AI पत्रकारों की जगह नहीं ले सकता, ओरिजिनल स्टोरीटेलिंग ही ताकत: डॉ. अनुराग बत्रा

एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप और BW बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि बदलते दौर में भी मीडिया समाज की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है।

Vikas Saxena by
Published - Thursday, 03 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 03 September, 2026
DrAnnuragBatra5421


समाचार4मीडिया के 'पत्रकारिता 40 अंडर 40' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए dउन्होंने कहा कि आज का दिन पत्रकारिता की कमियों पर चर्चा करने का नहीं, बल्कि उन युवा पत्रकारों की उपलब्धियों का सम्मान करने का है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने काम से पहचान बनाई है।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए डॉ. अनुराग बत्रा ने सभी अतिथियों, जूरी सदस्यों और विजेताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि वे समाचार4मीडिया के 'पत्रकारिता 40 अंडर 40' के चौथे संस्करण में सभी के बीच मौजूद हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का विशेष रूप से स्वागत करते हुए कहा कि वह इस आयोजन के मुख्य अतिथि हैं और लगातार तीसरी बार इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समाचार4मीडिया परिवार के लिए गर्व की बात है कि बृजेश पाठक हर बार समय निकालकर इस मंच पर आते हैं और युवा पत्रकारों का उत्साह बढ़ाते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से बृजेश पाठक के लिए तालियां बजाने का आग्रह भी किया।

डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि उन्होंने बहुत कम ऐसे जनप्रतिनिधि देखे हैं, जो हर व्यक्ति से सहजता से मिलते हों। उन्होंने कहा कि उन्होंने बृजेश पाठक के साथ काम करने वाले अधिकारियों से भी यही सुना है कि वह सभी से आत्मीयता के साथ संवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के बीच भी बृजेश पाठक की अच्छी छवि है और लगभग हर पत्रकार उनके व्यवहार की सराहना करता है। उनके अनुसार किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।

उन्होंने कहा कि आज जब कई नेता मीडिया के सवालों का सामना करने से बचते हैं, ऐसे समय में बृजेश पाठक का इस कार्यक्रम में आना और पत्रकारों के बीच खुलकर मौजूद रहना सराहनीय है। इसके लिए उन्होंने उनका आभार व्यक्त किया।

इसके बाद डॉ. अनुराग बत्रा ने कार्यक्रम के जूरी चेयरमैन और हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर का विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जब पहली बार 'पत्रकारिता 40 अंडर 40' पुरस्कार शुरू करने का विचार आया, तो सबसे पहला नाम उनके मन में शशि शेखर का ही आया था। उन्होंने कहा कि शशि शेखर जिस भी जिम्मेदारी को स्वीकार करते हैं, उसे पूरी ईमानदारी, जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार की गरिमा बढ़ाने में शशि शेखर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके साथ ही उन्होंने जूरी के अन्य सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने निष्पक्षता के साथ विजेताओं का चयन किया।

डॉ. अनुराग बत्रा ने इंडियन ब्रॉडकास्ट एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के महासचिव अविनाश पांडे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मीडिया इंडस्ट्री की उनकी समझ बेहद गहरी है। उन्होंने बताया कि अविनाश पांडे पहले एबीपी न्यूज के ग्रुप सीईओ रह चुके हैं और कई प्रतिष्ठित जूरी का हिस्सा भी रहे हैं। 

उन्होंने मंच संचालन कर रहे वरिष्ठ पत्रकार अनुराग मुस्कान की भी विशेष प्रशंसा की। डॉ. बत्रा ने कहा कि अनुराग मुस्कान की दमदार आवाज, प्रभावशाली व्यक्तित्व और मीडिया इंडस्ट्री की गहरी समझ ने पूरे कार्यक्रम की गंभीरता और गुणवत्ता को और बढ़ाया है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अनुराग मुस्कान के लिए भी तालियां बजाने का आग्रह किया।  

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि आज पत्रकारिता को लेकर अलग-अलग तरह की बातें हो रही हैं। कोई कहता है कि पत्रकारों को अपनी पहचान छिपानी पड़ रही है, तो कोई गर्व के साथ पत्रकार कहलाने की बात करता है। लेकिन उनका मानना है कि पत्रकारिता को उसके बदलते परिवेश में समझने की जरूरत है और इस पेशे से जुड़े लोगों को अपने काम पर गर्व होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज बदल गया है, राजनीति बदल गई है और लोगों की प्राथमिकताएं भी बदल गई हैं। ऐसे में पत्रकारिता का बदलना भी स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि यह बदलाव अच्छा है या बुरा, क्योंकि हर बदलाव का मूल्यांकन समय के साथ होता है। लेकिन इतना जरूर है कि मीडिया आज पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण माहौल में काम कर रहा है।

डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि उनके लिए पत्रकार, मीडिया मालिक और संपादक केवल पेशेवर साथी नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह हैं। उन्होंने कहा कि वह पूरी मीडिया बिरादरी को एक समुदाय के रूप में देखते हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद पत्रकार और मीडिया संस्थान अपना काम पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। उन्होंने उपस्थित सभी पत्रकारों से कहा कि वे खुद अपने लिए तालियां बजाएं, क्योंकि आज का दिन उनके योगदान और उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन है।

उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से मीडिया पहले से बेहतर काम कर सकता है और उसे लगातार बेहतर करने की जरूरत भी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पत्रकारों की उपलब्धियों को नजरअंदाज कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन आत्मालोचना का नहीं, बल्कि उन पत्रकारों का सम्मान करने का है, जिन्होंने अपने काम से पहचान बनाई है।

अपने संबोधन में डॉ. बत्रा ने एक दिलचस्प प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बड़े उद्योगपति ने उनसे पूछा था कि आखिर पत्रकारों को पुरस्कार देने की जरूरत क्या है, वे ऐसा कौन-सा काम करते हैं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने उद्योगपति से कहा कि कोई भी उद्योगपति, कारोबारी, संस्था या नेता अपनी मेहनत से काम जरूर करता है, लेकिन उसकी पहचान, उसकी छवि और उसके ब्रांड को मजबूत बनाने में मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

उन्होंने कहा कि पत्रकार लोगों के काम को समाज के सामने लाते हैं। वे उनकी उपलब्धियों को प्रकाशित करते हैं, उनकी कहानियां बताते हैं और उनकी सार्वजनिक छवि को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं। उन्होंने उद्योगपति से कहा कि मीडिया केवल खबरें नहीं लिखता, बल्कि समाज में व्यक्तियों, संस्थाओं और ब्रांडों की विश्वसनीयता को भी स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए पत्रकारों के काम का सम्मान होना चाहिए।

डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि उन्होंने यह बात देश के शीर्ष उद्योगपतियों में शामिल उस व्यक्ति से पूरी विनम्रता के साथ कही थी। उनका मानना है कि जिस तरह दूसरे क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों को सम्मानित किया जाता है, उसी तरह पत्रकारों को भी उनके योगदान के लिए सम्मान मिलना चाहिए।

इसके बाद उन्होंने 'पत्रकारिता 40 अंडर 40' पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया और आयोजन की पारदर्शिता पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पहले इन पुरस्कारों के लिए एंट्री फीस ली जाती थी, क्योंकि यह एक प्रोफेशनल और लाभकारी कंपनी का आयोजन था और इसमें कुछ भी छिपाने जैसा नहीं है। उन्होंने कहा कि एक्सचेंज4मीडिया पिछले 26 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री पर काम कर रहा है और उसे हमेशा पाठकों तथा मीडिया समुदाय का सहयोग मिला है।

उन्होंने बताया कि जब पहले वर्ष का आयोजन हुआ, तब उन्होंने महसूस किया कि एंट्री फीस होने की वजह से बड़े मीडिया संस्थान अधिक संख्या में आवेदन भेज पाते थे, क्योंकि उनके पास संसाधन अधिक होते थे। वहीं छोटे संस्थानों या व्यक्तिगत पत्रकारों के लिए यह उतना आसान नहीं था। इसी अनुभव से सीख लेते हुए समाचार4मीडिया ने पिछले दो संस्करणों से एंट्री फीस पूरी तरह समाप्त कर दी।

उन्होंने कहा कि अब इस आयोजन के लिए प्रायोजकों का सहयोग लिया जाता है और भविष्य में और भी प्रायोजक जुड़ सकते हैं। लेकिन उनका उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि इसे देश का सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता सम्मान बनाना है।

अपने संबोधन के अंतिम चरण में डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि इस पुरस्कार का उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि इसे देश का सबसे विश्वसनीय और प्रतिष्ठित पत्रकारिता मंच बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि देशभर के अधिक से अधिक पत्रकार इसमें शामिल हो सकें।  

उन्होंने पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर भी विस्तार से बात की और कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें स्वयं यह तक पता नहीं होता कि कौन विजेता बनने वाला है। जूरी की बैठक होती है, जिसमें जूरी चेयरमैन शशि शेखर और अन्य सदस्य सभी आवेदनों का मूल्यांकन करते हैं। अंतिम सूची तैयार होने के बाद उसे मंजूरी दी जाती है और तभी विजेताओं को सूचना भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होता और यही इस सम्मान की सबसे बड़ी ताकत है।

डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की चर्चा कर रही है और मीडिया इंडस्ट्री भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन उनका मानना है कि एआई पत्रकारों की जगह नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि तकनीक चाहे जितनी भी विकसित हो जाए, ओरिजिनल स्टोरीटेलिंग, जमीनी रिपोर्टिंग और मानवीय दृष्टिकोण की जरूरत हमेशा बनी रहेगी। यही पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत है और भविष्य में इसकी अहमियत और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नए दौर की पत्रकारिता को एआई के साथ चलना होगा, लेकिन अपनी मौलिकता कभी नहीं छोड़नी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वह मीडिया की आलोचना करने के लिए मंच पर नहीं आए हैं। उनका मानना है कि आज भी देश के पत्रकार बेहद कठिन परिस्थितियों में शानदार काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवा पत्रकारों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ही पत्रकारिता के भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद है।

