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वंशवाद की राजनीति कब बंद होगी: राजदीप सरदेसाई
एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर एकतरफा जीत हासिल की है। इसमें बीजेपी के 89, जदयू के 85, लोजपा (रामविलास) के 19, हम के 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमा) के 4 विधायक शामिल हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे से 14, जदयू कोटे से 8, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) कोटे से 2, जीतन राम मांझी की पार्टी से उनके बेटे डॉ. संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो से भी उनका बेटा दीपक प्रकाश मंत्री बने हैं।
इस जानकारी के सामने आने के बाद वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और लिखा कि यह वंशवाद की राजनीति आखिर कब बंद होगी? उन्होंने एक्स पर लिखा, जीतन राम मांझी के बेटे मंत्री बन गए, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे- जो न तो विधायक हैं और न ही विधान परिषद सदस्य उन्हें भी मंत्री बना दिया गया। कई और लोग भी इसी तरह शामिल हुए। यानी वंशवाद की राजनीति अभी भी खूब चल रही है। महिलाओं ने एनडीए की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई, लेकिन 27 सदस्यीय मंत्रिमंडल में सिर्फ 2 महिलाएँ शामिल की गईं। नेता लोग कब अपने कहे पर अमल करेंगे?
आपको बता दें, बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर एकतरफा जीत हासिल की है। इसमें बीजेपी के 89, जदयू के 85, लोजपा (रामविलास) के 19, हम के 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमा) के 4 विधायक शामिल हैं।
Interesting: Jitan Ram Manjhi son becomes minister, Upendra Khushwaha son (who is not even MLA or MLC) becomes minister. Many others too. Dynasty politics alive and kicking. Mahila played key role in big NDA win but just 2 women in 27 member cabinet. When will netas walk the…
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) November 20, 2025
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