'हिंदी पत्रकारिता दिवस' पर मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों व राजनेताओं ने सराहा मीडिया का योगदान

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देशभर में हिंदी मीडिया के योगदान, उसके इतिहास और लोकतंत्र में उसकी भूमिका को याद किया जा रहा है।

Vikas Saxena by
Published - Saturday, 30 May, 2026
Last Modified:
Saturday, 30 May, 2026
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हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देशभर में हिंदी मीडिया के योगदान, उसके इतिहास और लोकतंत्र में उसकी भूमिका को याद किया जा रहा है। इस मौके पर कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी पत्रकारिता से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं दीं। मंत्रियों व राजनेताओं ने अपने संदेशों में हिंदी पत्रकारिता को लोकतंत्र की मजबूत आवाज बताते हुए निष्पक्ष, जिम्मेदार और जनहित की पत्रकारिता की जरूरत पर जोर दिया।

इन राजनेताओं ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास को याद करते हुए ‘उदन्त मार्तण्ड’ से शुरू हुई इस यात्रा को देश की सामाजिक और लोकतांत्रिक चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने संदेश में हरिवंश नारायण सिंह ने लिखा, 'हिंदी पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक दिन.आज,हिंदी पत्रकारिता का 200 सालों का सफर पूरा हुआ. 30 मई, 1826 को हिंदी का पहला अखबार ‘उदंत मार्तंड’ निकला था. यशस्वी संपादक थे, पंडित युगल किशोर शुक्ल.आदरणीय शुक्ल जी की स्मृतियों को नमन. पत्रकार साथियों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं.'

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों, लेखकों और हिंदी भाषा के प्रति समर्पित लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हिंदी पत्रकारिता समाज को जागरूक करने, लोकतंत्र को मजबूत बनाने और जनता की भावनाओं को अभिव्यक्ति देने का एक सशक्त माध्यम रही है। समय-समय पर हिंदी पत्रकारिता ने जनजागरण, सामाजिक बदलाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ओम बिड़ला ने कहा कि बदलते दौर और तकनीकी क्रांति के बीच हिंदी की प्रासंगिकता लगातार बढ़ रही है। अब हिंदी केवल अखबारों और टेलीविजन तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, कंप्यूटर, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों के माध्यम से करोड़ों लोगों तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि हिंदी में समाचार, विचार और विश्लेषण की बढ़ती स्वीकार्यता इस भाषा की ताकत और व्यापक पहुंच को दर्शाती है। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उन्होंने हिंदी भाषा के संवर्धन और लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करने के संकल्प को दोहराया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकार साथियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने अपने गौरवशाली सफर में समाज को जागरूक करने, लोकतंत्र को मजबूत बनाने और जनसरोकारों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पत्रकारिता जनकल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ती रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पत्रकार राष्ट्र और समाज की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान इसी तरह देते रहेंगे। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना भी की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों, संपादकों और मीडिया जगत से जुड़े साथियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में हिंदी पत्रकारिता ने राष्ट्र निर्माण, जनजागरण तथा हमारी भाषा और संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिया है। यह यात्रा समाज को जागरूक करने और सत्य को सामने लाने के प्रति एक अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

रेखा गुप्ता ने जनहित में निष्पक्ष, निर्भीक और समर्पित पत्रकारिता करने वाले सभी पत्रकारों और लेखकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे पत्रकार अपने लेखन और कार्यों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सत्य, निष्पक्षता और जनहित के प्रति पत्रकारों की प्रतिबद्धता लोकतंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज को जागरूक, शिक्षित और सही दिशा दिखाने के लिए पत्रकारों द्वारा किए जा रहे अथक प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने इस समर्पण और मेहनत को नमन करते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज और देश के विकास की एक महत्वपूर्ण ताकत है।

कांग्रेस पार्टी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकार साथियों को शुभकामनाएं दी हैं। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से संदेश जारी करते हुए कहा, "हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सभी पत्रकार साथियों को हार्दिक शुभकामनाएं।"

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शुभजीत सेनगुप्ता बने टाइम्स नेटवर्क में वाइस प्रेसिडेंट : सोशल मीडिया की भी जिम्मेदारी

