48 टीमें, 104 मैच, 6 अरब दर्शक और विज्ञापनदाताओं के लिए अनगिनत मौके- जानिए क्यों FIFA World Cup 2026 अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि इतिहास का सबसे बड़ा मीडिया और मार्केटिंग इवेंट बन चुका है।
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Vikas Saxena
FIFA का $13 अरब का कमर्शियल साम्राज्य
FIFA ने शुरुआत में 2023-2026 चक्र के लिए 11 अरब डॉलर का बजट तय किया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर लगभग 13 अरब डॉलर कर दिया गया। यह आंकड़ा 2019-2022 के कतर वर्ल्ड कप चक्र के 7.57 अरब डॉलर के मुकाबले करीब 72% अधिक है।
बजट में हुई करीब 2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी का मुख्य कारण 2025 FIFA Club वर्ल्ड कप को शामिल किया जाना था, जो शुरुआती योजना का हिस्सा नहीं था। FIFA का संशोधित लक्ष्य अब 2023-2026 कमर्शियल साइकल से 13 अरब डॉलर की आय हासिल करना है। इसमें से लगभग 8.9 अरब डॉलर की कमाई अकेले FIFA वर्ल्ड कप 2026 से होने का अनुमान है। यानी FIFA के कुल चार वर्षीय राजस्व का लगभग 68% हिस्सा सिर्फ 2026 वर्ल्ड कप से आने की उम्मीद है, जो इस टूर्नामेंट की विशाल व्यावसायिक ताकत को दर्शाता है।
Ampere Analysis के मुताबिक, मीडिया राइट्स से $3.8 अरब की आमदनी होगी, जो 2022 कतर टूर्नामेंट से 22% अधिक है। स्पॉन्सरशिप रेवेन्यू Ampere के अनुसार, $2.4 अरब तक पहुंचने का अनुमान है, 2022 के मुकाबले 37% की बढ़त। FIFA के आधिकारिक बजट के अनुसार ब्रॉडकास्टिंग राइट्स पहली बार $4.2 अरब का आंकड़ा पार कर सकते हैं।
टिकट और हॉस्पिटैलिटी से भी रिकॉर्ड कमाई होगी। कतर 2022 में मैचडे रेवेन्यू (टिकट + हॉस्पिटैलिटी) करीब $95 करोड़ ($950 मिलियन) था, जो 2026 में $3 अरब तक पहुंच सकता है, यानी 216% की वृद्धि! सभी 16 स्पॉन्सरशिप स्लॉट टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही बिक चुके थे, FIFA के इतिहास में पहली बार। FIFA अपने $13 अरब के बजट टारगेट की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें 2025 के अंत तक 93% अनुबंधित हो चुका था।
ब्रैंड्स की $10.5 अरब की विज्ञापन जंग
WARC Media के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में वर्ल्ड कप की वजह से वैश्विक विज्ञापन खर्च में $10.5 अरब का अतिरिक्त इजाफा होने का अनुमान है। इस टूर्नामेंट ने ब्रैंड वॉर्स का एक नया युग खोल दिया है।
Adidas बनाम Nike: Adidas ने 'Backyard Legends' कैंपेन पर करीब £50 मिलियन (~$63 मिलियन) का दांव लगाया है, जिसमें Timothée Chalamet, Lionel Messi, Jude Bellingham, Lamine Yamal, Bad Bunny और AI-डी-एज्ड David Beckham, Zinedine Zidane, Alessandro Del Piero जैसे सितारे हैं। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही Adidas ने वर्ल्ड कप प्रोडक्ट्स से €250 मिलियन ($292 मिलियन) की बिक्री कर ली। Nike ने 'Winning Isn't for Everyone' और 'Toma El Juego' स्ट्रीट-कल्चर कैंपेन के जरिए अलग रास्ता चुना।
Coca-Cola बनाम Pepsi: Coca-Cola 1950 से हर वर्ल्ड कप में विज्ञापन दे रही है। इस बार उसने Van Halen के 'Jump' गाने का नया वर्जन J Balvin और Travis Barker के साथ रिलीज किया। हालांकि कंपनी के AI-जनरेटेड 'Uncanned Emotions' विज्ञापन को दर्शकों की आलोचना झेलनी पड़ी। Pepsi ने David Beckham के साथ 'Football Nation' कैंपेन बनाया जिसमें Generative AI का इस्तेमाल किया गया।
LEGO का विज्ञापन, जिसमें Messi, Ronaldo, Mbappé और Vinícius Jr. एक साथ LEGO वर्ल्ड कप ट्रॉफी बनाते दिखे, 24 घंटे में 31.4 करोड़ व्यूज हासिल कर चुका था। DoorDash ने अपना पहला ग्लोबल कैंपेन 'Deliver Us To Fútbol' लॉन्च किया। Bank of America, Verizon और Frito-Lay ने भी नई स्पॉन्सरशिप ली।
OTT बनाम टीवी: व्यूअरशिप का नया युद्ध
