एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप और BW बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि बदलते दौर में भी मीडिया समाज की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है।
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Vikas Saxena
समाचार4मीडिया के 'पत्रकारिता 40 अंडर 40' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए dउन्होंने कहा कि आज का दिन पत्रकारिता की कमियों पर चर्चा करने का नहीं, बल्कि उन युवा पत्रकारों की उपलब्धियों का सम्मान करने का है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने काम से पहचान बनाई है।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए डॉ. अनुराग बत्रा ने सभी अतिथियों, जूरी सदस्यों और विजेताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि वे समाचार4मीडिया के 'पत्रकारिता 40 अंडर 40' के चौथे संस्करण में सभी के बीच मौजूद हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का विशेष रूप से स्वागत करते हुए कहा कि वह इस आयोजन के मुख्य अतिथि हैं और लगातार तीसरी बार इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समाचार4मीडिया परिवार के लिए गर्व की बात है कि बृजेश पाठक हर बार समय निकालकर इस मंच पर आते हैं और युवा पत्रकारों का उत्साह बढ़ाते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से बृजेश पाठक के लिए तालियां बजाने का आग्रह भी किया।
डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि उन्होंने बहुत कम ऐसे जनप्रतिनिधि देखे हैं, जो हर व्यक्ति से सहजता से मिलते हों। उन्होंने कहा कि उन्होंने बृजेश पाठक के साथ काम करने वाले अधिकारियों से भी यही सुना है कि वह सभी से आत्मीयता के साथ संवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के बीच भी बृजेश पाठक की अच्छी छवि है और लगभग हर पत्रकार उनके व्यवहार की सराहना करता है। उनके अनुसार किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।
उन्होंने कहा कि आज जब कई नेता मीडिया के सवालों का सामना करने से बचते हैं, ऐसे समय में बृजेश पाठक का इस कार्यक्रम में आना और पत्रकारों के बीच खुलकर मौजूद रहना सराहनीय है। इसके लिए उन्होंने उनका आभार व्यक्त किया।
इसके बाद डॉ. अनुराग बत्रा ने कार्यक्रम के जूरी चेयरमैन और हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर का विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जब पहली बार 'पत्रकारिता 40 अंडर 40' पुरस्कार शुरू करने का विचार आया, तो सबसे पहला नाम उनके मन में शशि शेखर का ही आया था। उन्होंने कहा कि शशि शेखर जिस भी जिम्मेदारी को स्वीकार करते हैं, उसे पूरी ईमानदारी, जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार की गरिमा बढ़ाने में शशि शेखर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके साथ ही उन्होंने जूरी के अन्य सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने निष्पक्षता के साथ विजेताओं का चयन किया।
डॉ. अनुराग बत्रा ने इंडियन ब्रॉडकास्ट एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के महासचिव अविनाश पांडे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मीडिया इंडस्ट्री की उनकी समझ बेहद गहरी है। उन्होंने बताया कि अविनाश पांडे पहले एबीपी न्यूज के ग्रुप सीईओ रह चुके हैं और कई प्रतिष्ठित जूरी का हिस्सा भी रहे हैं।
उन्होंने मंच संचालन कर रहे वरिष्ठ पत्रकार अनुराग मुस्कान की भी विशेष प्रशंसा की। डॉ. बत्रा ने कहा कि अनुराग मुस्कान की दमदार आवाज, प्रभावशाली व्यक्तित्व और मीडिया इंडस्ट्री की गहरी समझ ने पूरे कार्यक्रम की गंभीरता और गुणवत्ता को और बढ़ाया है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अनुराग मुस्कान के लिए भी तालियां बजाने का आग्रह किया।
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि आज पत्रकारिता को लेकर अलग-अलग तरह की बातें हो रही हैं। कोई कहता है कि पत्रकारों को अपनी पहचान छिपानी पड़ रही है, तो कोई गर्व के साथ पत्रकार कहलाने की बात करता है। लेकिन उनका मानना है कि पत्रकारिता को उसके बदलते परिवेश में समझने की जरूरत है और इस पेशे से जुड़े लोगों को अपने काम पर गर्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज बदल गया है, राजनीति बदल गई है और लोगों की प्राथमिकताएं भी बदल गई हैं। ऐसे में पत्रकारिता का बदलना भी स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि यह बदलाव अच्छा है या बुरा, क्योंकि हर बदलाव का मूल्यांकन समय के साथ होता है। लेकिन इतना जरूर है कि मीडिया आज पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण माहौल में काम कर रहा है।
डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि उनके लिए पत्रकार, मीडिया मालिक और संपादक केवल पेशेवर साथी नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह हैं। उन्होंने कहा कि वह पूरी मीडिया बिरादरी को एक समुदाय के रूप में देखते हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद पत्रकार और मीडिया संस्थान अपना काम पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। उन्होंने उपस्थित सभी पत्रकारों से कहा कि वे खुद अपने लिए तालियां बजाएं, क्योंकि आज का दिन उनके योगदान और उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन है।
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से मीडिया पहले से बेहतर काम कर सकता है और उसे लगातार बेहतर करने की जरूरत भी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पत्रकारों की उपलब्धियों को नजरअंदाज कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन आत्मालोचना का नहीं, बल्कि उन पत्रकारों का सम्मान करने का है, जिन्होंने अपने काम से पहचान बनाई है।
अपने संबोधन में डॉ. बत्रा ने एक दिलचस्प प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बड़े उद्योगपति ने उनसे पूछा था कि आखिर पत्रकारों को पुरस्कार देने की जरूरत क्या है, वे ऐसा कौन-सा काम करते हैं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने उद्योगपति से कहा कि कोई भी उद्योगपति, कारोबारी, संस्था या नेता अपनी मेहनत से काम जरूर करता है, लेकिन उसकी पहचान, उसकी छवि और उसके ब्रांड को मजबूत बनाने में मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार लोगों के काम को समाज के सामने लाते हैं। वे उनकी उपलब्धियों को प्रकाशित करते हैं, उनकी कहानियां बताते हैं और उनकी सार्वजनिक छवि को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं। उन्होंने उद्योगपति से कहा कि मीडिया केवल खबरें नहीं लिखता, बल्कि समाज में व्यक्तियों, संस्थाओं और ब्रांडों की विश्वसनीयता को भी स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए पत्रकारों के काम का सम्मान होना चाहिए।
डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि उन्होंने यह बात देश के शीर्ष उद्योगपतियों में शामिल उस व्यक्ति से पूरी विनम्रता के साथ कही थी। उनका मानना है कि जिस तरह दूसरे क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों को सम्मानित किया जाता है, उसी तरह पत्रकारों को भी उनके योगदान के लिए सम्मान मिलना चाहिए।
इसके बाद उन्होंने 'पत्रकारिता 40 अंडर 40' पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया और आयोजन की पारदर्शिता पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पहले इन पुरस्कारों के लिए एंट्री फीस ली जाती थी, क्योंकि यह एक प्रोफेशनल और लाभकारी कंपनी का आयोजन था और इसमें कुछ भी छिपाने जैसा नहीं है। उन्होंने कहा कि एक्सचेंज4मीडिया पिछले 26 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री पर काम कर रहा है और उसे हमेशा पाठकों तथा मीडिया समुदाय का सहयोग मिला है।
उन्होंने बताया कि जब पहले वर्ष का आयोजन हुआ, तब उन्होंने महसूस किया कि एंट्री फीस होने की वजह से बड़े मीडिया संस्थान अधिक संख्या में आवेदन भेज पाते थे, क्योंकि उनके पास संसाधन अधिक होते थे। वहीं छोटे संस्थानों या व्यक्तिगत पत्रकारों के लिए यह उतना आसान नहीं था। इसी अनुभव से सीख लेते हुए समाचार4मीडिया ने पिछले दो संस्करणों से एंट्री फीस पूरी तरह समाप्त कर दी।
उन्होंने कहा कि अब इस आयोजन के लिए प्रायोजकों का सहयोग लिया जाता है और भविष्य में और भी प्रायोजक जुड़ सकते हैं। लेकिन उनका उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि इसे देश का सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता सम्मान बनाना है।
अपने संबोधन के अंतिम चरण में डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि इस पुरस्कार का उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि इसे देश का सबसे विश्वसनीय और प्रतिष्ठित पत्रकारिता मंच बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि देशभर के अधिक से अधिक पत्रकार इसमें शामिल हो सकें।
