अविनाश कौल ने नेटवर्क18 में अपने कार्यकारी पद से हटने का फैसला लिया है। यह उनके करियर के उस दौर का अंत है, जो पिछले तीन दशकों में भारतीय ब्रॉडकास्ट मीडिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण दौरों के साथ चला।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अविनाश कौल ने नेटवर्क18 में अपने कार्यकारी पद से हटने का फैसला लिया है। यह उनके करियर के उस दौर का अंत है, जो पिछले तीन दशकों में भारतीय ब्रॉडकास्ट मीडिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण दौरों के साथ चला।
27 साल के करियर में करीब आधा समय उन्होंने CEO लेवल की जिम्मेदारियों में बिताया। ऐसे में कौल उन चुनिंदा मीडिया लीडर्स में शामिल हैं जिन्होंने लगातार बड़े पैमाने, स्थिरता और संस्थागत सोच को एक ऐसे सेक्टर में बनाए रखा जो हमेशा बदलता रहा।
हाल ही में, नेटवर्क18 में ब्रॉडकास्ट और पब्लिशिंग के CEO और A+E Networks | TV18 के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में, कौल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क की देखरेख कर रहे थे। उनके पोर्टफोलियो में 16 भाषाओं में 20 न्यूज चैनल शामिल थे, जो सालाना 700 मिलियन से अधिक दर्शकों तक पहुंचते थे। उनका कार्यकाल उस समय आया जब न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग एक साथ फ्रैगमेंटेशन, डिजिटलाइजेशन और बढ़ते निगरानी दबाव का सामना कर रही थी, इसलिए संचालन में अनुशासन और रणनीतिक स्पष्टता बेहद जरूरी थी। नेटवर्क18 में ब्रॉडकास्ट और पब्लिशिंग बिजनेस में कौल हमेशा मजबूत आधार और सहारा रहे।
नेटवर्क18, जिसमें उन्होंने 2014 में कदम रखा, में कौल ने ब्रॉडकास्ट ऑपरेशंस को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और उन्हें पब्लिशिंग और डिजिटल इकोसिस्टम के साथ और अधिक जुड़ा बनाया। उनकी लीडरशिप का तरीका “स्केल के साथ स्ट्रक्चर” था, यानी विकास हो लेकिन मजबूत सिस्टम, ऑडियंस इंटेलिजेंस और रेवेन्यू अनुशासन के साथ। छोटे-छोटे डिसरप्शन के पीछे दौड़ने की बजाय उनका ध्यान हमेशा सस्टेनेबल मीडिया बिजनेस बनाने पर था, जो समय की चाल और बाजार के दबाव को झेल सके। नेटवर्क18 में उनके काम ने उनके टर्नअराउंड लीडर की छवि को और मजबूत किया।
अविनाश कौल का प्रभाव केवल उनके संगठन तक सीमित नहीं था। वे मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल के बोर्ड में भी रहे, जिसने भारतीय रीडरशिप सर्वे जैसी महत्वपूर्ण रिपोर्ट पर नजर रखी। इसके अलावा वे ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के एक्सटेंडेड टेक्निकल कमिटी में शामिल रहे और टीवी माप प्रणाली में सुधार में योगदान दिया। द एडवरटाइजिंग क्लब की मैनेजिंग कमिटी में भी उनकी भागीदारी मीडिया, मार्केटिंग और मीजरमेंट की बड़ी चर्चा में शामिल थी।
नेटवर्क18 से पहले कौल ने भारत की कई प्रमुख मीडिया कंपनियों में सीनियर लीडरशिप की जिम्मेदारियां संभाली। Bennett, Coleman & Co. Ltd. में टीवी डिविजन के CEO के रूप में उन्होंने तेजी से विस्तार और प्रोफेशनलाइजेशन के दौर में टीवी ऑपरेशंस को संभाला। इसके पहले Sahara One, NDTV, Star India और Discovery Communications जैसी कंपनियों में भी उनके नेतृत्व अनुभव ने उन्हें रिसर्च, प्लानिंग, स्ट्रेटेजी, मार्केटिंग और बिजनेस ऑपरेशंस का व्यापक ज्ञान दिया।
सहकर्मियों के अनुसार, कौल एक सहयोगी लीडर हैं, जो डेटा संचालित फैसलों और टीमों के बीच तालमेल पर भरोसा करते हैं। उनका मैनेजमेंट स्टाइल टीमों को लंबे समय का सोचने, लचीले रहने और ऑडियंस बिहेवियर को समझदारी से जवाब देने के लिए प्रेरित करता है। ऐसे दौर में जब मीडिया लीडरशिप में कंटेंट, टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स की समझ जरूरी हो गई है, कौल की स्किल्स ने उन्हें बेहद प्रासंगिक और टिकाऊ बना दिया।