शुभजीत सेनगुप्ता ने टाइम्स नेटवर्क में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ सोशल मीडिया एंड वीडियो मोनेटाइजेशन के रूप में वापसी की है। इससे पहले वह एचटी डिजिटल स्ट्रीम्स में कार्यरत थे।

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 06 October, 2026
Last Modified:
Tuesday, 06 October, 2026
times

शुभजीत सेनगुप्ता (Shubhajit Sengupta) ने टाइम्स नेटवर्क (Times Network) में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ सोशल मीडिया एंड वीडियो मोनेटाइजेशन (Vice President and Head of Social Media & Video Monetisation) के रूप में ज्वाइन किया है। करीब दो साल एचटी डिजिटल स्ट्रीम्स (HT Digital Streams) के साथ बिताने के बाद उन्होंने टाइम्स नेटवर्क में वापसी की है।

टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने से पहले शुभजीत एचटी डिजिटल स्ट्रीम्स में हेड ऑफ वीडियो एंड सोशल मीडिया (Head of Video & Social Media) थे। यहां उन्होंने वीडियो बिजनेस, प्रोग्रामेटिक और आईपी-लेड मोनेटाइजेशन के जरिए रेवेन्यू बढ़ाने और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ऑडियंस ग्रोथ की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने सोशल, एडिटोरियल और वीडियो रेवेन्यू से जुड़े कार्यों में 80 से अधिक प्रोफेशनल्स की टीम का नेतृत्व भी किया।

इससे पहले शुभजीत करीब तीन साल तक टाइम्स नेटवर्क के साथ डिजिटल वीडियो और सोशल मीडिया से जुड़ी विभिन्न भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, डिजिटल वीडियो स्ट्रैटेजी (Associate Vice President, Digital Video Strategy) के तौर पर उन्होंने टाइम्स नाउ (Times Now), ईटी नाउ (ET Now), ईटी नाउ स्वदेश (ET Now Swadesh), टाइम्स नाउ नवभारत (Times Now Navbharat), मिरर नाउ (Mirror Now) और स्पोर्ट्स नाउ (Sports Now) जैसे ब्रांड्स की वीडियो टीमों का नेतृत्व किया। इस दौरान वीडियो रेवेन्यू को तीन गुना बढ़ाने में उनके योगदान का उल्लेख किया गया।

शुभजीत ने न्यूज़रूम वर्कफ्लो में एआई (AI) आधारित समाधानों को शामिल करने की टाइम्स नेटवर्क की कोशिशों का भी नेतृत्व किया। टाइम्स नेटवर्क से पहले वह नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स (Network18 Media & Investments) में डिप्टी ग्रुप हेड, डिजिटल वीडियोज (Deputy Group Head, Digital Videos) के पद पर कार्यरत थे।

शुभजीत ने अपने करियर की शुरुआत सीएनएन-आईबीएन (CNN-IBN) से की थी। यहां उन्होंने एसोसिएट एडिटर, स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट और ब्यूरो चीफ – नॉर्थईस्ट जैसी एडिटोरियल जिम्मेदारियां संभालीं। इसके बाद उन्होंने सीएनएन-न्यूज18 (CNN-News18) में दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में भी काम किया। बाद में उन्होंने डिजिटल वीडियो और सोशल मीडिया लीडरशिप की दिशा में कदम बढ़ाया।

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जम्मू-कश्मीर सरकार बनाएगी ऑनलाइन न्यूज मीडिया के लिए नई नीति

जम्मू-कश्मीर सरकार ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्म के पंजीकरण और नियमन के लिए नई मीडिया नीति तैयार कर रही है। प्रस्तावित नीति में फर्जी और भ्रामक जानकारी से जुड़ी जवाबदेही तय होगी।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 01 October, 2026
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Thursday, 01 October, 2026
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जम्मू-कश्मीर सरकार ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्म के पंजीकरण और नियमन के लिए नई मीडिया नीति तैयार कर रही है। सूचना मंत्री सकीना इटू (Sakina Itoo) ने 30 सितंबर को विधानसभा में इसकी जानकारी दी।

