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अमित आर्य फिर एक नया कीर्तिमान रचेंगे : राणा यशवंत
इस दौर में जो शख़्स हरियाणा के मुख्यमंत्री का दस साल सलाहकार रहा हो, भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्री का सलाहकार रहा हो, उसका जीवन इतना सादा और इतनी भद्रता-दुर्लभ है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मीडिया सलाहकार रह चुके डॉ. अमित आर्य को रोहतक की दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार राणा यशवंत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट कर उन्हें बधाई दी और भरोसा जताया कि वो फिर एक नया कीर्तिमान रचेंगे।
उन्होंने एक्स पर लिखा, एक शेर है ! आते हैं आज मंहगे, कल सस्ते भी आएंगे, कभी चल कर तेरे क़रीब, रस्ते भी आएंगे। कभी दोपहरी में चाय के ढाबे पर, कभी सर्दियों की नर्म धूप में दफ़्तर की छत पर, कभी आधी रात कार में दिल्ली की सड़कों पर अमित के साथ ज़िंदगी के ना जाने कितने हिस्से और किस्से खोले और समेटे होंगे।
वक़्त की ढलान पर लोगों की बेपरवाही का ज़िक्र भी आया होगा और चढ़ान पर अरसे से बंद रास्तों के कई रिश्तों के सरपट लौटने पर मज़े भी लिए होंगे। शेर से शुरुआत करने का कारण अमित बेहतर समझेंगे। हम दोनों अकेले में शायद एक जैसे दो लोगों का मेल-सा होते हैं। तबीयत, तासीर, तमीज़ और तल्ख़ी में भी।
एक शेर है : आते हैं आज मंहगे, कल सस्ते भी आएंगे. कभी चल कर तेरे क़रीब, रस्ते भी आएंगे.
— Rana Yashwant (@RanaYashwant1) May 28, 2025
कभी दोपहरी में चाय के ढाबे पर, कभी सर्दियों की नर्म धूप में दफ़्तर की छत पर, कभी आधी रात कार में दिल्ली की सड़कों पर - अमित के साथ ज़िंदगी के ना जाने कितने हिस्से और किस्से खोले और समेटे… pic.twitter.com/5zlKJQsOGQ
आज अचानक खबर टपकी और मैं ख़ुशी से भर गया। अमित को हरियाणा के राज्यपाल के आदेश से रोहतक की दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। पढ़ते ही लगा बहुत तेज धूप में ठंडी-ठंडी बूँदों की बरसात आ गई। अमित जीवन में दोस्त, भाई, भरोसा, ईमान सा रहा है। लोगों को बदलता, खुदगर्ज़ होता इतना देखा कि अब असर ही नहीं होता। अमित जैसों ने दुनिया में रिश्ते निभाने वाले हैं। इस भरोसे को खाद-पानी दिया है। हम उम्र होने के बावजूद इज़्ज़त और लिहाज में रत्ती भर कटौती कभी नहीं की।
रेशा भर बदलाव नहीं आया। अमित ना सिर्फ़ निहायत शरीफ हैं बल्कि खाँटी ईमानदार इंसान भी हैं। इस दौर में जो शख़्स हरियाणा के मुख्यमंत्री का दस साल सलाहकार रहा हो, भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्री का सलाहकार रहा हो, उसका जीवन इतना सादा और इतनी भद्रता-दुर्लभ है। अमित जिस ज़िम्मेदारी के साथ हैं और जिन संबंधों से बंधे हैं, आप वहाँ सौ फ़ीसदी ईमानदारी पाएंगे।
एक विश्वविद्यालय का कुलपति होना बहुत बड़ी उपलब्धि है और मैं भरोसे से कह सकता हूँ कि इस दायित्व के साथ भी अमित एक नया कीर्तिमान रचेंगे। ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ।
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