अविनाश कौल अपने ऑफिस से जाते हुए केवल पद छोड़कर नहीं जा रहे हैं, बल्कि उनके करियर ने भारतीय मीडिया के संस्थागत विकास को दर्शाया- छोटे और अलग चैनलों से लेकर बड़े मल्टी-भाषा नेटवर्क तक, और सहज निर्णयों से लेकर एनालिटिक्स आधारित रणनीति तक। उनकी विरासत विश्वसनीयता, स्थिरता और मजबूत सिस्टम बनाने का काम है।
कौल का अगला कदम पूरी इंडस्ट्री के लिए रुचिकर रहेगा। कश्मीर से 17 साल की उम्र में निकलने वाले इस युवा ने लंबा सफर तय किया है। उन्होंने संगठन बनाए, करियर बनाए और अपने संगठनों में नेताओं को तैयार किया। उनके अगले कदम के बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि बड़े मीडिया और टेक कंपनियों ने उन्हें अपने ऑपरेशंस और बोर्ड में शामिल होने के लिए संपर्क किया है। एक बात तय है, जहां भी अविनाश कौल जाएंगे, वहाँ वह मूल्य पैदा करेंगे और एक परिवर्तनकारी, मानव-केंद्रित संगठन का नेतृत्व करेंगे।
6 जनवरी 2026 को श्रीअधिकारी ब्रदर्स टेलिविजन नेटवर्क (Sri Adhikari Brothers Television Network Limited) के बोर्ड ने कई अहम फैसले लिए हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
6 जनवरी 2026 को श्रीअधिकारी ब्रदर्स टेलिविजन नेटवर्क (Sri Adhikari Brothers Television Network Limited) के बोर्ड ने कई अहम फैसले लिए हैं। बोर्ड मीटिंग लगभग 45 मिनट चली और इसमें कंपनी के शेयर, कर्ज और नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
सबसे बड़ा फैसला कंपनी के शेयर स्प्लिट को लेकर हुआ। बोर्ड ने तय किया है कि मौजूदा एक इक्विटी शेयर (₹10 का) को 10 छोटे शेयरों (₹1 के) में बदला जाएगा। इससे छोटे निवेशकों के लिए शेयर खरीदना आसान और आकर्षक होगा। इस बदलाव के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी आवश्यक है, जिसके लिए पोस्टल बैलट का रास्ता अपनाया जाएगा।
इसके साथ ही बोर्ड ने कंपनी की कर्ज लेने की सीमा भी तय की है। कंपनी अब 500 करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है और प्रमोटर से 100 करोड़ रुपये तक का लोन लेकर उसे बाद में शेयरों में बदलने का विकल्प भी रखा गया है।
नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है। श्री किरण कुमार इनामपुडी ने चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वे अभी भी एक्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में बोर्ड का हिस्सा रहेंगे। नए चेयरपर्सन के तौर पर श्री श्रीवत्सव सुनकरा की नियुक्ति की गई है। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बड़े भाषा मॉडल (LLMs) में एक्सपर्ट हैं और बोर्ड की मंजूरी के बाद ही यह पद संभालेंगे।
बोर्ड ने इसके लिए पोस्टल बैलट नोटिस जारी करने और ई-वोटिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कृष्णा गोकुलकुमार शाह को स्क्रूटिनाइज़र भी नियुक्त किया है।
ई-वोटिंग प्रक्रिया 14 जनवरी से शुरू होकर 12 फरवरी 2026 तक चलेगी। परिणाम 13 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।
इन फैसलों के बाद कंपनी का लक्ष्य है कि निवेशकों की भागीदारी बढ़े, शेयर मार्केट में तरलता बढ़े और कंपनी की वित्तीय स्ट्रक्चर मजबूत बने।
