दक्षिण कोरिया की टेक दिग्गज कंपनी सैमसंग ने अगले पांच वर्षों में 310 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है। यह निवेश मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत बनाने पर केंद्रित होगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दक्षिण कोरियाई बहुराष्ट्रीय समूह 'Samsung' घोषणा की है कि वह आने वाले पांच वर्षों में 310 अरब डॉलर का निवेश करेगी। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जो मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के विकास के लिए किया जा रहा है।
सैमसंग की प्रमुख इकाई 'Samsung Electronics' पहले से ही दुनिया की शीर्ष मेमोरी चिप निर्माता कंपनियों में से एक है, जो एआई उद्योग को आवश्यक हार्डवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराती है। इस निवेश के तहत कंपनी 'Pyeongtaek Plant 5' नामक एक नई सेमीकंडक्टर फैक्ट्री बनाएगी, जो 2028 तक संचालन में आएगी।
यह प्लांट वैश्विक चिप सप्लाई चेन और दक्षिण कोरिया के घरेलू चिप इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, 'Samsung SDS', जो कंपनी का आईटी और लॉजिस्टिक्स डिवीजन है, दक्षिण कोरिया के 'South Jeolla' और 'Gumi' क्षेत्रों में दो नए एआई डेटा सेंटर्स स्थापित करेगा।
साथ ही, 'Samsung SDI' इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए नेक्स्ट-जनरेशन बैटरियों, जिनमें ऑल-सॉलिड-स्टेट बैटरी शामिल है, के उत्पादन पर काम करेगी। सैमसंग का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब दक्षिण कोरियाई सरकार ने एआई पर अपने खर्च को तीन गुना करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति ली जे म्यंग ने देश को अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की शीर्ष तीन एआई शक्तियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है।
एआई पर अरबों डॉलर खर्च करने के बावजूद मुनाफा न कमा पाने वाली कंपनियों की सूची में शामिल OpenAI अब ChatGPT में विज्ञापन दिखाने की तैयारी कर रही है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में Google, Meta, OpenAI और Perplexity जैसी कंपनियां भारी निवेश कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद एआई चैटबॉट्स से सीधा मुनाफा अभी भी चुनौती बना हुआ है। इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI अब अपने चैटबॉट में विज्ञापन (Ads) दिखाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
दरअसल OpenAI के कुछ कर्मचारी एआई मॉडल्स में ऐसे बदलावों पर काम कर रहे हैं, जिससे यूज़र के सवालों के जवाब में स्पॉन्सर्ड जानकारी को प्राथमिकता दी जा सके। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यूज़र ChatGPT से मस्कारा की सलाह मांगता है, तो उसे किसी ब्यूटी ब्रांड का स्पॉन्सर्ड सुझाव दिखाया जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल के हफ्तों में OpenAI के भीतर ऐसे मॉकअप्स तैयार किए गए हैं, जिनमें यह दिखाया गया है कि ChatGPT के इंटरफेस में विज्ञापन कैसे जोड़े जा सकते हैं। कुछ डिज़ाइनों में स्पॉन्सर्ड कंटेंट को साइडबार में दिखाने का विकल्प भी शामिल है, साथ ही यह स्पष्ट करने की योजना है कि कौन-से नतीजे विज्ञापन हैं।
हालांकि, कंपनी इस बात को लेकर भी सतर्क है कि कहीं विज्ञापन यूज़र्स को परेशान न कर दें। इसी वजह से यह भी सोचा जा रहा है कि निजी बातचीत के आधार पर विज्ञापन दिखाने से बचा जाए, ताकि यूज़र्स का भरोसा बना रहे। 2022 में लॉन्च होने के बाद से ChatGPT की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ी है और आज इसके 900 मिलियन से अधिक साप्ताहिक सक्रिय यूज़र हैं।
