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गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर अब कैसे करें भरोसा: रोहित सावल
यूनिवर्सिटी ने बयान जारी करके माफी मांगी और पूरे विवाद को कन्फ्यूजन बताते हुए प्रोफेसर नेहा पर ठीकरा फोड़ा। उसने कहा कि पवेलियन में मौजूद उनके रिप्रेजेंटेटिव को गलत जानकारी थी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 hour ago
दिल्ली एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर चीनी रोबोडॉग और विदेशी ड्रोन को अपना बनाया हुआ बताकर पेश करने का आरोप लगा, जिससे सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। जांच में सामने आया कि ये तकनीक विदेश से खरीदी गई थी, जिसके बाद यूनिवर्सिटी की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे। इस पुरे मामले पर वरिष्ठ पत्रकार रोहित सावल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की।
उन्होंने लिखा, गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीन से खरीदे गए रोबोट्स को एआई समिट में अपने छात्रों की बनाई हुई तकनीक बताना और बाद में सच्चाई सामने आने पर इसे स्वीकार करना बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है। जब देश की सबसे बड़ी एआई समिट में देश-विदेश के महत्वपूर्ण लोग मौजूद हों, तब इस तरह की भ्रामक प्रस्तुति न केवल संस्थान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पूरे आयोजन के स्तर और उद्देश्य पर भी संदेह पैदा करती है।
इस तरह की घटनाएं शिक्षा संस्थानों की पारदर्शिता और ईमानदारी पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। यदि संस्थान अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर या गलत तरीके से प्रस्तुत करेंगे, तो भविष्य में कंपनियां यहां के छात्रों और उनकी क्षमताओं पर भरोसा करने से पहले जरूर सोचेंगी।
शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होता है, और इस तरह की घटनाएं उस विश्वास को कमजोर कर सकती हैं। आपको बता दें, यूनिवर्सिटी ने बयान जारी करके माफी मांगी और पूरे विवाद को कन्फ्यूजन बताते हुए प्रोफेसर नेहा पर ठीकरा फोड़ा। उसने कहा कि पवेलियन में मौजूद उनके रिप्रेजेंटेटिव को गलत जानकारी थी।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी चीन से रोबोट्स खरीदकर AI summit में पहुंच गई. पहले कैमरे पर कहा कि हमारे स्टूडेंट्स ने बनाया है. पोल खुलने पर मान लिया कि हमने नहीं बनाए हैं. देश की सबसे बड़ी AI summit हो रही है, देश विदेश के vvip लोग यहां आ रहे हैं. और ये हमारे exhibition का स्टैंडर्ड है.…
— Rohit Saval (@SavalRohit) February 18, 2026
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