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क्या पीएम मोदी ने भाषण में दी गाली? रूबिका ने यूं संभाला मोर्चा
दरअसल, गौरव पांधी ने अपने ट्वीट में लिखा ‘प्रधानमंत्री जी यह किस तरह की भाषा है? क्या देश के प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना शोभा देता है?
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर भाषण चर्चा का विषय बन जाता है, लेकिन हाल ही में गुजरात की जनता से उनका संबोधन खूब सुर्खियाँ बंटोर रहा है। मोदी द्वारा गुजराती में दिए गए इस भाषण को उन लोगों द्वारा भी बार-बार सुना जा रहा है, जो गुजराती भाषा नहीं जानते। इसकी वजह है खुद को पॉलिटिकल एनालिस्ट और कांग्रेस का समर्थक बताने वाले गौरव पांधी का एक ट्वीट। इस ट्वीट में उन्होंने पीएम के उक्त भाषण का एक हिस्सा पोस्ट किया और साथ ही आरोप लगाया कि पीएम ने भाषण में गाली का इस्तेमाल किया है। जब यह ट्वीट एबीपी न्यूज़ की वरिष्ठ पत्रकार रूबिका लियाकत की नज़र में आया, तो वो प्रतिक्रिया देने से खुद को नहीं रोक सकीं। इसके बाद रूबिका और गौरव के बीच शब्दों के बाण चले, जिनपर अन्य यूजर्स ने भी जमकर प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं।
दरअसल, गौरव पांधी ने अपने ट्वीट में लिखा ‘प्रधानमंत्री जी यह किस तरह की भाषा है? क्या देश के प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना शोभा देता है? विश्वास नहीं हो रहा, कम-से-कम अपनी कुर्सी का तो सम्मान कीजिये।" वीडियो के ऊपर लिखा गया है 'मोदी ने रैली में कहा ‘बीसी’। इस ट्वीट को अब तक करीब साढ़े तीन हजार बार रीट्वीट किया जा चुका है।
इसके जवाब में रूबिका ने गौरव को फटकार लगाते हुए कहा ‘मुझे यकीन है कि आपको गुजराती का ग भी नहीं आता। ध्यान से सुनने कि ज़हमत उठाएँगे तो समझ में आएगा ‘लड़ाई पाणी नी थवेन छे’ सुनाई देगा ‘थ व ए न छे’ और हाँ सुनने की प्रक्रिया के समय मोदी नफ़रत का चश्मा ज़रूर साइड में उतारकर रखिएगा क्योंकि वो लगाए रखने से सही सुनने पर असर पड़ सकता है।’ रूबिका के इस जवाब को सोशल मीडिया यूजर ने काफी पसंद किया और गौरव को गलत आरोप लगाने के लिए आड़े हाथ लिया। रूबिका लियाकत के ट्वीट को साढ़े छह हजार से ज्यादा रीट्वीट किया जा चुका है।
आप पीएम की स्पीच नीचे विडियो पर क्लिक कर सुन सकते हैं...
मुझे यकीन है कि आपको गुजराती का ग भी नहीं आता। ध्यान से सुनने कि ज़हमत उठाएँगे तो समझ में आएगा ‘लड़ाई पाणी नी थवेन छे’ सुनाई देगा
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) April 21, 2019
‘थ व ए न छे’
और हाँ सुनने की प्रक्रिया के समय मोदी नफ़रत का चश्मा ज़रूर साइड में उतार कर रखिएगा क्योंकि वो लगाए रखने से सही सुनने पर असर पड़ सकता है https://t.co/xQKnQlRsxp
रूबिका के जवाबी हमले के बाद गौरव पांधी ने एक और ट्वीट किया। उन्होंने लिखा ‘मुझे गुजराती का *ग* उतना आता है जितना आपको journalism ka ज ... आपकी तरह झूठ नहीं कहा कि स्मृति ईरानी ने MA किया है और टॉनिक मोदी कौनसा पीते हैं’।
इस पर रूबिका ने कहा ‘हाहा इसे झूठ नहीं ज़ुबान फिसलना कहते हैं मैं आपकी तरह झूठी अकड़ में नहीं कि ग़लती पर क़ायम रहूँ। और रही बात journalism के ज की तो फिर से कान खोल कर सुन लीजिए- सवाल कभी छोटा या बड़ा नहीं होता’। दरअसल, स्मृति ईरानी की क्वॉलिफिकेशन का जिक्र करते हुए रूबिका एमए बोल गई थीं। इसी बात को पकड़कर गौरव ने उन्हें निशाना बनाया, लेकिन रूबिका ने बड़े ही शालीन तरीके से जवाब दिया।
मुझे गुजराती का *ग* उतना आता है जितना आपको journalism ka ज ... आपकी तरह झूठ नहीं कहा कि स्मृति ईरानी ने MA किया है और टॉनिक मोदी कौनसा पीते हैं। https://t.co/TpzgrtczAA
— Gaurav Pandhi गौरव पांधी (@GauravPandhi) April 21, 2019
वहीं, आजतक ने अपने फैक्ट चैक में यह साफ़ किया है कि पीएम मोदी ने अपने भाषण में गाली का इस्तेमाल नहीं किया। 15 सेकेंड के वायरल विडियो में पीएम पानी की समस्या के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं, लेकिन विडियो के अंत में मोदी के कुछ शब्दों को बार-बार दोहरा कर सुनाया गया है, जिसके चलते ऐसा प्रतीत होता है कि पीएम गाली दे रहे हैं। मोदी की यह स्पीच गुजराती में है और वे थाड़ी तेजी से बोल रहे हैं। हालांकि पीएम मोदी की ओरिजनल स्पीच को जब ध्यान से सुना गया तो आजतक ने पाया कि पीएम ने गाली नहीं दी।
मोदी ने स्पीच में गुजराती में कहा ‘लोको एम कहे छे भविष्य मा लड़ाई पाणी नी थवेन छे, आल्या बधा कहो छो पाणी लड़ाई थवाएन छेओ तो पाछी पाणी पेहला पाल केम न बांधिए..’ असल में पीएम ने गुजराती का एक मुहावरा बोला जिसका अर्थ है ‘अगर हमें पता है कि भविष्य में पानी को लेकर लड़ाई होने वाली है तो इसके लिए पहले से सावधानी क्यों न बरती जाए।‘
वायरल वीडियो में ‘लड़ाई थवाएन छे’ शब्दों को बार बार दोहराया गया है, ताकि यह गाली की तरह सुनाई दे। इन शब्दों का अर्थ गूगल ट्रास्लेशन की मदद ढूंढने पर पाया गया कि इसका अर्थ होता है ‘होने वाली है।‘
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