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हैदराबाद एयरपोर्ट पर NTV के पत्रकारों की गिरफ्तारी पर NHRC ने दर्ज किया मामला
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हैदराबाद पुलिस द्वारा NTV चैनल के पत्रकार डोंथु रमेश को हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने के मामले में केस दर्ज कर लिया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हैदराबाद पुलिस द्वारा NTV चैनल के पत्रकार डोंथु रमेश को हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने के मामले में केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई प्रेस की आज़ादी के उल्लंघन और अधिकारों के दुरुपयोग से जुड़ी बताई गई है।
यह शिकायत मानवाधिकार वकील रामा राव इम्मानेनी ने दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक 14 जनवरी को हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डोंथु रमेश को पुलिस ने रोका और हिरासत में लिया। NHRC ने 15 जनवरी को इस शिकायत को स्वीकार करते हुए इसे डायरी नंबर 1079/IN/2026 के तहत दर्ज किया है।
शिकायत में बताया गया है कि डोंथु रमेश जो तेलुगु न्यूज चैनल NTV में इनपुट एडिटर हैं उन्हें सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने पकड़ा। इसमें एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस गुरु राघवेंद्र और एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर एमडी अलीम भी शामिल थे। आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए हिरासत में लिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत जो नोटिस देना जरूरी था उसे जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।
शिकायत के अनुसार यह गिरफ्तारी उस मामले से जुड़ी है जो एक वरिष्ठ IAS अधिकारी जयेश रंजन की शिकायत पर दर्ज किया गया था। यह मामला एक न्यूज आइटम के टेलिकास्ट से जुड़ा है जिसमें एक महिला IAS अधिकारी को लेकर आरोपों का जिक्र किया गया था हालांकि उस अधिकारी का नाम नहीं लिया गया था।
NHRC ने इस मामले को “मीडिया कर्मियों पर अत्याचार” की श्रेणी में रखा है और पुलिस को संबंधित प्राधिकरण के रूप में दर्ज किया गया है। 15 जनवरी को हैदराबाद के नामपल्ली स्थित 12वें अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट ने पत्रकारों को जमानत दे दी। उन्हें मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया था।
शिकायतकर्ता ने आयोग से मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हो पत्रकार को मुआवजा दिया जाए और संबंधित जांच अधिकारी व अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों इसके लिए भी दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
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