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राणा यशवंत की प्रशांत किशोर को खुली सलाह : 'अहंकार छोड़ें'
प्रशांत किशोर को कॉर्पोरेट शैली से बाहर निकलकर संगठन और कार्यकर्ताओं की मजबूत फौज खड़ी करनी चाहिए। पार्टी के अन्य साफ-सुथरे नेताओं को आगे लाना चाहिए।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
पीके ने बिहार चुनाव में जन सुराज की करारी हार के बाद मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेस की। इस दौरान उनसे राजनीति से संन्यास वाले दावे को लेकर सवाल हुआ। पीके ने इस सवाल पर कहा कि किस पद पर हूं कि इस्तीफा दे दूं। इस बीच प्रशांत किशोर को वरिष्ठ पत्रकार राणा यशवंत ने एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखकर कई अहम सलाहें दी हैं।
उन्होंने साफ कहा कि अगर पीके सचमुच बिहार की राजनीति में मजबूत और स्थायी विकल्प बनना चाहते हैं, तो उन्हें अपने रवैये और कार्यशैली में गहरे बदलाव की आवश्यकता है। राणा यशवंत ने सबसे पहले यह कहा कि पीके को 'मैं जो कह रहा हूं वही अटल सत्य है' वाली मानसिकता से बाहर आना चाहिए।
अहंकार को त्यागकर जमीन से जुड़ना होगा। उन्होंने चुनावों को लेकर पीके के उन बयानों को भी गैर-जिम्मेदाराना बताया, जिनमें वे कहते हैं कि यदि जदयू 25 से अधिक सीटें जीत गई तो वे राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने लिखा कि प्रशांत किशोर को कॉर्पोरेट शैली से बाहर निकलकर संगठन और कार्यकर्ताओं की मजबूत फौज खड़ी करनी चाहिए।
साथ ही केवल अपने चेहरे पर भरोसा करने की बजाय पार्टी के अन्य साफ-सुथरे नेताओं को आगे लाना चाहिए। राणा यशवंत ने यह भी याद दिलाया कि चुनाव प्रबंधन और चुनाव लड़ना, दोनों बिल्कुल अलग चीजें हैं। टिकट बंटवारे में जातिगत सोच अपनाना 'अलग राजनीति' की घोषणा के विपरीत है। इससे भी बाहर निकलने की जरूरत है।
अंत में उन्होंने कहा कि बिहार में पीके की संभावनाएं बहुत हैं, बशर्ते वे अपनी कमजोरियों को स्वीकार कर ईमानदारी से लोगों को जोड़कर एक मजबूत जनआधार खड़ा करें। आपको बता दें, प्रशांत किशोर ने दावा किया कि घर-घर जाकर सिंबल समझाने के लिए जीविका दीदियों और अन्य सरकारी मशीनरी पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए। चुनाव के बीच पैसे भेजे गए।
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