डॉ. बत्रा ने यह देखकर खुशी जताई कि कार्यक्रम में केवल पत्रकार ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि कई विजेताओं के माता-पिता, पति-पत्नी, भाई-बहन और परिवार के अन्य सदस्य भी उन्हें सम्मानित होते देखने आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि उसके पूरे परिवार की मेहनत और त्याग का परिणाम होती है।

अपने संबोधन में उन्होंने युवा पत्रकारों को स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मीडिया पेशे में काम का दबाव बहुत अधिक होता है, लेकिन इसके बीच स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत आज उन देशों में शामिल है, जहां लोग औसतन केवल साढ़े पांच घंटे की नींद लेते हैं, जबकि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए कम से कम आठ घंटे की नींद जरूरी है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य और जीवनशैली का विशेष ध्यान रखें।

डॉ. अनुराग बत्रा ने मीडिया जगत की एक और कमजोरी की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि इस इंडस्ट्री में लोग एक-दूसरे की तारीफ बहुत कम करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपने सहयोगियों, दोस्तों और यहां तक कि प्रतिस्पर्धियों के अच्छे काम की भी खुलकर सराहना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसे बहुत लोग हैं, जो आपको नीचे खींचने की कोशिश करेंगे, इसलिए मीडिया के लोगों को कम से कम आपस में एक-दूसरे का हौसला बढ़ाना चाहिए, न कि एक-दूसरे को पीछे खींचना चाहिए। 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मिशेल गुप्ता बनीं Hershey Canada की Head of Marketing

हर्शे कनाडा (Hershey Canada) ने मिशेल गुप्ता (Michelle Gupta) को Head of Marketing नियुक्त किया है। वह कंपनी की मार्केटिंग रणनीति और ब्रांड विकास का नेतृत्व करेंगी।

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 01 August, 2026
Last Modified:
Saturday, 01 August, 2026
medianews

हर्शे कनाडा (Hershey Canada) ने मिशेल गुप्ता (Michelle Gupta) को हेड ऑफ मार्केटिंग (Head of Marketing) नियुक्त किया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के माध्यम से अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।

मिशेल गुप्ता (Michelle Gupta) ने अपनी पोस्ट में कहा कि Hershey ऐसे प्रतिभाशाली लोगों का संगठन है, जहां मजबूत स्नैकिंग पोर्टफोलियो (Snacking Portfolio) और उपभोक्ताओं के लिए बेहतर अनुभव देने का जुनून साथ आता है। उन्होंने कहा कि वह इस नई यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं।

मिशेल गुप्ता (Michelle Gupta) हर्शे कनाडा (Hershey Canada) से पहले नौ वर्षों तक प्रॉक्टर एंड गैम्बल (Procter & Gamble-P&G) के साथ जुड़ी रहीं। अपने हालिया पद पर वह ब्रांड डायरेक्टर–बी2बी एंड बी2सी ओरल केयर (Brand Director – B2B & B2C Oral Care) थीं, जहां उन्होंने क्रेस्ट (Crest) और ओरल-बी (Oral-B) जैसे प्रमुख ब्रांड्स का नेतृत्व किया। वह वर्ष 2017 में P&G में ब्रांड मैनेजर (Brand Manager) के रूप में शामिल हुई थीं।

नई भूमिका में मिशेल गुप्ता कंपनी की मार्केटिंग रणनीति, ब्रांड निर्माण और उपभोक्ता जुड़ाव को मजबूत करने के साथ Hershey Canada के विकास को नई गति देने पर काम करेंगी।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पीएम मोदी के AI वीडियो मामले में Meta इंडिया हेड अरुण श्रीनिवास पर FIR

पीएम नरेंद्र मोदी के फर्जी और एआई से तैयार किए गए वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वायरल होने के मामले में मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 01 August, 2026
Last Modified:
Saturday, 01 August, 2026
Meta541

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फर्जी और एआई (AI) से तैयार किए गए वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वायरल होने के मामले में मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज किया है। इस मामले में कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

पुलिस अब इन AI जनरेटेड वीडियो की पूरी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ये वीडियो सबसे पहले कहां से अपलोड किए गए, किस तरह सोशल मीडिया पर फैले और क्या इनके जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इन वीडियो को रोकने या हटाने के लिए मेटा के सिस्टम ने क्या कार्रवाई की और क्या कंपनी की ओर से किसी तरह की लापरवाही हुई।

अरुण श्रीनिवास फिलहाल Meta India के प्रमुख हैं। उन्हें पिछले साल जुलाई में यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने वर्ष 1993 में मद्रास यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद 1996 में आईआईएम कोलकाता (IIM Calcutta) से मार्केटिंग में पीजीडीएम किया। वर्ष 2007 में उन्होंने अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में एक प्रोफेशनल कोर्स भी किया।

अरुण श्रीनिवास ने अपने करियर की शुरुआत 1996 में स्पोर्ट्स शू कंपनी रीबॉक (Reebok) से की थी। इसके बाद 2001 में वह यूनिलीवर (Unilever) से जुड़े, जहां उन्होंने करीब 15 साल तक काम किया।