प्रस्तावित नई मीडिया नीति 2026 में प्रिंट प्रकाशनों के साथ ऑनलाइन न्यूज मीडिया को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए प्रसारित होने वाली झूठी, भ्रामक या मनगढ़ंत जानकारी के लिए जवाबदेही तय करना है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक बशीर अहमद शाह वीरी (Bashir Ahmad Shah Veeri) के सवाल के जवाब में सकीना इटू ने बताया कि अली मोहम्मद सागर (Ali Mohammad Sagar) की अध्यक्षता वाली सदन की समिति ने सूचना विभाग को नीति और इसके दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए चार महीने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग तय समयसीमा के भीतर इस पर काम कर रहा है।

प्रस्तावित नीति में अपंजीकृत सोशल मीडिया न्यूज चैनलों से निपटने के लिए दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedures) भी शामिल होगी। इटू के मुताबिक, जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय ऐसे चैनलों की विस्तृत सूची तैयार करनी होगी।

मंत्री ने कहा कि झूठी, भ्रामक या मनगढ़ंत जानकारी से जुड़े मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000), भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जा सकते हैं।

विधानसभा में इस मुद्दे पर अलग-अलग राय भी सामने आई। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक (Tanvir Sadiq) ने तस्वीरों से छेड़छाड़ (Image Morphing) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के खिलाफ सुरक्षा उपायों की मांग की। वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक वहीद-उर-रहमान पारा (Waheed-ur-Rehman Para) ने पाबंदियों का विरोध करते हुए कहा कि गलत सामग्री से निपटने का रास्ता सूचना तक ज्यादा पहुंच सुनिश्चित करना होना चाहिए।

सकीना इटू ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के महत्व को स्वीकार करते हुए कहा कि भ्रामक सोशल मीडिया सामग्री की जिम्मेदारी केवल पत्रकारों पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने राजनीतिक दलों और नेताओं की भूमिका की ओर भी इशारा किया। साथ ही, विधानसभा में बिना अनुमति रिकॉर्डिंग की चिंताओं को देखते हुए परिसर में लाए जाने वाले मोबाइल फोन पर कड़ी जांच का सुझाव दिया।

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सौरव गांगुली को बड़ी कानूनी राहत : 14.49 करोड़ रुपये का मध्यस्थता अवॉर्ड बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने सौरव गांगुली के पक्ष में 14.49 करोड़ रुपये के मध्यस्थता अवॉर्ड को चुनौती देने वाली परसेप्ट टैलेंट मैनेजमेंट की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

Samachar4media Bureau by
Published - Monday, 28 September, 2026
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Monday, 28 September, 2026
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के पक्ष में दिए गए 14.49 करोड़ रुपये के मध्यस्थता अवॉर्ड (Arbitration Award) को चुनौती देने वाली परसेप्ट टैलेंट मैनेजमेंट लिमिटेड (Percept Talent Management Ltd.) की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। यह मामला कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) के उस फैसले से जुड़ा था, जिसमें अदालत ने मध्यस्थता अवॉर्ड को बरकरार रखा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद की शुरुआत 22 अक्टूबर 2003 को परसेप्ट और सौरव गांगुली के बीच हुए प्लेयर रिप्रेजेंटेशन एग्रीमेंट (Player Representation Agreement) से हुई थी। इस समझौते के तहत परसेप्ट को गांगुली के व्यावसायिक अधिकारों और व्यक्तित्व के कारोबारी इस्तेमाल के लिए उनका एकमात्र और विशेष प्रबंधक नियुक्त किया गया था। समझौते में राजस्व साझा करने और कमाई को एस्क्रो खाते (Escrow Account) के जरिए संचालित करने का प्रावधान था।

समझौते में यह भी कहा गया था कि अगर गांगुली लगातार छह महीने तक भारतीय टीम से बाहर रहते हैं, तो समझौता समाप्त किया जा सकता है। फरवरी 2006 में टीम से बाहर होने के बाद यह अवधि 1 अगस्त 2006 को पूरी हो गई। हालांकि, 30 नवंबर 2006 को टीम में वापसी के बाद भी परसेप्ट ने गांगुली का प्रतिनिधित्व जारी रखा और 21 नवंबर 2007 को समझौता समाप्त करने का नोटिस दिया।

