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इस मामले में 'वॉशिंगटन पोस्ट' की पत्रकार के घर FBI की छापेमारी
अमेरिका में प्रेस की आजादी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। वॉशिंगटन पोस्ट की एक पत्रकार के घर पर एफबीआई की छापेमारी के बाद इस मुद्दे पर काफी चर्चा हो रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 months ago
अमेरिका में प्रेस की आजादी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। वॉशिंगटन पोस्ट की एक पत्रकार के घर पर एफबीआई की छापेमारी के बाद इस मुद्दे पर काफी चर्चा हो रही है।
दरअसल बुधवार को एफबीआई ने वॉशिंगटन पोस्ट की पत्रकार हैना नटांसन (Hannah Natanson) के घर की तलाशी ली। यह कार्रवाई वर्जीनिया में उनके घर पर की गई जो वॉशिंगटन डीसी के बाहर है। वॉशिंगटन पोस्ट ने इस कदम को “बेहद असामान्य और आक्रामक” बताया है।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने कहा कि यह तलाशी पेंटागन से जुड़ी एक कथित लीक की जांच का हिस्सा है। बॉन्डी के मुताबिक पत्रकार पर आरोप है कि वह पेंटागन के एक ठेकेदार से गोपनीय और गैरकानूनी तरीके से लीक हुई जानकारियां हासिल कर रही थीं और उन पर रिपोर्ट कर रही थीं। उन्होंने बताया कि यह तलाशी पेंटागन के अनुरोध पर की गई और इसके लिए सर्च वारंट लिया गया था।
वॉशिंगटन पोस्ट ने बताया कि एफबीआई एजेंट्स हैना नटांसन के घर से उनका ऑफिस लैपटॉप, पर्सनल लैपटॉप, मोबाइल फोन और एक घड़ी जब्त करके ले गए। हालांकि अखबार ने साफ किया कि हैना नटांसन इस पूरे मामले में जांच का मुख्य निशाना नहीं हैं।
अखबार के अनुसार असल में जांच एक सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर को लेकर हो रही है जिसके पास उच्च स्तर की सुरक्षा मंजूरी थी। उस व्यक्ति पर आरोप है कि वह खुफिया दस्तावेजों को अपने लंच बॉक्स और घर के बेसमेंट में ले जाता था। बताया गया है कि वही व्यक्ति इस समय जेल में है।
पाम बॉन्डी ने सोशल मीडिया पर कहा कि ट्रंप प्रशासन गोपनीय जानकारियों की अवैध लीक को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारियां अगर मीडिया में आती हैं तो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
गौरतलब है कि हैना नटांसन ने हाल के दिनों में अमेरिका में सरकारी नौकरियों में कटौती और पेंटागन की नई सख्त मीडिया नीतियों पर रिपोर्टिंग की थी। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पेंटागन ने मीडिया के लिए कई नए प्रतिबंध लगाए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमेरिका में एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पत्रकारों पर इस तरह की कार्रवाई प्रेस की स्वतंत्रता के लिए खतरा है या फिर यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा जरूरी कदम है। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और इस पर बहस तेज होती जा रही है।
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