उन्होंने पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर भी विस्तार से बात की और कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें स्वयं यह तक पता नहीं होता कि कौन विजेता बनने वाला है। जूरी की बैठक होती है, जिसमें जूरी चेयरमैन शशि शेखर और अन्य सदस्य सभी आवेदनों का मूल्यांकन करते हैं। अंतिम सूची तैयार होने के बाद उसे मंजूरी दी जाती है और तभी विजेताओं को सूचना भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होता और यही इस सम्मान की सबसे बड़ी ताकत है।
डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की चर्चा कर रही है और मीडिया इंडस्ट्री भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन उनका मानना है कि एआई पत्रकारों की जगह नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि तकनीक चाहे जितनी भी विकसित हो जाए, ओरिजिनल स्टोरीटेलिंग, जमीनी रिपोर्टिंग और मानवीय दृष्टिकोण की जरूरत हमेशा बनी रहेगी। यही पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत है और भविष्य में इसकी अहमियत और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नए दौर की पत्रकारिता को एआई के साथ चलना होगा, लेकिन अपनी मौलिकता कभी नहीं छोड़नी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह मीडिया की आलोचना करने के लिए मंच पर नहीं आए हैं। उनका मानना है कि आज भी देश के पत्रकार बेहद कठिन परिस्थितियों में शानदार काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवा पत्रकारों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ही पत्रकारिता के भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद है।
डॉ. बत्रा ने यह देखकर खुशी जताई कि कार्यक्रम में केवल पत्रकार ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि कई विजेताओं के माता-पिता, पति-पत्नी, भाई-बहन और परिवार के अन्य सदस्य भी उन्हें सम्मानित होते देखने आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि उसके पूरे परिवार की मेहनत और त्याग का परिणाम होती है।
अपने संबोधन में उन्होंने युवा पत्रकारों को स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मीडिया पेशे में काम का दबाव बहुत अधिक होता है, लेकिन इसके बीच स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत आज उन देशों में शामिल है, जहां लोग औसतन केवल साढ़े पांच घंटे की नींद लेते हैं, जबकि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए कम से कम आठ घंटे की नींद जरूरी है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य और जीवनशैली का विशेष ध्यान रखें।
डॉ. अनुराग बत्रा ने मीडिया जगत की एक और कमजोरी की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि इस इंडस्ट्री में लोग एक-दूसरे की तारीफ बहुत कम करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपने सहयोगियों, दोस्तों और यहां तक कि प्रतिस्पर्धियों के अच्छे काम की भी खुलकर सराहना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसे बहुत लोग हैं, जो आपको नीचे खींचने की कोशिश करेंगे, इसलिए मीडिया के लोगों को कम से कम आपस में एक-दूसरे का हौसला बढ़ाना चाहिए, न कि एक-दूसरे को पीछे खींचना चाहिए।
इंडिया टुडे ग्रुप ने रुचिका मेहता की जिम्मेदारियां बढ़ाते हुए उन्हें इंडिया टुडे स्पाइस की एडिटर नियुक्त किया है। वह हेलो! इंडिया और ब्राइड्स टुडे की एडिटर भी हैं।
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Samachar4media Bureau
इंडिया टुडे ग्रुप (India Today Group) ने रुचिका मेहता (Ruchika Mehta) की जिम्मेदारियां बढ़ाते हुए उन्हें इंडिया टुडे स्पाइस (India Today Spice) की एडिटर नियुक्त किया है। वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के तहत हेलो! इंडिया (Hello! India) और ब्राइड्स टुडे (Brides Today) की एडिटर भी हैं।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब इंडिया टुडे ग्रुप अपने लग्जरी और लाइफस्टाइल पोर्टफोलियो (Luxury and Lifestyle Portfolio) को मजबूत कर रहा है। इसमें इंडिया टुडे स्पाइस के साथ हार्पर्स बाजार इंडिया (Harper’s Bazaar India), कॉस्मोपॉलिटन इंडिया (Cosmopolitan India), हेलो! इंडिया और ब्राइड्स टुडे शामिल हैं।
नई जिम्मेदारी के साथ रुचिका मेहता ग्रुप के लग्जरी और लाइफस्टाइल बिजनेस के तहत तीन पब्लिकेशंस की एडिटोरियल डायरेक्शन (Editorial Direction) संभालेंगी।