2022 कतर वर्ल्ड कप में 5 अरब लोग किसी न किसी रूप में जुड़े थे, Argentina-France फाइनल को 1.42 अरब दर्शकों ने देखा (हालांकि FIFA आधिकारिक संचार में इस संख्या को प्रायः 1.5 अरब दर्शकों के रूप में दर्शाता है), जो किसी एकल स्पोर्टिंग इवेंट का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। 2026 में FIFA का लक्ष्य 6 अरब तक पहुंचना है।
अमेरिका में TV राइट्स की वैल्यू 2022 के मुकाबले 94% बढ़ी है। यूरोप में फ्री-टू-एयर मॉडल हावी है, UK में BBC और ITV, जर्मनी में ARD/ZDF, फ्रांस में M6 सभी 104 मैच मुफ्त दिखा रहे हैं। अमेरिकी कंपनियां अब FIFA की कुल स्पॉन्सरशिप आय का 52% योगदान दे रही हैं, जो 2022 में 36% थी।
डिजिटल का दबदबा बढ़ रहा है। 2022 में FIFA के सोशल मीडिया चैनल्स पर 81.1 करोड़ एंगेजमेंट हुए थे, 2018 से 448% अधिक। 3.6 अरब वीडियो व्यूज देखे गए। 2026 में यह आंकड़ा और बड़ा होगा। FIFA ने अपना खुद का प्लेटफॉर्म FIFA+ भी लॉन्च किया है जहां सभी 104 मैच मुफ्त स्ट्रीम होंगे।
भारत: बिना टीम के भी बड़ा बाजार
भारत कभी वर्ल्ड कप नहीं खेला, फिर भी Ipsos के 2026 सर्वे के मुताबिक 59% भारतीयों ने कहा कि वे इस टूर्नामेंट को देखने का इरादा रखते हैं। यह आंकड़ा इटली (62%), मलेशिया (60%) जैसे फुटबॉल-प्रेमी देशों के बराबर है।
भारत में मीडिया राइट्स की कहानी नाटकीय रही। JioStar ने शुरुआत में ₹890 करोड़ की FIFA की मांग को नकारा और बाद में ₹290 करोड़ की कीमत पर भी पीछे हट गया। अंतत: Zee Entertainment ने 2034 तक भारत में FIFA के 39 टूर्नामेंट्स के टीवी और डिजिटल प्रसारण के एक्सक्लूसिव अधिकार खरीदे हैं। बताया जाता है कि कंपनी ने लगभग $6 करोड़ (60 मिलियन डॉलर) से कम में ये अधिकार हासिल किए हैं। Zee ने इसके लिए चार नए स्पोर्ट्स चैनल, Unite8 Sports 1, 2, 3 और 4, लॉन्च किए। चुनिंदा मैच DD Sports पर भी निशुल्क उपलब्ध हैं।
इस डील का फायदा Zee को तुरंत मिलने भी लगा है। कंपनी ने अपने नए स्पोर्ट्स चैनल नेटवर्क Unite8 Sports और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Zee5 पर FIFA से जुड़े अभियानों के लिए ऑटोमोबाइल, FMCG, बैंकिंग-फाइनेंस (BFSI), बेवरेज, टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल जैसे कई क्षेत्रों के एक दर्जन से ज्यादा ब्रैंड्स को जोड़ लिया है।
स्पॉन्सरशिप के मोर्चे पर Mahindra को Co-Presenting Sponsor बनाया गया है, जबकि Diageo Co-Powered By Sponsor के रूप में जुड़ा है। इसके अलावा Apple, Pernod Ricard और Mondelez जैसे बड़े ब्रैंड्स भी इस अभियान का हिस्सा हैं।
सीधे शब्दों में कहें तो Zee ने FIFA के अधिकार खरीदकर भारत में फुटबॉल दर्शकों और विज्ञापनदाताओं को अपने प्लेटफॉर्म पर आकर्षित करने की बड़ी रणनीति बनाई है और कई बड़ी कंपनियां पहले ही इसके साथ जुड़ चुकी हैं।
लेकिन यहां, सबसे बड़ी समस्या टाइम जोन की है। उत्तरी अमेरिका और भारत के बीच 9-12 घंटे का अंतर है, यानी ज्यादातर मैच रात 12:30 बजे से सुबह 6 बजे के बीच होते हैं। यह कमर्शियल मोनेटाइजेशन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद भारत में फुटबॉल की युवा ऑडियंस, खासकर बंगाल, केरल, गोवा और उत्तर-पूर्व में, तेजी से बढ़ रही है। ब्रैंड्स हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में लोकलाइज्ड कैंपेन के जरिए इस बाजार को टारगेट कर रहे हैं।
सोशल मीडिया और AI: विज्ञापन का नया चेहरा
2026 का वर्ल्ड कप पहली बार पूरी तरह AI-युग में हो रहा है। Sportradar जैसी कंपनियां रियल-टाइम डेटा और डायनामिक क्रिएटिव ऑप्टमाइजेशन के जरिए ऐसे विज्ञापन बना रही हैं जो मैच के दौरान लाइव स्कोर और घटनाओं के साथ अपने आप बदल जाते हैं। अमेरिका में 2026 में programmatic ad spending $203 अरब से ज्यादा होने का अनुमान है, जो साल-दर-साल 12.5% की वृद्धि है।
