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हमें अपने रीडर्स के पास जाना होगा, बजाय इसके कि वो हमारे पास आएं: दीपक भट्ट
इंडिया टुडे ग्रुप के सर्कुलेशन डायरेक्टर दीपक भट्ट ने मैगजीन डिस्ट्रीब्यूशन और सेल्स में डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका, पोस्ट-कोविड उपभोक्ता व्यवहार में आए बदलाव और भविष्य की रणनीतियों पर बात की।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
इंडियन मैगजीन कांग्रेस (IMC) 2025 के दौरान ‘दि इम्पीरियल’ होटल में आयोजित सत्र में इंडिया टुडे ग्रुप के सर्कुलेशन डायरेक्टर दीपक भट्ट ने मैगजीन डिस्ट्रीब्यूशन और सेल्स में डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका, पोस्ट-कोविड उपभोक्ता व्यवहार में आए बदलाव और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से बात की।
उन्होंने बताया कि कोविड के दौरान, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया कि इंडिया टुडे ने एक दिन भी प्रिंटिंग बंद नहीं की, लेकिन पहले ही साल में उपभोक्ता आदतों में बड़ा बदलाव दिखा। लोग न केवल मैगजीन बल्कि दूध, किराना और कई ऐसे प्रॉडक्ट्स जिन्हें पहले डिजिटल माध्यम से नहीं खरीदा जाता था, अब ऑनलाइन ऑर्डर करने लगे। उन्होंने कहा, “तब हमने सोचा कि क्यों न मैगजीन को भी उसी तरीके से उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए ग्रुप ने अपने डिस्ट्रीब्यूशन प्रोसेस को पूरी तरह रीवैंप किया।”
एक हालिया मैकिंजी सर्वे का हवाला देते हुए भट्ट ने बताया कि अब 10 में से 5 भारतीय प्रोडक्ट खरीदने से पहले स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके तय करते हैं कि क्या खरीदना है। साथ ही, एक औसत उपभोक्ता के पास सप्ताह में ‘पैशनेट प्रोडक्ट्स’ (रुचि-आधारित प्रोडक्ट्स) पर खर्च करने के लिए तीन घंटे अधिक हैं, जो कोविड-पूर्व की तुलना में काफी वृद्धि है।
सर्वे में यह भी सामने आया कि स्पीड, कम लागत, विश्वसनीय डिलीवरी और रिटर्न की सुविधा उपभोक्ता के लिए बेहद अहम है और मैगजीन सेक्टर में यह कमी थी। इसी सोच से ग्रुप ने डिजिटल सेल्स पर जोर दिया।
भट्ट ने कहा, “कोविड से पहले डिजिटल सेल्स हमारे कुल बिजनेस का सिर्फ 1% थीं, जो अब बढ़कर 18% हो चुकी हैं।” उन्होंने डिजिटल सेल्स को तीन कैटेगरी में बांटा-
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ई-कॉमर्स
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क्विक कॉमर्स
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प्रिंट-ऑन-डिमांड
ई-कॉमर्स में 400% ग्रोथ
ई-कॉमर्स की बात करते हुए उन्होंने बताया कि पोस्ट-कोविड में इस चैनल में करीब 400% की वृद्धि हुई है, जिसमें एमेजॉन ने अहम भूमिका निभाई। पहले सिर्फ कवर फोटो और सिंगल प्रोडक्ट लिस्टिंग होती थी, अब हर इश्यू के 7-8 मुख्य आर्टिकल विजुअल फॉर्मेट में डिटेल के साथ लिस्ट किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब एमेजॉन पर India Today का स्टोर पेज भी है, जहां सभी मैगजीन एक जगह उपलब्ध हैं।
प्रमोशन के लिए प्रीमियम प्लेसमेंट, बैनर ऐड, सर्च ऑप्टिमाइजेशन और बुक्स से क्रॉस-प्रमोशन (जैसे मोदी पर किताब देखने पर India Today का बैनर) जैसी रणनीतियों ने ट्रैक्शन बढ़ाया। तीन साल की कोशिश के बाद एमेजॉन की ‘बुक्स’ होमपेज पर अब ‘मैगजीन’ कैटेगरी जोड़ी गई है, जिसमें फिलहाल सिर्फ India Today की मैगजीन हैं, लेकिन एमेजॉन चाहता है कि सभी पब्लिशर्स इसमें शामिल हों।
क्विक कॉमर्स: 10 मिनट में मैगजीन डिलीवरी
भट्ट ने बताया कि पोस्ट-कोविड लोग तुरंत डिलीवरी चाहते हैं, इसलिए Blinkit के साथ 10 मिनट में मैगजीन डिलीवरी शुरू की गई। अब यह सेवा 26 शहरों में है और पिछले दो साल में 5 गुना राजस्व वृद्धि हुई है। अब Zepto भी इस मॉडल में दिलचस्पी ले रहा है।
उन्होंने बताया कि रिटर्न मैनेजमेंट को लेकर ऑपरेशनल एक्सीलेंस विकसित की गई है, जैसे शुक्रवार रात प्रिंट हुई India Today को उसी रात 11 बजे तक डिलीवर कर देना और सभी शहरों में अगले दिन सुबह उपलब्ध करा देना। डैशबोर्ड से रोजाना ट्रैक करके रिटर्न रेशियो को स्वस्थ स्तर पर रखा गया है।
प्रिंट-ऑन-डिमांड: विदेशों में भी तीन दिन में डिलीवरी
दो महीने पहले शुरू हुई इस सेवा में Kindle Direct Publishing के जरिए अब India Today दुनिया भर में ऑर्डर की जा सकती है। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति जर्मनी में बैठे-बैठे तीन दिन में प्रिंटेड कॉपी मंगवा सकता है। यह मैगजीन स्थानीय रूप से प्रिंट होकर डिलीवर होती है।
भट्ट ने सभी पब्लिशर्स को इस मॉडल में शामिल होने का निमंत्रण दिया और बताया कि लागत शून्य है, जबकि रॉयल्टी सीधे पब्लिशर को मिलती है।
भविष्य की दिशा
स्पीच के अंत में उन्होंने कहा,
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“हमें अपने रीडर्स के पास जाना होगा, बजाय इसके कि वो हमारे पास आएं।”
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“रीडर चाहे 10 मिनट में मैगजीन चाहता हो या विदेश में बैठे तीन दिन में, हमें वह सुविधा देनी होगी।”
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“कम्युनिटीज बनाना, प्रीमियम अनुभव देना और लगातार इनोवेशन करना ही आगे का रास्ता है।”
उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी ने हमें यह सब करने की ताकत दी है, अब इसे और आगे ले जाना होगा।”
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