साल 2017 में यूनिलीवर छोड़ने के बाद वह बेंगलुरु स्थित निवेश कंपनी वेस्टब्रिज कैपिटल पार्टनर्स (WestBridge Capital Partners) में सलाहकार बने। वर्ष 2019 में उन्होंने ओला (Ola) जॉइन की और 2020 में Meta का हिस्सा बन गए। तब से वह कंपनी में अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हुए अब Meta India के प्रमुख की भूमिका संभाल रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने की वजह Facebook और Instagram पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI जनरेटेड वीडियो का प्रसार है। पुलिस यह जांच कर रही है कि इन वीडियो का मूल स्रोत क्या है, इन्हें किसने तैयार किया और सोशल मीडिया पर किस तरह फैलाया गया।

साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि क्या इन वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई और इन्हें रोकने के लिए Meta के प्लेटफॉर्म पर मौजूद मॉडरेशन सिस्टम ने समय रहते क्या कदम उठाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

हैप्पी बर्थडे डॉ. ऐश्वर्या पंडित: विचार, संवाद और नेतृत्व की मिसाल हैं आप

‘आईटीवी फाउंडेशन’ (ITV Foundation) की चेयरपर्सन डॉ. ऐश्वर्या पंडित शर्मा का आज जन्मदिन है।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 30 July, 2026
Last Modified:
Thursday, 30 July, 2026
DrAishwaryaPandit85421

‘आईटीवी फाउंडेशन’ (ITV Foundation) की चेयरपर्सन डॉ. ऐश्वर्या पंडित शर्मा का आज जन्मदिन है। डॉ. ऐश्वर्या पंडित शर्मा केवल एक शिक्षाविद् या मीडिया की आवाज नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत हैं, जिनका काम इतिहास से जुड़ा है, सच्चाई में टिके हुए विचारों पर खड़ा है और जिनका मकसद समाज में बेहतर संवाद की दिशा बनाना है।

डॉ. शर्मा का ज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के काम आ रहा है। वे बदलाव लाने के मकसद से काम करती हैं। उन्होंने ऐसा सफर तय किया है जो किसी एक पेशे या खांचे में समाया नहीं जा सकता। वे उन चंद लोगों में से हैं जो मानते हैं कि ज्ञान तब तक अधूरा है, जब तक उसे लोगों के साथ साझा न किया जाए और उसका इस्तेमाल समाज को बेहतर बनाने में न किया जाए।

डॉ. ऐश्वर्या पंडित शर्मा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस इतिहास में फर्स्ट क्लास ऑनर्स के साथ स्नातक किया। इसके बाद वे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स गईं और फिर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी पहुंचीं, जहां उन्होंने ‘From United Provinces to Uttar Pradesh: Heartland Politics, 1947–1970’ विषय पर पीएचडी की। यह रिसर्च सिर्फ डिग्री के लिए नहीं था, बल्कि सत्ता, पहचान और भारतीय लोकतंत्र के बदलते रूपों पर एक गहन अध्ययन था।

लेकिन डॉ. शर्मा केवल शोध पत्रों और लाइब्रेरी तक सिमटी नहीं रहीं। उनके लिए ज्ञान का मतलब है जमीनी स्तर पर प्रासंगिक होना। इसी सोच के साथ वे कैम्ब्रिज से निकलकर पहले जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की कक्षाओं तक पहुंचीं और फिर जन सरोकार के कामों में जुट गईं।

‘आईटीवी फाउंडेशन’ की चेयरपर्सन के रूप में उन्होंने मीडिया में नेतृत्व को एक नया रूप दिया है। आज जब मीडिया में अक्सर शोर और दिखावा हावी है, उन्होंने ठहराव, गहराई और गरिमा के साथ काम करने की परंपरा कायम की है। उनके नेतृत्व में फाउंडेशन ने ऐसे प्लेटफॉर्म्स तैयार किए हैं जहां इतिहास को केवल अतीत की बात मानकर छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि वर्तमान को समझने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

उनका पॉडकास्ट ‘Historically Speaking’ इसी सोच का शानदार उदाहरण है। इसमें वे भारत के इतिहास को आज के दौर के जटिल सवालों से जोड़ती हैं। चाहे वह आपातकाल की विरासत हो या भारत में राजनीतिक सोच की दिशा। वो न सिर्फ गहराई से शोध करती हैं, बल्कि इन बातों को निजी अनुभव और सरल भाषा में सामने लाती हैं।

उनका काम सिर्फ स्टूडियो या शिक्षण तक सीमित नहीं है। ‘आईटीवी फाउंडेशन’ के जरिये उन्होंने गोरखपुर, हरियाणा और पंजाब जैसे इलाकों में महिलाओं के स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराए। डेटॉल के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान चलाए और ‘We Women Want’ जैसे प्रोग्राम तैयार किए, जहां घरेलू हिंसा, मानसिक स्वास्थ्य, और बांझपन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बात होती है। उनके लिए ये शब्द सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि जमीनी जरूरतें हैं।