हालांकि AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर विवाद भी जारी है। Coca-Cola के AI से तैयार किए गए विज्ञापनों की लगातार तीसरे साल आलोचना हुई है, और कई लोगों ने उन्हें ‘भावनाहीन’ (soulless) तथा ‘असहज महसूस कराने वाला’ (unsettling) बताया है। Pepsi के 'Football Nation' में भी AI विजुअल्स की आलोचना हुई। इसके विपरीत Adidas ने असली सेलिब्रिटीज पर £50 मिलियन लगाकर Harvard Business Review की उस बात को साबित करने की कोशिश की: 'AI optimize कर सकता है, लेकिन लोगों को परवाह नहीं करा सकता।'
इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग भी जोरों पर है। LEGO का Messi-Ronaldo कैंपेन, जो खिलाड़ियों के सोशल अकाउंट्स से 24 घंटे में 31.4 करोड़ व्यूज पाया, यह साबित करता है कि सही क्रिएटर-कंटेंट कॉम्बिनेशन मास मीडिया को पीछे छोड़ सकता है। Instagram Reels, YouTube Shorts और X (Twitter) पर मीम मार्केटिंग इस बार एक अलग स्तर पर है।
48 टीमें, 104 मैच: विज्ञापनदाताओं के लिए सुनहरा अवसर
पिछले वर्ल्ड कप में 64 मैच थे, इस बार 104। यह सिर्फ फुटबॉल की बात नहीं, यह ऐड इन्वेंट्री की बात है। ज्यादा मैच मतलब ज्यादा प्राइम-टाइम स्लॉट, ज्यादा हाफ-टाइम ब्रेक और एक नई सुविधा, हर क्वार्टर में हाईड्रेशन ब्रेक, जो विज्ञापनदाताओं को और स्क्रीन टाइम देती है।
48 टीमों का मतलब है नए बाजारों का जुड़ना। पहली बार कई अफ्रीकी, एशियाई और कनाडाई टीमें शामिल हैं जो अपने-अपने देशों में नई ऑडियंस ला रही हैं। कनाडा, मोरक्को और जापान जैसी टीमों की भागीदारी ने उनके घरेलू बाजारों में स्पॉन्सरशिप की मांग कई गुना बढ़ा दी है।
खेल से बड़ा बिजनेस
FIFA वर्ल्ड कप 2026 इतिहास का सबसे महंगा, सबसे बड़ा और सबसे कमर्शियल स्पोर्टिंग इवेंट है। $13 अरब के कमर्शियल साइकल, $10.5 अरब के अतिरिक्त विज्ञापन खर्च और 6 अरब संभावित दर्शकों के साथ यह टूर्नामेंट Olympic Games और Super Bowl दोनों को बिजनेस के लिहाज से पीछे छोड़ देता है।
ब्रैंड्स के लिए FIFA World Cup किसी महाकुंभ से कम नहीं है। AI और प्रोग्रामेटिक विज्ञापन ने दर्शकों तक सटीक पहुंच बनाना पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है। OTT प्लेटफॉर्म्स ने दर्शकों की पहुंच को वैश्विक स्तर तक बढ़ाया है, जबकि सोशल मीडिया ने फैंस और ब्रैंड्स के बीच जुड़ाव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
भारत जैसे मार्केट, जहां अपनी टीम भले ही वर्ल्ड कप में न हो, लेकिन करोड़ों फुटबॉल दर्शक मौजूद हैं, आने वाले वर्षों में ब्रैंड्स और विज्ञापनदाताओं के लिए सबसे बड़े अवसरों में से एक साबित हो सकते हैं।
जैसा कि Ampere Analysis की Chloe Ng-Triquet ने कहा: 'इस बार FIFA वर्ल्ड कप में ब्रैंड हर अवसर का फायदा उठाने के लिए तैयार हैं।' मैदान पर 48 टीमें एक ट्रॉफी के लिए लड़ेंगी, पर्दे के पीछे हजारों ब्रैंड्स अरबों दिलों के लिए।
समटेल एवियोनिक्स (Samtel Avionics) ने अखिल गुप्ता को Strategic Advisor नियुक्त किया है। वह कंपनी को स्पेस, सैटेलाइट, UAV और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में विस्तार की रणनीति पर सलाह देंगे।
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समटेल एवियोनिक्स लिमिटेड (Samtel Avionics Limited) ने एम/एस इनवर्जन एडवाइजरी सर्विसेज (M/s Inversion Advisory Services) के माध्यम से अखिल गुप्ता (Akhil Gupta) को स्ट्रैटेजिक एडवाइजर (Strategic Advisor) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह कंपनी को स्पेस (Space), सैटेलाइट सिस्टम्स (Satellite Systems), मानव रहित हवाई वाहन (Unmanned Aerial Vehicles-UAVs) और ऑप्ट्रॉनिक्स (Optronics) जैसे अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में विस्तार की रणनीति पर सलाह देंगे।
अखिल गुप्ता (Akhil Gupta) कॉरपोरेट नेतृत्व का लंबा अनुभव रखते हैं और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) की विकास यात्रा से भी लंबे समय तक जुड़े रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान Airtel ने शुरुआती दौर से आगे बढ़कर देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों में अपनी पहचान बनाई।