OpenAI का लक्ष्य 2030 तक इस संख्या को 2.6 अरब तक पहुंचाने का है। हालांकि, CEO सैम ऑल्टमैन पहले सार्वजनिक रूप से विज्ञापनों के विचार को कमतर बताते रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट में दावा है कि बीते एक साल में कंपनी ने डिजिटल एडवर्टाइजिंग विशेषज्ञों को हायर किया है और शॉपिंग से जुड़े फीचर्स पर काम शुरू किया है।
अगर OpenAI विज्ञापन बाजार में उतरती है, तो यह Amazon, Google और Meta जैसे दिग्गजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है, जो फिलहाल वैश्विक डिजिटल विज्ञापन बाजार के लगभग 60% हिस्से पर कब्जा किए हुए हैं। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि ChatGPT में विज्ञापन कब और किस रूप में दिखाई देंगे।
OpenAI ने अपने एआई मॉडल्स से जुड़े संभावित खतरों का आकलन और रोकथाम करने के लिए एक अहम पद Head of Preparedness के लिए भर्ती शुरू की है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बढ़ती चुनौतियों के बीच OpenAI ने एक बेहद अहम पद के लिए भर्ती का ऐलान किया है। कंपनी Head of Preparedness की तलाश कर रही है, जो उसके अत्याधुनिक एआई मॉडल्स से उभरने वाले संभावित खतरों को पहले से पहचानने और उन्हें रोकने की रणनीति तैयार करेगा।
यह पद Safety Systems टीम के अंतर्गत आता है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि OpenAI के सबसे शक्तिशाली मॉडल्स को जिम्मेदारी और सुरक्षित तरीके से विकसित और लॉन्च किया जाए। यह भूमिका सैन फ्रांसिस्को स्थित होगी और इसके लिए कंपनी सालाना 5.55 लाख डॉलर (लगभग 4.99 करोड़ रुपये) तक का पैकेज, नकद वेतन के साथ इक्विटी भी देने को तैयार है।
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने खुद इस नौकरी की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने इसे कंपनी के लिए “बेहद महत्वपूर्ण” और “तनावपूर्ण” भूमिका बताया, जिसमें शामिल होते ही जटिल सुरक्षा चुनौतियों पर काम करना होगा।
जॉब प्रोफाइल के अनुसार, Head of Preparedness को थ्रेट मॉडलिंग, कैपेबिलिटी इवैल्यूएशन, और रिस्क मिटिगेशन जैसे अहम क्षेत्रों का नेतृत्व करना होगा। इस भूमिका में तेज़ी से विकसित हो रहे एआई मॉडल्स के लिए मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करना और उसे बड़े स्तर पर लागू करना शामिल है।
यह भर्ती ऐसे समय में सामने आई है जब OpenAI को लेकर कई विवाद और कानूनी मुकदमे चल रहे हैं। हाल के मामलों में ChatGPT पर आत्महत्या और हिंसा को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे एआई सुरक्षा को लेकर वैश्विक बहस और तेज़ हो गई है। OpenAI का यह कदम साफ संकेत देता है कि कंपनी अब AI Safety को प्राथमिकता देते हुए भविष्य के जोखिमों से निपटने के लिए गंभीर तैयारी में जुटी है।
OpenAI ने ChatGPT में नया Characteristics फीचर जोड़ा है, जिससे यूज़र अब चैटबॉट की गर्मजोशी, उत्साह, इमोजी इस्तेमाल और जवाब देने की शैली को अपनी पसंद के मुताबिक बदल सकेंगे।
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ChatGPT को और ज्यादा पर्सनल और यूज़र-फ्रेंडली बनाने की दिशा में OpenAI ने एक नया अपडेट जारी किया है। शुक्रवार को कंपनी ने “Characteristics” नाम का फीचर लॉन्च किया, जिसके ज़रिए यूज़र अब यह तय कर सकेंगे कि ChatGPT उनसे किस अंदाज़ में बात करे। यह फीचर चैटबॉट की Personalisation Settings का हिस्सा है और मौजूदा आठ प्रीसेट पर्सनैलिटी से एक कदम आगे जाकर कस्टमाइज़ेशन का नया स्तर जोड़ता है।
OpenAI के अनुसार, अब यूज़र ChatGPT की Warmth (गर्मजोशी), Enthusiasm (उत्साह), Headers & Lists और Emoji उपयोग जैसे गुणों को एडजस्ट कर सकते हैं। खास बात यह है कि इन बदलावों से ChatGPT की बुद्धिमत्ता या सटीकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा, केवल जवाब देने की शैली बदलेगी।