उन्होंने ‘शक्ति अवॉर्ड्स’ की शुरुआत भी की है, जो हर साल उन महिलाओं को सम्मानित करता है जो बिना किसी शोहरत या मंच के, रोज़ाना जिंदगी की चुनौतियों से जूझती हैं और कामयाबी हासिल कर समाज के सामने उदाहरण पेश करती हैं। डॉ. शर्मा को यकीन है कि असली नेतृत्व अक्सर चुपचाप काम करने वालों में होता है।

उनके न्यूजरूम में ऐसा माहौल होता है, जहां हर आवाज की अहमियत होती है, चाहे वह पत्रकार हो या तकनीकी स्टाफ। वे पद और ओहदे से ज्यादा विचार और संवाद को महत्व देती हैं।

डॉ. शर्मा की सोच की सबसे खास बात है कि वे ज्ञान और संवेदना, दोनों को साथ लेकर चलती हैं। वे बातें थोपती नहीं, बातचीत करती हैं। दिखावा नहीं करतीं, बल्कि गहराई से सोचती हैं। आज के तेज रफ्तार, सतही दौर में वे यह याद दिलाती हैं कि इतिहास का नज़रिया रखना केवल पुरानी बातों में उलझना नहीं, बल्कि आगे का रास्ता समझने का तरीका है।

इस साल उन्होंने एक और अहम भूमिका निभाई है। वे हाल ही में आई किताब ‘Indian Renaissance: The Modi Decade’ की संपादक हैं। इस संकलन में उन्होंने ऐसे विचारों और लेखों को जगह दी है, जो केवल राजनीतिक घटनाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा पर सोचने का नजरिया हैं।

डॉ. ऐश्वर्या पंडित शर्मा मानती हैं कि कहानी सुनाने यानी स्टोरीटैलिंग का असली मकसद समाज को समझाना और बदलना है। वे एक ऐसी लीडर हैं जो जल्दीबाज़ी में नहीं, सोच-समझकर आगे बढ़ती हैं और सबसे बढ़कर, वे एक ऐसी महिला हैं जो इतिहास को अपने साथ आत्मविश्वास से लेकर चलती हैं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

डॉ. सुभाष चंद्रा का भावुक संदेश, 'बाबूजी हमारे आचरण और संस्कारों में जीवित रहेंगे'

'एस्सेल ग्रुप' के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका की रस्म पगड़ी के बाद एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

Samachar4media Bureau by
Published - Monday, 27 July, 2026
Last Modified:
Monday, 27 July, 2026
Dr Subhash Chandra......

'एस्सेल ग्रुप' (Essel Group) के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता एवं वरिष्ठ उद्योगपति व समाजसेवी स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका की रस्म पगड़ी के बाद एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की देह यात्रा भले ही समाप्त हो जाए, लेकिन उसके संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्य हमेशा जीवित रहते हैं और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते हैं।

डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि 26 जुलाई 2026 को संपन्न हुई रस्म पगड़ी केवल एक सामाजिक परंपरा नहीं थी, बल्कि उस उत्तरदायित्व को स्वीकार करने का क्षण थी, जो एक पिता अपने जीवन के बाद अपने परिवार को सौंप जाता है। उन्होंने कहा कि बाबूजी का जीवन अब केवल स्मृतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संस्कार परिवार के आचरण, निर्णयों और आने वाली पीढ़ियों के माध्यम से आगे बढ़ते रहेंगे।

उन्होंने आगे लिखा, "जीवन का एक शाश्वत सत्य है कि एक दिन व्यक्ति दृश्य संसार से विदा हो जाता है, लेकिन उसके संस्कार, उसका अनुशासन और उसके द्वारा दिखाया गया मार्ग समय से परे हो जाता है।" डॉ. चंद्रा ने कहा कि उनके पिता का जीवन और उनके आदर्श परिवार के लिए सदैव प्रेरणा बने रहेंगे।

अपने संदेश में उन्होंने इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़े रहने वाले सभी लोगों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने अपनी उपस्थिति, प्रार्थनाओं और स्नेह के माध्यम से परिवार को संबल दिया, उनके प्रति वे हृदय से कृतज्ञ हैं।

पोस्ट के अंत में डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "बाबूजी, आपकी देह यात्रा पूर्ण हो गई है, लेकिन आपके दिए संस्कारों की यात्रा निरंतर चलती रहेगी। ॐ शांति।"

गौरतलब है कि डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता एवं वरिष्ठ उद्योगपति और समाजसेवी नंद किशोर गोयनका का 13 जुलाई 2026 को मुंबई में 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार हरियाणा के अग्रोहा धाम स्थित गोयनका उद्यान में किया गया था। हाल ही में डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए हरियाणा के अग्रोहा में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 'नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी' स्थापित करने की घोषणा भी की है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना होगा।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

फेक न्यूज पर सख्त पश्चिम बंगाल सरकार, बनाया 24x7 'वॉर रूम'; सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर

राज्य सरकार ने 24 घंटे और सातों दिन (24x7) काम करने वाला 'वॉर रूम' बनाने का फैसला किया है, जो सोशल मीडिया समेत सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगा और गलत खबरों का तुरंत तथ्यात्मक जवाब देगा।