यह बदलाव इंडिया टुडे ग्रुप की व्यापक लीडरशिप रिस्ट्रक्चरिंग (Leadership Restructuring) का हिस्सा है। ग्रुप अपने प्रीमियम पब्लिशिंग बिजनेस (Premium Publishing Business) की ग्रोथ को आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है, जिसे नए इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (Intellectual Properties), बढ़े हुए कमर्शियल अवसरों और प्रिंट व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से बढ़ते रेवेन्यू योगदान का समर्थन मिल रहा है।
इंडिया टुडे ग्रुप ने कमलिनी चटर्जी की जिम्मेदारियां बढ़ाते हुए उन्हें लग्जरी और लाइफस्टाइल पोर्टफोलियो के पांचों ब्रांड्स की सेल्स लीडरशिप की जिम्मेदारी सौंपी है।
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Samachar4media Bureau
इंडिया टुडे ग्रुप (India Today Group) ने वाइस प्रेसिडेंट–सेल्स कमलिनी चटर्जी (Kamalinee Chatterjee) की जिम्मेदारियां बढ़ा दी हैं। अब वह ग्रुप के लग्जरी और लाइफस्टाइल पोर्टफोलियो (Luxury and Lifestyle Portfolio) के सभी पांच ब्रांड्स की सेल्स लीडरशिप संभालेंगी।
नई जिम्मेदारी के तहत कमलिनी चटर्जी अब हार्पर्स बाजार इंडिया (Harper’s Bazaar India), कॉस्मोपॉलिटन इंडिया (Cosmopolitan India), हेलो! इंडिया (Hello! India) और ब्राइड्स टुडे (Brides Today) के साथ इंडिया टुडे स्पाइस (India Today Spice) की सेल्स भी देखेंगी।
इंडिया टुडे स्पाइस के पोर्टफोलियो में शामिल होने के साथ कमलिनी सभी पांचों ब्रांड्स की सेल्स को एक कंसोलिडेटेड सेल्स लीडरशिप स्ट्रक्चर (Consolidated Sales Leadership Structure) के तहत लीड करेंगी।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब इंडिया टुडे ग्रुप अपने लग्जरी और लाइफस्टाइल बिजनेस को मजबूत कर रहा है। इस बिजनेस में नए इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (Intellectual Properties), व्यापक कमर्शियल अवसरों और प्रिंट व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से बढ़े रेवेन्यू योगदान के जरिए हाल के वर्षों में ग्रोथ देखने को मिली है।
कमलिनी चटर्जी की बढ़ी हुई जिम्मेदारियां इंडिया टुडे ग्रुप की व्यापक लीडरशिप रिस्ट्रक्चरिंग (Leadership Restructuring) का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य ग्रुप के लग्जरी और लाइफस्टाइल बिजनेस की कमर्शियल ग्रोथ को आगे बढ़ाना है।
शशांक डबराल को पारस बिल्डटेक में हेड ऑफ सेल्स नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट में छह वर्षों से अधिक समय तक रीजन हेड सेल्स रहे।
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Samachar4media Bureau
रियल एस्टेट कंपनी पारस बिल्डटेक (Paras Buildtech) ने शशांक डबराल (Shashank Dabral) को हेड ऑफ सेल्स (Head of Sales) नियुक्त किया है। अपनी नई जिम्मेदारी में वह कंपनी की ग्रोथ इनिशिएटिव्स (Growth Initiatives) को लीड करेंगे और मार्केट प्रेजेंस (Market Presence) बढ़ाने के साथ रेवेन्यू (Revenue) को आगे बढ़ाने के लिए प्रक्रियाओं को तैयार और लागू करेंगे।
इससे पहले डबराल आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट (Aditya Birla Real Estate) में नॉर्थ के रीजन हेड - सेल्स (Region Head - Sales, North) के पद पर छह वर्षों से अधिक समय तक कार्यरत रहे। इससे पहले उन्होंने गोदरेज प्रॉपर्टीज (Godrej Properties) के साथ करीब साढ़े तीन साल तक काम किया है।
पारस बिल्डटेक में डबराल की जिम्मेदारी कंपनी की सेल्स ग्रोथ को मजबूत करने, बाजार में मौजूदगी बढ़ाने और रेवेन्यू ग्रोथ के लिए प्रभावी प्रक्रियाएं विकसित करने पर रहेगी।
PVR INOX Limited ने गुरुग्राम के DLF Summit Plaza में अपना नया 3-स्क्रीन मल्टीप्लेक्स शुरू किया है।
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Vikas Saxena
PVR INOX Limited ने गुरुग्राम के DLF Summit Plaza में अपना नया 3-स्क्रीन मल्टीप्लेक्स शुरू किया है। कंपनी ने 17 सितंबर 2026 को इसकी जानकारी दी। यह नया सिनेमाघर गोल्फ कोर्स रोड पर स्थित है और इसमें दर्शकों के आराम के साथ बेहतर सिनेमा अनुभव पर खास ध्यान दिया गया है।
इस नए मल्टीप्लेक्स के शुरू होने के साथ PVR INOX के पास अब भारत और श्रीलंका के 114 शहरों में 357 जगहों पर कुल 1,792 स्क्रीन हो गई हैं। कंपनी के मुताबिक, यह देश का सबसे बड़ा मल्टीप्लेक्स नेटवर्क है।
352 प्रीमियम सीटों से लैस है मल्टीप्लेक्स