यह फीचर साइडबार में जाकर Settings → Personalisation → Characteristics में उपलब्ध है। हर विकल्प को More, Default और Less तीन स्तरों पर सेट किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, Warm को “More” करने पर जवाब ज्यादा दोस्ताना और अपनापन लिए होंगे, जबकि “Less” करने पर जवाब ज्यादा प्रोफेशनल और सीधे होंगे।
इसी तरह Enthusiasm को बढ़ाने पर ChatGPT ज्यादा जोशीला लगेगा, जबकि कम करने पर शांत और संतुलित रहेगा। यूज़र चाहें तो इमोजी का इस्तेमाल भी कम या ज्यादा कर सकते हैं, हालांकि फिलहाल इसे पूरी तरह बंद करने का विकल्प नहीं दिया गया है।
इसके अलावा, जो यूज़र ChatGPT की पूरी पर्सनैलिटी बदलना चाहते हैं, वे Base Style and Tone में जाकर Professional, Friendly, Candid, Quirky, Efficient, Nerdy या Cynical जैसे आठ प्रीसेट में से किसी एक को चुन सकते हैं। कुल मिलाकर, यह अपडेट ChatGPT को एक ज्यादा इंसानी और पसंद के मुताबिक ढलने वाला एआई साथी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
OpenAI ने ChatGPT को एक बड़े प्लेटफॉर्म की दिशा में बढ़ाते हुए डेवलपर्स को सीधे चैटबॉट के भीतर अपने ऐप्स सबमिट और पब्लिश करने की सुविधा शुरू कर दी है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI ने एक बड़ा ऐलान किया है। अब डेवलपर्स सीधे ChatGPT के भीतर अपने ऐप्स को रिव्यू और पब्लिश कर सकेंगे। इस कदम के साथ ChatGPT सिर्फ एक चैटबॉट नहीं, बल्कि एक ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ता दिख रहा है।
नई व्यवस्था के तहत, थर्ड-पार्टी डेवलपर्स अपने ऐप्स को ChatGPT में इंटीग्रेट कर सकेंगे, ताकि एआई एजेंट यूज़र की ओर से उन ऐप्स में काम पूरा कर सके। मंज़ूरी मिलने के बाद ये ऐप्स एक नए ChatGPT App Directory में दिखाई देंगे, जो वेब, मोबाइल और डेस्कटॉप तीनों पर उपलब्ध होगी।
OpenAI के मुताबिक, यूज़र्स अब साधारण टेक्स्ट कमांड देकर ऐप्स से काम करवा सकेंगे। जैसे किराने का सामान ऑर्डर करना, किसी आउटलाइन को स्लाइड डेक में बदलना या किराए का घर ढूंढना। यह फीचर पहली बार अक्टूबर में हुए DevDay इवेंट में पेश किया गया था।
फिलहाल Adobe, Canva, Spotify, Expedia, Booking.com, Instacart, Figma जैसे कई बड़े ऐप्स ChatGPT के साथ काम कर रहे हैं। डेवलपर्स को इसके लिए Apps SDK (बीटा) का इस्तेमाल करना होगा, जिसके जरिए चैट-नेटिव ऐप्स बनाए जा सकते हैं।
OpenAI ने साफ किया है कि हर ऐप के लिए स्पष्ट प्राइवेसी पॉलिसी अनिवार्य होगी। यूज़र को यह भी दिखाया जाएगा कि कौन-सा डेटा ऐप के साथ साझा हो रहा है, और वे कभी भी ऐप को डिस्कनेक्ट कर सकते हैं। कंपनी सुरक्षा और गोपनीयता के लिए ऑटोमैटिक स्कैन और मैन्युअल रिव्यू दोनों करेगी।
भविष्य में OpenAI डेवलपर्स के लिए डिजिटल गुड्स से कमाई जैसे नए मोनेटाइजेशन विकल्प भी लाने की योजना बना रही है। इस बीच, Apple Music को भी ChatGPT App Directory में जोड़ दिया गया है, जिससे यूज़र चैट के ज़रिए प्लेलिस्ट बना सकेंगे और गाने खोज सकेंगे।
नए साल के पहले दिन दिल्लीवासियों को केंद्र सरकार की ओर से बड़ी सौगात मिलने जा रही है। 1 जनवरी से राजधानी में ‘भारत टैक्सी’ ऐप आधारित सेवा शुरू होगी।
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नए साल की शुरुआत के साथ ही दिल्लीवासियों को यात्रा के क्षेत्र में एक नया और भरोसेमंद विकल्प मिलने जा रहा है। 1 जनवरी से राजधानी में केंद्र सरकार समर्थित ‘भारत टैक्सी’ ऐप आधारित सेवा शुरू की जाएगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और दिल्ली में इसका सफल परीक्षण भी किया जा चुका है।
