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तकनीक भाषा के प्रश्न को अप्रासंगिक बना देगी : अखिलेश शर्मा
बहरहाल, अब तकनीक भाषा के प्रश्न को अप्रासंगिक बना देगी। कल्पना कीजिए आप हिन्दी बोलें और एआई उसे आपके ही स्वर में सामने वाले की भाषा में बदल दे। अब ऐसा ही हो रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 11 months ago
केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच इस समय परिसीमन और भाषा को लेकर विवाद देखने को मिला है। इस विवाद के बीच वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश शर्मा का कहना है कि आने वाले समय में तकनीक भाषा के प्रश्न को अप्रासंगिक बना देगी। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट कर लिखा, भारत भाषाओं के विवाद में क्यों उलझा हुआ है? इसकी जड़ में भाषायी आधार पर राज्यों का गठन है।
भाषा को राज्य की पहचान से जोड़ दिया गया। इसी तरह से संस्कृतनिष्ठ हिन्दी को दुत्कारने से भी उत्तर भारतीय राज्य अलग-थलग हो गए क्योंकि दक्षिण भारतीय भाषाएँ संस्कृत के अधिक निकट हैं। संस्कृतनिष्ठ हिन्दी उत्तर और दक्षिण के बीच एक पुल की तरह काम कर सकती थी।
बहरहाल, अब तकनीक भाषा के प्रश्न को अप्रासंगिक बना देगी। कल्पना कीजिए आप हिन्दी बोलें और एआई उसे आपके ही स्वर में सामने वाले की भाषा में बदल दे। अब ऐसा ही हो रहा है। इसलिए आने वाले दिनों में भाषा के नाम राजनीति करने वालों की दुकानें बंद हो जाएँगी।
आपको बता दें, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भाषा से नफरत नहीं की जानी चाहिए, हिंदी दिल्ली में संचार के लिए उपयोगी है। सीएम ने कहा कि हिंदी और अंग्रेजी दोनों का अपना महत्व है और इन्हें सीखना चाहिए।
भारत भाषाओं के विवाद में क्यों उलझा हुआ है? इसकी जड़ में भाषायी आधार पर राज्यों का गठन है। भाषा को राज्य की पहचान से जोड़ दिया गया। इसी तरह से संस्कृतनिष्ठ हिन्दी को दुत्कारने से भी उत्तर भारतीय राज्य अलग-थलग हो गए क्योंकि दक्षिण भारतीय भाषाएँ संस्कृत के अधिक निकट हैं।…
— Akhilesh Sharma (@akhileshsharma1) March 19, 2025
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