नए मल्टीप्लेक्स में तीन ऑडिटोरियम हैं, जिनमें कुल 352 प्रीमियम Sapphire सीटें लगाई गई हैं। इन सीटों पर लेदर जैसी फिनिश दी गई है। सीटों के बीच 650 मिलीमीटर की दूरी और आगे-पीछे सीटों के बीच 1,500 मिलीमीटर की जगह रखी गई है, जिससे दर्शकों को बैठने के लिए ज्यादा व्यक्तिगत जगह और आराम मिल सके।
तीनों स्क्रीन में 4K डिजिटल लेजर प्रोजेक्शन, Dolby 7.1 सराउंड साउंड और Next-Gen 3D की सुविधा है। कंपनी के अनुसार, इससे दर्शकों को साफ तस्वीर, बेहतर आवाज और ज्यादा वास्तविक सिनेमा अनुभव मिलेगा।
खास डिजाइन पर भी दिया गया ध्यान
मल्टीप्लेक्स के तीनों ऑडिटोरियम को अलग-अलग रंगों की थीम में सजाया गया है, जिससे हर स्क्रीन की अपनी अलग पहचान नजर आती है। घुमावदार दीवारों, बेहतर ऑडियो फैसिलिटी और रोशनी वाले पैनल के जरिए स्क्रीन को अलग पहचान देने की कोशिश की गई है।
मल्टीप्लेक्स की लॉबी भी इसका खास हिस्सा है। इसे सामान्य सिनेमा लॉबी की तरह न बनाकर एक ऐसे सामाजिक स्थान के रूप में तैयार किया गया है, जहां दर्शक फिल्म शुरू होने से पहले या बाद में बैठकर समय बिता सकें।यहां लटकती हुई रोशनी, कैफे जैसी बैठने की व्यवस्था और अलग सामाजिक क्षेत्र बनाए गए हैं। हरियाली और प्राकृतिक तत्वों का भी इस्तेमाल किया गया है। गर्म रोशनी के साथ आरामदायक माहौल तैयार किया गया है।
लॉबी में पुराने दौर के प्रोजेक्टर की क्रोम-प्लेटेड स्थापना भी की गई है, जो यहां आने वाले दर्शकों के लिए एक खास आकर्षण है। मेटल की सजावट, अलग-अलग बनावट और गर्म रंगों के इस्तेमाल से पूरे स्थान को आधुनिक और प्रीमियम रूप देने की कोशिश की गई है।
PVR INOX Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय कुमार बिजली ने कहा कि गुरुग्राम भारत की महत्वाकांक्षा, ऊर्जा और आधुनिक जीवनशैली को दिखाने वाला शहर है। DLF Summit Plaza में नए मल्टीप्लेक्स की शुरुआत आधुनिक दर्शकों की जीवनशैली के अनुरूप बेहतर सिनेमा अनुभव देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाती है। उन्होंने कहा कि DLF5 और Golf Course Road के बीच स्थित यह मल्टीप्लेक्स आराम, डिजाइन, तकनीक और हॉस्पिटैलिटी को एक साथ लाता है और गुरुग्राम के लिए मनोरंजन का एक नया स्थान तैयार करता है।
PVR INOX के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संजीव कुमार ने कहा कि भारत में मनोरंजन का माहौल बदल रहा है और दर्शक अब सिर्फ फिल्म देखने की जगह से ज्यादा की उम्मीद कर रहे हैं। वे ऐसे अनुभव चाहते हैं, जहां जुड़ाव, खोज और मनोरंजन के पल मिल सकें। उन्होंने कहा कि DLF Summit Plaza का नया मल्टीप्लेक्स एक पूरी तरह से मनोरंजन और आराम के स्थान के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें बेहतर डिजाइन, प्रीमियम आराम और सामाजिक माहौल को ध्यान में रखा गया है।
PVR INOX Limited भारत की सबसे बड़ी फिल्म प्रदर्शन कंपनियों में से एक है। कंपनी भारत और श्रीलंका के 114 शहरों में 357 जगहों पर 1,792 स्क्रीन संचालित करती है। कंपनी का गठन 2023 में PVR Limited और INOX Leisure Limited के विलय के बाद हुआ था। दोनों कंपनियां देश के स्थापित सिनेमा ब्रैंड्स में शामिल रही हैं।
PVR INOX नई तकनीक, अगली पीढ़ी के सिनेमा फॉर्मेट और बेहतर दर्शक अनुभव में निवेश कर रही है। कंपनी के नेटवर्क में बच्चों के लिए बनाए गए ऑडिटोरियम, आधुनिक प्रोजेक्शन और साउंड तकनीक, अलग-अलग तरह के खाने-पीने के विकल्प, फिल्म और गैर-फिल्म कार्यक्रमों के साथ प्रीमियम बड़ी स्क्रीन भी शामिल हैं।
टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस की सार्वजनिक लिस्टिंग के बजाय सभी वैध विकल्पों पर विचार करने को कहा है। नोएल एन टाटा ने पुरानी स्वामित्व व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
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Samachar4media Bureau
टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) ने टाटा संस (Tata Sons) को सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध (Publicly Listed) करने के अलावा सभी उपलब्ध विकल्पों पर तत्काल विचार करने को कहा है। यह फैसला 11 सितंबर 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) से मिले संचार के बाद हुई टाटा संस की बोर्ड बैठक (Board Meeting) में चर्चा के दौरान सामने आया।
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल एन टाटा (Noel N Tata) ने बैठक में ट्रस्ट्स के पुराने रुख को दोहराया। उन्होंने टाटा संस और टाटा समूह (Tata Group) की एक सदी से ज्यादा पुरानी स्वामित्व व्यवस्था (Ownership Structure) को बनाए रखने पर जोर दिया।
टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस की लिस्टिंग (Listing) पर सहमति नहीं दी है। बोर्ड ने तय किया कि केवल सार्वजनिक लिस्टिंग पर निर्भर रहने के बजाय सभी वैध विकल्पों का विस्तार से अध्ययन किया जाए। इसकी रिपोर्ट और सिफारिशें बोर्ड के सामने रखी जाएंगी। इसके बाद अलग बैठक में आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
टाटा संस का बोर्ड मार्च 2024 में दिवंगत रतन टाटा (Ratan Tata) के मार्गदर्शन में सर्वसम्मति से कंपनी को गैर-सूचीबद्ध (Unlisted) बनाए रखने का फैसला कर चुका था। जुलाई 2025 में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (Sir Dorabji Tata Trust) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (Sir Ratan Tata Trust) ने भी सर्वसम्मति से कंपनी को गैर-सूचीबद्ध रखने के प्रस्ताव पारित किए थे।
नोएल एन टाटा ने कहा कि टाटा समूह की स्थापना राष्ट्रीय सेवा के उद्देश्य से कारोबार के माध्यम से हुई थी। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट आधारित स्वामित्व व्यवस्था से मिलने वाले लाभांश (Dividend) से अस्पतालों, विश्वविद्यालयों और शोध कार्यों को सहायता मिलती है।
उनके अनुसार, लिस्टिंग से इस व्यवस्था और समूह के मूल चरित्र पर असर पड़ सकता है। टाटा ट्रस्ट्स ने सभी कानूनी और पारदर्शी विकल्पों (Legal and Transparent Options) पर विचार करने की बात कही है।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में अब्दुल वदूद साजिद ने विद्यार्थियों से संवाद किया और पत्रकारिता में सवालों के तेवर, व्यवहार तथा सीखने की जरूरत बताई।
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Samachar4media Bureau
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication) के जनसंचार विभाग में बुधवार को विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें दैनिक ‘इंकलाब’ (Inquilab) के संपादक अब्दुल वदूद साजिद (Abdul Wadud Sajid) ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और पत्रकारिता में अपने चार दशक के अनुभव साझा किए।
कर्नल गद्दाफी और सद्दाम हुसैन जैसे वैश्विक नेताओं के इंटरव्यू (Interview) का अनुभव साझा करते हुए साजिद ने कहा कि असली पत्रकार वही है जो बिना किसी पूर्वग्रह या पूरी तैयारी के भी परिस्थितियों को संभालने का हुनर रखता हो। पत्रकार को हर घटना से लगातार सीखते रहना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक रहने की सलाह देते हुए कहा कि समय का पहिया घूमता रहता है और अच्छा-बुरा दौर आता-जाता रहता है। मुख्यधारा की मीडिया (Mainstream Media) में किसी स्थिति से लोग खुश या नाराज हो सकते हैं, लेकिन पत्रकार को किसी भी परिस्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।
साजिद ने आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए विद्यार्थियों से कहा कि अकेले होने पर आईने के सामने खड़े होकर खुद से कहें कि ‘मुझे सब कुछ आता है।’ वहीं दूसरे व्यक्ति से बातचीत के दौरान व्यवहार और भाव हमेशा सीखने वाला होना चाहिए।
इंटरव्यू और प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में सवालों के लहजे और गरिमा पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की एक पत्रकार वार्ता का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आजकल प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार सवाल पूछते नहीं, बल्कि ‘दागते’ हैं। सवाल पूछने और दागने में बहुत फर्क है। सवाल सख्त और तीखे हो सकते हैं, लेकिन पत्रकार का लहजा हमेशा नरम और शालीन होना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस का मतलब बहस या लड़ाई करना नहीं है।
स्वतंत्रता संग्राम (Freedom Struggle) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के आजादी के आंदोलन में उर्दू पत्रकारिता ने बागी पत्रकारिता की भूमिका निभाई थी।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. संजय द्विवेदी, सहायक प्राध्यापक डॉ. लाल बहादुर ओझा, एडजंक्ट प्रोफेसर गिरीश उपाध्याय, डॉ. गरिमा पटेल, डॉ. शलभ श्रीवास्तव, डॉ. बबिता रानी घोष, डॉ. उदित्य सिंह सेंगर सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस अवसर पर विद्यार्थी विनम्र तिवारी ने विभाग की ओर से पुस्तकें भेंट कर अब्दुल वदूद साजिद का स्वागत किया।
पंकज कालरा को जी म्यूजिक कंपनी में डायरेक्टर-मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए नई भूमिका साझा की। इससे पहले वह सारेगामा इंडिया में मार्केटिंग संभाल रहे थे।
