होम / मीडिया फोरम / फिर सजने को तैयार है 'साहित्य आजतक' का मंच
फिर सजने को तैयार है 'साहित्य आजतक' का मंच
दिल्ली में 18 नवंबर से शुरू होने जा रहे इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में मिलेगा साहित्य, कला और मनोरंजन से रूबरू होने का मौका
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (Aajtak) साहित्य, कला और मनोरंजन से रूबरू कराने के लिए 18 नवंबर से 'साहित्य आजतक' 2022 का आयोजन करने जा रहा है। अगर आप यूपी के हैं तो स्वाभाविक रूप से आपके दिल के किसी न किसी कोने में साहित्य और कला होगी ही। आप मुंशी प्रेमचंद, कैफी आजमी और अमिताभ बच्चन की जन्मभूमि पर पैदा हुए हैं तो कला व साहित्य से वंचित कैसे रह सकते हैं। ऐसे में यह चैनल आपको मौका दे रहा है कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में साहित्य और कला का भरपूर आनंद उठाएं। इस दौरान इंडिया टुडे समूह की पूरी टीम होगी, जो आपको तमाम जाने-माने उन लोगों से परिचय कराएगी, जिन्हें अभी तक आप अखबारों/टीवी में पढ़ते/देखते आए हैं।
यह है कार्यक्रम: दिल्ली में साहित्य के सितारों का जमावड़ा हो रहा है। इसके लिए फ्री रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह साहित्य उत्सव तीन दिन तक चलेगा। 18-19-20 नवंबर 2022 यानी शुक्रवार से रविवार तक। एक दिन में आपके लिए एक समय में तीन स्टेज सजे होंगे। इसका मतलब है कि आपके लिए तीन कार्यक्रम लगातार चल रहे होंगे। आप अपनी रुचि के मुताबिक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। लेखकों, गायकों, उपन्यासकारों, कवियों, मोटीवेशनल स्पीकर्स, सोशल थिंकर्स को देख व सुन सकते हैं। उनसे आमने-सामने बात कर सकते हैं। रॉक बैंड का आनंद ले सकते हैं। कहानियां सुन सकते हैं। किस्सागोई भी होगी और गीत-संगीत भी चलेगा।
यहां हो रहा है कार्यक्रम: अगर आप दिल्ली में हैं तो साहित्य के महाकुंभ में सीधे हिस्सा ले सकते हैं। कार्यक्रम ‘मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम’, नई दिल्ली में होने जा रहा है। यहां आपको अपने प्रिय लेखकों, कलाकारों से मिलने के लिए कोई खर्च नहीं करना है। केवल प्री रजिस्ट्रेशन कराना है। इंडिया टुडे की वेबसाइट (aajtak.in/sahitya) पर जाएं। वेबसाइट पर जाकर आप अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल जैसी जानकारियां उपलब्ध कराएं। आपको कोई शुल्क भुगतान नहीं करना है। आपने वेबसाइट में सूचना दी, ओके किया। उसके बाद सरकार द्वारा दिया गया अपना कोई भी परिचय पत्र, जैसे वोटर आईडी, आधार कार्ड, सरकारी कर्मचारी हैं तो सरकार द्वारा जारी परिचय पत्र, स्कूल के विद्यार्थी हैं तो स्कूल से जारी परिचय पत्र लेकर पहुंच जाएं।
साहित्य और संगीत का संगम: साहित्य की विभिन्न धाराओं को जोड़ने वाला ये अनूठा उत्सव ‘आजतक’ की एक ऐसी कोशिश है, जिसके जरिये आज के युवाओं और समाज को साहित्य और संस्कृति की दुनिया को करीब से समझने और उससे सीधे जुड़ने का मौका मिलता है। इसीलिए इसमें ऐसे तमाम लेखक, विद्वान, रचनाकार, संगीतकार, एक्टर, कॉलमिस्ट, बिज़नेस लीडर, कवि और थिएटर आर्टिस्ट शामिल होते हैं, जिन्होंने वर्षों से अपने काम के बूते लोगों के बीच पहचान बनाई है।
ये कलाकार एक बार फिर एक मंच पर जुटेंगे, अपनी सोच-अपनी आवाज के साथ आपके सामने होंगे। चर्चा इस बात पर भी होगी कि साहित्य, कला-संस्कृति आखिर क्या है और कैसे, क्यों और किस शक्ल में वो लोगों पर छा जाती है। ‘साहित्य आजतक’ में आपकी सोच को धार देने वाली बहसों की दिमागी खुराक है तो आपके भीतर के घुमक्कड़ को जगाने वाली अनूठी किताबों और दुनिया भर में घूमकर उन्हे लिखने वाले राइटर्स के साथ मिलने का मौका भी। तो कवियों और शायरी की महफिल भी सजेगी, जिसमें फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी महफिल को कुछ और मजेदार बनाएगी।
इन हस्तियों की मौजूदगी से जगमग होगा ‘साहित्य आजतक’ का मंच: बी प्राक, असीस कौर, अफसाना खान, भुवन बाम, शशि थरूर, भूपेन्द्र यादव, विक्रम संपत, अश्विन सांघी, चेतन भगत, प्रसून जोशी, नासिरा शर्मा, अशोक वाजपेयी, अनामिका, अरुण कमल, नंदकिशोर आचार्य, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, दिव्या दत्ता, व्योमेश शुक्ला, गीत चतुर्वेदी, नरेश सक्सेना, लीलाधर जगूड़ी, सुरेंदर मोहन पाठक, कुमार विश्वास, राजेश जोशी, कबीर बेदी, स्वानन्द किरकिरे, मोरारी बापू, दीप्ति नवल, कैलाश सत्यार्थी, मृदुला गर्ग, वसीम बरेलवी, शीन काफ निजाम, नवाज देवबंदी और महुआ माजी आदि।
टैग्स साहित्य आजतक कार्यक्रम साहित्य का महाकुंभ मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम