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कांवड़ मार्ग पर दुकान का नाम लिखने का आदेश स्वैच्छिक, राजीव सचान ने पूछा ये बड़ा सवाल
यह अच्छा हुआ कि मुजफ्फरनगर में कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों को अपना नाम लिखने का आदेश स्वैच्छिक बना दिया गया, लेकिन क्या अब भाईचारा बढ़ जाएगा?
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
सावन में कांवड़ियों की यात्रा शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश के कांवड़ रूट पर पड़ने वाली दुकानों के लिए मुज्जफरनगर प्रशासन ने पहले आदेश जारी किया कि, हर दुकानदार को अपनी दुकान पर उसके नाम का बोर्ड लगाना होगा। हालांकि विवाद होने के बाद इस आदेश को वापिस ले लिया गया है।
इसके बाद प्रशासन बैकफ़ुट पर आ गया और कहा की यह आदेश अनिवार्य नहीं, बल्कि ऐच्छिक होगा। इस मसले पर वरिष्ठ पत्रकार राजीव सचान से अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने लिखा, यह अच्छा हुआ कि मुजफ्फरनगर में कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों को अपना नाम लिखने का आदेश स्वैच्छिक बना दिया गया, लेकिन क्या अब भाईचारा बढ़ जाएगा और समाज में किसी तरह की खाई नहीं रह जाएगी?
इस तरह के फैसले जिन कारणों से होते हैं, उन पर हम गौर करने के बजाय हम शुतुरमुर्ग बनना पसंद करते हैं। एक वक्त था, जब हलाल केवल मीट होता था, फिर आटा, दाल, चावल भी हलाल होने लगे और अब तो फ्लैट भी हलाल हो रहे हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होली पर मस्जिदें ढक दी जाती हैं, ताकि रंग की एक छींट भी न पड़े। छींट पड़ने के अंदेशे से कई जगह पुलिस कर्मी अपनी गाड़ी में रंग-रोगन और ब्रश रखकर चलते हैं।
आपको बता दें, योग साधना केंद्र के संस्थापक स्वामी यशवीर आश्रम महाराज ने चेतावनी दी थी कि अगर कांवड़ रूट पर पड़ने वाले मुस्लिम होटल पर संचालक अपना नाम नहीं लिखेंगे तो वह आंदोलन छेड़ देंगे।
यह अच्छा हुआ कि मुजफ्फरनगर में कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों को अपना नाम लिखने का आदेश स्वैच्छिक बना दिया गया, लेकिन क्या अब भाईचारा बढ़ जाएगा और समाज में किसी तरह की खाई नहीं रह जाएगी? इस तरह के फैसले जिन कारणों से होते हैं, उन पर हम गौर करने के बजाय हम शुतुरमुर्ग बनना पसंद करते…
— Rajeev Sachan (@RajeevKSachan) July 18, 2024
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