Samachar4media Bureau by
Published - Monday, 27 July, 2026
Last Modified:
Monday, 27 July, 2026
WarRoom4521

फेक न्यूज और भ्रामक जानकारी पर रोक लगाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 24 घंटे और सातों दिन (24x7) काम करने वाला 'वॉर रूम' बनाने का फैसला किया है, जो सोशल मीडिया समेत सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगा और गलत खबरों का तुरंत तथ्यात्मक जवाब देगा।

राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग (Information and Cultural Affairs Department) ने शुक्रवार को जारी अधिसूचना में कहा कि हाल के दिनों में बढ़ती मिसइन्फॉर्मेशन, डिसइन्फॉर्मेशन और फेक न्यूज की चुनौती को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि ऐसी गलत सूचनाएं कानून-व्यवस्था, सरकारी कामकाज और राज्य की छवि पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।

नई व्यवस्था के तहत यह 'वॉर रूम' प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया, साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाली खबरों और पोस्ट की निगरानी करेगा। इसके अलावा यह जिला प्रशासन और विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय बनाकर सही और सत्यापित जानकारी लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचाने का काम करेगा।

इस वॉर रूम की कमान सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव के हाथ में होगी। इसमें गृह विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और राज्य प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहेंगे।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, वॉर रूम की जिम्मेदारी सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं होगी। यह सोशल मीडिया और समाचारों में फैलाई जा रही भ्रामक या गलत जानकारी की पहचान करेगा, उसके जवाब में तथ्य आधारित प्रतिक्रिया तैयार करेगा और जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के साथ मिलकर समन्वित कार्रवाई भी करेगा।

इसके अलावा वॉर रूम मीडिया संस्थानों और फैक्ट-चेकिंग एजेंसियों के साथ भी लगातार संपर्क में रहेगा। साथ ही राज्य सरकार को समय-समय पर स्थिति की रिपोर्ट भी भेजेगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों तक सही और सत्यापित जानकारी बिना देरी के पहुंचे, ताकि अफवाहों और गलत खबरों को फैलने का मौका न मिले। उनका कहना है कि मकसद केवल सोशल मीडिया की निगरानी करना नहीं, बल्कि आधिकारिक माध्यमों से तेजी से सही जानकारी साझा करना भी है।

राज्य सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों, जिलाधिकारियों (DM), पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों (SP) को भी निर्देश दिए हैं कि वे वॉर रूम के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें और इसके सुचारु संचालन में हर संभव सहयोग दें।

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से फेक न्यूज और अफवाहों पर तेजी से रोक लगाने में मदद मिलेगी और किसी भी संवेदनशील स्थिति में लोगों तक समय पर सही जानकारी पहुंचाई जा सकेगी।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Air Suvidha 2.0 पूरी तरह मुफ्त, फर्जी वेबसाइट्स पर न करें भुगतान: नागरिक उड्डयन मंत्रालय

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को Air Suvidha 2.0 के नाम पर चल रही फर्जी वेबसाइट्स से सावधान रहने की सलाह दी है।

Samachar4media Bureau by
Published - Monday, 27 July, 2026
Last Modified:
Monday, 27 July, 2026
AIRSuvidha7854

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को Air Suvidha 2.0 के नाम पर चल रही फर्जी वेबसाइट्स से सावधान रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा है कि कुछ नकली पोर्टल खुद को आधिकारिक Air Suvidha 2.0 वेबसाइट बताकर यात्रियों से पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, उसके संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें फर्जी वेबसाइटें यात्रियों को पेमेंट गेटवे पर भेजकर Air Suvidha 2.0 की सेवा देने का दावा कर रही हैं। मंत्रालय ने साफ किया है कि Air Suvidha 2.0 की सेल्फ-डिक्लेरेशन (Self-Declaration) फॉर्म भरने के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है।

मंत्रालय ने बताया कि Air Suvidha 2.0 के लिए केवल एक ही आधिकारिक पोर्टल मान्य है और यात्रियों को उसी का इस्तेमाल करना चाहिए।

यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत या यात्रा से जुड़ी जानकारी भरने से पहले उसका वेब एड्रेस ध्यान से जांच लें। साथ ही Air Suvidha 2.0 के नाम पर किसी भी अनधिकृत वेबसाइट पर कोई भुगतान न करें।

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि Air Suvidha 2.0 से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल सरकारी आधिकारिक पोर्टल और सरकार की ओर से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। यह सलाह यात्रियों की सुरक्षा और जागरूकता को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जून 2026 में Air Suvidha 2.0 लॉन्च किया था। यह अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए तैयार किया गया नया डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए भारत आने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन से पहले अनिवार्य ऑनलाइन हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होता है। यह व्यवस्था इबोला वायरस के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।

यात्री भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले तक यह फॉर्म ऑनलाइन भर सकते हैं। मंत्रालय ने दोहराया है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है और किसी भी तरह के भुगतान की आवश्यकता नहीं है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने जंतर-मंतर और देशभर की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 25 July, 2026
Last Modified:
Saturday, 25 July, 2026
dharmendrapradhan

