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दिल्ली में 16 वर्षीय किशोर ने की आत्महत्या, अखिलेश शर्मा का छलका दर्द
जरूरी नहीं कि अगर आपको स्कूल में कठोर शिक्षक मिले तो आप भी उनके जैसे ही बनें। वह समय अलग था, यह समय अलग है। हर पीढ़ी, पिछली पीढ़ी से अलग होती है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
राजधानी दिल्ली के राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार दोपहर एक छात्र ने प्लेटफॉर्म से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक करोल बाग स्थित एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा का छात्र था। प्रिसिंपल, कोऑर्डिनेटर, सोशल स्टडीज की शिक्षिका सहित चार महिला शिक्षिकाएं छोटी-छोटी बातों पर उसे डांटती-फटकारती थीं।
इस हृदय विदारक घटना को लेकर वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश शर्मा ने भी सोशल मीडिया पर अपना दर्द व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, प्रिय शिक्षकों, हम जानते हैं कि अब आप शिक्षा के मंदिर में नहीं, दुकानों में काम कर रहे हैं। आप पर प्रबंधन का अत्यधिक दबाव होता है सबसे अच्छे परिणाम लाने का ताकि वे इसकी नुमाइश कर दूसरे बच्चों को अपने स्कूलों में ला सकें।
कई बार आपका इरादा गलत नहीं होता। आपके कड़े व्यवहार में बच्चों की भलाई छुपी होती है। लेकिन अब आप भी मानिए कि जमाना बदल गया है। आज कल बच्चे मां-पिता को पाल रहे हैं, मां-पिता बच्चों को नहीं। अभावों से उठ कर यहां तक पहुंचे माता-पिता अपने बच्चों को वे तमाम सुख-सुविधाएं देना चाहते हैं जिनसे वे वंचित रहे।
वे नहीं जानते कि इसमें उनके बच्चों का हित है या अहित। बच्चे क्या सोचते हैं, क्या चाहते हैं- यह जाने बिना ही एक अंधी दौड़ चल रही है। सोसाइटी में स्टेटस इस बात से बनता है कि बच्चा किस स्कूल में पढ़ता है। कितने पर्सेंट आए। इस बात से नहीं कि वह समाज का हिस्सा और एक अच्छा इंसान बन पा रहा है या नहीं।
यह कुछ ऐसे प्रश्न हैं जिनका उत्तर मिलना आसान नहीं। आप भी इनका उत्तर ढूंढिए। जब तक नहीं मिलता, बच्चों से नर्मी से पेश आएं। जरूरी नहीं कि अगर आपको स्कूल में कठोर शिक्षक मिले तो आप भी उनके जैसे ही बनें। वह समय अलग था, यह समय अलग है। हर पीढ़ी, पिछली पीढ़ी से अलग होती है। उसकी सोच भी अलग होती है और जरूरत भी।
दिल्ली में एक प्रतिष्ठित स्कूल के 16 वर्ष के बच्चे ने स्कूल टीचर्स पर परेशान करने काआरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली। महाराष्ट्र में आरोप है कि एक टीचर ने एक बच्ची से देरी से आने के कारण भारी बैग के साथ सौ बार उठक-बैठक कराई और इससे उसकी मृत्यु हो गई।
— Akhilesh Sharma (@akhileshsharma1) November 20, 2025
प्रिय शिक्षकों
हम जानते हैं…
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