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Samachar4media Bureau
जी म्यूजिक कंपनी (Zee Music Company) ने पंकज कालरा को डायरेक्टर-मार्केटिंग (Director - Marketing) नियुक्त किया है। कालरा ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
कालरा ने पोस्ट में लिखा कि वह जी म्यूजिक कंपनी में डायरेक्टर-मार्केटिंग के तौर पर नई जिम्मेदारी शुरू करने को लेकर खुश हैं। जी म्यूजिक कंपनी से पहले कालरा सारेगामा इंडिया (Saregama India) में चीफ मैनेजर-मार्केटिंग (Chief Manager-Marketing) के पद पर कार्यरत थे। वह चार साल से ज्यादा समय तक सारेगामा के साथ जुड़े रहे।
सारेगामा से पहले कालरा ने हंगामा (Hungama) में पांच साल से ज्यादा समय तक काम किया। अपने करियर में वह 9एक्स मीडिया (9X Media) के साथ भी काम कर चुके हैं।
बीसीसीआई ने आईपीएल 2027 के मिनी ऑक्शन को भारत में कराने का फैसला किया है। तीन साल बाद विदेशी आयोजन का सिलसिला खत्म होगा, जबकि इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर फैसला टल गया।
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Samachar4media Bureau
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) यानी बीसीसीआई (BCCI) ने आईपीएल 2027 (IPL 2027) के मिनी ऑक्शन (Mini Auction) को भारत में कराने का फैसला किया है। इसके साथ ही तीन साल से चले आ रहे विदेशी वेन्यू (Overseas Venue) के सिलसिले पर भी रोक लगेगी। हालांकि, इम्पैक्ट प्लेयर नियम (Impact Player Rule) के भविष्य पर फैसला फिलहाल टाल दिया गया है।
ये फैसले 15 सितंबर को हुई आईपीएल गवर्निंग काउंसिल (IPL Governing Council) की बैठक में लिए गए। हालांकि, बीसीसीआई ने अभी उस भारतीय शहर का नाम तय नहीं किया है, जहां मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेन्यू तय करने में होटल की उपलब्धता और दूसरी लॉजिस्टिक जरूरतों (Logistical Requirements) को ध्यान में रखा जाएगा।
फ्रेंचाइजियों (Franchises) की ओर से विदेशी मिनी ऑक्शन के लिए बड़ी टीम डेलिगेशन (Team Delegation) को विदेश ले जाने से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं सामने आती रही हैं। ऑक्शन के लिए सीनियर मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ के साथ यात्रा, होटल, स्थानीय परिवहन और दूसरी ऑपरेशनल व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं।
भारत में ऑक्शन की वापसी से इन लॉजिस्टिक जरूरतों को कुछ हद तक कम किया जा सकेगा। आईपीएल का मिनी ऑक्शन आखिरी बार 2023 में भारत के कोच्चि में हुआ था। इसके बाद दुबई, जेद्दा और अबू धाबी में लगातार तीन ऑक्शन आयोजित किए गए।
बीसीसीआई ने अभी ऑक्शन की सटीक तारीख भी घोषित नहीं की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, होटल की उपलब्धता वेन्यू चुनने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसकी एक वजह यह भी है कि ऑक्शन की तैयारी अक्टूबर से दिसंबर के बीच भारत के पीक वेडिंग सीजन (Peak Wedding Season) के साथ हो रही है।
समारोह में प्रसिद्ध गायिका ज्योति नूरां ने अपनी दमदार और सुरीली प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया। वहीं, शिखा खरे और उनकी टीम ने ‘रिद्म विदआउट बॉर्डर्स’ नाम से फ्यूजन डांस प्रस्तुति दी।
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Samachar4media Bureau
देश के पब्लिक ब्रॉडकास्टर दूरदर्शन (Doordarshan) ने मंगलवार को मंडी हाउस स्थित दूरदर्शन भवन में अपना 67वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर संगीत, नृत्य और मनोरंजन से सजे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष समारोह की थीम ‘दूरदर्शन@67– कल भी अपना, आज भी अपना’ रही।
समारोह में प्रसिद्ध गायिका ज्योति नूरां ने अपनी दमदार और सुरीली प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया। वहीं, शिखा खरे और उनकी टीम ने ‘रिद्म विदआउट बॉर्डर्स’ नाम से फ्यूजन डांस प्रस्तुति दी।
यह कार्यक्रम दूरदर्शन की छह दशकों से ज्यादा लंबी यात्रा और दर्शकों की कई पीढ़ियों के साथ उसके जुड़ाव का प्रतीक था। इस कार्यक्रम में दूरदर्शन के आने वाले धारावाहिक ‘संस्कार’ और ‘सुराग 2.0’ के साथ-साथ कुछ पुराने लोकप्रिय शो से जुड़ी हस्तियों के साथ बातचीत भी शामिल थी। इनमें के.सी. बोकाडिया, महेश ठाकुर, अमन वर्मा, दर्शन जरीवाला, पंकज बेरी, सुदेश बेरी, साई केतन राव, जिज्ञासा सिंह और रेहान शाहरुख मिर्जाबेग आदि शामिल थे।
