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सुधीर चौधरी के इस ‘सोशल’ ट्वीट को सियासी रंग देने का प्रयास
सुधीर चौधरी के ट्वीट को कांग्रेस सरकार पर हमले के रूप में भी देखा जा रहा है। जबकि ऐसे मामलों में राजनीतिक चश्मा उतारकर देखने की जरूरत है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले विडियो से लोग कुछ वक्त तक जुड़ाव महसूस करते हैं फिर उसे भूलकर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन ‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के साथ ऐसा नहीं है। चौधरी केवल शब्दों में अपनी भावनाओं को बयां करने तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि वह सबकुछ करने का प्रयास करते हैं जो एक जिम्मेदार नागरिक को करना चाहिए।
हाल ही में उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक बच्चे का विडियो शेयर करते हुए उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने की इच्छा दर्शाई। उन्होंने लिखा, ‘इस बच्चे की बातें सुनकर सरकार पता नहीं शर्मिंदा होगी या नहीं लेकिन मैं बहुत शर्मिंदा हूं। अगर आपके पास इस होनहार बच्चे की पूरी जानकारी है तो मुझे भेजिए मैं इसकी पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाऊंगा’। चौधरी यदि चाहते, तो अन्य लोगों की तरह सिर्फ ‘शब्द खर्च’ करके वाहवाही बंटोर सकते थे, मगर उन्होंने बच्चे के भविष्य के बारे में सोचा, जो शायद उनकी मदद से संवर सकता है।
इस बच्चे की बातें सुनकर सरकार पता नहीं शर्मिंदा होगी या नहीं लेकिन मैं बहुत शर्मिंदा हूँ।अगर आपके पास इस होनहार बच्चे की पूरी जानकारी है तो मुझे भेजिए मैं इसकी पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाऊँगा।
— Sudhir Chaudhary (@sudhirchaudhary) February 15, 2020
pic.twitter.com/VKO5Rc2QTD
सुधीर चौधरी के बच्चे का विडियो शेयर करने के बाद जहां कुछ ने उन्हें सराहा, वहीं कुछ ने विडियो को पुराना बताते हुए उन पर कटाक्ष भी किये। इसमें कोई शक नहीं कि विडियो काफी पुराना है, क्योंकि इसकी पुष्टि 2017 में यही विडियो शेयर करने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार ने की है, लेकिन इससे बच्चे के प्रति चौधरी की भावनाएं तो झूठी नहीं हो जातीं? उन्होंने बच्चे की व्यथा को सुना और उसकी मदद की इच्छा प्रकट की। और इसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है।
चौधरी के इस ‘सोशल’ ट्वीट को सियासी रंग देने का प्रयास भी किया गया है। युवा कांग्रेस के नेता अमन दुबे ने चौधरी के ट्वीट के जवाब में लिखा, ‘आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि ये विडियो काफी पुराना है और इसे एबीपी न्यूज के पत्रकार ब्रिजेश राजपूत ने 2017 में शेयर किया था। जिस समय का यह विडियो है, उस दौरान मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह की सरकार थी, क्या आप अब भी उनकी सरकार पर शर्मिंदा हैं’?
आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि ये वीडियो काफी पुराना है और इसे एबीपी न्यूज़ के पत्रकार @brajeshabpnews जी ने 2017 में शेयर किया था।
— Aman Dubey | अमन दुबे (@AmanDubey_) February 16, 2020
— जिस समय का ये वीडियो है उस दौरान MP में @ChouhanShivraj जी की सरकार थी।
• क्या आप अभी भी उनकी सरकार पर शर्मिंदा हैं?@sudhirchaudhary @INCMP https://t.co/PRAyHCAcKJ
2017 में ये वाक्पटु लड़का बार बार घर से भाग जाता था बाद में अपने परिवार के साथ रहने लगा था @sudhirchaudhary @AmanDubey_ https://t.co/Y7uzQNrULm
— Brajesh Rajput (@brajeshabpnews) February 16, 2020
अब चूंकि विडियो में नजर आ रहा बच्चा खुद को मध्यप्रदेश के रीवा का बता रहा है, इसलिए सुधीर चौधरी के ट्वीट को कांग्रेस सरकार पर हमले के रूप में भी देखा जा रहा है। जबकि ऐसे मामलों में राजनीतिक चश्मा उतारकर देखने की जरूरत है। यदि चौधरी सिर्फ और सिर्फ ‘सरकार की शर्मिंदगी’ पर बात करते, तो उनके ट्वीट को ‘हमला’ माना जा सकता था, लेकिन उन्होंने बच्चे की शिक्षा का खर्चा उठाने का ऐलान सार्वजानिक रूप से किया है। वह चाहते हैं कि बच्चा आर्थिक चिंता से मुक्त होकर आगे पढ़ सके और इस ‘चाहत’ को नफरत नहीं बल्कि प्यार की जरूरत है।
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