Sri Adhikari Brothers Television Network Limited ने बोर्ड बैठक में श्रीवत्सव सुनकारा की चेयरपर्सन के रूप में नियुक्ति को मंज़ूरी दी है। यह नियुक्ति 6 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Sri Adhikari Brothers Television Network Limited (SABTNL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने आज हुई बैठक में Srivatsava Sunkara को कंपनी का नया चेयरपर्सन नियुक्त करने को मंज़ूरी दे दी है। नियामक फाइलिंग्स के अनुसार, यह नियुक्ति 6 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
श्रीवत्सव सुनकारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं। उनका ट्रैक रिकॉर्ड संगठनों के संचालन को अधिक कुशल बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने का रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सुनकारा का बोर्ड के किसी भी मौजूदा निदेशक से कोई पारिवारिक या पेशेवर संबंध नहीं है और वे SEBI या किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा निदेशक पद धारण करने से प्रतिबंधित नहीं हैं।
इसी बैठक में बोर्ड ने वर्तमान चेयरपर्सन Kiran Kumar Inampudi का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है, जो 6 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। हालांकि, इनामपुड़ी कंपनी में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे और सक्रिय योगदान देते रहेंगे।
कंपनी सूत्रों के मुताबिक, यह नेतृत्व परिवर्तन SABTNL की डिजिटल और तकनीकी रणनीति को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, जहां एआई आधारित समाधान भविष्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
वहां नेटवर्क18 (ब्रॉडकास्ट) के सीईओ और A+E नेटवर्क्स | TV18 के मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘नेटवर्क18’ (Network18) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। विश्वसनी सूत्रों के हवाले से मिली इस खबर के मुताबिक सीनियर मीडिया प्रोफेशनल अविनाश कौल ने ‘नेटवर्क18’ में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वहां नेटवर्क18 (ब्रॉडकास्ट) के सीईओ और A+E नेटवर्क्स | TV18 के मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
अपनी इस भूमिका में वह ‘नेटवर्क18’ के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को रिपोर्ट कर रहे थे। इस खबर की पुष्टि के लिए समचार4मीडिया ने 'नेटवर्क18' के शीर्ष प्रबंधन से संपर्क किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक वहां से कोई जवाब नहीं मिल सका था।
बता दें कि अविनाश कौल ‘नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड’ (Network18 Media & Investments Limited) में एक दशक से ज्यादा समय से कार्यरत थे। पिछले अगस्त में उनके पोर्टफोलियो में इजाफा किया गया था, ताकि टीवी, डिजिटल और प्रिंट में सीधे राजस्व वृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके। इस दौरान उन्हें टीवी और प्रिंट बिजनेस के ऑपरेटिंग वर्टिकल्स और रेटिंग बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अविनाश कौल को इंडस्ट्री में काम करने का 26 साल से ज्यादा का अनुभव है और पिछले करीब 15 वर्षों से वह लीडरशिप भूमिकाएं निभा रहे हैं। ब्रैंड निर्माण से लेकर कंटेंट को विभिन्न शैलियों में गढ़ने और इंडस्ट्री के तेज बदलावों के बीच टीमों को दिशा देने तक अविनाश का प्रभाव व्यापक और गहरा रहा है। सहयोगी, दूरदर्शी और परिणामों पर नज़र रखने वाले लीडर के रूप में वे जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व की खासियत यह रही है कि वे नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए दर्शकों की पसंद और व्यवसायिक लक्ष्यों के संतुलन को हमेशा प्राथमिकता देते हैं।
