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21 साल की न्यूज एंकर बनीं गांव की सरपंच, चुनाव में दी 8 उम्मीदवारों को शिकस्त
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से सामने आई है, जहां महज 21 साल की लक्षिका डागर अपने गांव की सरपंच बन गई हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
युवा पीढ़ी ग्लैमर की दुनिया से निकलकर अब समाजसेवा की तरफ न सिर्फ कदम बढ़ा रही है बल्कि सफल भी हो रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से सामने आई है, जहां महज 21 साल की लक्षिका डागर अपने गांव की सरपंच बन गई हैं।
लक्षिका ने रेडियो जॉकी और न्यूज एंकर होने के बावजूद समाजसेवा को चुना और 21 साल की उम्र में गांव की सरपंच बन गई हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने उज्जैन जिले के चिंतामन जवासिया पंचायत में 487 मतों से सरपंच पद का चुनाव जीत लिया है। हालांकि, राज्य चुनाव आयोग ने उनको अभी जीत का प्रमाण पत्र नहीं दिया है। अब उनके गांव-घर में उत्साह और उमंग का माहौल है।
लक्षिता ने मास्टर्स उच्च शिक्षा में एमए मास कॉम की पढ़ाई की है। वह लोकल न्यूज चैनल में एंकर व रेडियो जॉकी का काम कर चुकी हैं।
जब गांव की सीट एससी के लिए आरक्षित हुई तो लक्षिका ने लक्ष्य तय कर फॉर्म भरा और ऐतिहासिक जीत हासिल की। अब लक्षिता का लक्ष्य है कि वो गांव के लिए स्ट्रीट लाइट (बिजली) पानी, नाली, आवास विहीन लोगों के लिए आवास के लिए प्राथमिकता से कार्य करेगी। खास बात यह कि लक्षिका का 27 जून सोमवार को जन्मदिन था। जन्मदिन से एक दिन पहले की ये जीत लक्षिका के लिए किसी तोहफे से कम नहीं।
दरअसल, चिंतामण जवासिया गांव उज्जैन जनपद में आता है और शहर से 10 किलोमीटर करीब दूरी पर ही है जहां की आबादी 3265 के करीब है। गांव से इस एससी सीट पर कुल 8 महिलाओं ने फॉर्म भरा था लेकिन ग्रामीणों ने सबसे ज्यादा शिक्षित व कम उम्र की युवती पर भरोसा जताया। लक्षिका को 487 मत मिले और विजयी घोषित हुई। लक्षिका का पूरा नाम लक्षिका डागर है। उसके पिता दिलीप डागर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में रीजनल अधिकारी के पद पर हैं। मां, भाई और बहन ने लक्षिका को जितवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
लक्षिका लोकल न्यूज चैनल में एंकर व एफएम रेडियो में रेडियो जॉकी भी रह चुकी हैं। मास कॉम व फैशन डिजाइन का कोर्स कर चुकी लक्षिका ग्रामीणों से जुड़ी रही और एक नया इतिहास रच दिया। जीत का विजय जुलूस भी ग्रामीणों ने देर रात निकाला और खूब स्वागत किया।
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