नई जिम्मेदारी के तहत अखिल गुप्ता कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने के साथ वित्तीय प्रबंधन (Financial Management), पूंजी संरचना (Capital Structure), आईपीओ (IPO) की तैयारी और कॉरपोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) जैसे क्षेत्रों में भी मार्गदर्शन देंगे।
समटेल एवियोनिक्स (Samtel Avionics) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Managing Director & CEO) पुनीत कौरा (Puneet Kaura) ने कहा कि अखिल गुप्ता का अनुभव कंपनी के अगले विकास चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वहीं, अखिल गुप्ता ने कहा कि भारत के एयरोस्पेस (Aerospace), रक्षा (Defence) और स्पेस सेक्टर (Space Sector) में तेजी से उभरते अवसरों के बीच Samtel Avionics नवाचार और स्वदेशीकरण (Indigenisation) के दम पर मजबूत स्थिति में है और वह कंपनी की भविष्य की विकास यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं।
सुथरलैंड (Sutherland) ने पूजा घाटे (Pooja Ghate) को Director - Corporate Marketing नियुक्त किया है। वह कंपनी की वैश्विक मार्केटिंग रणनीति, ब्रांड विजिबिलिटी और CXO एंगेजमेंट को मजबूत करेंगी।
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सुथरलैंड (Sutherland) ने पूजा घाटे (Pooja Ghate) को डायरेक्टर–कॉरपोरेट मार्केटिंग (Director - Corporate Marketing) नियुक्त किया है। वह कंपनी की कॉरपोरेट मार्केटिंग रणनीति और वैश्विक ब्रांड निर्माण से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगी।
पूजा घाटे (Pooja Ghate) इससे पहले डेटामैटिक्स (Datamatics) में सीनियर फील्ड मार्केटिंग मैनेजर (Senior Field Marketing Manager) के पद पर कार्यरत थीं। वहां उन्होंने भारत (India) और यूरोप, मध्य पूर्व एवं अफ्रीका (Europe, Middle East and Africa-EMEA) क्षेत्र के लिए इंटीग्रेटेड मार्केटिंग (Integrated Marketing) रणनीतियों का नेतृत्व किया।
मार्केटिंग क्षेत्र में 14 वर्षों का अनुभव रखने वाली पूजा घाटे को वैश्विक मार्केटिंग रणनीतियां तैयार करने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने अपने करियर के दौरान राजस्व वृद्धि (Revenue Growth), ब्रांड विजिबिलिटी (Brand Visibility) बढ़ाने और CXO एंगेजमेंट (CXO Engagement) को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
आर के स्वामी (R K Swamy) ने FY26 में कुल आय 15% बढ़ाकर ₹352 करोड़ दर्ज की, जबकि EBITDA में 32% और चौथी तिमाही के शुद्ध लाभ में 39% की वृद्धि हुई।
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आर के स्वामी (R K Swamy) ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए कुल आय (Total Income) में 15% की वृद्धि दर्ज करते हुए इसे 352 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। कंपनी ने इस दौरान EBITDA में 32% की बढ़ोतरी हासिल की है।
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations) 150.66 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 119.55 करोड़ रुपये की तुलना में 26% अधिक है। वहीं, कर पश्चात लाभ (Profit After Tax-PAT) 39% बढ़कर 18.81 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव ग्रुप चेयरमैन (Executive Group Chairman) श्रीनिवासन के. स्वामी (Srinivasan K Swamy) ने कहा कि वैश्विक और घरेलू मार्केटिंग सर्विसेज उद्योग संरचनात्मक बदलावों के दौर से गुजर रहा है, जिससे नए अवसरों के साथ कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग ने ब्रांड्स और एजेंसियों के काम करने के तरीके को बदल दिया है। उनके अनुसार, जो संस्थान AI को एक प्रभावी उपकरण के रूप में अपनाएंगे, वे आगे बढ़ेंगे, जबकि इसे मानवीय बुद्धिमत्ता का विकल्प मानने वाले पीछे रह जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि सप्लाई चेन (Supply Chain) में व्यवधान और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण कंपनियां अब दीर्घकालिक ब्रांड निर्माण की बजाय त्वरित परिणाम देने वाले डिजिटल मार्केटिंग मेट्रिक्स पर अधिक ध्यान दे रही हैं।
