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मीडिया वालों ने सोशल मीडिया के जरिये रोकी गोपाल कांडा की राह!
बीजेपी के कई नेताओं के साथ ही सोशल मीडिया पर सक्रिय पत्रकारों ने भी कांडा के खिलाफ खोल दिया था मोर्चा
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
हाल ही में हरियाणा में हुए चुनाव के बाद राज्य में सरकार बनाने के लिए भाजपा को समर्थन देने आगे आए सिरसा से हरियाणा लोकहित पार्टी के विधायक गोपाल कांडा से पार्टी ने अब दूरी बना ली है। सिरसा से मात्र 602 वोटों से जीतने वाले 53 साल के गोपाल कांडा ने गुरुवार रात को बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की थी।
दरअसल, गोपाल कांडा को लेकर भाजपा के अंदर विरोध के स्वर उठने लगे थे। पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने बलात्कार एवं हत्या के आरोपित विधायक गोपाल कांडा का समर्थन लिए जाने की कोशिशों पर आपत्ति व्यक्त करते हुए पार्टी को सलाह दी थी कि वह सत्ता के लिए अपने नैतिक आधार को ना भूलें। यही नहीं, सोशल मीडिया पर पत्रकारों के एक वर्ग ने भी इसे लेकर तमाम सवाल उठाए थे।
दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार राजीव सचान का अपने ट्विटर अकाउंट पर कहना था, ‘इससे शर्मनाक और कुछ नहीं हो सकता कि भाजपा गोपाल कांडा के समर्थन से सरकार बनाने जा रही है। ऐसा करने का मतलब है जानबूझकर जीती मक्खी निगलगना... और सत्ता के लिए किसी भी हद तक गिरना। इसके अलावा उन्होंने एक अन्य ट्वीट में इस मामले को लेकर करारा कटाक्ष किया था।
अर्ज किया जा रहा कि कांडा को तो सिरसा की जनता ने जिताया है,भाजपा तो बस उसका समर्थन ले रही। इस तर्क से तो ब्रह्मा जी को दोष देना होगा-न वे सृष्टि का निर्माण करते न यह दिन देखना पड़ता!! https://t.co/sOIrd2kcgA
— Rajeev sachan (@Rkumars99) October 25, 2019
वहीं, वरिष्ठ पत्रकार टीवी पत्रकार और यूट्यूब चैनल ‘द फ्रंट’ (The Front) में बतौर संपादक राणा यशवंत ने भी ट्वीट कर गोपाल कांड द्वारा बीजेपी को समर्थन दिए जाने के मुद्दे पर कई सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि यदि सरकार बनाने के लिए बीजेपी को अमित शाह का समर्थन स्वीकार्य है तो बीजेपी से कमजोर कोई दूसरी पार्टी नहीं।
अगर सरकार बनाने के लिए @AmitShah को गोपाल कांडा स्वीकार्य है तो फिर @BJP4India से कमज़ोर कोई दूसरी पार्टी नहीं. फिर तो @narendramodi जी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा बंद कीजिए और ज़ोर से कहिए पापी पटाओ कुर्सी हथियाओ. भारत माता की जय!
— Rana Yashwant (@RanaYashwant1) October 25, 2019
‘टीवी 9 भारतवर्ष’ के पूर्व संपादक विनोद कापड़ी ने भी इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया था।
याद रहे : ये वही गोपाल कांडा हैं जिनके नाम शायद ही कोई आपराधिक मुक़दमा दर्ज ना हो। ये वही कांडा है जो एयर होस्टेस के सुसाइड केस में लंबे वक्त तिहाड़ बिता कर आए हैं। और ये वही कांडा है , जिसकी मदद किंग बनने के लिए भूपिंदर सिंह हुड्डा भी ले चुके हैं। https://t.co/jc9tK9RLGv
— Vinod Kapri (@vinodkapri) October 24, 2019
वरिष्ठ टीवी पत्रकार अजीत अंजुम ने भी एक ट्वीट कर इस मामले में करारा कटाक्ष किया था।
'कांडों के कांडा '
— Ajit Anjum (@ajitanjum) October 25, 2019
हरियाणा के महान सपूत
अपने 'चाल ,चरित्र और चेहरे' के साथ
उड़ान खटोले पर सवार होकर दिल्ली पधार चुके हैं ..
'पतित पावनी गंगा रूपी BJP' में अपने सहचरों के साथ डुबकी लगाकर पहले अपने पाप धोएंगे फिर 'कुर्सी यज्ञ ' में हिस्सा लेंगे..#HaryanaAssemblyPolls pic.twitter.com/7TXhpKspbK
‘आजतक’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर रोहित सरदाना ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर इस मामले को लेकर ट्वीट किया था।
जिसके ख़िलाफ़ लगाए नारे, अब उसी के सहारे?
— रोहित सरदाना (@sardanarohit) October 25, 2019
हरियाणा में अबकी बार, कांडा लगाए बेड़ा पार?
दंगल, 5PM, @aajtak पर.
वरिष्ठ टीवी पत्रकार साक्षी जोशी भी इस मामले में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने बीजेपी पर व्यंग्य कसते हुए कहा था कि जिसके खिलाफ पार्टी सड़कों पर उतरी थी, आज उसी गोपाल कांड के दाग अच्छे हैं, क्योंकि वे बीजेपी के नए नवेले वच्चे हैं।
जिसका इस्तीफा कराने में जी तोड़ मेहनत की, जिसके खिलाफ सड़कों पर उतरी थी बीजेपी, आज उस #GopalKanda के दाग़ अच्छे हैं क्योंकि बीजेपी के अब वो नए नवेले बच्चे हैं.
— Sakshi Joshi (@sakshijoshii) October 25, 2019
इतनी नैतिकता और सच्चाई की मूरत वाली पार्टी पहले वहीं देखी https://t.co/ptYF2JPuxI
माना जा रहा है कि तमाम लोगों समेत सोशल मीडिया पर पत्रकारों के एक वर्ग में भी विरोध के तीखे सुर दिखे तो बीजेपी आलाकमान ने बिना कांडा के ही सरकार बनाने का खाका खींचा। इसके बाद भाजपा ने कांडा से दूरी बनाते हुए ‘जननायक जनता पार्टी’ (जेजेपी) के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया। हरियाणा बीजेपी का कहना है कि गोपाल कांडा को सरकार में शामिल किए जाने का सवाल ही नहीं बनता है।
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2012 को एयर होस्टेस गीतिका शर्मा ने आत्महत्या कर ली थी और सुसाइड नोट में लिखा था कि वह गोपाल कांडा से परेशान होकर अपनी जान दे रही है। उसने कांडा और उसके सहयोगी अरुणा चड्ढा पर भी परेशान करने के आरोप लगाया था। इस मामले में कांडा पर मुकदमा चल रहा है।
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