अपने करियर के दौरान अविनाश कौल ने जनरल न्यूज, बिजनेस न्यूज, जनरल एंटरटेनमेंट, किड्स प्रोग्रामिंग, रीजनल एंटरटेनमेंट और अंग्रेजी व हिंदी फिल्मों जैसे तमाम कंटेंट जॉनर (genres) का प्रबंधन करते हुए टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी विशेषज्ञता का परिचय दिया है। उन्हें ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) के तहत सीईओ ऑफ द ईयर का पुरस्कार भी मिल चुका है।
‘नेटवर्क18’ से पहले अविनाश कौल ‘टाइम्स टेलीविजन नेटवर्क’ (Times Television Network) में चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं, जहां उन्होंने ‘टाइम्स नाउ’ (Times Now), ‘ईटी नाउ’ (ET Now) और ‘जूम’ (ZOOM) जैसे प्रमुख चैनल्स का प्रबंधन किया।
वह ‘टाइम्स टेलिविजन नेटवर्क’ के अलावा ‘सहारा वन’ में बतौर सीईओ काम कर चुके हैं। उन्होंने सात साल तक ‘एनडीटीवी मीडिया’ में बतौर एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट के रूप में भी काम किया है। ‘एनडीटीवी’ से पहले कौल ‘डिस्कवरी कम्युनिकेशनंस’ और ‘स्टार इंडिया’ के साथ भी काम कर चुके हैं। कौल ने अपना करियर ‘माइंडशेयर’ के साथ बतौर मीडिया प्लानर शुरू किया था।
नई व्यवस्था के तहत कुलदीप मिश्रा संभालेंगे लल्लनटॉप की संपादकीय जिम्मेदारी, जबकि रजत सेन प्रोडक्शन टीम का नेतृत्व करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘इंडिया टुडे’ (India Today) समूह से एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, वर्तमान में इस समूह के डिजिटल न्यूज पोर्टल ‘द लल्लनटॉप’ (The Lallantop) और ‘इंडिया टुडे’ (हिंदी) के एडिटर सौरभ द्विवेदी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस नए बदलाव के साथ ही कुलदीप मिश्रा को ‘द लल्लनटॉप’ की संपादकीय जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि रजत सेन प्रोडक्शन टीम का नेतृत्व करेंगे।
इस बारे में ‘इंडिया टुडे’ समूह की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने लिखा है, ‘इंडिया टुडे ग्रुप डिजिटल के साथ 12 साल की पारी के बाद ‘द लल्लनटॉप’ और इंडिया टुडे (हिंदी) के एडिटर सौरभ द्विवेदी अब अलग-अलग क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने aajtak.in में फीचर्स एडिटर के रूप में जॉइन किया था और कमलेश के साथ मिलकर लल्लनटॉप को देश के हिंदी भाषी इलाकों के युवाओं का भरोसेमंद और पसंदीदा डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया।’
इसके साथ ही कली पुरी ने लिखा, ‘मुझे सौरभ और उनके द्वारा किए गए काम पर बेहद गर्व है। समय के साथ हम इस बात पर चर्चा करते रहे हैं कि वे अपनी रचनात्मक ऊर्जा ऐसे अन्य माध्यमों में लगाना चाहते हैं, जो फिलहाल इंडिया टुडे ग्रुप के पोर्टफोलियो का हिस्सा नहीं हैं। कुलदीप और रजत दोनों ही लल्लनटॉप की फाउंडिंग टीम का हिस्सा रहे हैं। किसी संस्थान में अपने ही लोगों के जरिये पीढ़ीगत बदलाव देखना मुझे सबसे ज़्यादा संतोष देता है। कुलदीप अक्सर एलटी शो और नेतानगरी जैसे कार्यक्रमों की एंकरिंग करते हैं, जबकि रजत ने द लल्लनटॉप को प्रोडक्शन के कई बदलावों और नए दौर से सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। हालांकि सौरभ की कमी ज़रूर महसूस होगी, लेकिन आने वाले इस बदलाव को लेकर मैं काफ़ी उत्साहित हूं।’
बता दें कि सौरभ द्विवेदी ने अपने इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर भी एक ट्वीट किया है, जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं-
यूँ ही आबाद रहेगी दुनिया
— Saurabh Dwivedi (@saurabhtop) January 5, 2026
हम न होंगे कोई हमसा होगा
शुक्रिया @TheLallantop
मान, पहचान और ज्ञान के लिए.
