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होटल, रेस्टोरेंट में मालिक और स्टाफ का नाम लिखा हुआ होना चाहिए: अवधेश कुमार
अभी भी मुझे इस बात का कोई तार्किक उत्तर नहीं मिलता कि कोई दुकानदार, होटल, रेस्टोरेंट अपने दुकान में मालिक का नाम और स्टाफ का नाम क्यों नहीं लिख सकता?
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
यूपी के मुजफ्फरनगर जिले की पुलिस ने खाद्य सामग्री बेचने वालों से कहा है कि वो अपनी दुकानों, ढाबों, ठेलों और होटलों पर साफ-साफ अपना नाम लिखकर रखें ताकि खाने वाले को पता रहे कि वो किसकी दुकान पर खा रहे हैं।
हालांकि इस निर्णय का काफी विरोध भी हो रहा है लेकिन सीएम योगी ने पूरे राज्य के लिए इस प्रकार के आदेश पारित कर दिए है। इसी पूरे मामले पर वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार का कहना है कि इस प्रकार के आदेश का विरोध किया जाना अनुचित है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट की और लिखा, अभी भी मुझे इस बात का कोई तार्किक उत्तर नहीं मिलता कि कोई दुकानदार, होटल, रेस्टोरेंट अपने दुकान में मालिक का नाम और स्टाफ का नाम क्यों नहीं लिख सकता? वैसे तो यह कानून के रूप में पहले से मौजूद है।
सन 2006 में इसके संबंध में बाजाब्ता केंद्र ने नियम बनाए थे। अपना नाम छिपाना सेक्यूलरवाद की रक्षा है और अपना नाम बताना सेक्यूलर विरोध व सांप्रदायिकता है। पूरे गर्व के साथ इस तरह का कुतर्क मुझे नहीं लगता भारत के अलावा किसी और देश में दिया जा सकता है।
आपको बता दे, हिंदू तीर्थयात्री हर साल सावन के महीने में कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। इस दौरान गंगा नदी से पानी लेने के लिए यात्री पैदल चलकर उत्तराखंड जाते हैं और फिर वहां से गंगा जल लाकर शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं। इस बार कांवड़ यात्रा आगामी 22 जुलाई से शुरू हो रही है।
अभी भी मुझे इस बात का कोई तार्किक उत्तर नहीं मिलता कि कोई दुकानदार, होटल, रेस्टोरेंट अपने दुकान में मलिक का नाम और स्टाफ का नाम क्यों नहीं लिख सकता? वैसे तो यह कानून के रूप में पहले से मौजूद है। सन 2006 में इसके संबंध में बाजाब्ता केंद्र ने नियम बनाए थे। अपना नाम छिपाना…
— Awadhesh Kumar (@Awadheshkum) July 19, 2024
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