आसियान बिजनेस पार्टनर्स ने कविता पांडा को 'Chief Partnerships Officer' नियुक्त किया है। वह कंपनी के वैश्विक टेक्नोलॉजी पार्टनर इकोसिस्टम और रणनीतिक साझेदारियों का नेतृत्व करेंगी।
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आसियान बिजनेस पार्टनर्स (ASEAN Business Partners) ने कविता पांडा (Kavita Panda) को पदोन्नत कर मुख्य साझेदारी अधिकारी (Chief Partnerships Officer) नियुक्त किया है। उन्होंने अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए साझा की।
कविता पांडा (Kavita Panda) पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से ASEAN Business Partners से जुड़ी हुई हैं। पदोन्नति से पहले वह कंपनी में मुख्य परिचालन अधिकारी (Chief Operating Officer-COO) के रूप में कार्यरत थीं।
अपने लिंक्डइन पोस्ट में कविता पांडा ने कहा कि वह नई भूमिका को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) में कंपनी के विस्तार के साथ उनकी प्राथमिकता वैश्विक टेक्नोलॉजी पार्टनर इकोसिस्टम (Global Technology Partner Ecosystem) का विस्तार करना, रणनीतिक साझेदारियां (Strategic Alliances) विकसित करना और सलाहकारों (Advisors) के साथ मिलकर ऐसे सहयोग स्थापित करना होगा, जो कंपनी, उसके साझेदारों और ग्राहकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करें।
उन्होंने कहा कि वह मौजूदा और नए साझेदारों के साथ मिलकर ASEAN Business Partners के लिए एक मजबूत और विशिष्ट पार्टनर इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में काम करेंगी। कंपनी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
रस्क मीडिया ने अमित गोखले (Amit Gokhale) को National Revenue Head – Mid Market Business नियुक्त किया है, जो स्पॉन्सरशिप सेल्स, बिजनेस डेवलपमेंट और ब्रांड साझेदारियों का नेतृत्व करेंगे।
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रस्क मीडिया (Rusk Media) ने अमित गोखले (Amit Gokhale) को नेशनल रेवेन्यू हेड–मिड मार्केट बिजनेस (National Revenue Head – Mid Market Business) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह कंपनी के कंटेंट आईपी (Content IP) पोर्टफोलियो के लिए स्पॉन्सरशिप सेल्स (Sponsorship Sales) और बिजनेस डेवलपमेंट (Business Development) का नेतृत्व करेंगे।
अमित गोखले (Amit Gokhale) भारत के सुपर फाउंडर्स (Bharat Ke Super Founders), जिसकी मेजबानी सुनील शेट्टी (Suniel Shetty) करते हैं, और iPOPSTAR जैसे बड़े ओरिजिनल कंटेंट प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ Rusk Media के तेजी से बढ़ते माइक्रो-ड्रामा (Micro-drama) कारोबार की व्यावसायिक रणनीति को आगे बढ़ाएंगे। इसके अलावा वह Alright TV! को एक उपभोक्ता ब्रांड और ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म के रूप में मजबूत करने पर भी काम करेंगे।
डिजिटल मीडिया और विज्ञापन उद्योग में दो दशकों से अधिक के अनुभव वाले अमित गोखले इससे पहले टायरू (Tyroo) में कनेक्टेड टीवी (Connected TV) विज्ञापन कारोबार का नेतृत्व कर रहे थे। अपने करियर के दौरान उन्होंने चैनल फैक्ट्री (Channel Factory), कारदेखो (CarDekho), टाइम्स इंटरनेट (Times Internet), कोंडे नास्ट–जीक्यू इंडिया (Condé Nast – GQ India), याहू (Yahoo), लिंक्डइन (LinkedIn), रेडियो वन (Radio One) और सीएनबीसी-टीवी18 (CNBC-TV18) जैसी कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं।
अमित गोखले (Amit Gokhale) ने अपने करियर में मल्टी-करोड़ ओईएम (OEM) और ब्रांड साझेदारियों का पीएंडएल (P&L) प्रबंधन किया है। साथ ही नेटिव और ब्रांडेड कंटेंट कारोबार को सफलतापूर्वक विस्तार देते हुए कंटेंट रणनीति और ऑडियंस एंगेजमेंट को राजस्व वृद्धि में बदलने का मजबूत अनुभव भी हासिल किया है।