एक अल्पविराम के बाद नई यात्रा की तैयारी
( शेर नासिर काज़मी की कलम से) pic.twitter.com/yrVSM2YpQw
बता दें कि सौरभ द्विवेदी मूलरूप से उत्तर प्रदेश में उरई के रहने वाले हैं। कानपुर से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और फिर यहीं बस गए। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका आगाज 2007 में स्टार न्यूज के साथ इंटर्नशिप से हुआ। इंटर्नशिप पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ वक्त तक एक एस्ट्रो शो में काम किया और फिर ‘टाइम्स‘ समूह से जुड़ गए। ‘नवभारत टाइम्स’ में करीब तीन साल पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने के बाद सौरभ ने न्यूज एडिटर के रूप में ‘भास्कर‘ समूह का दामन थामा और यहां से उनकी सीधे ‘इंडिया टुडे‘ ग्रुप में एंट्री हुई, जहां से अब उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।
सरकार ने एक अहम फैसले में वरिष्ठ भारतीय सूचना सेवा अधिकारी ममता वर्मा को दूरदर्शन न्यूज (डीडी न्यूज) का नया डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सरकार ने एक अहम फैसले में वरिष्ठ भारतीय सूचना सेवा अधिकारी ममता वर्मा को दूरदर्शन न्यूज (डीडी न्यूज) का नया डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया है। ममता वर्मा ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभाल रही हैं जब पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग के सामने भरोसा बनाए रखने, संतुलित खबरें देने और तेजी से बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाने की बड़ी चुनौती है।
ममता वर्मा 1994 बैच की IIS अधिकारी हैं और मूल रूप से शिमला, हिमाचल प्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने शिमला के लोरेटो कॉन्वेंट और सेंट बीड्स कॉलेज से पढ़ाई की है। उनकी पढ़ाई और शुरुआती जीवन ने उन्हें सार्वजनिक सेवा के लिए तैयार किया और अपने काम में अनुशासन सिखाया।
अपने करियर के दौरान ममता वर्मा ने संचार, सूचना और नीति से जुड़े कई अहम पदों पर काम किया है और हर जगह अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभाया है। डीडी न्यूज की जिम्मेदारी संभालने से पहले वह केंद्रीय पंचायती राज विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर तैनात थीं। वहां उन्होंने जमीनी स्तर की लोकतांत्रिक व्यवस्था, विकेंद्रीकरण और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के काम को मजबूत किया।
डीडी न्यूज की डायरेक्टर जनरल के तौर पर उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह चैनल को सिर्फ सरकारी जानकारी देने वाले माध्यम तक सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि उसे एक भरोसेमंद, तथ्यपरक और संतुलित न्यूज प्लेटफॉर्म के रूप में आगे बढ़ाएंगी। उनकी यह नियुक्ति हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है और साथ ही यह देश के मीडिया क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है।
Network18 ने अपने प्रमुख अंग्रेज़ी न्यूज़ चैनल CNN-News18 के लिए CNN International के साथ ब्रांड और कंटेंट लाइसेंसिंग साझेदारी को अगले एक दशक के लिए बढ़ा दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत के अग्रणी मीडिया नेटवर्क Network18 ने वैश्विक न्यूज़ ब्रांड CNN International के साथ अपनी लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को अगले 10 वर्षों के लिए नवीनीकृत कर दिया है। इस समझौते के तहत CNN-News18 पर CNN ब्रांड और कंटेंट का लाइसेंस अब 31 दिसंबर 2035 तक जारी रहेगा।
यह साझेदारी पहली बार 2005 में शुरू हुई थी, जिसे 2015 में नवीनीकृत किया गया और अब यह तीसरे दशक में प्रवेश कर रही है। इस नए चरण में दोनों कंपनियों ने केवल टीवी ही नहीं, बल्कि डिजिटल और कनेक्टेड टीवी (CTV) प्लेटफॉर्म्स पर भी सहयोग को और गहरा करने का फैसला किया है।
नई रणनीति के तहत CNN-News18 अपनी डिजिटल मौजूदगी को यूट्यूब, कनेक्टेड टीवी और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक विस्तार देगा, जिससे यह ब्रांड वैश्विक दर्शकों तक पहुंचेगा। इस मौके पर Network18 के मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी ने कहा कि यह साझेदारी वैश्विक न्यूज़ इंडस्ट्री में एक “अद्वितीय और ऐतिहासिक सहयोग” है।