‘भारत टैक्सी’ सेवा को ओला, ऊबर और रैपिडो जैसे निजी एग्रीगेटर्स के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है। इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों को कम से कम 80 प्रतिशत किराया सीधे मिलेगा। यह मॉडल ड्राइवर-ओन्ड कोऑपरेटिव सिस्टम पर आधारित है, जिससे ड्राइवरों की आय बढ़ेगी और उनके कार्य हालात भी बेहतर होंगे।
यात्रियों के लिए भी यह सेवा कई मायनों में फायदेमंद साबित होगी। इसमें पीक आवर्स के दौरान होने वाली मनमानी सर्ज प्राइसिंग पर रोक लगेगी। इसके साथ ही बुकिंग कैंसिल करना, यात्रा के दौरान अनावश्यक बहस और अन्य आम शिकायतों को कम करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
इस ऐप का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 56 हजार ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करा चुके हैं। दिल्ली के बाद गुजरात के राजकोट में भी इसका ट्रायल चल रहा है, जहां 1 फरवरी से सेवा शुरू होने की संभावना है।
भारत टैक्सी में कार, ऑटो और बाइक तीनों सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह जीरो कमीशन मॉडल ड्राइवरों को निजी कंपनियों पर निर्भरता से मुक्त कर एक न्यायसंगत और आत्मनिर्भर विकल्प देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फीचर 2026 में पेश किया जा सकता है, जिसमें वयस्क यूजर्स को सीमित दायरे में एक्सप्लिसिट और NSFW बातचीत की अनुमति मिलेगी।
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OpenAI के लोकप्रिय एआई टूल ChatGPT को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी साल 2026 में ChatGPT का नया Adult Mode लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है। इस मोड के तहत वयस्क यूजर्स को कुछ अतिरिक्त और अधिक एक्सप्लिसिट उपयोग विकल्प मिल सकते हैं, जिनमें सीमित स्तर की NSFW बातचीत और कामुक रोलप्ले भी शामिल हो सकता है।
'The Verge' की रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI की एप्लीकेशन सीईओ फिद्जी सिमो ने संकेत दिया है कि यह फीचर 2026 की पहली तिमाही में लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि Adult Mode को लेकर वह बेहद सतर्क है और इसे तभी पेश किया जाएगा जब मजबूत और भरोसेमंद आयु सत्यापन प्रणाली पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
OpenAI का कहना है कि यह मोड केवल कानूनी रूप से वयस्क यूजर्स के लिए ही उपलब्ध होगा। इसके लिए कंपनी पारंपरिक ऑप्ट-इन सिस्टम की बजाय एआई आधारित एज वेरिफिकेशन तकनीक विकसित कर रही है। यह सिस्टम यूजर की गतिविधियों और कुछ डिजिटल संकेतों के आधार पर उम्र का अनुमान लगाएगा।
फिलहाल यह तकनीक शुरुआती परीक्षण चरण में है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस आयु सत्यापन सिस्टम का परीक्षण कुछ चुनिंदा देशों में किया जा रहा है, जहां यह उन यूजर्स की पहचान करता है जो खुद को वयस्क बताकर लॉग इन करने की कोशिश करते हैं।
अगर परीक्षण सफल रहता है, तो सबसे पहले यह फीचर अमेरिका में लॉन्च हो सकता है। संभावना है कि ChatGPT का Adult Mode केवल पेड सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध होगा। इससे पहले OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन भी संकेत दे चुके हैं कि कंपनी वेरिफाइड एडल्ट यूजर्स के लिए नए और एक्सक्लूसिव फीचर्स पर काम कर रही है।
ओपनएआई ने अपना नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल जीपीटी-5.2 लॉन्च कर दिया है। यह बिजनेस, ऑफिस और प्रोफेशनल कामों को तेज और सटीक बनाने पर फोकस करता है।