फ्लाइटा ग्रीन (Flytta Green) ने अपनी पीआर, मीडिया आउटरीच और ब्रांड कम्युनिकेशन को मजबूत करने के लिए विंग कम्युनिकेशंस (Wing Communications) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।
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दिल्ली स्थित सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल लॉजिस्टिक्स कंपनी फ्लाइटा ग्रीन (Flytta Green) ने हैदराबाद स्थित पीआर और डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी विंग कम्युनिकेशंस (Wing Communications) के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत Wing Communications कंपनी की पब्लिक रिलेशंस (PR), मीडिया आउटरीच, कंटेंट रणनीति और ब्रांड कम्युनिकेशन का प्रबंधन करेगी।
इस सहयोग का उद्देश्य फ्लाइटा ग्रीन (Flytta Green) की राष्ट्रीय स्तर पर बिजनेस, सस्टेनेबिलिटी और औद्योगिक मीडिया में मौजूदगी मजबूत करना है। साथ ही कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ राहुल कनुगंती (Rahul Kanuganti) को भारत में क्लीन मोबिलिटी (Clean Mobility) और फ्रेट इलेक्ट्रिफिकेशन (Freight Electrification) के क्षेत्र में एक विश्वसनीय आवाज के रूप में स्थापित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
फ्लाइटा ग्रीन (Flytta Green) तकनीक आधारित लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म संचालित करती है, जो सीमेंट, स्टील, माइनिंग, पोर्ट्स, मैन्युफैक्चरिंग और सार्वजनिक उपक्रमों सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के लिए हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक फ्रेट मूवमेंट पर केंद्रित है। कंपनी अब तक 120 से अधिक भारतीय शहरों में अपनी सेवाएं दे चुकी है और अपने परिचालन के जरिए 3.2 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन कम करने का दावा करती है।
इस साझेदारी के तहत Wing Communications टियर-1 बिजनेस प्रकाशनों, सस्टेनेबिलिटी प्लेटफॉर्म्स और उद्योग-विशेष मीडिया में Flytta Green की मीडिया रणनीति, थॉट लीडरशिप कंटेंट, राहुल कनुगंती की एग्जीक्यूटिव प्रोफाइलिंग और डिजिटल ब्रांड उपस्थिति को भी मजबूत करेगी।
इंफो एज (Info Edge) की सहायक कंपनी ऐसल (Aisle) ने चांदनी गगलानी (Chandni Gaglani) को Executive Vice President और Head नियुक्त किया है, जो AI आधारित नवाचार और बिजनेस विस्तार का नेतृत्व करेंगी।
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इंफो एज (Info Edge) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ऐसल (Aisle) ने चांदनी गगलानी (Chandni Gaglani) को एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (Executive Vice President) और हेड (Head) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह कंपनी की समग्र बिजनेस रणनीति और विकास एजेंडा का नेतृत्व करेंगी।
चांदनी गगलानी (Chandni Gaglani) का प्रमुख फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) आधारित नवाचार को गति देना, ट्रस्ट एंड सेफ्टी (Trust & Safety) को मजबूत करना, प्रमुख बाजारों में विस्तार करना और भारतीय यूजर्स के लिए बेहतर डेटिंग अनुभव विकसित करना होगा।
एक दशक से अधिक के अनुभव के साथ चांदनी गगलानी (Chandni Gaglani) ने कंज्यूमर टेक्नोलॉजी (Consumer Technology) और डिजिटल बिजनेस (Digital Business) के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (Indian School of Business-ISB) की पूर्व छात्रा चांदनी ने Aisle में प्रोडक्ट (Product), मार्केटिंग (Marketing), ऑपरेशंस (Operations), पार्टनरशिप (Partnerships) और बिजनेस एक्सपेंशन (Business Expansion) का नेतृत्व करते हुए कंपनी की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
Aisle से पहले वह फ्लिपकार्ट (Flipkart), मिंत्रा (Myntra) और उदान (Udaan) में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में कार्य कर चुकी हैं, जहां उन्होंने कंज्यूमर ग्रोथ (Consumer Growth) और डिजिटल प्रोडक्ट्स (Digital Products) के विस्तार का नेतृत्व किया।
