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हमेशा छाया रहेगा बड़े पर्दे का प्यार और सिनेमा का जादू: रवीना टंडन
हिंदी सिनेमा में 'मस्त मस्त गर्ल' का तमगा पाने वाली अभिनेत्री रवीना टंडन ने पहले बड़े पर्दे पर और अब ओटीटी की दुनिया में खुद को साबित किया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
हिंदी सिनेमा में 'मस्त मस्त गर्ल' का तमगा पाने वाली अभिनेत्री रवीना टंडन ने पहले बड़े पर्दे पर और अब ओटीटी की दुनिया में खुद को साबित किया है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी वेब सीरीज ‘अरण्यक’ से रवीना टंडन ने ओटीटी की दुनिया में कदम रखा और यहां भी अपने अभिनय के झंडे गाड़े। ‘ई4एम प्ले स्ट्रीमिंग समिट 2022’ (e4m Play Streaming Summit 2022) में उन्होंने सिनेमा से लेकर स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म तक अपने सफर के बारे में, 90 के दशक से फिल्म इंडस्ट्री में हुए बदलाव के साथ-साथ कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
ट्रेडिशनल सिनेमा से ओटीटी तक अपनी पारी के बारे में बात करते हुए रवीना टंडन ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि एक अभिनेता या कलाकार को बड़े पर्दे से छोटे पर्दे की ओर या स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होना मुश्किल है। ऐसा इसलिए क्योंकि मेरा लगाव कैमरे से है (खुद के लिए बोल रही हूं)। इसलिए जब भी मेरे सामने कैमरा आता है और कोई किरदार मुझे दिया जाता है, तो एक्शन बोलने के साथ ही मैं उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देती हूं। मेरे लिए, यह मायने रखता है कि मैं खुद को ऑडियंस के साथ कैसे जोड़ पाउं। एक कलाकार के तौर पर, मैं हर उस किरदार में अपना सर्वश्रेष्ठ देती हूं, जो मुझे दिया गया है। लिहाजा, मुझे पता है कि मेरे लिए अपने ऑडियंस तक पहुंचने का रास्ता उसी कैमरे के जरिए ही होकर जाता है।
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1990 से 2022 तक फिल्म इंडस्ट्री में हुए बदलावों को लेकर रवीना टंडन ने कहा, ‘90 के दशक से अब 2022 तक, निश्चित रूप से एक बड़ा बदलाव आया है और मुझे लगता है कि यह केवल अच्छे के लिए हुआ है। हमेशा ही सिनेमा के लिए एक खास तरह की प्रतिस्पर्धा रही है, चाहे वह डीवीडी, वीसीडी के रूप में आयी हो, या टेलीविजन पर खुलने वाले विभिन्न चैनल्स के रूप रही हो या फिर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर हर दिन खुलने वाली स्ट्रीमिंग सर्विसेज के रूप में रही हों। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि बड़े पर्दे का प्यार और सिनेमा का जादू हमेशा छाया रहेगा। इसका फायदा यह है कि कुछ हद तक टेलीविजन सहित तमाम ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने हमें विभिन्न प्रकार की संस्कृतियों, विभिन्न देशों से आने वाले शोज और उनके पारम्परिक तौर तरीकों और उनकी कहानियों से और यहां तक उनके कहानी कहने के तरीके से भी रूबरू कराया है।
उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसा जरूरी नहीं है कि निश्चित तौर पर कोई बड़े नाम की वजह से फिल्म या शो हिटा होगा। यह कंटेंट पर भी निर्भर करता है। कई बार बड़े नामों को शो में लिया जाता है, लेकिन दुर्भाग्यवश शो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पता है, या उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाता है। हालांकि इसके कई कारण हो सकते हैं। फिल्म मेकर्स, जो एक ऐसा शो बना रहे हों, जिसमें उन्हें लगता है कि फलां बड़े अभिनेता की वजह से उन्हें क्रेडिट मिलेगा, या वह करेक्टर में घुस जाएगा और उन्हें वह देने में सक्षम हो जाएगा, जो वह चाहते हैं, तो मुझे लगता है कि यह सिर्फ है एक अतिरिक्त बोनस है। इसलिए, इसमें आप निश्चित तौर पर कुछ भी नहीं कह सकते हैं।’
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