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परंजॉय गुहा ठाकुरता की याचिका पर कोर्ट ने हटाई अडानी के खिलाफ रिपोर्टिंग पर लगी रोक
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार (25 सितंबर 2025) को पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता पर लगाए गए ‘गैग ऑर्डर’ को हटा दिया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 months ago
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार (25 सितंबर 2025) को पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता पर लगाए गए ‘गैग ऑर्डर’ को हटा दिया। इस आदेश के तहत उन्हें अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) पर रिपोर्टिंग करने से रोका गया था। इस महीने की शुरुआत में ही एक सिविल कोर्ट ने परंजॉय ठाकुरता और कई अन्य पत्रकारों को गौतम अडानी की कंपनी के खिलाफ कोई सामग्री प्रकाशित करने से रोक दिया था।
रोहिणी कोर्ट के जिला जज सुनील चौधरी ने गुरुवार शाम अपने आदेश में कहा कि परंजॉय ठाकुरता पर तब तक यह रोक लागू नहीं होगी जब तक सीनियर सिविल जज उनकी सुनवाई नहीं कर लेते और नया आदेश जारी नहीं करते।
अदालत ने नॉर्थ-वेस्ट के सीनियर सिविल जज को निर्देश दिया कि वे 6 सितंबर को दिए गए इस आदेश पर दोबारा सुनवाई करें और शुक्रवार, 26 सितंबर दोपहर 2 बजे परंजॉय ठाकुरता और अन्य प्रतिवादियों की दलीलें सुनें।
अदालत ने अपने आदेश में कहा, “यह बताना जरूरी है कि ट्रायल कोर्ट जब ऑर्डर 39 रूल 1 और 2 सीपीसी के तहत नया आदेश देगा तो वह अंतरिम रोक लगाने से जुड़े कानूनी सिद्धांतों पर विचार करेगा। अपील को निपटा दिया गया है और अपीलकर्ता को 06.09.2025 के आदेश का पालन करने की जरूरत नहीं है, जब तक माननीय सीनियर सिविल जज उनकी सुनवाई कर नया आदेश नहीं दे देते।”
6 सितंबर को सिविल जज अनुज कुमार ने अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की ओर से दायर मानहानि मामले में एकतरफा आदेश (ex parte injunction) दिया था। इसमें परंजॉय ठाकुरता, रवि नायर, अबीर दासगुप्ता, अयस्कांत दास और आयुष जोशी को कंपनी के बारे में “कथित मानहानिकारक” सामग्री प्रकाशित करने से रोक दिया गया था। पत्रकारों के अलावा यह आदेश कुछ अज्ञात प्रतिवादियों (John Doe) पर भी लागू किया गया था।
पत्रकारों और न्यूज पोर्टल न्यूजलॉन्ड्री ने इस आदेश को दो अलग-अलग अदालतों में चुनौती दी थी। जज आशीष अग्रवाल ने 18 सितंबर को रवि नायर, अबीर दासगुप्ता, अयस्कांत दास और आयुष जोशी के खिलाफ लगाए गए आदेश को हटा दिया था। लेकिन जज सुनील चौधरी ने परंजॉय ठाकुरता और न्यूजलॉन्ड्री की ओर से दायर तत्काल सुनवाई की अर्जी को खारिज कर दिया था।
22 सितंबर को जज चौधरी ने कहा था कि यह केस जज अग्रवाल के पास ही जाना बेहतर होगा क्योंकि वे पहले से इस मामले की सुनवाई कर चुके हैं और आदेश दे चुके हैं। लेकिन 23 सितंबर को प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज गुरविंदर पाल सिंह ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया।
जज चौधरी ने इस हफ्ते की शुरुआत में ही परंजॉय ठाकुरता की अपील पर सुनवाई पूरी कर ली थी और बुधवार को आदेश सुरक्षित रख लिया था। उसी दिन अदालत ने AEL को न्यूजलॉन्ड्री की याचिका पर नोटिस भी जारी किया था। अदालत ने कहा था कि न्यूजलॉन्ड्री इस मामले में “पीड़ित पक्ष” नहीं है क्योंकि उसे AEL की ओर से सिविल कोर्ट में दाखिल मुकदमे में प्रतिवादी नहीं बनाया गया था।
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