उन्होंने कहा कि अब यह रिश्ता डिजिटल और कनेक्टेड टीवी के जरिए नए विकास के रास्ते खोलेगा। CNN International, जो Warner Bros. Discovery का हिस्सा है, अपनी अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता और संपादकीय विशेषज्ञता इस सहयोग में जारी रखेगा। CNN International के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट Phil Nelson ने कहा कि Network18 के साथ साझेदारी CNN के सबसे मजबूत वैश्विक सहयोगों में से एक है।
तेज़ी से बदलते “ग्लोकल” न्यूज़ परिदृश्य में, जहाँ दुनिया की घटनाएँ सीधे आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं, CNN की वैश्विक पहुंच और Network18 की भारतीय विश्वसनीयता मिलकर दर्शकों को व्यापक और भरोसेमंद समाचार अनुभव प्रदान करती हैं। Network18 आने वाले समय में CNN-News18 के डिजिटल, तकनीकी और संपादकीय विस्तार में और निवेश करेगा, ताकि भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी नेतृत्वकारी स्थिति और मजबूत हो सके।
वैश्विक म्यूज़िक दिग्गज Universal Music Group ने फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की प्रोडक्शन कंपनी Excel Entertainment में कुछ हिस्सेदारी खरीदी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वैश्विक संगीत और मनोरंजन कंपनी Universal Music Group ने भारत के कंटेंट इंडस्ट्री में औपचारिक कदम रखते हुए मुंबई स्थित प्रोडक्शन हाउस Excel Entertainment में कुछ निवेश किया है। यह कंपनी Farhan Akhtar और Ritesh Sidhwani के नेतृत्व में संचालित हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह सौदा लंबे समय से चली आ रही बातचीत के बाद पूरा हुआ है और इसकी औपचारिक घोषणा आज मुंबई में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान की जाएगी। इस कार्यक्रम में Devendra Fadnavis की मौजूदगी भी प्रस्तावित है, जिससे इस साझेदारी को मिल रहे महत्व का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
यह साझेदारी भारत के तेज़ी से बढ़ते फिल्म–ओटीटी–म्यूज़िक इकोसिस्टम और वैश्विक म्यूज़िक इंडस्ट्री के बीच गहरे तालमेल की ओर इशारा करती है। Universal Music Group के लिए यह निवेश भारतीय सिनेमा, म्यूज़िक एल्बम्स और ओरिजिनल कंटेंट में अपनी रणनीतिक मौजूदगी को मज़बूत करता है, खासकर ऐसे समय में जब भारत एक प्रमुख ग्रोथ मार्केट के रूप में उभर रहा है।
वहीं, Excel Entertainment के लिए यह साझेदारी ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन, इंटरनेशनल म्यूज़िक इंटीग्रेशन और वैश्विक सहयोग के नए रास्ते खोलती है। जानकारों के मुताबिक, इस निवेश से संस्थापकों की हिस्सेदारी या रचनात्मक नियंत्रण पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी बहुमत हिस्सेदारी के साथ पूर्ण क्रिएटिव कंट्रोल बनाए रखेंगे।
कस्तूरी एंड सन्स ने सुंदर कोंडूर को द हिंदू ग्रुप का नया Chief Revenue Officer (CRO) नियुक्त किया है। दो दशकों से अधिक अनुभव रखने वाले कोंडूर ने यह जानकारी लिंक्डइन पोस्ट के ज़रिये साझा की।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Kasturi & Sons, जो The Hindu Group का पब्लिशिंग हाउस है, ने सुंदर कोंडूर को अपना नया Chief Revenue Officer नियुक्त किया है। कोंडूर ने लिंक्डइन पर पोस्ट कर कहा कि वे The Hindu Group Publishing Pvt. Ltd. में अपनी नई भूमिका शुरू करने को लेकर उत्साहित हैं।
सुंदर कोंडूर मीडिया पब्लिशिंग, विज्ञापन बिक्री और रेवेन्यू लीडरशिप में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे Bennett Coleman & Co. (टाइम्स ग्रुप) के साथ नौ साल से अधिक समय तक जुड़े रहे और विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाईं। दिलचस्प बात यह है कि कोंडूर पहले भी Kasturi & Sons के साथ Vice President – Advertising Sales के रूप में काम कर चुके हैं।
मई 2015 से नवंबर 2016 के बीच उन्होंने The Hindu के लिए नेशनल सेल्स का नेतृत्व किया था। अपने करियर के शुरुआती चरण में वे Mid Day में भी सीनियर भूमिकाओं में रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोंडूर का अनुभव द हिंदू ग्रुप की रेवेन्यू रणनीति को और मज़बूत करेगा तथा डिजिटल और प्रिंट दोनों प्लेटफॉर्म्स पर विकास को गति देगा।
