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भारत कर रहा तुर्किये की मदद, पत्रकार सुशांत झा ने जताया इस बात का संदेह
अनुमान है कि इस भूकंप में 20 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं और भारत समेत दुनिया के कई देशों ने तुर्किये की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
तुर्किये (तुर्की) और सीरिया में घातक भूकंपों के कारण अब तक 8000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। बीते दिन तुर्किये में 7.8, 7.6 और 6.0 तीव्रता के लगातार तीन विनाशकारी भूकंप आए थे। तुर्किये और सीरिया सहित चार देशों में सोमवार को भूकंप ने भारी तबाही मचाई। भूकंप के चलते कंपन इतना तेज था कि हजारों इमारतें ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गईं।
वहीं, सरकारी एजेंसी के मुताबिक अभी मरने वालो की संख्या में इजाफा हो सकता है। डब्लूएचओ के वरिष्ठ अधिकारियों का अनुमान है कि इस भूकंप में 20 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं और भारत समेत दुनिया के कई देशों ने तुर्किये की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। इसी बीच भारत ने बड़ा दिल दिखाया और भूकंप की मार झेल रहे तुर्किये को भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप भारतीय वायु सेना के विमान से भेज दी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से की गई घोषणा के कुछ घंटों बाद ही भारत ने मानवता की मिसाल पेश की।
भारत के द्वारा भेजी जा रही यह मानवीय मदद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद तुर्किये ने भारत का विरोध किया था। वहीं कश्मीर के मसले पर भी यह देश पाकिस्तान के साथ खड़ा नज़र आता है। इसी आशंका को लेकर पत्रकार सुशांत झा ने ट्वीट किया है।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि, भारत इस आपतकाल में तुर्किये को मानवीय आधार पर मदद तो कर रहा है, लेकिन इसमें संदेह ही है कि कश्मीर को लेकर उसका रवैया बदले। तुर्कियेतुर्किये, कनाडा और अमेरिका-इंग्लैंड के शासनतंत्र का बड़ा हिस्सा भारत को औपनिवेशिक और मजहबी दृष्टि से देखता है। भारत को इसी व्यवस्था में आगे बढ़ना है।
पत्रकार सुशांत झा के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं।
भारत इस आपतकाल में तुर्की को मानवीय आधार पर मदद तो कर रहा है, लेकिन इसमें संदेह ही है कि कश्मीर को लेकर उसका रवैया बदले। तुर्की, कनाडा और अमेरिका-इंग्लैंड के शासनतंत्र का बड़ा हिस्सा भारत को औपनिवेशिक और मजहबी दृष्टि से देखता है। भारत को इसी व्यवस्था में आगे बढ़ना है।#Turkey
— सुशांत झा Sushant Jha (@jhasushant) February 8, 2023
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