इसके बाद विवाद मध्यस्थता (Arbitration) में पहुंचा। गांगुली ने न्यूनतम गारंटी राशि का भुगतान नहीं होने और एस्क्रो खाते से कथित अनधिकृत निकासी को लेकर दावे किए। मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने उनके दावों को स्वीकार करते हुए 14,49,91,000 रुपये की राशि 12 प्रतिशत ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। इसके अलावा 50 लाख रुपये की लागत भी निर्धारित की गई।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बाद में मध्यस्थता अवॉर्ड को बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि जिस संविदात्मक घटना के आधार पर परसेप्ट समझौता समाप्त करने का अधिकार जता रहा था, उसके बाद भी कंपनी ने गांगुली का प्रतिनिधित्व जारी रखा। ऐसे में बाद में समझौता समाप्त करने का उसका अधिकार समाप्त हो चुका था।

मीडिया नेटवर्क्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, हाई कोर्ट ने यह भी माना कि कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) यानी केकेआर (KKR) से गांगुली की कमाई समझौते के तहत राजस्व साझा करने की व्यवस्था के दायरे में नहीं आती थी।

परसेप्ट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नकुल दीवान (Nakul Dewan) ने दलील दी कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने गांगुली की केकेआर से हुई कमाई को राजस्व साझा करने की व्यवस्था से गलत तरीके से बाहर रखा। उन्होंने कहा कि समझौते में प्रचार संबंधी सेवाओं को व्यापक रूप से शामिल किया गया था, जिसमें क्रिकेट मैचों से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल थीं।

दीवान ने यह भी तर्क दिया कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम (Arbitration and Conciliation Act) की धारा 34 और 37 के तहत अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने वाली अदालतें समझौते की शर्तों की नए सिरे से व्याख्या नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि संबंधित संविदात्मक प्रावधानों और साक्ष्यों पर भी उचित तरीके से विचार नहीं किया गया।

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भारत - वेस्टइंडीज सीरीज के लिए जियोस्टार ने 15 ब्रैंड्स के साथ की साझेदारी

जियोस्टार ने 'West Indies Tour of India 2026' के लिए 15 ब्रांड्स को जोड़ा है। तीन वनडे और पांच टी20 मैचों के लिए टीवी और डिजिटल पर स्पॉन्सरशिप साझेदारियां हुई हैं।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 25 September, 2026
Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
jiohotstar

भारत में फेस्टिव सीजन से पहले इंटरनेशनल क्रिकेट (International Cricket) की वापसी के साथ जियोस्टार (JioStar) ने वेस्टइंडीज टूर ऑफ इंडिया 2026 (West Indies Tour of India 2026) के लिए 15 ब्रांड्स को अपने साथ जोड़ा है। ये ब्रांड्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बैंकिंग-फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (BFSI), पेंट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रैवल, वेलनेस और ऑटोमोटिव सहित आठ कैटेगरी से हैं।

भारत के होम मैचों के ब्रॉडकास्टर और स्ट्रीमिंग पार्टनर जियोस्टार ने तीन वनडे (ODIs) और पांच टी20 इंटरनेशनल (T20Is) के लिए टीवी और डिजिटल पर को-प्रेजेंटिंग (Co-Presenting) और एसोसिएट लाइव (Associate Live) पार्टनरशिप के जरिए इन ब्रांड्स को जोड़ा है।

हैवेल्स (Havells), ओपनएआई (OpenAI), गूगल सर्च (Google Search), बर्जर पेंट्स (Berger Paints), हर्बालाइफ (Herbalife), फोनपे (PhonePe) और अल्ट्रावोल्ट (Ultravolt) को को-प्रेजेंटिंग पार्टनर बनाया गया है। वहीं, एशियन पेंट्स (Asian Paints), टाटा कैपिटल (Tata Capital), टाटा एआईजी (Tata AIG), ब्रिटानिया (Britannia), टीवीएस (TVS), विमल पान मसाला (Vimal Pan Masala), एक्सॉनमोबिल (ExxonMobil) और एयरबीएनबी (Airbnb) एसोसिएट पार्टनर हैं।