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को भेजे अपने इस्तीफे में कहा कि यह निर्णय जंतर-मंतर (Jantar Mantar) और देशभर में बनी स्थिति के मद्देनजर लिया गया है, ताकि राष्ट्र विरोधी तत्व इसका लाभ न उठा सकें, देश की एकता बनी रहे और छात्रों का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे।

अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह नहीं चाहते कि भारत के छात्र कानूनी जटिलताओं में उलझें और उनकी पढ़ाई तथा करियर प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपा है।

यह घटनाक्रम हाल के दिनों में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलनों और परीक्षा संबंधी विवादों के बीच सामने आया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों का असर छात्रों और देश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने अभी तक उनके उत्तराधिकारी या आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार के अगले कदमों पर सभी की नजर बनी हुई है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Gameskraft पर ED की बड़ी कार्रवाई, ₹1,906 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Gameskraft Technologies, उसके शेयरधारकों और संबंधित संस्थाओं की करीब ₹1,906 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं।

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 25 July, 2026
Last Modified:
Saturday, 25 July, 2026
Gameskraft74

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft Technologies Pvt. Ltd. के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी, उसके शेयरधारकों और उससे जुड़ी संस्थाओं की करीब 1,906 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर ली हैं। यह कार्रवाई ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, खासकर RummyCulture, से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।

ED ने बताया कि 22 जुलाई 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत यह अस्थायी अटैचमेंट आदेश जारी किया गया। एजेंसी के अनुसार, जांच इस आरोप पर केंद्रित है कि ऑनलाइन रियल मनी रमी खेलने वाले खिलाड़ियों से कथित धोखाधड़ी के जरिए अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) हासिल की गई और बाद में उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई।

किन संपत्तियों को किया गया अटैच?

ED के मुताबिक, जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), म्यूचुअल फंड, कन्वर्टिबल नोट्स, इक्विटी शेयर, एक फार्महाउस और कई आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। ये संपत्तियां कंपनी के शेयरधारकों, उनके परिवार के सदस्यों, फैमिली ट्रस्ट और अन्य संबंधित संस्थाओं के नाम पर हैं।

तेलंगाना में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई जांच

ED ने बताया कि यह जांच तेलंगाना में दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू हुई। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत कथित धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। यही मामले PMLA के तहत अनुसूचित अपराध (Scheduled Offences) की श्रेणी में आते हैं।

मई और जून में हुई थी छापेमारी

जांच के दौरान ED ने 7 से 13 मई 2026 और फिर 20-21 जून 2026 को Gameskraft Technologies के दफ्तरों और कंपनी के निदेशकों व प्रमुख कर्मचारियों के घरों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने इस दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए, जिन्हें मामले में अहम सबूत बताया गया है।

3 करोड़ यूजर्स का दावा

ED के अनुसार, Gameskraft Technologies और RummyTime Technologies ने RummyCulture, RummyPrime, Playship और RummyTime जैसे ब्रांड्स के जरिए ऑनलाइन रियल मनी रमी प्लेटफॉर्म संचालित किए। एजेंसी का दावा है कि इन प्लेटफॉर्म्स के देशभर में करीब 3 करोड़ यूजर्स थे।

ED ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में यूजर्स ऐसे राज्यों से थे, जहां ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध है। इनमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं।

'बॉट्स' इस्तेमाल करने का आरोप

ED का आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर खिलाड़ियों के मुकाबले ऑटोमेटेड प्लेयर्स (Bots) उतारे जाते थे, जबकि यूजर्स को दावा किया जाता था कि गेम पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है। एजेंसी का कहना है कि बॉट्स के कारण खिलाड़ियों को नुकसान हुआ, जबकि कंपनियों ने इससे भारी कमाई की।

मार्केटिंग पर खर्च किए ₹1,035 करोड़

ED के मुताबिक, कंपनियों ने नए यूजर्स जोड़ने और पुराने खिलाड़ियों को बनाए रखने के लिए करीब 1,035 करोड़ रुपये मार्केटिंग और प्रमोशनल गतिविधियों पर खर्च किए। इसमें बोनस, रेफरल इंसेंटिव, फ्री टूर्नामेंट एंट्री और अन्य रिवॉर्ड शामिल थे।

एजेंसी का यह भी आरोप है कि कुछ मामलों में निकासी (Withdrawal) पर 5 से 10 फीसदी तक शुल्क लिया गया और 'Super Booster' जैसे ऑफर्स के जरिए खिलाड़ियों को निकाली जा सकने वाली राशि को 'Game Cash' में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिसे बाद में सीधे नहीं निकाला जा सकता था।

ED के अनुसार, जो खिलाड़ी नुकसान के बाद खेलना छोड़ चुके थे, उन्हें दोबारा प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए कैश क्रेडिट, प्रमोशनल ऑफर, पुश नोटिफिकेशन, SMS और टेलीमार्केटिंग कॉल्स का सहारा लिया गया।

