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महिला क्रिकेट को अभी लंबा रास्ता तय करना है: रजत शर्मा
देश की बेटियों को ज़रा-सा सहारा और अवसर मिल जाए, तो वे कमाल कर सकती हैं, यह उन्होंने सिद्ध कर दिया है। लेकिन महिला क्रिकेट को अभी एक लंबा रास्ता तय करना है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
आईसीसी वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 51 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा कर दी है। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने भी अपने शो में इस मुद्दे को लेकर बात की। उन्होंने कहा, महिला क्रिकेट में विश्व चैंपियनशिप एक रात में नहीं मिली।
एक समय था जब मिताली राज, अंजुम चोपड़ा और झूलन गोस्वामी जैसी खिलाड़ी ने क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उस समय खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधाएँ नहीं थीं। मैच खेलने के लिए रेल के बिना पुष्टि वाले डिब्बों में यात्रा करनी पड़ती थी। अपने बिस्तर साथ ले जाने पड़ते थे। फर्श पर सोना पड़ता था। महिला क्रिकेटरों के साथ भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) का कोई वार्षिक अनुबंध नहीं होता था।
सन् 2005 में जब महिला क्रिकेट टीम उपविजेता रही, तो प्रत्येक खिलाड़ी को प्रति मैच 1000 रुपये मिले। आठ मैचों के कुल 8000 रुपये। और इस बार विश्व चैंपियनशिप जीतने पर बी.सी.सी.आई. ने महिला टीम को 51 करोड़ रुपये का इनाम दिया। अब बी.सी.सी.आई. से हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना जैसी ए-श्रेणी की खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये की वार्षिक फीस मिलती है।
यह बदलाव केवल तीन वर्ष पहले आया, जब जय शाह ने पुरुष और महिला क्रिकेट टीम की मैच फीस के अंतर को समाप्त किया और वेतन समानता (पे पैरिटी) लागू की। अब महिला खिलाड़ियों को टेस्ट मैच के लिए 15 लाख रुपये, एक दिवसीय मैच के लिए 6 लाख रुपये और टी-20 मैच के लिए 3 लाख रुपये की फीस मिलती है।
कोचिंग, प्रशिक्षण और चिकित्सकीय सुविधाओं में पिछले पाँच वर्षों में महिला क्रिकेट में निवेश 16 गुना बढ़ा है। देश की बेटियों को ज़रा-सा सहारा और अवसर मिल जाए, तो वे कमाल कर सकती हैं, यह उन्होंने सिद्ध कर दिया है। लेकिन महिला क्रिकेट को अभी एक लंबा रास्ता तय करना है। विश्व चैंपियनशिप तो केवल एक झांकी है, असली तस्वीर अभी बाकी है।
Women Cricket में World Championship एक रात में नहीं मिली. एक ज़माना था जब मिताली राज, अंजुम चोपड़ा, झूलन गोस्वामी जैसी players ने cricket खेलना शुरू किया था. उस ज़माने में players के लिए कोई facilities नहीं थी. मैच खेलने के लिए railway के unconfirmed compartments में travel करना… pic.twitter.com/DcqOMQlBrF
— Rajat Sharma (@RajatSharmaLive) November 3, 2025
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