अपनी नियुक्ति पर चांदनी गगलानी (Chandni Gaglani) ने कहा कि वह इस नई जिम्मेदारी को लेकर सम्मानित महसूस कर रही हैं और Aisle के नेतृत्व का विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त करती हैं। उनका लक्ष्य जिम्मेदारी के साथ Aisle का विस्तार करना और ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जो वास्तविक और लंबे समय तक चलने वाले संबंधों को बढ़ावा दे।
ग्लोबल कम्युनिकेशन कंपनी 'हवास' (Havas) ने लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए नीदरलैंड की स्पोर्ट्स मार्केटिंग एजेंसी SportVibes का अधिग्रहण कर लिया है।
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Samachar4media Bureau
ग्लोबल कम्युनिकेशन कंपनी 'हवास' (Havas) ने लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए नीदरलैंड की स्पोर्ट्स मार्केटिंग एजेंसी SportVibes का अधिग्रहण कर लिया है। इस सौदे के साथ Havas ने Benelux (बेल्जियम, नीदरलैंड और लक्ज़मबर्ग) क्षेत्र में अपनी स्पोर्ट्स मार्केटिंग क्षमताओं को और मजबूत किया है। कंपनी का मानना है कि आज के दौर में ब्रैंड्स खेल, मनोरंजन और फैन एंगेजमेंट पर पहले से ज्यादा निवेश कर रहे हैं।
अधिग्रहण के बाद यह एजेंसी SportVibes by Havas Play के नाम से काम करेगी। एजेंसी की कमान पहले की तरह इसके मैनेजिंग पार्टनर्स फ्रांस व्लेगेर्ट (Frans Vleggeert) और इमरे वैन लीयूवेन (Imre van Leeuwen) के हाथों में ही रहेगी, ताकि कारोबार में निरंतरता बनी रहे।
20 साल से ज्यादा पुरानी एजेंसी
साल 2003 में स्थापित SportVibes ने स्पोर्ट्स मार्केटिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। एजेंसी खेल आयोजनों, लाइव इवेंट्स, डिजिटल कंटेंट, इन्फ्लुएंसर प्रोग्राम और अपनी बौद्धिक संपदा (IP) के जरिए ब्रैंड्स, खेल प्रेमियों और समुदायों को जोड़ने का काम करती है।
इसके ग्राहकों में Gillette, Dash, DHL, Action और Lexus जैसे बड़े ब्रैंड शामिल हैं।
Track Record भी बना Havas का हिस्सा
इस सौदे के तहत SportVibes की डिजिटल कॉमर्स एजेंसी Track Record भी अब Havas समूह का हिस्सा बन गई है।
मैनेजिंग पार्टनर्स ट्यून वेरहाइज (Teun Verheij) और टिम नोमे (Tim Nome) के नेतृत्व वाली यह एजेंसी डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग और क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग की मदद से फैन एंगेजमेंट को बिजनेस ग्रोथ में बदलने का काम करती है।
स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट मार्केटिंग पर रहेगा फोकस
Havas का कहना है कि इस अधिग्रहण से Havas Play का नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे कंपनी खेल, मनोरंजन, गेमिंग, फैशन, संगीत और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में ब्रैंड्स को बेहतर मार्केटिंग समाधान उपलब्ध करा सकेगी।
कंपनी का मानना है कि इससे नीदरलैंड और बेल्जियम में ग्राहकों को अपने दर्शकों से गहरा जुड़ाव बनाने और बेहतर व्यावसायिक परिणाम हासिल करने में मदद मिलेगी।
फॉर्मूला-1 जैसे बड़े आयोजनों का अनुभव
SportVibes की सबसे बड़ी उपलब्धियों में जैंडवूर्ट (Zandvoort) में आयोजित Formula 1 Heineken Dutch Grand Prix का सह-आयोजन भी शामिल है।
एजेंसी को पहले Formula 1 Promoter of the Year का सम्मान भी मिल चुका है। इससे Havas Play के पोर्टफोलियो में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का अनुभव भी जुड़ गया है।
स्पोर्ट्स मार्केटिंग पर बढ़ रहा कंपनियों का फोकस
यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब दुनियाभर की मार्केटिंग एजेंसियां स्पोर्ट्स, लाइव इवेंट्स और फैन कम्युनिटीज़ के बढ़ते व्यावसायिक महत्व को देखते हुए इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब केवल विज्ञापन दिखाना ही काफी नहीं है, बल्कि ब्रैंड्स को ऐसे अनुभव तैयार करने होंगे जो लोगों की रुचियों और जुनून से सीधे जुड़ें। Havas का यह कदम भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए कंपनी भविष्य की ब्रैंड मार्केटिंग में अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) ने अपनी रणनीतिक संचार जरूरतों के लिए एडफैक्टर्स पीआर (Adfactors PR) को पैन-इंडिया कम्युनिकेशन पार्टनर नियुक्त किया है।
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एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank-AU SFB) ने एडफैक्टर्स पीआर (Adfactors PR) को अपना रणनीतिक संचार (Strategic Communications) साझेदार नियुक्त किया है। इस साझेदारी के तहत एडफैक्टर्स पीआर देशभर में बैंक की कॉर्पोरेट प्रतिष्ठा (Corporate Reputation), लीडरशिप पोजिशनिंग (Leadership Positioning), थॉट लीडरशिप (Thought Leadership), ब्रांड स्टोरीटेलिंग (Brand Storytelling) और रणनीतिक मीडिया एंगेजमेंट (Strategic Media Engagement) का नेतृत्व करेगा।
बैंक के अनुसार, इस नियुक्ति का उद्देश्य एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) की ब्रांड पहचान को और मजबूत बनाना, उसकी विकास यात्रा को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना, ग्राहक-केंद्रित (Customer-Centric) और डिजिटल-फर्स्ट (Digital-First) रणनीति को प्रमुखता देना तथा समावेशी बैंकिंग (Inclusive Banking) को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका को प्रभावी ढंग से सामने लाना है।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) अपने बैंकिंग संचालन के 10वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India-RBI) से यूनिवर्सल बैंक (Universal Bank) में बदलाव के लिए सैद्धांतिक मंजूरी (In-Principle Approval) प्राप्त करने वाले चुनिंदा संस्थानों में शामिल होने के बाद बैंक अब अपने अगले विकास चरण की तैयारी कर रहा है। ऐसे में रणनीतिक संचार को संस्थागत विश्वास बढ़ाने, ब्रांड की पहचान मजबूत करने और बैंक की दीर्घकालिक रणनीति को विभिन्न हितधारकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है।
सीएफए इंस्टीट्यूट ने सचिन छाबड़ा को 'Senior Director-Marketing India' नियुक्त किया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए इस नई भूमिका की जानकारी साझा की।
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सचिन छाबड़ा (Sachin Chhabra) ने सीएफए इंस्टीट्यूट (CFA Institute) में सीनियर डायरेक्टर – मार्केटिंग, इंडिया (Senior Director - Marketing - India) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने इस नियुक्ति की जानकारी लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा करते हुए अपनी नई भूमिका को लेकर उत्साह व्यक्त किया।
लिंक्डइन पोस्ट में सचिन छाबड़ा (Sachin Chhabra) ने लिखा कि वह सीएफए इंस्टीट्यूट (CFA Institute) से जुड़कर बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि भारत और वैश्विक स्तर पर मौजूद सहयोगियों के साथ काम करते हुए वह दुनिया के सबसे गतिशील बाजारों में से एक भारत में संस्थान की पहुंच और प्रभाव को और मजबूत बनाने की दिशा में योगदान देने के लिए उत्साहित हैं।
सचिन छाबड़ा (Sachin Chhabra) इससे पहले रिलैक्सो फुटवियर्स (Relaxo Footwears) में वाइस प्रेसिडेंट (Vice President) और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Marketing Officer-CMO) के पद पर कार्यरत थे। वहां उन्होंने ब्रांड रणनीति, मार्केटिंग और बिजनेस ग्रोथ से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया।
नई भूमिका में सचिन छाबड़ा (Sachin Chhabra) भारत में सीएफए इंस्टीट्यूट (CFA Institute) की मार्केटिंग रणनीतियों, ब्रांड सुदृढ़ीकरण और संस्थान की पहुंच बढ़ाने पर फोकस करेंगे। कंपनी को उम्मीद है कि उनके अनुभव और नेतृत्व से भारतीय बाजार में संगठन की मौजूदगी और प्रभाव को नई गति मिलेगी।