वेस्टइंडीज सीरीज जियोस्टार के फेस्टिव-सीजन क्रिकेट कैलेंडर (Festive-Season Cricket Calendar) की शुरुआत करेगी। ब्रॉडकास्टर ने इस विस्तारित शेड्यूल को ब्रांड्स के लिए कई स्पोर्ट्स प्रॉपर्टीज (Sports Properties) में लगातार विजिबिलिटी बनाए रखने के अवसर के तौर पर पेश किया है, ताकि वे केवल किसी एक मैच या टूर्नामेंट पर निर्भर न रहें।

वेस्टइंडीज टूर ऑफ इंडिया 2026 की शुरुआत 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम से तीन मैचों की वनडे सीरीज के साथ होगी। इसके बाद पांच मैचों की टी20 सीरीज 6 अक्टूबर से शुरू होगी।

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'Baatein Dil Se’ में नाविका कुमार के साथ होंगी दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता

टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर- इन -चीफ नाविका कुमार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से महिला सुरक्षा, सत्य निकेतन त्रासदी और राजधानी से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत की।

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Published - Friday, 25 September, 2026
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Friday, 25 September, 2026
naavikakumar

टाइम्स नाउ नवभारत (Times Now Navbharat) की एडिटर इन चीफ और वरिष्ठ पत्रकार नाविका कुमार (Navika Kumar) ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) से राजधानी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत की है। नाविका कुमार ने एक्स (X) पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि बातचीत में दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा, सत्य निकेतन त्रासदी (Satya Niketan Tragedy) और राजधानी के सामने मौजूद बड़े सवालों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही दिल्ली की चुनौतियों, चिंताओं और आगे की राह को लेकर भी मुख्यमंत्री से बातचीत हुई।

नाविका कुमार ने बताया कि यह बातचीत उनके कार्यक्रम ‘बातें दिल से विद नाविका कुमार’ (Baatein Dil Se with Navika Kumar) में प्रसारित होगी। कार्यक्रम आज शाम 7 बजे टाइम्स नाउ (Times Now) के यूट्यूब (YouTube) चैनल पर देखा जा सकेगा। इसके बाद रात 9 बजे इसे ‘द न्यूज ऑवर’ (The News Hour) में भी प्रसारित किया जाएगा।

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नए तेवर और अंदाज में आएगा ‘द फ्रंट’ : राणा यशवंत

वरिष्ठ पत्रकार राणा यशवंत ने एक्स पोस्ट के जरिए डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म ‘द फ्रंट’ के नए अंदाज में दर्शकों से जुड़ने की जानकारी दी। प्लेटफॉर्म न्यूजरूम और स्टूडियो के साथ आएगा।

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Published - Friday, 25 September, 2026
Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
ranayashwant

वरिष्ठ पत्रकार राणा यशवंत (Rana Yashwant) ने अपने नए डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म (Digital News Platform) ‘द फ्रंट’ (The Front) को लेकर जानकारी साझा की है। उन्होंने एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया कि ‘द फ्रंट’ अब अपनी टीम और नए तेवर के साथ दर्शकों से जुड़ने जा रहा है।

राणा यशवंत के मुताबिक, ‘द फ्रंट’ अब अपने न्यूजरूम (Newsroom) और स्टूडियो (Studio) के साथ दर्शकों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि आखिरकार मसला खबर का ही है और खबर को किस तरह देखा और प्रस्तुत किया जाता है, इससे भी काफी कुछ तय होता है।

उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि इस मोर्चे पर उन्होंने कोई समझौता नहीं किया है। हालांकि, प्रेजेंटेशन (Presentation) और खबरों को बताने के तरीके को तकनीक के जरिए और बेहतर किया जाएगा। उनका कहना है कि दर्शकों को इसका अंदाज नया लगेगा और इसमें ताजगी के साथ कुछ ऐसा भी देखने को मिलेगा, जो इसे अलग महसूस कराएगा।