समारोह का संचालन नमिता सचदेवा और अभिनेता-हास्य कलाकार अली असगर ने किया। दोनों ने अपनी प्रस्तुति और संवाद से कार्यक्रम को मनोरंजक बनाए रखा।
छह दशक से अधिक की यात्रा: दूरदर्शन छह दशकों से अधिक समय से भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ दूरदर्शन ने नई तकनीकों और डिजिटल मंचों को अपनाया है, लेकिन अपनी विशिष्ट पहचान और सार्वजनिक सेवा की भूमिका को कायम रखा है। 15 सितंबर, 1959 को दिल्ली में दूरदर्शन ने प्रायोगिक टेलीविजन प्रसारण शुरू किया था।
On the occasion of Doordarshan’s 67th Foundation Day, the team of Suraag 2.0 shared a special moment with Director General, Doordarshan, Rina Sonowal Kouli, DDG, Chandrashekhar, and ADG, Content Sourcing, Dinesh Pratap Singh.#67thDDFoundationDay #Doordarshan67 #DDturns67… pic.twitter.com/qhlRBDljrQ
— Doordarshan National दूरदर्शन नेशनल (@DDNational) September 15, 2026
उत्तर प्रदेश के चर्चित यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में हैं।
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उत्तर प्रदेश के चर्चित यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में हैं। ED की यह जांच पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 2022 में सामने आए एक कथित अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़ी है। जांच के दौरान एजेंसी को अनुराग द्विवेदी के परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों में पैसों के लेन-देन की जानकारी मिली।
ED के मुताबिक, जांच में सामने आया कि कथित अवैध बेटिंग ऐप्स से मिले पैसों को म्यूल बैंक अकाउंट्स और हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेजा गया। एजेंसी का आरोप है कि इस रकम का कुछ हिस्सा अनुराग द्विवेदी से जुड़ी कंपनियों और उनके परिवार के सदस्यों के खातों में पहुंचा, जिसके पीछे कोई वैध कारोबारी आधार नहीं था।
2022 के बेटिंग मामले से जुड़ा है केस
ED की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से दर्ज एक FIR से शुरू हुई थी। एजेंसी के मुताबिक, सिलीगुड़ी से एक ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क चलाया जा रहा था, जिसमें म्यूल बैंक अकाउंट्स, Telegram चैनल और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था।
जांच के दौरान ED ने अनुराग द्विवेदी पर अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार में भूमिका निभाने का आरोप लगाया। एजेंसी का कहना है कि उन्हें कथित बेटिंग से हुई कमाई का हिस्सा अलग-अलग माध्यमों से मिला।
कई शहरों में हुई थी छापेमारी
ED ने दिसंबर 2025 में लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में अनुराग द्विवेदी से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस दौरान करीब 20 लाख रुपये नकद, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए। चार महंगी गाड़ियां भी जब्त की गईं, जिनमें Lamborghini Urus, Mercedes, Ford Endeavour और Mahindra Thar शामिल थीं।
ED ने यह भी कहा था कि जांच में दुबई में रियल एस्टेट निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले और हवाला चैनलों के इस्तेमाल के संकेत मिले। इसके अलावा करीब 3 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस, इंश्योरेंस पॉलिसी और अन्य चल संपत्तियों को फ्रीज किया गया था।
बाद की रिपोर्टों के मुताबिक, ED ने इस मामले में करीब ₹23.7 करोड़ की चल संपत्तियां अटैच/फ्रीज की थीं और कोलकाता की विशेष PMLA अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दाखिल की जा चुकी है। मामले में जांच अभी जारी है।
सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं अनुराग
अनुराग द्विवेदी क्रिकेट और क्रिकेटर्स से जुड़ा कंटेंट बनाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स और गेमिंग से जुड़े रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपना 26वां जन्मदिन भी मनाया और सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्नाव और नवाबगंज के कुछ रेस्टोरेंट्स में अपने फॉलोअर्स के लिए खाने का इंतजाम करने की जानकारी दी थी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ED की ओर से लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं; मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है।