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PMAR 2026 की झलक: 1.55 लाख करोड़ के विज्ञापन बाजार में डिजिटल का 60% दबदबा
मेडिसन वर्ल्ड (Madison World) ने प्रतिष्ठित मैगजीन 'पिच' (Pitch) और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के साथ मिलकर पिच मेडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट (PMAR) 2026 की एक झलक पेश की।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 10 hours ago
24 फरवरी को मुंबई में होने वाले आधिकारिक लॉन्च से पहले मेडिसन वर्ल्ड (Madison World) ने प्रतिष्ठित मैगजीन 'पिच' (Pitch) और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के साथ मिलकर पिच मेडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट (PMAR) 2026 की एक झलक पेश की। रिपोर्ट के लॉन्च के बाद एक बड़ा कॉन्फ्रेंस भी होगा, जिसमें इंडस्ट्री के दिग्गज शामिल होंगे।
रिपोर्ट के औपचारिक लॉन्च के बाद एक बड़ा और प्रभावशाली कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य भाषण और पैनल चर्चाएं होंगी। इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री के कई सीनियर लीडर्स शामिल होंगे। मुख्य अतिथि के तौर पर अमित सिंघल, मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ, एशियन पेंट्स मौजूद रहेंगे। विशेष आमंत्रित वक्ता के रूप में गिरीश प्रभु, वाइस प्रेजिडेंट और हेड, Amazon Ads India शामिल होंगे। वहीं समापन मुख्य भाषण शिवम पुरी, सीईओ, Cipla Health देंगे। यानी रिपोर्ट लॉन्च के साथ एक ऐसा मंच भी होगा, जहां विज्ञापन और मार्केटिंग इंडस्ट्री के बड़े नाम अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे।
रिपोर्ट में क्या सामने आया?
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत का विज्ञापन बाजार 1,55,105 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह 2024 के मुकाबले 12% की बढ़त है। इस बार बाजार का आकलन पहले से व्यापक तरीके से किया गया है, जिसमें क्विक कॉमर्स (Q-Comm) और MSME डिजिटल खर्च को भी शामिल किया गया है।
इस नए और विस्तृत आकलन के मुताबिक, अब भारत के कुल विज्ञापन बाजार में डिजिटल की हिस्सेदारी 60% हो गई है, जबकि पारंपरिक मीडिया (टीवी, प्रिंट, रेडियो आदि) 40% पर सिमट गया है।
अगर पुराने तरीके से आंकड़े देखें, जो पहले की रिपोर्ट्स में इस्तेमाल होता था, तो 2025 में विज्ञापन बाजार 7% बढ़कर 1,15,291 करोड़ रुपये रहा। उस हिसाब से डिजिटल की हिस्सेदारी 46% और पारंपरिक मीडिया की 54% थी।
दोनों तरह के आंकड़े एक ही बात दिखाते हैं — बाजार की रफ्तार थोड़ी संतुलित हुई है, लेकिन अब झुकाव साफ तौर पर डिजिटल की तरफ है।
डिजिटल तेजी से आगे
नए आकलन के अनुसार 2025 में डिजिटल विज्ञापन खर्च 93,156 करोड़ रुपये रहा, जो 22% की बढ़त है। वहीं पारंपरिक मीडिया 1% गिरकर 61,949 करोड़ रुपये पर आ गया।
डिजिटल में सर्च, सोशल मीडिया, वीडियो, डिस्प्ले और ई-कॉमर्स के साथ-साथ 4,000 करोड़ रुपये का क्विक कॉमर्स विज्ञापन और 35,814 करोड़ रुपये का MSME डिजिटल खर्च भी शामिल है।
रिपोर्ट का अनुमान है कि 2026 में भारत का कुल विज्ञापन बाजार 1,74,605 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यानी करीब 12–13% की बढ़त। इसमें डिजिटल की हिस्सेदारी करीब 64% यानी 1,11,976 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
पुराने पैमाने से देखें तो बाजार लगभग 9% बढ़कर 1,25,600 करोड़ रुपये तक जा सकता है। साफ है कि अब बाजार की नई वैल्यू डिजिटल प्लेटफॉर्म से ही आ रही है।
कॉन्फ्रेंस में क्या होगा खास?
Pitch Madison Advertising Report 2026 के लॉन्च के साथ एक बड़ा कॉन्फ्रेंस होगा, जहां मार्केटिंग और मीडिया इंडस्ट्री के वरिष्ठ लोग मिलकर इस बात पर चर्चा करेंगे कि आर्थिक दबाव, प्लेटफॉर्म में बदलाव और एआई के बढ़ते असर के बीच विज्ञापन की दुनिया कैसे बदल रही है।
सबसे पहले रिपोर्ट पेश करेंगे Sam Balsara, चेयरमैन, Madison World। इसके बाद इंडस्ट्री का आगे का रणनीतिक नजरिया साझा करेंगे Ajit Varghese, पार्टनर और ग्रुप सीईओ, Madison।
विज्ञापनदाताओं की तरफ से अपनी बात रखेंगे अमित सिंघल, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, Asian Paints। वे बताएंगे कि चुनौतीपूर्ण समय में ब्रांड्स की मीडिया कंपनियों से क्या उम्मीदें हैं। इसके बाद रिटेल मीडिया पर चर्चा होगी, जिसमें गिरीश प्रभु, वाइस प्रेसिडेंट और हेड, Amazon Ads India शामिल होंगे।
कॉन्फ्रेंस का समापन मुख्य भाषण देंगे शिवम पुरी, सीईओ, Cipla Health। वे बताएंगे कि 2027 से पहले ब्रांड्स को कौन से अहम फैसले लेने चाहिए।
इसके अलावा विक्रम सखूजा, नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, Madison, इस बात पर बहस लीड करेंगे कि क्लाइंट्स के लिए क्या बेहतर है- बड़ी होल्डिंग कंपनियां, इंडिपेंडेंट एजेंसियां या इन-हाउस टीम।
पुल्कित त्रिवेदी, मैनेजिंग डायरेक्टर, Snap Inc, विज्ञापन में केपीआई (परफॉर्मेंस मापने के पैमाने) पर चर्चा करेंगे।
वहीं विवेक दास, चीफ डिजिटल ऑफिसर, Madison Media, शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट और विज्ञापन में एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर चर्चा को मॉडरेट करेंगे।
कुल मिलाकर, यह एजेंडा दिखाता है कि विज्ञापन इंडस्ट्री अब सिर्फ तेजी से डिजिटल बढ़त पर नहीं, बल्कि बेहतर नतीजों, जवाबदेही, रिटेल मीडिया, एआई और बदलते एजेंसी ढांचे जैसे मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान दे रही है।
बदलता हुआ विज्ञापन बाजार
पूरी रिपोर्ट और कॉन्फ्रेंस का फोकस इस बात पर है कि अब विज्ञापन इंडस्ट्री सिर्फ तेजी से बढ़ने पर नहीं, बल्कि बेहतर नतीजे, जवाबदेही और पूरे कस्टमर जर्नी पर ध्यान दे रही है। रिटेल मीडिया, एआई, बेहतर माप-तोल और एजेंसी स्ट्रक्चर में बदलाव- यही आने वाले समय के बड़े मुद्दे होंगे।
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