राणा यशवंत ने अपनी पोस्ट में लिखा, “आप सभी को नई ख़बर देनी है। #thefront डिजिटल न्यूज़ प्लैटफॉर्म अब अपनी टीम और तेवर के साथ आप से जुड़ने जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि ‘द फ्रंट’ के जरिए खबरों की प्रस्तुति में बदलाव और तकनीक के इस्तेमाल के साथ दर्शकों के लिए एक नया अनुभव तैयार करने की कोशिश होगी।

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वेबदुनिया ने पूरे किए 27 साल : हिंदी से आठ भारतीय भाषाओं तक पहुंची यात्रा

वेबदुनिया ने 23 सितंबर 2026 को अपनी डिजिटल यात्रा के 27 वर्ष पूरे कर लिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारतीय भाषाओं और पत्रकारिता में योगदान के लिए बधाई दी।

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Published - Wednesday, 23 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 23 September, 2026
webduniya

डिजिटल क्रांति के दौर में हिंदी को इंटरनेट पर पहचान दिलाने वाले वेबदुनिया (Webdunia) ने 23 सितंबर 2026 को अपनी यात्रा के 27 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 1999 में मध्य प्रदेश से शुरू हुई यह यात्रा आज भारतीय भाषाओं की डिजिटल दुनिया में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन चुकी है।

वेबदुनिया की शुरुआत ऐसे समय में हुई थी, जब इंटरनेट पर अंग्रेजी का दबदबा था और भारतीय भाषाओं के लिए डिजिटल स्पेस (Digital Space) बनाना बड़ी चुनौती थी। वेबदुनिया ने हिंदी को इंटरनेट पर स्वतंत्र पहचान देने की दिशा में काम किया और आगे चलकर हिंदी के साथ सात अन्य भारतीय भाषाओं में भी अपनी मौजूदगी बनाई।

इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) ने वेबदुनिया को बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि हिंदी सहित सात अन्य भारतीय भाषाओं में करोड़ों पाठकों की आवाज बनने की यह यात्रा सराहनीय है। उन्होंने वेबदुनिया की राष्ट्र समर्पित पत्रकारिता के निरंतर जारी रहने की मंगल कामना की।

27 वर्षों की यह यात्रा केवल एक डिजिटल पोर्टल (Digital Portal) की वर्षगांठ नहीं है, बल्कि भारतीय भाषाओं की डिजिटल यात्रा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। करोड़ों पाठकों तक पहुंच इस बात को सामने रखती है कि भारत की डिजिटल कहानी केवल अंग्रेजी में नहीं लिखी जा सकती।

अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में भारतीय भाषा मीडिया के सामने नई चुनौतियां और संभावनाएं हैं। AI लोगों के सूचना हासिल करने, ज्ञान प्राप्त करने और संवाद करने के तरीके को तेजी से बदल रहा है। ऐसे में चुनौती केवल भारतीय भाषाओं को ट्रांसलेट (Translate) करने की नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति, संदर्भ और विविधता को समझने वाली तकनीक तैयार करने की भी है।

भारत में करोड़ों लोग अपनी मातृभाषा में सोचते और संवाद करते हैं। ऐसे में भारतीय भाषाओं में तैयार डिजिटल कंटेंट (Digital Content) आने वाले समय में AI के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। पिछले 27 वर्षों में भारतीय भाषा मीडिया ने समाचार, विचार, संस्कृति, इतिहास, मनोरंजन, खेल और समाज से जुड़ा बड़ा कंटेंट तैयार किया है, जो अब कंटेंट से आगे बढ़कर संदर्भ और ज्ञान के नए स्रोत के रूप में भूमिका निभा सकता है।

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पारलीन रणहोत्रा बनीं 'Monks India' की ग्रोथ लीड

पारलीन रणहोत्रा ने गूगल के बाद Monks India में ग्रोथ लीड के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए नियुक्ति की जानकारी साझा की।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 23 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 23 September, 2026
parleen

पारलीन रणहोत्रा (Parleen Ranhotra) ने Monks India में ग्रोथ लीड (Growth Lead) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नियुक्ति की जानकारी साझा करते हुए संगठन का हिस्सा बनने पर उत्साह जताया।