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दुनिया की अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों में शामिल ओपनएआई ने अपने नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल जीपीटी-5.2 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह नया मॉडल इस बात का संकेत है कि कंपनी अब केवल बेहतर चैट अनुभव तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि एआई को सीधे व्यावसायिक और प्रोफेशनल कामों का हिस्सा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
जीपीटी-5.2 को इस तरह तैयार किया गया है कि यह रियल-वर्ल्ड और प्रैक्टिकल टास्क को पहले से कहीं बेहतर तरीके से संभाल सके। चाहे किसी कंपनी को सेल्स प्रेजेंटेशन तैयार करनी हो, किसी अस्पताल को शेड्यूल मैनेज करना हो या ऑफिस से जुड़े जटिल दस्तावेज बनाने हों, यह मॉडल इन सभी कामों में ज्यादा सटीक और भरोसेमंद साबित होता है।
आंतरिक परीक्षणों में इसकी परफॉर्मेंस ने कई प्रतिस्पर्धी मॉडलों को पीछे छोड़ा है। फिलहाल इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है। शुरुआत में इसका एक्सेस पेड यूजर्स को दिया गया है, जिनमें चैटजीपीटी गो, प्लस, प्रो, बिजनेस और एंटरप्राइज सब्सक्राइबर्स शामिल हैं।
फ्री और एजुकेशन अकाउंट्स के यूजर्स को इसके लिए कुछ समय इंतजार करना होगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेड यूजर्स को सीमित समय तक पुराने वर्जन का एक्सेस मिलता रहेगा। नई क्षमताओं के तहत जीपीटी-5.2 लंबी बातचीत, बड़े डॉक्यूमेंट और मल्टी-स्टेप वर्कफ्लो को बेहतर ढंग से समझता है।
यह अब कैलेंडर, स्प्रेडशीट और कोड जैसे बाहरी टूल्स को भी खुद ऑपरेट कर सकता है। कीमत की बात करें तो इसका बेस और प्रो मॉडल अलग-अलग प्रोफेशनल जरूरतों को ध्यान में रखकर तय किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने भारत में 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है। यह एशिया में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नडेला ने भारत के लिए एक ऐतिहासिक निवेश की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट भारत में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। यह एशिया महाद्वीप में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है।
सत्य नडेला ने इस घोषणा की जानकारी एक्स पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री के साथ अपनी तस्वीर भी जारी की। उन्होंने कहा कि यह निवेश भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित भविष्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस निवेश से देश में डिजिटल ढांचे का विस्तार, तकनीकी कौशल का विकास और नई क्षमताओं का निर्माण किया जाएगा।
वहीं कंपनी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि यह निवेश तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित होगा जिसमें ढांचे का विस्तार, कौशल विकास और तकनीकी संप्रभुता शामिल होगी। माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य भारत को पारंपरिक डिजिटल ढांचे से आगे ले जाकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सार्वजनिक ढांचे की दिशा में अग्रसर करना है।
भारत सरकार का मानना है कि इस निवेश से देश में स्टार्टअप, शोध संस्थान, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। आने वाले वर्षों में डेटा केंद्रों, एआई प्रयोगशालाओं और डिजिटल प्रशिक्षण केंद्रों का जाल पूरे देश में फैलाया जाएगा। दरअसल, इस ऐलान को भारत के तकनीकी भविष्य की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो देश को वैश्विक एआई केंद्र बनाने की ओर मजबूत कदम साबित होगा।
Thank you, PM @narendramodi ji, for an inspiring conversation on India’s AI opportunity. To support the country’s ambitions, Microsoft is committing US$17.5B—our largest investment ever in Asia—to help build the infrastructure, skills, and sovereign capabilities needed for… pic.twitter.com/NdFEpWzoyZ
