर ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए वह खुलासा करने की बाध्यता (Disclosure Obligation) पैदा ही नहीं होती थी, जिसका उल्लेख शो-कॉज नोटिस में किया गया था। इसलिए कंपनी के खिलाफ चल रही एडजुडिकेशन प्रक्रिया को बिना किसी जुर्माने के समाप्त कर दिया गया।
कंपनी पर क्या होगा असर?
NDTV ने अपने खुलासे में साफ कहा है कि SEBI के इस आदेश का कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार, संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी पर किसी तरह का आर्थिक दंड नहीं लगाया गया है और न ही इस आदेश से उसके संचालन पर कोई असर पड़ेगा।