चुनाव आयोग ने 2025 के लिए वोटर एजुकेशन और जागरूकता पर सबसे अच्छे मीडिया कैंपेन के लिए मीडिया हाउस से आवेदन मांगे हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
चुनाव आयोग ने 2025 के लिए वोटर एजुकेशन और जागरूकता पर सबसे अच्छे मीडिया कैंपेन के लिए मीडिया हाउस से आवेदन मांगे हैं। इसका मकसद उन मीडिया संस्थाओं को पहचानना है जिन्होंने चुनाव में भागीदारी बढ़ाने और सभी के लिए आसान चुनावों के बारे में जागरूकता फैलाने में विशेष काम किया।
ये अवॉर्ड चार कैटेगरी में दिए जाएंगे– प्रिंट, टेलीविजन, रेडियो और ऑनलाइन मीडिया। इसमें वो मीडिया कैंपेन शामिल होंगे, जिन्होंने:
आसान और सुलभ चुनाव को प्रमोट किया,
चुनाव प्रक्रिया को समझाया,
चुनाव से जुड़े IT ऐप्स को दिखाया,
दूरदराज के मतदान केंद्रों की कवरेज की, और
लोगों में वोटिंग के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई।
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया है कि वे उन मीडिया संस्थाओं के नाम सुझाएं जिन्होंने 2025 में इन क्षेत्रों में विशेष योगदान दिया। सभी नामों की समीक्षा चुनाव आयोग स्तर पर गठित जूरी करेगी।
इसके अलावा, मीडिया टीमों के शानदार प्रयासों को पहचानने के लिए आयोग ने नया मीडिया एक्सीलेंस अवॉर्ड भी शुरू किया है। इसके तहत हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ CEO सोशल मीडिया टीम को एक अवॉर्ड मिलेगा। ये अवॉर्ड इस साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर प्रस्तुत किए जाएंगे।
आयोग ने कहा है कि इस श्रेणी के तहत सभी सुझाव और नामांकन इस महीने की 7 जनवरी तक भेजे जाएं।
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— Election Commission of India (@ECISVEEP) January 4, 2026
ECI invites entries from Media Houses for the Media Awards 2025.
The Award(s) will be presented on National Voters’ Day 2026.
(1/6) pic.twitter.com/ppefmzK6R6
दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में ‘श्री राम और तमिलगम’ पुस्तक का विमोचन हुआ। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने श्री राम को प्रथम पर्यावरण संरक्षक बताते हुए जीव-दया और प्रकृति संतुलन पर जोर दिया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के दूसरे दिन आयोजित एक विशेष सत्र में पुस्तक ‘श्री राम और तमिलगम: एक अटूट बंधन’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. नरसी राम बिश्नोई, कुलपति, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (हिसार) उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने भगवान श्री राम के व्यक्तित्व के एक कम चर्चित लेकिन अत्यंत प्रासंगिक पक्ष—पर्यावरण संरक्षण—को केंद्र में रखा।
प्रो. बिश्नोई ने कहा कि श्री राम केवल मर्यादा पुरुषोत्तम या आदर्श राजा ही नहीं, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के सच्चे रक्षक भी थे। उन्होंने रामायण के समुद्र-प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि जब समुद्र ने मार्ग नहीं दिया और ब्रह्मास्त्र का संधान किया गया, तब श्री राम ने यह विचार कर निर्णय बदला कि इससे असंख्य जलचर निर्दोष रूप से नष्ट हो जाएंगे।
यही संवेदनशीलता उन्हें प्रथम पर्यावरण रक्षक के रूप में स्थापित करती है। उन्होंने बिश्नोई परंपरा का संदर्भ देते हुए गुरु जम्भेश्वर महाराज द्वारा दिए गए 29 नियमों की चर्चा की, जिनका मूल उद्देश्य जीव-रक्षा और वृक्ष-संरक्षण है। खेजड़ली के बलिदान को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में पर्यावरण के लिए त्याग कोई नई अवधारणा नहीं, बल्कि जीवित परंपरा है।
अपने वक्तव्य में प्रो. बिश्नोई ने आधुनिक संदर्भों की ओर संकेत करते हुए स्पष्ट किया कि जीव-दया केवल विचार नहीं, आचरण का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि वन्यजीवों को क्षति पहुंचाने वाली प्रवृत्तियों का विरोध करता है।
सच्चा पश्चाताप और संरक्षण का संकल्प ही न्याय और क्षमा का आधार हो सकता है। अंत में उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उत्तर और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक संबंधों को जोड़ने के साथ-साथ ‘राम राज्य’ की उस भावना को सामने लाती है, जहां विकास प्रकृति के विनाश के बिना संभव है।