— Satya Nadella (@satyanadella) December 9, 2025
Netflix ने Warner Bros Studios को खरीदकर मनोरंजन जगत में ऐतिहासिक मर्जर कर दिया है। इस डील के तहत HBO, HBO Max और Warner के फिल्म–टीवी स्टूडियोज अब Netflix का हिस्सा बनेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Netflix ने 72 बिलियन डॉलर यानी 6.47 लाख करोड़ रुपये में Warner Bros Studios को खरीदने का ऐलान किया है। यह डील न सिर्फ वित्तीय दृष्टि से बहुत बड़ी है, बल्कि मनोरंजन जगत के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ सकती है। बोर्ड मीटिंग के बाद की गई घोषणा के मुताबिक, Netflix अब Warner Bros Discovery के फिल्म और टीवी स्टूडियोज के साथ-साथ HBO और HBO Max को भी अपने प्लेटफॉर्म में शामिल करेगा।
Netflix के CEO टेड सारंडोस ने इसे कंपनी की बड़ी छलांग बताते हुए कहा कि Warner की विशाल फिल्म और शो लाइब्रेरी Netflix यूजर्स को अभूतपूर्व कंटेंट विकल्प देगी। यह डील कैश और Netflix के शेयर से पूरी की जाएगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, Disney और Amazon भी रेस में थे, लेकिन Netflix ने सबसे अधिक बोली लगाई।
डील अगले साल की पहली तिमाही में रेगुलेटरी मंजूरी के बाद पूरी होगी। Netflix के वर्तमान 30 करोड़ वैश्विक सब्सक्राइबर्स और Warner के 13 करोड़ यूजर्स मिलकर अब एक विशाल संयुक्त दर्शक वर्ग बनाएंगे। इससे Netflix का मार्केट शेयर 40% से अधिक हो जाएगा।
Netflix की शुरुआत 1997 में DVD रेंटल सर्विस के रूप में हुई थी, जबकि Warner Bros 1923 से हॉलीवुड का सबसे बड़ा नाम रहा है। बैटमैन, हैरी पॉटर और DC यूनिवर्स जैसी फ्रेंचाइजी अब Netflix के पास होंगी। डील के बाद Netflix 2026 तक Warner Bros की लोकप्रिय IP के साथ 50 नए ओरिजिनल शोज लॉन्च करेगा। कंपनी का अगला बड़ा फोकस भारत और एशियाई बाजार होंगे, जहां तेजी से नए यूजर्स जुड़ रहे हैं।
भारत के स्मार्टफोन निर्यात में जबरदस्त बढ़त दर्ज हुई है। अक्टूबर 2025 में अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात तीन गुना बढ़कर 1.47 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत से अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात में अक्टूबर 2025 में शानदार उछाल देखने को मिला। पिछले वर्ष अक्टूबर में यह आंकड़ा 0.46 अरब डॉलर था, जो अब बढ़कर 1.47 अरब डॉलर हो गया है यानी तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में भारत ने अमेरिका को 10.78 अरब डॉलर के स्मार्टफोन निर्यात किए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 3.60 अरब डॉलर थे। हालांकि जून से सितंबर के बीच निर्यात में गिरावट देखी गई थी, लेकिन अक्टूबर में इसमें सुधार हुआ है।
महीनेवार आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में 1.65 अरब डॉलर, मई में 2.29 अरब डॉलर, जून में 1.99 अरब डॉलर, जुलाई में 1.52 अरब डॉलर, अगस्त में 0.96 अरब डॉलर और सितंबर में 0.88 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था।
एक अधिकारी के अनुसार, टैरिफ संबंधी अनिश्चितताओं और वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव के बावजूद यह वृद्धि भारत की रणनीतिक उत्पादन क्षमता, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना, और मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क की सफलता को दर्शाती है।
भारत के वैश्विक स्मार्टफोन निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच यह 10.68 अरब डॉलर से बढ़कर 15.95 अरब डॉलर तक पहुंच गया, यानी 49.35% की वृद्धि देखने को मिली। यह रुझान इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक स्मार्टफोन विनिर्माण हब के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है।