इसका मतलब यह है कि अदालत के सामने मौजूद सबूत यह दिखाते हैं कि उमर और शरजील के भाषणों और गतिविधियों ने हिंसा की योजना बनाने और उसे बढ़ावा देने में भूमिका निभाई।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।