रणहोत्रा ने कहा कि एडटेक (AdTech) क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और ऐसे समय में Monks अपने इनोवेशन (Innovation) और ग्रोथ (Growth) पर फोकस के कारण उनके लिए खास जगह है। उन्होंने यह भी बताया कि गूगल (Google) में काम करने के दौरान Monks उनके क्लाइंट्स (Clients) में से एक था। ऐसे में क्लाइंट साइड (Client Side) से एजेंसी साइड (Agency Side) में उनका यह बदलाव उनके लिए खास मायने रखता है।

अपने लिंक्डइन पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैं आधिकारिक तौर पर Monk बन गई हूं। यह साझा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मैंने Monks India में ग्रोथ लीड के तौर पर जॉइन किया है।”

इससे पहले पारलीन रणहोत्रा गूगल में डेटा एनालिस्ट, मार्केटिंग पार्टनर्स-एलसीएस (Data Analyst, Marketing Partners - LCS) के पद पर काम कर रही थीं। नई भूमिका में वह Monks की टीम के साथ काम करने, सहयोग करने, नई चीजें सीखने और आगे बढ़ने को लेकर उत्साहित हैं।

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शंघाई में प्रतीक माथुर से मिले ब्रजेश मिश्रा : भारत-चीन संवाद पर हुई चर्चा

भारत समाचार के एडिटर-इन-चीफ ब्रजेश मिश्रा ने शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर से मुलाकात की और व्यापार, तकनीक, संस्कृति तथा सहयोग को लेकर अपने विचार साझा किए।

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Published - Tuesday, 22 September, 2026
Last Modified:
Tuesday, 22 September, 2026
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भारत समाचार (Bharat Samachar) के एडिटर-इन-चीफ और वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्रा (Brajesh Mishra) ने शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर (Pratik Mathur) से मुलाकात की। इस मुलाकात को उन्होंने यादगार बताते हुए अपने एक्स (X) पोस्ट के जरिए अनुभव साझा किया।

ब्रजेश मिश्रा ने कहा कि पूर्वी चीन में भारत का प्रतिनिधित्व केवल औपचारिक डिप्लोमेसी (Diplomacy) तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, तकनीक, संस्कृति और आपसी सहयोग के बीच भरोसे के नए रास्ते बनाना भी इसका हिस्सा है।

उन्होंने प्रतीक माथुर की समझ, ऊर्जा और भारत के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। ब्रजेश मिश्रा ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारत और पूर्वी चीन के बीच संवाद और अधिक सार्थक परिणाम देगा। उन्होंने प्रतीक माथुर और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं भी दीं।

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पीएम मोदी के पुराने इंटरव्यू साझा करेंगे दीपक चौरसिया : बताया ‘मोदी आर्काइव्स’ का प्लान

वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने पुराने इंटरव्यू की झलकियां साझा करने की जानकारी दी है। यह सिलसिला अगले 15 दिनों तक चलेगा।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 17 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 17 September, 2026
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वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया (Deepak Chaurasia) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ किए गए अपने पुराने इंटरव्यू (Interview) की खास झलकियां साझा करने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया (Social Media) पोस्ट में बताया कि अगले 15 दिनों तक वह इन दुर्लभ इंटरव्यू की झलकियां दर्शकों के साथ साझा करेंगे।

दीपक चौरसिया ने अपनी पोस्ट में लिखा कि राजनीतिक पत्रकारिता (Political Journalism) के सफर में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई ऐतिहासिक इंटरव्यू किए हैं। अब वह इन्हीं इंटरव्यू से जुड़ी खास झलकियां ‘मोदी आर्काइव्स’ (Modi Archives) के नाम से लेकर आएंगे।

उन्होंने बताया कि इन इंटरव्यू में गुजरात दंगों से जुड़े तीखे सवालों के साथ कई दिलचस्प बातचीत भी शामिल होंगी। उन्होंने लोगों से ‘मोदी आर्काइव्स’ के लिए इंतजार करने को कहा है।

अपनी पोस्ट में दीपक चौरसिया ने #DeepakChaurasiaModiTalk का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने इसके लिए मिले प्यार और समर्थन का धन्यवाद देते हुए दावा किया कि इस हैशटैग को ग्लोबली नंबर दो (Globally No. 2) पर ट्रेंड कराया गया।

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