पहले भी जब्त हो चुकी हैं संपत्तियां

ED ने बताया कि इससे पहले की कार्रवाई में एजेंसी करीब 495 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां फ्रीज कर चुकी है। इसके अलावा 11 लाख रुपये नकद और करीब 2.3 किलोग्राम सोना, हीरे के आभूषण और बुलियन भी जब्त किए गए थे।

ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक अटैच, फ्रीज और जब्त की गई कुल संपत्तियों का मूल्य लगभग 2,401 करोड़ रुपये हो गया है।

हालांकि, यह ED के आरोप हैं और मामले की जांच अभी जारी है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पॉलीकैब इंडिया में नेहा शिंदे की वापसी : बनीं 'Head- Corporate Communications & PR'

पॉलीकैब इंडिया ने नेहा शिंदे को Head – Corporate Communications & PR नियुक्त किया है। वह कंपनी की प्रतिष्ठा प्रबंधन, रणनीतिक संचार और ब्रांड स्टोरीटेलिंग का नेतृत्व करेंगी।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 24 July, 2026
Last Modified:
Friday, 24 July, 2026
nehashindey

नेहा शिंदे (Neha Shinde) ने दो वर्ष बाद एक बार फिर पॉलीकैब इंडिया लिमिटेड (Polycab India Limited) में वापसी की है। कंपनी ने उन्हें हेड–कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस एंड पीआर (Head – Corporate Communications & PR) नियुक्त किया है।

इससे पहले वह एप्सिलॉन कार्बन प्राइवेट लिमिटेड (Epsilon Carbon Pvt. Ltd.) और एप्सिलॉन एडवांस्ड मैटेरियल्स प्राइवेट लिमिटेड (Epsilon Advanced Materials Pvt. Ltd.) के साथ कार्यरत थीं।

अपनी नई भूमिका में नेहा शिंदे (Neha Shinde) कंपनी की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications), पब्लिक रिलेशंस (Public Relations-PR), प्रतिष्ठा प्रबंधन (Reputation Management), रणनीतिक संचार (Strategic Communications) और ब्रांड स्टोरीटेलिंग (Brand Storytelling) का नेतृत्व करेंगी।

लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपनी नियुक्ति की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों का अनुभव उनके लिए सीख और बदलाव से भरा रहा। उन्होंने कहा कि अब Polycab India में वापसी उनके करियर का नया और महत्वपूर्ण अध्याय है।

नेहा शिंदे को पब्लिक रिलेशंस, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, मीडिया रिलेशंस, ब्रांड स्टोरीटेलिंग और कम्युनिकेशन रणनीति के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है। वह मई 2021 में मैनेजर–पीआर एंड कॉरपोरेट कम्युनिकेशन (Manager – PR & Corporate Communication) के रूप में Polycab India से जुड़ी थीं और अप्रैल 2023 में सीनियर मैनेजर (Senior Manager) पद पर पदोन्नत हुई थीं।

अब नई जिम्मेदारी में वह कंपनी की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर रणनीति का नेतृत्व करते हुए व्यवसाय, प्रतिष्ठा और विकास से जुड़ी ब्रांड कथाओं को नई दिशा देंगी।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

शुभम शुक्ला बने Wow! Momo के नए AVP – Brand

वॉव! मोमो (Wow! Momo) ने शुभम शुक्ला को Assistant Vice President – Brand नियुक्त किया है। वह कंपनी की ब्रांड रणनीति, मार्केटिंग अभियानों और ग्राहक जुड़ाव को मजबूत करेंगे।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 24 July, 2026
Last Modified:
Friday, 24 July, 2026
wowmomo

वॉव! मोमो (Wow! Momo) ने शुभम शुक्ला (Subham Shukla) को असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट–ब्रांड (Assistant Vice President – Brand) नियुक्त किया है। कंपनी ने उनकी नियुक्ति की जानकारी लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा एक पोस्ट के माध्यम से दी।

कंपनी ने अपने संदेश में कहा कि वह शुभम शुक्ला का Wow! Momo परिवार में स्वागत करते हुए उत्साहित है। कंपनी को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में ब्रांड को और मजबूत बनाया जाएगा, ग्राहकों के लिए बेहतर अनुभव तैयार किए जाएंगे और व्यवसाय के विकास को नई गति मिलेगी।

शुभम शुक्ला (Subham Shukla) ब्रांडिंग (Branding) और मार्केटिंग (Marketing) के क्षेत्र में व्यापक अनुभव लेकर कंपनी से जुड़े हैं। उन्हें ब्रांड रणनीति (Brand Strategy), क्रिएटिव कम्युनिकेशन (Creative Communication), कंज्यूमर एंगेजमेंट (Consumer Engagement) और इंटीग्रेटेड मार्केटिंग (Integrated Marketing) में विशेषज्ञता हासिल है।

कंपनी के अनुसार, अपने विस्तार की मौजूदा यात्रा के दौरान शुभम शुक्ला की विशेषज्ञता ब्रांड की बाजार में मौजूदगी मजबूत करने, प्रभावशाली मार्केटिंग अभियानों को आगे बढ़ाने और हर ग्राहक संपर्क बिंदु (Customer Touchpoint) पर यादगार ब्रांड अनुभव विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए