इसके अलावा क्षेत्रीयता, अंधविश्वास, कुरीतियाँ, क्रूर अवैज्ञानिकता, एक वर्ग की लालची, स्वार्थी व्यवस्था जो स्वयं आंतरिक रूप में वर्गों और कर्मकांडों के आधार पर बँटी थी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।